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इजरायल का कड़ा जवाब: हमास और इस्लामिक जिहाद के टॉप कमांडर्स ढेर, गाजा में स्थिति गंभीर

गाजा   अक्टूबर 2025 में हुए सीजफायर (युद्धविराम) के बाद इजरायल ने अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है. इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने बुधवार को एक बड़े ऑपरेशन में ‘फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद’ (PIJ) के टॉप कमांडर अली राजियाना को मार गिराया है. इजरायल के मुताबिक, यह सीजफायर के बाद की सबसे बड़ी कामयाबी है. कौन था अली राजियाना?   द यरूशलेम पोस्ट के अनुसार, इजरायली सेना और उनकी खुफिया एजेंसी ‘शिन बेट’ के मुताबिक, अली राजियाना ‘नार्दर्न गाजा ब्रिगेड’ का चीफ था. वह न सिर्फ इस्लामिक जिहाद की मिलिट्री काउंसिल का हिस्सा था, बल्कि हमास के साथ मिलकर इजरायली सैनिकों पर हमलों की प्लानिंग भी करता था. सेना ने बताया कि युद्ध के दौरान बंधकों को कैद में रखने में भी इसकी बड़ी भूमिका थी और सीजफायर के बाद यह अपनी ब्रिगेड को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था. नोआ मार्सियानो के हत्यारे का भी अंत बुधवार को ही इजरायल ने एक और बड़ी जानकारी दी. उन्होंने मुहम्मद इसाम हसन अल-हबील को भी मार गिराया है. इजरायल का कहना है कि इसी शख्स ने इजरायली सैनिक नोआ मार्सियानो की हत्या की थी, जिसे 7 अक्टूबर 2023 को बंधक बनाया गया था. सेना का कहना है कि इससे नोआ के परिवार को इंसाफ मिला है. हमलों में 23 लोगों की जान गई एक तरफ इजरायल इसे आतंकियों के खिलाफ एक्शन बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में 23 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है. इनमें 7 बच्चे भी शामिल हैं. दक्षिण गाजा के खान यूनिस में एक मेडिकल वर्कर भी मारा गया, जो घायलों की मदद करने पहुंचा था. वहीं उत्तरी गाजा में एक 5 महीने के बच्चे की मौत की खबर भी सामने आई है. क्या सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है? इजरायल का कहना है कि उन्होंने ये हमले इसलिए किए क्योंकि चरमपंथियों ने इजरायली सैनिकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था. इसे सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की. दूसरी ओर, हमास ने कहा कि इजरायल की ये हरकतें शांति की कोशिशों को खत्म कर रही हैं. हमास ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायल पर दबाव बनाने की मांग की है. राफा बॉर्डर को लेकर सस्पेंस सीजफायर समझौते के तहत गाजा और मिस्र के बीच ‘राफा बॉर्डर’ को खोला गया था ताकि बीमार मरीजों को इलाज के लिए बाहर भेजा जा सके. हालांकि, इजरायल ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मरीजों के जाने पर अस्थायी रोक लगा दी थी. मिस्र के सूत्रों का कहना है कि अब मामला सुलझ गया है और काम फिर से शुरू हो गया है. अब तक का नुकसान  सीजफायर के बाद: इजरायली हमलों में अब तक लगभग 560 लोगों की मौत हुई है (गाजा अधिकारियों के अनुसार), जबकि 4 इजरायली सैनिक मारे गए हैं. युद्ध की शुरुआत से: अक्टूबर 2023 से अब तक 71,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. इजरायल में नुकसान: 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में करीब 1,200 इजरायली मारे गए थे. जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर के दूसरे फेज का एलान किया था, जिसमें गाजा के पुनर्निर्माण पर बात होनी थी. लेकिन इजरायली सेना की वापसी और हमास के हथियारों को छोड़ने जैसे बड़े मुद्दों पर अब भी पेंच फंसा हुआ है.

