sulagtikhabar.com

Latest News

विजया एकादशी पर दुर्लभ योग का प्रभाव, कब करें पूजा और क्या है संपूर्ण विधि

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है. साल 2026 में विजया एकादशी 13 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी. इस बार यह एकादशी बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन सिद्ध योग और शुक्रवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है. आइए जानते हैं इस बार विजय एकादशी पर कौन- कौन से योग बन रहे हैं. विजया एकादशी पर बनेंगे ये शुभ संयोग इस बार एकादशी पर सिद्ध योग और शुक्रवार का अद्भुत संगम हो रहा है. शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है और एकादशी भगवान विष्णु को. ऐसे में इस दिन व्रत रखने से ‘लक्ष्मी-नारायण’ दोनों की असीम कृपा प्राप्त होगी, जिससे आर्थिक तंगी दूर होती है और अटके हुए कार्यों में सफलता मिलती है. विजया एकादशी का शुभ मुहूर्त     एकादशी तिथि प्रारंभ 12 फरवरी 2026, रात से     एकादशी तिथि समाप्त 13 फरवरी 2026, शाम तक     व्रत का दिन 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार)     पारण (व्रत खोलने) का समय 14 फरवरी, सुबह 07:01 से 09:15 के बीच रहेगा. क्यों खास है विजया एकादशी? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त करने से पहले समुद्र किनारे विजया एकादशी का व्रत किया था. तभी से यह माना जाता है कि जो भी व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में फंसा हो या विरोधियों से परेशान हो, उसे यह व्रत जरूर करना चाहिए. यह व्रत आत्मविश्वास बढ़ाता है और जीवन की बाधाओं को दूर करता है. विजया एकादशी की पूजा विधि     संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें.     कलश स्थापना: एक वेदी बनाकर उस पर सात अनाज रखें और उसके ऊपर कलश स्थापित करें.     पूजा: कलश पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें. उन्हें पीले फूल, ऋतु फल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करें.     धूप-दीप: घी का दीपक जलाएं और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें.     कथा: विजया एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें.     आरती: आखिर में विष्णु जी की आरती करें और अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांगें. इस दिन क्या करें और क्या न करें?     क्या करें: दान-पुण्य करें, सात्विक भोजन लें और दिन भर मन को शांत रखें.     क्या न करें: इस दिन चावल का सेवन वर्जित है. साथ ही क्रोध और वाद-विवाद से बचना चाहिए.  

