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रूस और अमेरिका की परमाणु संधि समाप्त, 50 साल में पहली बार बिना नियम; क्या विनाश की ओर बढ़ रही है दुनिया?

मॉस्को  दुनिया को हिला देने वाली एक खबर सामने आई है. अमेरिका और रूस के बीच दशकों से चले आ रहे परमाणु हथियार नियंत्रण का सबसे अहम समझौता अब खत्म हो गया है. यह वही संधि थी जिसने दुनिया के दो सबसे बड़े परमाणु ताकतवर देशों के हथियारों की सीमा तय कर रखी थी. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. समझौता खत्म होने के बाद दुनिया में टेंशन बढ़ गई है. रूस के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा सुरक्षा अधिकारी दिमित्री मेदवेदेव ने इसे लेकर गंभीर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि इस संधि का खत्म होना दुनिया को तबाही की ओर धकेल सकता है और ‘डूम्सडे क्लॉक’ यानी मानव विनाश का खतरा तेज हो सकता है. CNN की रिपोर्ट के अनुसार शीत युद्ध के दौर के बाद से ही रूस अपनी सुपरपावर छवि को बनाए रखने की कोशिश करता रहा है. सोवियत संघ के टूटने के बाद रूस का वैश्विक प्रभाव कमजोर जरूर हुआ लेकिन परमाणु ताकत के कारण उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम भूमिका बनी रही. साल 2010 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति मेदवेदेव ने न्यू START संधि पर हस्ताक्षर किए थे. इस संधि के तहत दोनों देशों को अधिकतम 1550 तैनात परमाणु हथियार रखने की अनुमति थी. यह समझौता वैश्विक शांति के लिए बेहद अहम माना गया था. लेकिन अब इसके खत्म होने के साथ ही दुनिया एक नए और खतरनाक दौर में प्रवेश करती नजर आ रही है. सबसे पहले- New START संधि क्या है? न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (New START) परमाणु हथियारों की होड़ को रोकने के लिए 2010 में किया गया एक ऐतिहासिक समझौता था। 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने इस पर साइन किए थे। यह संधि 2011 में लागू हुई थी। इसका उद्देश्य उन रणनीतिक परमाणु हथियारों की तैनाती को सीमित करना था, जो किसी देश के प्रमुख राजनीतिक, सैन्य और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम होते हैं। तैनात हथियार वे माने जाते हैं जो सक्रिय सेवा में हों और तुरंत इस्तेमाल किए जा सकें। संधि कैसे बनी? पूरी कहानी परमाणु हथियारों पर रोक लगाने की कोशिश शीत युद्ध के समय से चली आ रही है। 1969 से अमेरिका और सोवियत संघ (बाद में रूस) ने कई दौर की बातें कीं।     1970 के दशक में SALT समझौते: हथियारों की संख्या पर सीमा लगाई, लेकिन कम नहीं किए।     1991 में START I: पहली बड़ी कटौती, जॉर्ज बुश और गोर्बाचेव के समय। हजारों हथियार कम हुए।     1993 में START II: और कटौती, लेकिन पूरी तरह लागू नहीं हुई।     2002 में SORT (मॉस्को संधि): बुश और पुतिन ने वारहेड्स 1,700-2200 तक कम करने पर सहमति, लेकिन जांच-पड़ताल कम थी। फिर आई न्यू स्टार्ट। 2009 में बराक ओबामा (अमेरिका) और दिमित्री मेदवेदेव (रूस) ने बात शुरू की। 8 अप्रैल 2010 को प्राग (चेक गणराज्य) में हस्ताक्षर हुए। अमेरिकी सीनेट ने 2010 में मंजूरी दे दी थी। रूसी संसद ने 2011 में दी। आखिरकार संधि 5 फरवरी 2011 से लागू हुई। इसका मूल समय 10 साल तक ही था। हालांकि इसे एक बार 5 साल बढ़ाने का प्रावधान भी था, जो 2021 में जो बाइडेन ने इस्तेमाल किया और 2026 तक बढ़ा दिया। 2021 के बाद क्या हुआ? 2023 में रूस ने संधि में हिस्सा रोक दिया जैसे निरीक्षण बंद कर दिए, लेकिन सीमाओं का पालन करने का दावा जारी रखा। वजह बताई कि यूक्रेन युद्ध में अमेरिका मदद कर रहा है। आखिरकार आज (5 फरवरी 2026) संधि खत्म हो गई। अब दोनों देश स्वतंत्र हैं – जितने चाहें हथियार बढ़ा सकते हैं। रूस बोला- अब परमाणु हथियारों की सीमा से मुक्त रूस ने कहा है कि वह अब अमेरिका के साथ रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करने वाली न्यू स्टार्ट संधि से अब बंधा नहीं है, क्योंकि यह संधि गुरुवार को समाप्त हो रही है। इस बयान से वैश्विक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए “गंभीर क्षण” करार दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस प्रस्ताव पर कोई जवाब नहीं दिया, जिसमें दोनों देशों से 12 महीने तक संधि के तहत मिसाइलों और तैनात परमाणु वारहेड्स की सीमाओं का पालन जारी रखने की बात कही गई थी। मंत्रालय ने कहा- हम मानते हैं कि न्यू स्टार्ट संधि के पक्षकार अब इसके तहत किसी भी दायित्व या पारस्परिक घोषणाओं से बंधे नहीं हैं। हमारी बातों को जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है, जो गलत और अफसोसजनक है। संधि खत्म होने के संभावित असर संधि की अवधि समाप्त होने के साथ ही रूस और अमेरिका दोनों के लिए मिसाइलों की संख्या बढ़ाने और सैकड़ों अतिरिक्त रणनीतिक वारहेड्स तैनात करने का रास्ता खुल जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करना तकनीकी और लॉजिस्टिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा और इसमें समय लगेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले संकेत दिए थे कि वे संधि के विस्तार पर विचार कर सकते हैं, लेकिन जनवरी में उन्होंने कहा था कि अगर यह खत्म होती है तो कोई बेहतर समझौता किया जाएगा। ट्रंप ने भविष्य की किसी भी परमाणु वार्ता में चीन को शामिल करने की भी बात कही है। परमाणु हथियारों का मौजूदा संतुलन रूस और अमेरिका मिलकर दुनिया के 90 प्रतिशत से अधिक परमाणु हथियारों का भंडार रखते हैं। जनवरी 2025 तक रूस के पास 4,309 और अमेरिका के पास 3,700 परमाणु वारहेड्स थे। फ्रांस और ब्रिटेन के पास क्रमशः 290 और 225 वारहेड्स हैं, जबकि चीन के पास लगभग 600 परमाणु हथियार माने जाते हैं। विशेषज्ञों की चेतावनी सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि न्यू स्टार्ट के खत्म होने से एक नई हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है, जिसमें चीन के परमाणु विस्तार का भी असर पड़ेगा। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के मैट कोर्डा के अनुसार सबसे अधिकतम स्थिति में दोनों देश अपनी तैनात परमाणु क्षमताओं को लगभग दोगुना कर सकते हैं। पोप लियो ने भी चेताया संधि की समाप्ति से पहले, पोप लियो ने दोनों देशों से अपील की कि वे हथियारों पर लगी सीमाओं को न … Read more