UP IPS Transfer: यूपी में 24 IPS अफसरों का तबादला, गोरखपुर समेत 11 जिलों में SSP-SP हुए बदल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. जिसके तहत प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 24 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. DG, ADG, IG, DIG समेत 11 जिलों के SP/SSP का ट्रांसफ़र किया गया है. संभल की अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा को गौतमबुद्ध नगर का अपर पुलिस उपायुक्त बनाया गया है.   यूपी के जौनपुर, सहारनपुर, गोरखपुर, मेरठ के एसएसपी बदले गए वहीं अमेठी, पीलीभीत, रायबरेली, मिर्जापुर, बस्ती, खीरी के एसपी बदले गए. साल 1994 बैच के आईपीएस सुजीत पांडेय डीजी फायर बनाये गए. तो वहीं 2001 बैच के आईपीएस प्रवीण कुमार एडीजी जोन लखनऊ बनाये गए हैं. सोमेन वर्मा को अयोध्या की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें डीआईजी रेंज बनाया गया है.  जानें- किसे कहां मिली तैनाती पुलिस महानिदेशक एवं अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ सुजीत पांडे को डीजी फायर सर्विसेज बनाया गया है. जबकि प्रवीण कुमार को एडीजी लखनऊ जोन बनाकर भेजा गया है. के एस इमानुएल को पुलिस महानिरीक्षक ईओडब्ल्यू से डीजीपी के जीएसओ की जिम्मेदारी दी गई है. आईपीएस विनोद कुमार सिंह को आईजी डॉ अंबेडकर पुलिस अकादमी मुरादाबाद भेजा गया है.  आईपीएस अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट की जिम्मेदारी दी गई है, राजकरण नैय्यर अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद बनाया गया है. सोमेन बर्मा को पुलिस अधीक्षक मीरजापुर से डीआईजी अयोध्या रेंज भेजा गया है. संकल्प शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं.  आईपीएस विपिन टाडा संयुक्त पुलिस आयुक्त कानपुर कमिश्नरेट बनाए गए हैं. अभिषेक यादव डीआईजी एटीएस लखनऊ बनाए गए हैं, आशीष तिवारी को वरिष्ठ पुलिस महानिरीक्षक सहारनपुर से डीआईजी टेक्निकल सर्विसेज लखनऊ में तबादला किया गया है. प्रताप गोपेंद्र यादव को डीआईजी यूपी पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है. कुंवर अनुपम सिंह को एसपी जौनपुर की जिम्मेदारी दी गई है.  डॉक्टर ख्याति गर्ग को सेनानायक, 9वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद से एसपी लखीमपुर खीरी भेजा गया है. यशवीर सिंह एसपी बस्ती बनाए गए हैं. चारू निगम एसपी सुल्तानपुर बन गई हैं. अभिनंदन को एसएसपी सहारनपुर बनाया गया है. डॉक्टर कौस्तुभ को एसएसपी गोरखपुर की जिम्मेदारी दी गई है.  अविनाश पांडे को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ बनाया गया है. अपर्णा रजत कौशिक एसपी मिर्जापुर बन गई हैं. रवि कुमार को एसपी रायबरेली की जिम्मेदारी दी गई है. सुकीर्ति माधव को क्षेत्रीय अभिसूचना आगरा से एसपी पीलीभीत भेजा गया है. आईपीएस सर्वानन टी को एसपी अमेठी की जिम्मेदारी दी गई है और अनुकृति शर्मा को अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा कमिश्नरेट बनाया गया है.