200 KMPH का बवंडर और 95 किलोमीटर रफ्तार का तूफान, मूसलधार बारिश से पुर्तगाल में 11 लोगों की मौत

लिस्बन पुर्तगाल में लगातार आ रहे तूफानों ने जनवरी के अंत से अब तक 11 लोगों की जान ले ली है। ताजा घटना में 64 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह हादसा दक्षिणी पुर्तगाल के सेरपा क्षेत्र में पियास के पास अमोरेइरा बांध के नजदीक हुआ। व्यक्ति सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी बाढ़ का तेज पानी उसकी कार को बहा ले गया। समाचार एजेंसी लूसा के मुताबिक, जिस सड़क से वह गुजर रहा था वहां पानी तेजी से भर रहा था। अचानक आई बाढ़ अपने चरम पर थी और तेज बहाव में कार बह गई। यह जानकारी राष्ट्रीय रिपब्लिकन गार्ड के एक अधिकारी के हवाले से दी गई। हाल के दिनों में पुर्तगाल लगातार कई तूफानी प्रणालियों की चपेट में रहा है। इससे देशभर में भारी नुकसान हुआ है। अब तक तूफान क्रिस्टिन सबसे ज्यादा विनाशकारी साबित हुआ है। इसके बाद तूफान लियोनार्डो ने बुधवार से देश को प्रभावित करना शुरू किया। इससे पहले पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुईस मोंटेनेग्रो ने तूफान क्रिस्टिन के बाद परिवारों और कारोबारियों की मदद के लिए 2.5 बिलियन यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की थी। इस तूफान में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई थी और पूरे देश में भारी तबाही हुई थी। इसके बाद सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति को और आगे बढ़ाने का फैसला किया। यूरोप के कुछ देशों पर इन दिनों प्रकृति का कहर बरप रहा है. समुद्री तूफान की वजह से व्‍यापक नुकसान हुआ है. एक सप्‍ताह पहले 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली क्रिस्टिन स्‍टॉर्म ने जमक तबाही मचाई थी. अब लियानार्डो स्‍टॉर्म का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग ने पुर्तगाल और स्‍पेन के लिए अलर्ट जारी किया है. लियानार्डो तूफान की वजह से बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा है तो दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम के चरमराने की आशंका भी जताई गई है. मौसमी हालात को देखते हुए वेदर एक्‍सपर्ट ने लोगों से घरों में रहने और यात्रा से बचने की सलाह दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके. पिछले कुछ दिनों में आए भयानक तूफान की वजह से पुर्तगाल में 11 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि व्‍यापक पैमाने पर संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है. पुर्तगाल और स्पेन ने स्टॉर्म लियोनार्डो के चलते यात्रियों और नागरिकों के लिए आपात चेतावनी जारी की है. तूफान के कारण भारी बारिश, तेज हवाएं और तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. पुर्तगाल के मौसम विभाग आईपीएमए के अनुसार, देश के कई हिस्सों में हवा की रफ्तार 95 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि दक्षिणी तटों पर तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. स्पेन में विशेष रूप से आंदालूसिया क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं, जहां रेड और एंबर अलर्ट जारी किए गए हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम से ट्रांसपोर्ट सर्विसेज बाधित हो सकती हैं, बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा है. हालांकि, यह तूफान पिछले सप्ताह आए स्टॉर्म क्रिस्टिन जितना शक्तिशाली नहीं है, फिर भी पहले से भरे नदी-नालों के कारण बाढ़ का जोखिम अधिक बना हुआ है. तटीय क्षेत्रों में ऊंची लहरों और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है. पुर्तगाल में 11 लोगों की मौत पुर्तगाल में लगातार आ रहे तूफानों ने जनवरी के अंत से अब तक 11 लोगों की जान ले ली है. ताजा घटना में 64 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई. यह हादसा दक्षिणी पुर्तगाल के सेरपा क्षेत्र में पियास के पास अमोरेइरा बांध के नजदीक हुआ. व्यक्ति सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी बाढ़ का तेज पानी उसकी कार को बहा ले गया. न्‍यूज एजेंसी लूसा के मुताबिक, जिस सड़क से वे गुजर रहे थे, वहां पानी तेजी से भर रहा था. अचानक आई बाढ़ अपने चरम पर थी और तेज बहाव में कार बह गई. यह जानकारी राष्ट्रीय रिपब्लिकन गार्ड के एक अधिकारी के हवाले से दी गई. हाल के दिनों में पुर्तगाल लगातार कई तूफानी सिस्‍टम्‍स की चपेट में रहा है. इससे देशभर में भारी नुकसान हुआ है. अब तक तूफान क्रिस्टिन सबसे ज्यादा विनाशकारी साबित हुआ है. इसके बाद तूफान लियोनार्डो ने बुधवार से देश को प्रभावित करना शुरू किया. इससे पहले पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुईस मोंटेनेग्रो ने तूफान क्रिस्टिन के बाद परिवारों और कारोबारियों की मदद के लिए 2.5 बिलियन यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की थी. इस तूफान में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई थी और पूरे देश में भारी तबाही हुई थी. इसके बाद सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति को और आगे बढ़ाने का फैसला किया. सरकारी सहायता मंत्रिपरिषद की आपात बैठक के बाद सरकार ने यह पैकेज घोषित किया और राष्ट्रीय आपदा की स्थिति को 8 फरवरी तक बढ़ा दिया. इस पैकेज में घरों के पुनर्निर्माण के लिए सहायता, परिवारों को आय सहायता, कारोबारियों को नकदी मदद और कर व ऋण भुगतान में राहत शामिल है. बीमा रहित मुख्य घरों, कृषि और वानिकी कार्यों के लिए सीधे अनुदान दिए जाएंगे, जिनकी राशि अधिकतम 10 हजार यूरो तक हो सकती है. जिन परिवारों को आय का नुकसान हुआ है, उन्हें प्रति व्यक्ति 537 यूरो तक की मदद मिलेगी. एक परिवार को अधिकतम 10,075 यूरो तक सहायता दी जा सकेगी. प्रभावित इलाकों के कारोबारियों को छह महीने तक सामाजिक सुरक्षा अंशदान में छूट मिलेगी. इसके अलावा तीन महीने के लिए एक सरल अस्थायी छंटनी योजना तक पहुंच का लाभ मिलेगा. कारोबार और मुख्य घरों के ऋण पर 90 दिनों की मोहलत दी जाएगी, जिसे जरूरत पड़ने पर 12 महीने तक बढ़ाया जा सकता है.