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन लखनऊ  गन्ना किसानों की प्रदेश के अंदर क्या स्थिति थी..वर्ष 2000 से 2017 के बीच में गन्ना किसानों को कुल ₹2,14,000 करोड़ का भुगतान हुआ है, यानी 17 वर्षों में ₹2,14,000 करोड़ का. और 2017 से लेकर 2025 के बीच में, इन 8-9 वर्षों में हम लोगों ने ₹3,00,000 करोड़ अन्नदाता किसानों के खाते में गन्ना किसानों के खाते में सीधे पैसा दिया है,17 वर्ष में जितना नहीं हुआ, उसके आधे वर्षों में उससे भी हम लोगों ने ₹86,000 करोड़ अधिक किसान के खाते में भेजे हैं.. आज एक क्विंटल का हम ₹400 अन्नदाता किसान को दे रहे हैं, गन्ना किसान को दे रहे हैं,  ये सरकार के द्वारा उठाए गए कदम हैं और इसके माध्यम से लाभान्वित होने वाले किसानों का परिणाम है.. आज यूपी इथेनॉल उत्पादन में देश के अंदर नंबर एक पर है। गन्ना उत्पादन में देश का कुल गन्ना उत्पादन का 55 फीसदी केवल यूपी कर रहा है, चीनी उत्पादन में भी देश के अंदर यूपी नंबर एक पर है..