किया जुलूस, जानें आरोप पुलिस ने स्कूटी से छह किमी पीछा कर सपा नेता को पकड़ा, इलाके में जुलूस, क्या हैं आरोप?

 कानपुर कानपुर में घाटमपुर थाना क्षेत्र में कई आरोपों में घिसे सपा नेता आमिर जैदी को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आमिर फरार होने लगा, लेकिन इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने स्कूटी से करीब छह किलोमीटर तक पीछा कर उसे दबोच लिया। पकड़ने के बाद सपा नेता का जुलूस भी निकाला। पुलिस के अनुसार एक युवती ने आमिर पर दुष्कर्म और धर्मांतरण के दबाव के मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2013 में पिता के निधन के बाद आमिर जैदी ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। इसके बाद वह लगातार उसके साथ गलत कार्य करता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीते वर्ष सितंबर में जब परिजनों ने उसकी शादी तय की, तो आमिर ने अपने सहयोगियों शनि उर्फ सनी अब्बास, रिजवी और राजा उर्फ अख्तर अंसारी के साथ मिलकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया। आरोपी उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव भी बनाने लगा। पीड़िता के अनुसार, मना करने पर आमिर ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी फोटो और वीडियो उसके होने वाले ससुराल पक्ष को भेजने शुरू कर दिए। अक्टूबर में युवती की सगाई होने के बाद आरोपी ने उसके मंगेतर, ननद सहित अन्य परिजनों को भी धमकियां दीं। इतना ही नहीं, आरोपी ने मंगेतर को कानपुर की गल्लामंडी बुलाकर जान से मारने की धमकी भी दी। युवती की शिकायत पर पुलिस ने आमिर जैदी समेत चार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आमिर रात में बाइक से भागने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने पीछा कर उसे जहांगीराबाद गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई की सराहना पुलिस के मुताबिक, आमिर जैदी पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2020 में घाटमपुर आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाने, मारपीट, जुआ सहित अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। दुष्कर्म और धर्मांतरण के आरोप में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। विधायक सरोज कुरील ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी अपराधमुक्त समाज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