जनवरी 2026 में टीवीएस की शानदार बिक्री, EV की मांग में 50% से अधिक बढ़ोतरी, ग्राहक अब बिना हिचकिचाए चुन रहे इलेक्ट्रिक विकल्प

मुंबई  टीवीएस मोटर कंपनी का दमदार आगाज़ जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। कंपनी ने इस महीने कुल 5.12 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 29 प्रतिशत ज्यादा है। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय ऑटो बाजार में टीवीएस की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और ग्राहक इसके उत्पादों पर भरोसा जता रहे हैं। घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात कारोबार ने भी इस ग्रोथ को मजबूती दी है। घरेलू दोपहिया बाजार में मजबूत पकड़ जनवरी 2026 में टीवीएस की कुल दोपहिया बिक्री लगभग 4.94 लाख यूनिट्स रही। सालाना आधार पर इसमें करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में टीवीएस ब्रांड की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। मोटरसाइकिल और स्कूटर सेगमेंट का अहम योगदान टीवीएस की इस मजबूत ग्रोथ में मोटरसाइकिल और स्कूटर दोनों सेगमेंट की बड़ी भूमिका रही। जनवरी 2026 में मोटरसाइकिल बिक्री में सालाना आधार पर उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं स्कूटर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कम्यूटर से लेकर फैमिली और युवा ग्राहकों तक, टीवीएस के मॉडल्स की डिमांड बनी रही, जिससे कुल बिक्री को मजबूती मिली। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में 50% से ज्यादा उछाल जनवरी 2026 टीवीएस के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिहाज से भी बेहद खास रहा। कंपनी की EV बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह साफ दर्शाता है कि भारतीय ग्राहक अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को लेकर ज्यादा गंभीर और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। टीवीएस का EV पोर्टफोलियो इस बदलाव का सीधा फायदा उठाता नजर आ रहा है। निर्यात बाजार में भी स्थिर ग्रोथ घरेलू बिक्री के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टीवीएस ने संतुलित प्रदर्शन किया। जनवरी 2026 में कंपनी के कुल निर्यात में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। दोपहिया वाहनों की विदेशी मांग बनी रही, जिससे ग्लोबल मार्केट में टीवीएस की मौजूदगी और मजबूत हुई। तीन-पहिया सेगमेंट ने चौंकाया जनवरी 2026 में टीवीएस के तीन-पहिया सेगमेंट ने भी सभी का ध्यान खींचा। इस कैटेगरी में कंपनी की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। खासतौर पर कमर्शियल उपयोग और ई-रिक्शा सेगमेंट में बढ़ती मांग ने इस ग्रोथ को गति दी है, जो आने वाले समय में और विस्तार के संकेत देती है। भविष्य के लिए मजबूत संकेत कुल मिलाकर जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए एक बेहद सफल महीना रहा। मजबूत घरेलू मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और निर्यात में स्थिर प्रदर्शन ने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मौजूदा रुझान यह संकेत देते हैं कि आने वाले महीनों में भी टीवीएस की ग्रोथ की रफ्तार बनी रह सकती है।

आज की जरूरत: सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग और बेहतर भविष्य की राह