बेल्जियम में दोस्ती, सिंगरौली में भारतीय रिवाज से संदीप और शेरला करेंगे विवाह, मनाई हल्दी की रस्म

सिंगरौली जिला मुख्यालय सिंगरौली बैढ़न स्थित होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशी सैलानियों के लिए बनी पहली पसंद, जहां शाही मेहनवाजी और विश्वस्तरीय सुविधाओं को लेकर सर्वश्रेष्ठ होटलों में गिना जा रहा हैं। आए दिन सिंगरौली भ्रमण के लिए आने वाले विदेशी सैलानी इस हेरिटेज होटल में निवास करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि अब इस होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशियों द्वारा हिन्दू रीति रिवाजों के साथ विवाह भी किया जाने लगा है। बता दें कि हेरिटेज पैलेस में सिंगरौली निवासी संदीप कुमार सिंह पुत्र स्व.रमेश प्रसाद सिंह का विवाह फ्रांस लियाना कि शेरला पुलानीया के साथ दिनांक पांच फरवरी दिन गुरुवार को सम्पन्न होगा।  विवाह रस्म के पूर्व 4 फरवरी हेरिटेज पैलेस में संदीप और शेरला पुलानीया का हल्दी रस्म हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पवित्र अवसर पर लगभग आधा सैकड़ा फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले वस्त्र धारण कर हेरिटेज पैलेस होटल में परिवार के सदस्यों के साथ दूल्हा-दुल्हन को हल्दी का लेप लगाया, जो सौंदर्य, पवित्रता, सुरक्षा और वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद का प्रतीक है। इस दौरान फ्रांसीसियों ने भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का विशेष सम्मान करते हुए सारी रस्म हिन्दी रस्म मंत्रोचारण के साथ सम्पन्न कराया। जानकारी के लिए बता दें कि संदीप कुमार सिंह बैढ़न सिंगरौली के निवासी है जो सरस्वती शिशु मंदिर बैढ़न से 12वीं पास करने के पश्चात इंदौर से बीसीए तथा पुणे से एमसीए की उपाधि प्राप्त कर बेल्जियम में सेटल हो गए जहां उन्होंने आईटी कंसल्टेंसी में अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। इसी दौरान फ्रांसीसी शेरला पुलानीया के साथ उनकी मुलाकात हुई, फिर दोस्ती हुई, इसके बाद यह मुलाकात धीरे धीरे प्यार में तब्दील हो गया। शेरला पुलानीया सनाफ्री फार्मास्यूटिकल कंपनी में ब्रांड मैनेजर के रूप में कार्य कर रही है। जो आज वे दोनों शादी के दाम्पत्य सूत्र में बधने जा रहे हैं। हल्दी रस्म में दिखा हल्दी कलर का पहनावा हल्दी समारोह भारतीय शादी की सबसे रंगीन और खुशियों से भरी रस्मों में से एक है, जहां आज हेरिटेज पैलेस में आयोजित इस हल्दी रस्म में भारतीय परंपरा के अनुसार वैदिक रस्मों एवं मंत्रोचारण के साथ हल्दी रस्म की प्रक्रिया पूरी की गई। फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले रंग की चमकदार कपड़े पहनकर पूरे माहौल को रोशन कर दिया। बताते हैं कि इस खास मौके पर पीले रंग की ड्रेस पहनना न सिर्फ शुभ माना जाता है, बल्कि यह दुल्हन की खूबसूरती और ब्राइडल ग्लो को और भी निखार देता है। विदेशियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की हेरिटेज पैलेस होटल में आयोजित उक्त कार्यक्रम में आए फ्रांसीसियों ने बातचीत के दरम्यान बताया कि वह हेरिटेज पैलेस होटल में भारतीय संस्कृति की विविधता, आध्यात्मिकता, मेहमाननवाज़ी (अतिथि देवो भव) की परंपरा से काफी प्रसन्न हैं। वे हेरिटेज होटल के खान-पान, पारंपरिक पहनावे से गहराई से प्रभावित हैं, जो भारत की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने उजागर करता है। हेरिटेज होटल में पधारे फ्रांसीसी नागरिकों ने कहा कि भारत की यह एक अच्छी संस्कृति है, जहां हर जात धर्म के लोग एकजुट होकर सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश करते है, जिसकी उन्होंने काफी प्रशंसा की। विदेशियों ने भारतीय व्यंजनों एवं होटल प्रबंधन की काफी तारीफ की फ्रांसीसियों ने हेरिटेज होटल प्रबंधन की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली, स्मार्ट तकनीकों, स्वच्छता, कुशल परिचालन व मजबूत टीम को देख काफी सराहा। कहा होटल प्रबंधन की अपनत्वता और व्यवस्था को देख हमें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी हमें भारत आने का सौभाग्य हुआ तो वह यहां निश्चित रूप से प्रवास करेंगे। 