\’Bharat Taxi\’ का आज होगा लॉन्च, अमित शाह देंगे सर्ज प्राइसिंग और महंगे किराए को अलविदा

 नई दिल्ली Bharat Taxi Cab Service Launch: कैब सर्विस के क्षेत्र में आज एक नया आगाज होने जा रहा है. आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह देश की पहली कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ करेंगे. ये नई कैब सर्विस सीधे तौर पर प्राइवेट कैब सर्विस प्रोवाइडर्स की मोनोपोली को सीधी चुनौती देगी. क्योंकि सरकार का दावा है कि, भारत टैक्सी में कैब ड्राइवर्स को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा. साथ ही यूजर्स को सर्ज प्राइसिंग और प्राइवेट कैब्स जैसी कंपनियों की मनमानी से भी छुटकारा मिलेगा. अमित शाह ने पिछले साल मार्च में लोकसभा में अपने भाषण में कहा था कि, “हम बहुत जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म लाने वाले हैं. इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा.” आज देश की राजधानी दिल्ली में स्थित विज्ञान भवन में गृह मंत्री अमित शाह भारत टैक्सी का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करेंगे. बता दें कि, भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुका है. दिल्ली-एनसीआर में कई कैब ड्राइवर्स इस ऐप बेस्ड सर्विस का प्रयोग कर रहे हैं. अब भारत टैक्सी के सॉफ्ट लॉंच से अब तक टॉप परफॉर्मेंस करने वाले सारथियों (कैब ड्राइवर्स) को कार्यक्रम के दौरान को सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा सारथियों को प्रमाणपत्र देने के साथ-साथ 5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा. सरकार का मानना है कि, ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न से इंस्पायर्ड भारत टैक्सी सिटिजन-सेंट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. तो आइये विस्तार से जानते हैं Bharta Taxi देश में मौजूद बाकी प्राइवेट कैब एग्रीग्रेटर्स से किस तरह से अलग होगा. ‘सारथी ही मालिक’  सबसे पहले बता दें कि, भारत टैक्सी के चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि सारथी कहा जाएगा. सरकार का कहना है कि, सारथी ही मालिक होगा. क्योंकि इस सर्विस के दौरान यूजर द्वारा दिए जाने वाले किराए का पूरा पैसा सीधे कैब चालक के खाते में जाएगा. जहां ओला-उबर जैसी कंपनियां राइड के बाद फेयर में से एक मोटा हिस्सा कमिशन के नाम पर काट लेती हैं, वहीं भारत टैक्सी सीधे तौर पर कैब चालकों को बड़ी राहत देगा. ऐसा आमतौर पर देखा जाता है कि, कैब चालक और कंपनियों के बीच फेयर और कमिशन को लेकर झंझट होती रहती है. सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग से भी राहत मिलेगी. जहां प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स पीक ऑवर या खराब मौसम के समय हैवी रश के नाम पर मनमाना किराया वसूलते हैं, वहीं भारत टैक्सी में इस समस्या से भी निजात मिलेगी. जिसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिलेगा. बीते 1 जुलाई से मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन (MVAG) 2025 के अनुसार, कैब एग्रीगेटर्स को अब पीक ट्रैफिक ऑवर के दौरान बेस फेयर से दोगुना तक चार्ज करने की अनुमति मिल गई है. जिसके बाद पीक-ऑवर में मोटी रकम वसूलने का खेल और बढ़ गया है. कैब, ऑटो और बाइक सर्विस भारत टैक्सी में यूजर्स को कैब, बाइक और ऑटो तीनों सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यानी ग्राहक अपने बज़ट और जरूरत के अनुसार कार, ऑटो और यहां तक की बाइक राइड का भी चुनाव कर सकेंगे. सेफ्टी और सिक्योरिटी भारत टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, साथ ही ऐप में इमरजेंसी SOS बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और ट्रिप हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, ताकि आप और आपके परिवार निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें. इसके अलावा ऐप पर ही यूजर्स को किसी भी तरह की परेशानी होने पर हेल्पलाइन की भी सुविधा भी दी जा रही है. 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर जानकारी के अनुसार भारत टैक्सी से अब तक 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं. और प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन 10,000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं. पिछले महीने ये आंकड़ा 1.4 लाख ड्राइवर्स का था. इससे साफ है कि, समय के साथ भारत टैक्सी का प्रयोग बढ़ रहा है और ज्यादा से ज्यादा ड्राइवर्स इस सविर्स से जुड़ रहे हैं.  8 सरकारी संस्थाओं का साथ इस सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को देश की 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से ऑपरेट किया जा रहा है. इनमें अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं. कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिससे ड्राइवरों के जरूरत की बातें या उनकी डिमांड सीधे सरकार तक पहुंचती है. कैसे डाउनलोड करें मोबाइल ऐप भारत टैक्सी का मोबाइल ऐप लाइव हो चुका है. इसकी बुकिंग सरकारी Bharat Taxi मोबाइल ऐप के जरिए की जा सकती है. इसका राइडर और ड्राइवर दोनों मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. यदि आपको कैब सर्विस के लिए राइड का लाभ उठाना है तो Rider App डाउनलोड करें. वहीं इस सेवा जुड़ने के इच्छुक ड्राइवरों को Driver App डाउनलोड करना होगा. यहां ध्यान रखना जरूर है कि, भारत टैक्सी वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं. सही ऐप चुनने के लिए आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं.