लोगों में प्रतिभा तो होती है परंतु उसे समझने और निखारने की आवश्यकता होती है। उन्हें प्रशिक्षण मुहैया कराने के लिए कई संस्थानों में संबंधित कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इस फील्ड में पहले पाठ्यक्रम नहीं थे लेकिन अब सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षकों के लिए शिक्षण कार्य भी बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। सॉफ्ट स्किल की क्षमता आपके करियर को नई दिशा देती है। अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग तकनीकी रूप से बड़े प्रतिभावान होते हैं। साथ ही, वे अपने क्षेत्र में निपुण भी होते हैं किंतु एक निश्चित बिंदु पर उनके करियर में ठहराव-सा आ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनमें नेतृत्व क्षमता, समूह में काम करना, सामाजिक सम्प्रेषण और संबंध निर्माण आदि कौशल का अभाव होता है। सॉफ्ट स्किल व्यापक क्षेत्र है, जिसमें सम्प्रेषण कौशल, श्रवण कौशल, टीम कौशल, नेतृत्व के गुण, सृजनात्मकता और तर्कसंगत, समस्या निवारण, कौशल और परिवर्तनशीलता आदि सम्मिलित हैं। सॉफ्ट स्किल के गुण किताबों से नहीं सीखे जाते, बल्कि इसके लिए प्रशिक्षण कारगर होते हैं। यदि आप सही अर्थों में अपने व्यक्तित्व में सॉफ्ट स्किल्स जोड़ना चाहते हैं तो आपको एक अच्छा, मेहनती और सीखने वाला बनकर उन सब बातों को, जो कुछ भी आपने व्यावहारिक रूप से ग्रहण किया है, व्यवहार में लाना होगा। कुछ ऐसे सॉफ्ट स्किल्स भी हैं जो आपकी रोजगार की संभावनाओं और व्यक्तित्व में सुधार कर स्थायी और अच्छी सैलरी पर नौकरी प्राप्त करने में सहयोग करता है।   प्रभावी सम्प्रेषण:- कौशल प्रभावी सम्प्रेषण कौशल में सार्वजनिक भाषणों, प्रस्तुतीकरण, बातचीत, संघर्ष समाधान ज्ञानिवतरण आदि के लिए मौखिक कौशल, अनुदेश मैनुअल तैयार करना, ज्ञापन, सूचनाएं लिखना, कार्यालयीन पत्र व्यवहार आदि के लिए लेखन कौशल शामिल हैं। इनमें मौखिक और गैर-मौखिक, दोनों ही शामिल है। चूंकि हमारा सम्प्रेषण का आधिकारिक माध्यम अंग्रेजी है, इसलिए इसमें कुछ हद तक अंग्रेजी में दक्षता होनी जरूरी है। सामूहिक कार्य:- कौशल अंतर्वैयक्तिक और सामूहिक कार्य कौशल उच्चतर उत्पादकता तथा बेहतर वातावरण के लिए योगदान करते हैं क्योंकि इनसे व्यक्ति संयुक्त लक्ष्य हासिल करने हेतु मिलकर कार्य करते हैं। यह सम्प्रेषण टीम सदस्यों के बीच एक गतिशील पारस्परिक क्रिया की स्थापना, फीडबैक का आमंत्रण, उसे प्रदान करना तथा संघर्ष की स्थिति को हल करना अपेक्षित होता है। ज्ञानात्मक कौशल:- अपने रोजमर्रा के जीवन में अक्सर आपको ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है जब आप सही फैसले करने में असमर्थ होते हैं। आपके सामने ऐसी स्थितियां उत्पन्न होने की ज्यादा संभावनाएं उस वक्त होती हैं जब आप किसी संगठन में कार्य करते हैं। ऐसी दबावपूर्ण स्थितियों का मुकाबला करने के लिए आपको कुछेक ऐसे कौशल विकसित करने की आवश्यकता है जो आपको निर्णय लेने, सृजनात्मक एवं अन्वेषणात्मक समाधान विकसित करने, व्यावहारिक हल ढूंढने, समस्याओं का स्वतंत्र रूप से पता लगाने, उनको हल करने और विभिन्न क्षेत्रों में समस्याओं के निदान में कार्य नीतियां लागू करने में मददगार हो सकते हैं। नौकरियां:- आजकल ज्यादातर संगठन अपने कर्मचारियों में उनके सकारात्मक, सम्प्रेषण, अंतर्वैयक्तिक और टीम कौशल, समस्या निदान, अनुकूलनशीलता और कार्य पद्धति में सुधार हेतु प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। इससे एक तरफ जहां उनके व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, वहीं दूसरी तरफ सं गठन की उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। अतः सॉफ्ट स्किल में पाठय़क्रम पूरा करने के उपरांत कोई व्यक्ति किसी निजी या सार्वजनिक संगठन में सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षक के रूप में रोजगार प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा, आप अपना स्वयं का ट्रेनिंग सेंटर भी खोल सकते हैं। व्यक्तित्व संबंधी गुण:- समय के साथ-साथ अब फोकस एक सामान्य व्यक्ति से सुशिक्षित और परिष्कृत व्यक्तित्व की ओर हो गया है। विभिन्न संगठनों, खासकर कंपनियों को ऐसे व्यक्तियों की तलाश रहती है जो कुशाग्र और सुशिक्षित होते हैं। उनमें ऐसे सम्प्रेषण कौशल होने चाहिए कि वे सबसे आगे रहें। इसके लिए वे अपने कर्मचारियों को भर्ती के उपरांत प्रशिक्षण प्रदान करते हैं लेकिन वे उन व्यक्तियों को वरीयता देते हैं जो पहले से अपने क्षेत्र में बेहतर होते हैं। चूंकि ज्यादातर लोग प्रतिभाओं के साथ जन्म लेते हैं, परंतु उन्हें परिष्कृत और शिक्षित करने की आवश्यकता होती है। उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए बाजार में बहुत से संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। ये संस्थान काफी धन अर्जन कर रहे हैं और इस तरह सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षकों को आकर्षक रोजगार का विकल्प प्रदान कर रहे हैं। वेतन:- इस सेक्टर में काफी अच्छा वेतन है। चूंकि यह कल्चर प्राइवेट कंपनियों और वैश्वीकरण के कारण तेजी फला-फूला है, इसलिए इसकी ग्रोथ भी ज्यादा है। योग्यताएं:- पहले इस फील्ड में पाठ्यक्रम नहीं चलाए जाते थे लेकिन अब सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षकों के लिए शिक्षण कार्य भी एक अच्छे विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है क्योंकि सभी इंजीनियरिंग और प्रबंध संस्थानों में तकनीकी कौशल एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल होता है। वहां पर छात्रों को साक्षात्कार और समूह र्चचा में बेहतर प्रदर्शन के लिए अपेक्षित अन्य वैयक्तिक कौशलों के साथ-साथ प्लेसमेंट और सम्प्रेषण कौशलों के लिए प्रशिक्षित और तैयार किया जाता है।  