Pixel 10a लॉन्च डेट हुई कंफर्म, सस्ता स्मार्टफोन होगा ये फीचर्स के साथ

नई दिल्ली  Pixel 10 सीरीज का सबसे सस्ता हैंडसेट Pixel 10a होगा. अब गूगल ने ऑफिशियली इस स्मार्टफोन के लुक को अनवील कर दिया है. साथ ही लॉन्चिंग डेट भी कंफर्म कर दी है.   Youtube पर गूगल ने एक शॉर्ट टीजर वीडियो पोस्ट किया है, जो 16 सेकेंड का है. इस शॉर्ट वीडियो में कंपनी ने स्मार्टफोन का लुक और लॉन्चिंग डेट की जानकारी शेयर की है. यह हैंडसेट ग्लोबल मार्केट में 18 फरवरी 2018 को लॉन्च होगा. Pixel 10a एंट्री लेवल फोन होगा  Pixel 10a, अपनी सीरीज का एंट्री लेवल का स्मार्टफोन होगा. कंपनी ने बीते साल Pixel 9a को अनवील किया था, जो पिक्सल 9 सीरीज का एंट्री लेवल स्मार्टफोन था. कंपनी हर साल सभी सीरीज के एंट्री लेवल स्मार्टफोन को A नाम के साथ लॉन्च करती है.  Pixel 10a के स्पेसिफिकेशन्स  Pixel 10a के स्पेशिफिकेशन्स का ऑफिशियल ऐलान नहीं किया है, लेकिन इसमें भी Pixel 9a के जैसा 6.3-inch 120Hz Actua डिस्प्ले दिया जाएगा. इसमें 120Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा. वीडियो देखकर पता चलता है कि बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा, हालांकि अभी सेंसर की जानकारी नहीं है.  Pixel 9a की इतनी थी कीमत  बीते साल Pixel 9a की शुरुआती कीमत 499 अमेरिकी डॉलर और भारत में 49,999 रुपये रखी गई थी. अब 18 फरवरी को लॉन्च होने वाले Pixel 10a की कीमत क्या होगी, वो तो ऑफिशियल लॉन्चिंग के  बाद ही पता चलेगी.  Pixel 10a इन चार कलर में होगा लॉन्च  टिप्स्टर Evan Blass ने बताया है कि Pixel 10a को ग्लोबल मार्केट में चार कलर वेरिएंट में पेश किया जाएगा. यह चार कलर के नाम ऑब्सिडियन, लेवेंडर, बेरी और फॉग है.  नए AI फीचर्स भी मिलेंगे  Pixel 10a की मदद से यूजर्स को सस्ते में गूगल का ईकोसिस्टम यूज करने को मिल जाता है.  इसमें ढेरों न्यू AI फीचर्स का भी एक्सेस मिलेगा. कंपनी लंबे समय से 7 साल तक Android OS वर्जन का अपडेट दे रही है और इस बार भी उम्मीद है कि कंपनी 7 साल तक OS अपडेट देने का ऐलान करेगी. 