\’Bharat Taxi\’ का आज होगा लॉन्च, अमित शाह देंगे सर्ज प्राइसिंग और महंगे किराए को अलविदा

 नई दिल्ली Bharat Taxi Cab Service Launch: कैब सर्विस के क्षेत्र में आज एक नया आगाज होने जा रहा है. आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह देश की पहली कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ करेंगे. ये नई कैब सर्विस सीधे तौर पर प्राइवेट कैब सर्विस प्रोवाइडर्स की मोनोपोली को सीधी चुनौती देगी. क्योंकि सरकार का दावा है कि, भारत टैक्सी में कैब ड्राइवर्स को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा. साथ ही यूजर्स को सर्ज प्राइसिंग और प्राइवेट कैब्स जैसी कंपनियों की मनमानी से भी छुटकारा मिलेगा. अमित शाह ने पिछले साल मार्च में लोकसभा में अपने भाषण में कहा था कि, “हम बहुत जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म लाने वाले हैं. इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा.” आज देश की राजधानी दिल्ली में स्थित विज्ञान भवन में गृह मंत्री अमित शाह भारत टैक्सी का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करेंगे. बता दें कि, भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुका है. दिल्ली-एनसीआर में कई कैब ड्राइवर्स इस ऐप बेस्ड सर्विस का प्रयोग कर रहे हैं. अब भारत टैक्सी के सॉफ्ट लॉंच से अब तक टॉप परफॉर्मेंस करने वाले सारथियों (कैब ड्राइवर्स) को कार्यक्रम के दौरान को सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा सारथियों को प्रमाणपत्र देने के साथ-साथ 5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा. सरकार का मानना है कि, ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न से इंस्पायर्ड भारत टैक्सी सिटिजन-सेंट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. तो आइये विस्तार से जानते हैं Bharta Taxi देश में मौजूद बाकी प्राइवेट कैब एग्रीग्रेटर्स से किस तरह से अलग होगा. ‘सारथी ही मालिक’  सबसे पहले बता दें कि, भारत टैक्सी के चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि सारथी कहा जाएगा. सरकार का कहना है कि, सारथी ही मालिक होगा. क्योंकि इस सर्विस के दौरान यूजर द्वारा दिए जाने वाले किराए का पूरा पैसा सीधे कैब चालक के खाते में जाएगा. जहां ओला-उबर जैसी कंपनियां राइड के बाद फेयर में से एक मोटा हिस्सा कमिशन के नाम पर काट लेती हैं, वहीं भारत टैक्सी सीधे तौर पर कैब चालकों को बड़ी राहत देगा. ऐसा आमतौर पर देखा जाता है कि, कैब चालक और कंपनियों के बीच फेयर और कमिशन को लेकर झंझट होती रहती है. सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग से भी राहत मिलेगी. जहां प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स पीक ऑवर या खराब मौसम के समय हैवी रश के नाम पर मनमाना किराया वसूलते हैं, वहीं भारत टैक्सी में इस समस्या से भी निजात मिलेगी. जिसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिलेगा. बीते 1 जुलाई से मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन (MVAG) 2025 के अनुसार, कैब एग्रीगेटर्स को अब पीक ट्रैफिक ऑवर के दौरान बेस फेयर से दोगुना तक चार्ज करने की अनुमति मिल गई है. जिसके बाद पीक-ऑवर में मोटी रकम वसूलने का खेल और बढ़ गया है. कैब, ऑटो और बाइक सर्विस भारत टैक्सी में यूजर्स को कैब, बाइक और ऑटो तीनों सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यानी ग्राहक अपने बज़ट और जरूरत के अनुसार कार, ऑटो और यहां तक की बाइक राइड का भी चुनाव कर सकेंगे. सेफ्टी और सिक्योरिटी भारत टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, साथ ही ऐप में इमरजेंसी SOS बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और ट्रिप हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, ताकि आप और आपके परिवार निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें. इसके अलावा ऐप पर ही यूजर्स को किसी भी तरह की परेशानी होने पर हेल्पलाइन की भी सुविधा भी दी जा रही है. 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर जानकारी के अनुसार भारत टैक्सी से अब तक 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं. और प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन 10,000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं. पिछले महीने ये आंकड़ा 1.4 लाख ड्राइवर्स का था. इससे साफ है कि, समय के साथ भारत टैक्सी का प्रयोग बढ़ रहा है और ज्यादा से ज्यादा ड्राइवर्स इस सविर्स से जुड़ रहे हैं.  8 सरकारी संस्थाओं का साथ इस सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को देश की 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से ऑपरेट किया जा रहा है. इनमें अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं. कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिससे ड्राइवरों के जरूरत की बातें या उनकी डिमांड सीधे सरकार तक पहुंचती है. कैसे डाउनलोड करें मोबाइल ऐप भारत टैक्सी का मोबाइल ऐप लाइव हो चुका है. इसकी बुकिंग सरकारी Bharat Taxi मोबाइल ऐप के जरिए की जा सकती है. इसका राइडर और ड्राइवर दोनों मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. यदि आपको कैब सर्विस के लिए राइड का लाभ उठाना है तो Rider App डाउनलोड करें. वहीं इस सेवा जुड़ने के इच्छुक ड्राइवरों को Driver App डाउनलोड करना होगा. यहां ध्यान रखना जरूर है कि, भारत टैक्सी वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं. सही ऐप चुनने के लिए आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं.

Gold-Silver Price Crash: चांदी ₹24000 सस्ती, सोने की कीमत ₹4500 गिरी, नए रेट जानें