भारत के रणनीतिक \’चिकन नेक\’ पर केंद्र सरकार का धमाकेदार प्लान, 40 किमी अंडरग्राउंड रेलवे कॉरिडोर का निर्माण

भारत की रणनीतिक नब्ज 'चिकन नेक' पर केंद्र सरकार का धमाकेदार प्लान: जमीन के नीचे बनेगा 40 किमी लंबा अंडरग्राउंड रेलवे कॉरिडोर!  सिलीगुड़ी  पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के पास स्थित 'चिकन नेक' – वह संकरी भूमि पट्टी जो भारत की शिराओं में सबसे संवेदनशील धमनी की तरह काम करती है। मात्र 20 किलोमीटर चौड़ी और 60 किलोमीटर लंबी यह पट्टी, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं से घिरी हुई, पूर्वोत्तर के आठ राज्यों – अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा – को बाकी भारत से जोड़ने वाला एकमात्र जमीनी गलियारा है। वर्षों से दुश्मन ताकतें इसी की कमजोरी को निशाना बनाती रहीं, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसे अभेद्य किले में बदलने का मास्टरस्ट्रोक प्लान तैयार किया है। जी हां, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट चर्चा के दौरान खुलासा किया कि 'चिकन नेक' के टिन माइल हाट और रंगापानी रेलवे स्टेशनों के बीच 40 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड रेलवे टनल बनाया जाएगा। यह न केवल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी अटल बना देगा!कल्पना कीजिए – पहाड़ों और जंगलों के बीच वह संकरा कॉरिडोर, जहां आज रेल लाइनें, हाईवे, तेल पाइपलाइन और कम्युनिकेशन नेटवर्क आपस में उलझे हुए हैं। भीड़भाड़, प्राकृतिक आपदाएं या दुश्मनी की साजिशें – सब कुछ यातायात को ठप कर सकती हैं। लेकिन अब यह सब भूमिगत हो जाएगा! नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के जीएम चेतन कुमार श्रीवास्तव ने साफ कहा, "यह अंडरग्राउंड लाइन सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य है।" प्राकृतिक विपत्तियों हो या मानवीय खतरों, यह टनल सबको झेल लेगी। यात्री ट्रेनें तेज रफ्तार से दौड़ेंगी, मालगाड़ियां बिना रुकावट पहुंचेंगी, और सबसे अहम – डिफेंस लॉजिस्टिक्स यानी सेना का हथियार-बारूद, सैनिकों की आवाजाही बिल्कुल सुरक्षित रहेगी। दुश्मन भले ही आसमान से निगाह रखे या जमीन पर साजिश रचे, लेकिन भूमिगत कॉरिडोर को छू भी न पाएंगे!यह प्लान सिर्फ टनल तक सीमित नहीं। मौजूदा रेल ट्रैक को चार-लाइन (फोर-लेन) में बदला जाएगा, ताकि ट्रैफिक जाम जैसी समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाए। रेल मंत्री वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में जोर देकर कहा, "नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ने वाले इस 40 किमी स्ट्रैटेजिक कॉरिडोर पर अंडरग्राउंड रेल ट्रैक बिछाने की योजना है। इससे कनेक्टिविटी मजबूत और सुरक्षित होगी।" यह भारत की लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जो पूर्वोत्तर को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से अभेद्य बनाएगा। सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जो देश का सबसे व्यस्त और संवेदनशील ट्रांजिट जोन है, अब दुश्मनों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित होगा। भारत अब चिकन नेक को चिकन नेक नहीं, बल्कि 'स्टील नेक' बना रहा है – मजबूत, लचीला और अटल!इस ऐतिहासिक कदम से पूर्वोत्तर के लाखों लोग लाभान्वित होंगे। तेज ट्रेनें, सस्ता माल ढुलाई, पर्यटन में उछाल और निवेश का दौर – सब कुछ संभव हो जाएगा। केंद्र सरकार की यह दूरदृष्टि न केवल सीमाओं की रक्षा करेगी, बल्कि 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के सपने को साकार करेगी। क्या आप तैयार हैं इस क्रांतिकारी बदलाव के साक्षी बनने को?