क्या आपके ठंडे पैर बिगाड़ रहे हैं आपकी नींद? एक्सपर्ट्स बताते हैं इसके पीछे की साइंस

अक्सर कहा जाता है कि एक अच्छी और गहरी नींद सेहत के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसोम्निया या नींद न आने की समस्या आम हो गई है। हम अक्सर अच्छी नींद के लिए गैजेट्स से दूरी बनाने या अंधेरे कमरे की बात करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पैरों का तापमान आपकी नींद की क्वालिटी तय करता है? जी हां, कई रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों के हाथ और पैर गर्म होते हैं, उन्हें ठंडे हाथ-पैर वाले लोगों की तुलना में जल्दी और गहरी नींद आती है। आइए जानते हैं इसके पीछे का विज्ञान और कैसे आप अपने पैरों को जल्दी गर्म कर सकते हैं। इसके पीछे का साइंस क्या है? दरअसल हमारे शरीर का तापमान हमारी स्लीप साइकिल को कंट्रोल करता है। सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन हमारे शरीर को ठंडा करने के लिए पैरों को गर्म करना जरूरी है।     गर्मी रिलीज- जब हम सोने की तैयारी करते हैं, तो हमारे शरीर का आंतरिक तापमान गिरना शुरू हो जाता है। यह दिमाग को संकेत देता है कि अब आराम करने का समय है। हमारे हाथ और पैर शरीर के हीट रिलीज जोन होते हैं।     वैसोडिलेशन- जब आप अपने पैरों को गर्म करते हैं, तो वहां की ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं, जिसे वैसोडिलेशन कहा जाता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और शरीर की आंतरिक गर्मी त्वचा के जरिए बाहर निकलने लगती है। अगर आपके पैर ठंडे रहते हैं, तो ब्लड वेसल्स सिकुड़ी रहती हैं और अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे शरीर को ठंडा होने में ज्यादा समय लगता है और नींद आने में देरी होती है। पैरों को गर्म करने के असरदार तरीके     गर्म पानी से नहाना- सोने से लगभग 1-2 घंटे पहले गर्म पानी से नहाना बहुत फायदेमंद होता है। ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो। यह आपके पूरे शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।     ऊनी या मोटे मोजे पहनें- यह सबसे आसान तरीका है। बिस्तर पर जाने से पहले अपने आरामदायक मोजे पहन लें। यह पैरों की गर्मी को बरकरार रखता है और वैसोडिलेशन की प्रक्रिया को तेज करता है।     हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल- आप अपने पैरों के पास हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल रख सकते हैं। यह न केवल गर्मी देता है बल्कि मांसपेशियों को आराम भी पहुंचाता है।     पैरों की मालिश- सोने से पहले हल्के गुनगुने तेल से पैरों की मालिश करने से भी गर्मी पैदा होती है और थकान मिटती है।  

दिशा पटानी से जुड़ी डेटिंग चर्चाओं पर तलविंदर सिंह सिद्धू ने तोड़ी चुप्पी, कहा– प्यार जिंदगी का हिस्सा है

मुंबई बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी इस समय सिंगर तलविंदर सिंह सिद्धू के साथ डेटिंग के रूमर्स को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं. हाल ही में दोनों को एक्ट्रेस नूपुर सेनन की शादी में साथ देखा गया था, जिसके बाद से लोग उनके रिलेशनशिप में होने के कयास लगा रहे हैं. इसी बीच अब तलविंदर ने अपने अफेयर के रूमर्स पर चुप्पी तोड़ दिया है. दिशा के साथ डेटिंग रूमर्स पर तलविंदर ने तोड़ी चुप्पी बता दें कि तलविंदर सिंह सिद्धू ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू के दौरान दिशा के साथ रिलेशनशिप को लेकर बात करते हुए कहा- “हम शादी से ठीक पहले एक-दूसरे को जानने लगे थे, और यह सारा अटेंशन हमारे लिए अनएक्सपेक्टेड था. हम दबाव या अफवाहों के आगे झुकना नहीं चाहते. हम अभी भी खुद को जान रहे हैं, खुद को समझने की कोशिश कर रहे हैं. मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा क्योंकि अगर वे रूमर्स फैलाने की कोशिश करेंगे, तो मैं अफवाहों को अफवाहें ही रहने दूंगा. मुझे हर दिन प्यार होता है, मुझे अभी भी प्यार हो रहा है.” तलविंदर और दिशा पटानी के डेटिंग की अफवाहें दरअसल, एक्ट्रेस नूपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन की शादी की रस्मों में दिशा पटानी और तलविंदर सिंह सिद्धू को एक साथ समय बिताते देखा गया था. इसके बाद दोनों को लोलापालूजा इंडिया 2026 में लाइव दर्शकों के सामने हाथ में हाथ डालकर चलते नजर आए थे. इसके बाद से ही दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चा होने लगी.