भारत के रणनीतिक \’चिकन नेक\’ पर केंद्र सरकार का धमाकेदार प्लान, 40 किमी अंडरग्राउंड रेलवे कॉरिडोर का निर्माण

भारत की रणनीतिक नब्ज 'चिकन नेक' पर केंद्र सरकार का धमाकेदार प्लान: जमीन के नीचे बनेगा 40 किमी लंबा अंडरग्राउंड रेलवे कॉरिडोर!  सिलीगुड़ी  पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के पास स्थित 'चिकन नेक' – वह संकरी भूमि पट्टी जो भारत की शिराओं में सबसे संवेदनशील धमनी की तरह काम करती है। मात्र 20 किलोमीटर चौड़ी और 60 किलोमीटर लंबी यह पट्टी, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं से घिरी हुई, पूर्वोत्तर के आठ राज्यों – अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा – को बाकी भारत से जोड़ने वाला एकमात्र जमीनी गलियारा है। वर्षों से दुश्मन ताकतें इसी की कमजोरी को निशाना बनाती रहीं, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसे अभेद्य किले में बदलने का मास्टरस्ट्रोक प्लान तैयार किया है। जी हां, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट चर्चा के दौरान खुलासा किया कि 'चिकन नेक' के टिन माइल हाट और रंगापानी रेलवे स्टेशनों के बीच 40 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड रेलवे टनल बनाया जाएगा। यह न केवल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी अटल बना देगा!कल्पना कीजिए – पहाड़ों और जंगलों के बीच वह संकरा कॉरिडोर, जहां आज रेल लाइनें, हाईवे, तेल पाइपलाइन और कम्युनिकेशन नेटवर्क आपस में उलझे हुए हैं। भीड़भाड़, प्राकृतिक आपदाएं या दुश्मनी की साजिशें – सब कुछ यातायात को ठप कर सकती हैं। लेकिन अब यह सब भूमिगत हो जाएगा! नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के जीएम चेतन कुमार श्रीवास्तव ने साफ कहा, "यह अंडरग्राउंड लाइन सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य है।" प्राकृतिक विपत्तियों हो या मानवीय खतरों, यह टनल सबको झेल लेगी। यात्री ट्रेनें तेज रफ्तार से दौड़ेंगी, मालगाड़ियां बिना रुकावट पहुंचेंगी, और सबसे अहम – डिफेंस लॉजिस्टिक्स यानी सेना का हथियार-बारूद, सैनिकों की आवाजाही बिल्कुल सुरक्षित रहेगी। दुश्मन भले ही आसमान से निगाह रखे या जमीन पर साजिश रचे, लेकिन भूमिगत कॉरिडोर को छू भी न पाएंगे!यह प्लान सिर्फ टनल तक सीमित नहीं। मौजूदा रेल ट्रैक को चार-लाइन (फोर-लेन) में बदला जाएगा, ताकि ट्रैफिक जाम जैसी समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाए। रेल मंत्री वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में जोर देकर कहा, "नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ने वाले इस 40 किमी स्ट्रैटेजिक कॉरिडोर पर अंडरग्राउंड रेल ट्रैक बिछाने की योजना है। इससे कनेक्टिविटी मजबूत और सुरक्षित होगी।" यह भारत की लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जो पूर्वोत्तर को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से अभेद्य बनाएगा। सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जो देश का सबसे व्यस्त और संवेदनशील ट्रांजिट जोन है, अब दुश्मनों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित होगा। भारत अब चिकन नेक को चिकन नेक नहीं, बल्कि 'स्टील नेक' बना रहा है – मजबूत, लचीला और अटल!इस ऐतिहासिक कदम से पूर्वोत्तर के लाखों लोग लाभान्वित होंगे। तेज ट्रेनें, सस्ता माल ढुलाई, पर्यटन में उछाल और निवेश का दौर – सब कुछ संभव हो जाएगा। केंद्र सरकार की यह दूरदृष्टि न केवल सीमाओं की रक्षा करेगी, बल्कि 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के सपने को साकार करेगी। क्या आप तैयार हैं इस क्रांतिकारी बदलाव के साक्षी बनने को?