तार्किक विसंगति वाले 13 फरवरी तक कराएं सत्यापन, मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण जारी

दुर्ग. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार और सर्वोच्च न्यायालय के 29 जनवरी के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में आए हैं, वे 13 फरवरी 2026 तक अपना सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें. 10 दिनों के भीतर दर्ज करें आपत्ति: प्रभावित मतदाता सूची प्रदर्शित होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां या दस्तावेज जमा कर सकते हैं. यह प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि (बीएलए सहित) के माध्यम से पूर्ण की जा सकती है. इसके लिए निर्वाचक / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ/ एईआरओ) के कार्यालय में संपर्क करना होगा. सुनवाई का अंतिम अवसर : उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रभावित मतदाताओं को न केवल दस्तावेज जमा करने, बल्कि व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया जा रहा है. अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर किए जा रहे इस पुनरीक्षण का उद्देश्य एक शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है . अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखें. यदि 13 फरवरी 2026 तक सत्यापन कार्य पूर्ण नहीं कराया जाता है, तो मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन (21 फरवरी 2026 ) में संबंधित नाम शामिल नहीं हो सकेंगे.

एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य

यूपी में एक लाख ग्रामीण महिलाओं के जीवन में मिठास घोलेगा शहद सीएम योगी का मिशन विलेज: अब ग्लोबल होगा यूपी का शहद, महिलाएं लॉन्च करेंगी अपना ब्रांड, देश-दुनिया में मिलेगी पहचान एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य 'डबल' मुनाफा : मधुमक्खियां बढ़ाएंगी फसल की पैदावार, बदलेगी खेती किसानी की तस्वीर लखनऊ  उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को नई ताकत देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता भी बढ़ाएंगी। योजना के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार की जाएंगी। इसके तहत प्रत्येक महिला उद्यमी की आय में प्रति वर्ष एक लाख रुपये तक की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। मधुमक्खियों द्वारा परागण से गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और बागवानी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन विलेज के तहत अब यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा। महिलाएं शहद का अपना ब्रांड विकसित करेंगी और शहद व अन्य उत्पादों के विपणन से प्रदेश के आर्थिक विकास में साझीदार बनेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं का आत्मनिर्भरता का सपना साकार होगा। इस योजना के जरिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि यूपी का शहद देश-दुनिया में गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बने।

राष्‍ट्रपति के भाषण पर PM ने नहीं दिया रिप्‍लाई, लोकसभा से पारित हुआ भाषण, 2004 के बाद पहली बार

 नई दिल्ली  लोकसभा के लिए गुरुवार 5 फरवरी 2026 का दिन अप्रत्‍याशित रहा. प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया. साल 2004 के बाद यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया है. इससे पहले जून 2004 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हंगामे की वजह से राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर जारी बहस में हिस्‍सा नहीं ले सके थे. उनको अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला था. उनकी स्‍पीच के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया था. बजट सत्र के दौरान संसद में जारी गतिरोध के बीच गुरुवार 5 फरवरी 2026 को लोकसभा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पारित कर दिया. यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है, जब सदन ने परंपरा से हटकर बिना प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार 4 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही. हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. इसके बाद गुरुवार को स्‍पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, हालांकि इस दौरान भी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी. लोकसभा में भारी हंगामे के चलते आज भी कार्यवाही स्थगित हुई है। इसके साथ ही अब तय हो गया है कि लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण नहीं होगा। वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने वाले थे, लेकिन हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। उनके भाषण के लिए बुधवार शाम 5 बजे का समय तय था, लेकिन कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। अब उनके भाषण के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। 2004 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। 2004 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह भी अपना भाषण नहीं दे सके थे। इस बार कुल तीन सांसद ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में अपनी स्पीच पूरी कर सके। राष्ट्रपति की ओर से संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया जाता है और फिर उस पर परिचर्चा होती है। इस चर्चा के अंत में पीएम के जवाब देने की परंपरा रही है, लेकिन 2004 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब प्रधानमंत्री के बिना ही राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के सुझावों को सदन में रखा, जिन्हें खारिज कर दिया गया। इसके बाद स्पीकर ने धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा और उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हालांकि इस बीच लोकसभा सांसदों की ओर से नारेबाजी जारी रही। हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव मंजूर, कार्य़वाही करनी पड़ी स्थगित हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी का आज शाम को राज्यसभा में भाषण होने वाला है। जानकारी मिल रही है कि इस दौरान भी विपक्ष की ओर से हंगामा हो सकता है। दरअसल वह लोकसभा में बुधवार को ही बोलने वाले थे, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। विपक्षी नेताओं का कहना था कि यदि नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया है तो फिर पीएम को भी अवसर नहीं देंगे। राहुल गांधी को लोकसभा में भाषण से क्यों रोका गया था? गौरतलब है कि राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ एम.एम नरवणे की एक पुस्तक का हवाला देते हुए लोकसभा में बोलना चाह रहे थे। यह पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके चलते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह ने इस पर आपत्ति जताई थी। अंत में उन्हें इस पर भाषण देने से रोक दिया गया था। इसी को लेकर कांग्रेस हमलावर है और उसका कहना है कि यह विपक्ष के नेता के अधिकार का हनन है। तब से ही विपक्ष का कहना था कि हम पीएम मोदी को भी भाषण नहीं देने देंगे और अंत में प्रधानमंत्री की स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। लोकसभा में नहीं थमा हंगामा गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में INDIA गठबंधन के सांसदों ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जिसके चलते सदन को फिर स्थगित करना पड़ा. विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि वह 2020 के चीन गतिरोध पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमए नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देना चाहते थे. सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मंगलवार को उस समय और तेज हो गया, जब कांग्रेस के आठ सांसदों को अनुशासनहीन व्यवहार के चलते बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. इसके बाद से विपक्षी दल लगातार सदन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे विधायी कामकाज प्रभावित हुआ है. 21 साल पुरानी याद ताजा संसदीय परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का जवाब एक अहम प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं और विपक्ष के सवालों का समग्र उत्तर देती है. ऐसे में प्रधानमंत्री के बिना जवाब दिए प्रस्ताव का पारित होना असाधारण माना जा रहा है. इस घटनाक्रम के बीच 2004 की यादें भी ताजा हो गई हैं, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोका गया था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 10 मार्च 2005 का एक वीडियो साझा किया, जिसमें डॉ. सिंह जून 10, 2004 की उस घटना का जिक्र करते हैं, जब उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया था.

दिल्ली में 15 दिन में 800 बच्चे गायब, आसमान या जमीन ने उन्हें निगला? वसीम और ऋतिक के घर मातम