SP जैन की नई पहल, पुलिसकर्मियों को जन्मदिन और विवाह की सालगिरह पर मिलेगा अवकाश

पुलिस अधीक्षक अगम जैन की सार्थक पहल : सभी थानों एवं कार्यालय में पदस्थ पुलिसकर्मियों को जन्मदिन एवं विवाह की सालगिरह पर प्रदान किया जाएगा अवकाश छतरपुर  स्थानीय पुलिस अधीक्षक  अगम जैन द्वारा पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, मनोबल एवं पारिवारिक समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिसकर्मियों के जन्मदिन एवं विवाह की सालगिरह के अवसर पर आयोजनों को परिजनों के साथ मनाने की पहल की जा रही है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से पुलिस कर्मियों को अपनी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के बीच परिवार के साथ समय बिताने का अवसर प्राप्त होता है, जिससे मानसिक तनाव में कमी आती है एवं कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। परिजनों की सहभागिता से पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आती है, कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होता है।  इस हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के सभी प्रभारी अधिकारियों, थाना चौकी प्रभारी एवं कार्यालय के मुख्य लिपिक एवं अवकाश लिपिक हेतु आदेश जारी किया गया है।

एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ

एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ  इंदौर  प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पातालपानी झरने के सामने अहिंसा पर्वत स्थित अमर जवान स्मारक पर एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम के आयोजक पर्यावरणविद् अशोक मेहता ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें अपने संवैधानिक अधिकार समझना चाहिए और देश एवं समाज के प्रति अपनी कर्तव्य निष्ठा को भूलना नहीं चाहिए। कार्यक्रम के संयोजक राजेश बियानी ने बताया कि गायक कलाकार श्री राजा सलूजा श्री सुनील बामनिया श्रीमती मंगला जैन, श्री एवं श्रीमती जसविंदर बेस ने देशभक्ति आधारित राष्ट्र गीतों से श्रोताओं को झुमा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में बालिका आरना मेहता, चहेती जैन, कियारा मेहता, हिरल जैन ने अपनी राष्ट्र के प्रति भावना प्रकट की साथ ही इस भावुक अवसर पर श्रीमती पायल परदेसी ने वंदे मातरम गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्र मुक्त कर दिया। इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, एनिमल वेलफेयर, समाज सेवा, योग एवं सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग आदि क्षेत्रो में अपनी उत्कृष्ट सेवाओ के लिए श्रीमती पायल परदेसी, श्री यशवंतसिंग बिस्ट, डॉ अमित सोनी, श्री इंदरसिंग योगी, श्री आनंद यादव, श्रीमती आशा परमार, श्रीमती सुमित्रा अरोरा, श्री राधेश्याम वर्मा, डॉ अनुपम श्रीवास्तव, श्रीमती राधा तोषनवाल, डॉ लकी खंडएलवाल, श्रीमती दीक्षित, श्रीमती कांता मजदे को उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया गया।  कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री गोरू बियानी, श्रीमती रिवा सिंह, श्री आर एस बियानी, श्री सुमेर सिंह (गोल्डनमेन), श्री केपी सिंह,डाॅ शिवकांत वाजपेई, श्री विजय शर्मा, श्री मोहन चावडा, श्री हुकुम आंजना, श्री गनु भाई, श्रीमती नेहा जैन आदि उपस्थित थे। आभार कार्यक्रम संयोजक श्रेयांश मेहता ने प्रकट किया।