नई दिल्ली आधी रात का वक्त था, वसीम चैन से सोया था, पर अगली सुबह जब सूरज की पहली किरण बुराड़ी की गलियों में पहुंची तो वह बिस्तरों से गायब था. दिल्ली की सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस की नाक के नीचे महज 15 दिनों में 800 बच्‍चे गायब हो चुके हैं. कहीं संगीत का जुनून पालने वाला वसीम अपना हारमोनियम लेकर अंधेरे में खो गया, तो कहीं JEE की तैयारी कर रहा होनहार ऋतिक एक डांट के बाद सिस्टम की सुस्ती की भेंट चढ़ गया. यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि उन बिलखती मांओं की चीख है जिनकी आंखें दरवाजे पर पथरा गई हैं. पुलिस की फाइलें लेटर लिखने में हफ्ता गुजार देती हैं और इधर मेट्रो की फुटेज से लेकर मासूमों के सुराग तक सब कुछ हमेशा के लिए मिट जाता है. क्या दिल्ली अब अपने ही बच्चों के लिए एक डरावना भूलभुलैया बन चुकी है? देश की राजधानी दिल्ली में लापता बच्चों की बढ़ती संख्या ने न केवल पुलिस महकमे को बल्कि आम जनता को भी हिलाकर रख दिया है. आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है.  दिल्ली के बुराड़ी पहुंची, तो वहां दो परिवारों का दर्द सामने आया, जिनके बेटे दिसंबर महीने से लापता हैं. केस स्टडी 1: वसीम रजा का संगीत का सपना और अधूरी तलाश बिहार के किशनगंज से आकर बुराड़ी के मौर्य एनक्लेव में रहने वाले तेमुल हक और रूबी का 19 वर्षीय बेटा वसीम रजा 28 दिसंबर की सुबह से गायब है. • विवाद की जड़: वसीम को सिंगिंग का जुनून था लेकिन परिवार चाहता था कि वह AC रिपेयरिंग का काम सीखे. • गायब होने का घटनाक्रम: 27 दिसंबर की रात वसीम घर पर ही सोया था. सुबह 9 बजे वह घर में नहीं था और अपना हारमोनियम साथ ले गया था. • पुलिस पर सवाल: वसीम के पिता का कहना है कि पुलिस ने गली या उसके बाहर की CCTV फुटेज तक नहीं निकाली. • मां का दर्द: “जिसका बच्चा जाता है, उसके दिल पर क्या गुजरती है. वोट मांगने आते हैं तो सब छान मार देते हैं, लेकिन बच्चे के वक्त सुनवाई नहीं होती.” केस स्टडी 2: ऋतिक झा और सिस्टम की लेटलतीफी बुराड़ी के संत नगर का 16 वर्षीय ऋतिक झा JEE मेंस की तैयारी कर रहा था. 17 दिसंबर को मां की डांट के बाद वह घर से निकला और फिर कभी नहीं लौटा. • खोया हुआ मौका: ऋतिक की आखिरी लोकेशन नेताजी सुभाष पैलेस (NSP) मेट्रो स्टेशन पर मिली थी. • फुटेज का संकट: पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में 7 दिन लग गए. तब तक मेट्रो की पुरानी फुटेज डिलीट हो चुकी थी. • मां का डर: ऋतिक की मां बेबी झा को डर है कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है. आंकड़ों का आईना: दिल्ली में गायब होती सुरक्षा वसीम के पिता तेमुल हक का सवाल जायज है कि अगर 15 दिनों में 800 लोग गायब होंगे, तो दिल्ली खाली हो जाएगी. लापता व्यक्ति    उम्र       क्षेत्र                           लापता होने की तिथि वसीम रजा       19 साल    मौर्य एनक्लेव, बुराड़ी    28 दिसंबर ऋतिक झा       16 साल    संत नगर, बुराड़ी          17 दिसंबर सिस्टम की सुस्ती और परिवारों का इंतजार इन दोनों ही मामलों में परिवारों का सीधा आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर है. कहीं CCTV फुटेज नहीं खंगाली गई तो कहीं लेटर लिखने की कागजी कार्रवाई में अहम सबूत (मेट्रो फुटेज) मिट गए. दिल्ली जैसे महानगर में जहां चप्पे-चप्पे पर कैमरे होने का दावा किया जाता है, वहां बच्चों का इस तरह गायब हो जाना और हफ्तों तक कोई सुराग न मिलना चिंताजनक है. सवाल-जवाब दिल्ली में हाल के दिनों में लापता होने वाले लोगों के आंकड़े क्या कहते हैं? न्यूज 18 इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिसने आम नागरिकों को हैरत में डाल दिया है. बुराड़ी से लापता वसीम रजा के मामले में पुलिस पर क्या आरोप हैं? वसीम के पिता तेमुल हक का आरोप है कि पुलिस उनके इलाके में घूमती तो है, लेकिन वसीम के लापता होने के बाद न तो उनकी गली की और न ही बाहर की सीसीटीवी फुटेज निकाली गई. ऋतिक झा के मामले में सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं मिल पाई? ऋतिक की मां बेबी झा के अनुसार, पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में ही 7 दिन लग गए. इस लेटलतीफी के कारण मेट्रो का पुराना फुटेज डेटा डिलीट हो गया और ऋतिक का आगे का सुराग नहीं मिल सका. लापता बच्चों के माता-पिता की मुख्य चिंता और डर क्या है? वसीम की मां को डर है कि इतने दिनों तक कोई संपर्क न होने के कारण उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी न हो गई हो. वहीं, ऋतिक की मां को अंदेशा है कि उनके बेटे का किडनैप (अपहरण) कर लिया गया है. बुराड़ी के जनप्रतिनिधियों से इन परिवारों को क्या आश्वासन मिला है? वसीम के पिता ने बताया कि वे बुराड़ी विधायक के दफ्तर में ‘जनता दरबार’ गए थे. वहां से उन्हें आश्वासन दिया गया कि एक-दो दिन में इस बारे में एसडीएम (SDM) या पुलिस कमिश्नर से बात की जाएगी.