17 बार नदी पार करने का मिलेगा रोमांचक अनुभव, भोरमदेव में शुरू होगी जंगल सफारी

रायपुर. कबीरधाम जिले में स्थित ऐतिहासिक भोरमदेव अभ्यारण्य में शीघ्र ही जंगल सफारी की शुरुआत की जाएगी। वन विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। इस पहल से न केवल ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति आम लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। वन विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के तहत भोरमदेव अभ्यारण्य में लगभग 34 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी मार्ग विकसित किया गया है। सफारी के दौरान पर्यटक गौर, चीतल, सांभर, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्यप्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देख सकेंगे। यह मार्ग मैकल पर्वतमाला के घने जंगलों से होकर गुजरता है, जो प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। सकरी नदी मार्ग बनेगा विशेष आकर्षण इस जंगल सफारी की सबसे बड़ी खासियत सकरी नदी मार्ग है। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। यह अनोखा सफर रोमांच और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए खास आकर्षण साबित होगा। इस परियोजना में स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। सफारी वाहनों का संचालन वन प्रबंधन समिति थंवरझोल द्वारा किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोहरा आकर्षण जंगल सफारी शुरू होने के बाद भोरमदेव आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब ऐतिहासिक मंदिर दर्शन के साथ-साथ वन्यजीवन का रोमांच भी एक ही यात्रा में अनुभव कर सकेंगे। इससे भोरमदेव क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वन विभाग के अनुसार सुरक्षा और संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही सफारी को औपचारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

योगी सरकार ने द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृत किए 261.91 करोड़ रुपये

सीएम योगी से मिले भाकियू प्रवक्ता, जताया आभार  योगी सरकार ने द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण/विस्तारीकरण के लिए स्वीकृत किए हैं 261.91 करोड़ रुपये  भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों व चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक  लखनऊ  भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। द गंगा सहकारी चीनी मिल मोरना (मुजफ्फरनगर) के आधुनिकीकरण/विस्तारीकरण के लिए 261.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। मलिक ने कहा कि यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार के लिए आपकी अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) एवं क्षेत्र के लाखों गन्ना किसानों की ओर से आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस मिल की पेराई क्षमता को प्रथम चरण में 2500 TCD से बढ़ाकर 3500 TCD तथा भविष्य में 5000 TCD तक ले जाने की योजना और इसके लिए लगभग 262 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति देना स्पष्ट करता है कि आपकी सरकार किसानों की आय, समयबद्ध गन्ना भुगतान और आधुनिक कृषि आधारित उद्योगों के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। यह निर्णय न केवल मोरना क्षेत्र, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। इससे पेराई में तेजी आएगी, किसानों को समय पर भुगतान होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम न केवल इस मिल की उत्पादन क्षमता, दक्षता और तकनीकी स्तर को आधुनिक बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों की आय, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगा।  मलिक ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपकी दूरदर्शी सोच के कारण किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा तथा मिल की कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे तथा पर्यावरण अनुकूल तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समयबद्ध गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी मिलों का आधुनिकीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना का विकास और किसान-कल्याणकारी योजनाएं किसानों के मन में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने आशा जताई कि सीएम के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का गन्ना क्षेत्र निरंतर प्रगति करेगा।