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में बीते दो दिन के उछाल के बाद अचानक फिर से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) देखने को मिला है. गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दोनों कीमती धातुओं की कीमत ओपनिंग के साथ ही धड़ाम नजर आई. MCX पर चांदी का वायदा भाव एक झटके में 24,000 रुपये प्रति किलो तक कम (Silver Price Crash) हो गया, तो वहीं सोने की कीमत ने भी अचानक ही 4500 रुपये से ज्यादा का गोता लगा दिया और ये सस्ता (Gold Cheaper) हो गया.  चांदी की कीमत में फिर बड़ी गिरावट सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में गुरुवार को आई बड़ी गिरावट के बारे में, तो एमसीएक्स पर बीते कारोबारी दिन 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 Kg Silver Price 2,68,850 रुपये पर क्लोज हुआ था और जब वायदा कारोबार की शुरुआत हुई, तो ये एक झटके में गिरकर 2,44,654 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो चांदी सीधे 24,196 रुपये तक सस्ती हो गई.  हाई से अभी कितनी सस्ती है Silver बीते महीने के आखिर में 29 जनवरी को चांदी की कीमत ने तूफानी रफ्तार से भागते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये का नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था. लेकिन इसके बाद से ही सिल्वर प्राइस क्रैश (Silver Crash) होने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो बजट के बाद रुका नजर आया. लेकिन महज दो दिन के ब्रेक के बाद ये फिर तेजी से फिसली है. हाई से तुलना करें, तो फिलहाल वायदा चांदी 1,75,394 रुपये सस्ती मिल रही है.  Gold का भी चांदी जैसा हाल  अब बात करें, सोने की कीमत में आई गिरावट के बारे में, तो चांदी की तरह ये भी गुरुवार को खुलने के साथ ही क्रैश (Gold Rate Crash) हुआ है. बीते कारोबार दिन 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले 10 Gram 24 Karat Gold का रेट 1,53,046 रुपये पर क्लोज हुआ था और गुरुवार को खुलने के साथ ही ये गिरकर 1,48,455 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इस हिसाब से ये 4,591 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया.  सोना अपने हाई से इतना सस्ता  चांदी की तरह गोल्ड रेट भी 29 जनवरी को अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था और तेज रफ्तार के साथ 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया था और यहां से इसमें भी लगातार तेज गिरावट आई थी, जो बजट के एक दिन बाद तक जारी रही थी. बीते दो दिन में आया उछाल भी गुरुवार को साफ हो गया और अगर इस हाई लेवल से गोल्ड प्राइस क्रैश (Gold Price Crash) देखें, तो फिलहाल सोना 44,641 रुपये सस्ता मिल रहा है.

WPL के ग्रैंड फिनाले में दोस्ती की टेस्ट, क्या जेमिमा रोड्रिग्स की चुनौती से पार पाएंगी स्मृति मंधाना?

नई दिल्ली WPL Final 2026: महिला प्रीमियर लीग (WPL) में गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) फाइनल में आमने-सामने होंगी. एक तरफ स्मृति मंधाना की कप्तानी में RCB दूसरी बार खिताब जीतकर मुंबई इंडियंस की बराबरी करना चाहेगी, वहीं दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स तीन बार फाइनल हारने का दाग मिटाने के इरादे से उतरेगी. यानी या तो WPL को नया चैम्पियन मिलेगा, या इतिहास की बराबरी होगी. वहीं खास बात यह है कि इस दौरान दो खास दोस्त और दोनों टीमों की कप्तान स्मृत‍ि मंधाना और जेम‍िमा रोड्र‍िग्स भी एक दूसरे के आमने- सामने होंगी.  RCB का सफर इस सीजन किसी सपने से कम नहीं रहा है. टीम ने लगातार पांच मैच जीतकर WPL इतिहास में नई मिसाल कायम की है. मुश्किल हालात में वापसी करना इस टीम की पहचान बन चुकी है. ऑस्ट्रेलिया की ग्रेस हैरिस ने यूपी वॉरियर्स के खिलाफ 75 रन की विस्फोटक पारी खेलकर लय हासिल की, जबकि गौतमी नाइक ने गुजरात जायंट्स के खिलाफ 73 रन बनाकर 61 रन की बड़ी जीत की नींव रखी. हालांकि स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, जॉर्जिया वोल और हैरिस जैसी बल्लेबाजों में निरंतरता की कमी रही है, लेकिन सही समय पर मिले योगदान ने टीम को मजबूत बनाए रखा. गेंदबाजी में नादिन ड‍ि क्लार्क और सायली सतघरे ने अहम मौकों पर असर छोड़ा है. ड‍ि क्लार्क 8 मैचों में 15 विकेट लेकर टूर्नामेंट की तीसरी सबसे सफल गेंदबाज हैं, जबकि श्रेयंका पाटिल का गुजरात के खिलाफ पांच विकेट लेना टीम की गहराई को दर्शाता है. दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह फाइनल ‘करो या मरो’ जैसा है. नई कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स की अगुआई में टीम पहली बार खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी. गेंदबाजी में चिनेल हेनरी और नंदिनी शर्मा ने नई गेंद से कहर बरपाया है. नंदिनी 16 विकेट के साथ दूसरे नंबर की विकेट-टेकर हैं और भारतीय टीम में जगह की मजबूत दावेदार बन चुकी हैं. बल्लेबाजी में लिजेल ली और शेफाली वर्मा ने एलिमिनेटर में अहम साझेदारी निभाई, जबकि लॉरा वोल्वार्ट पूरे सीजन टीम की रीढ़ साबित हुई हैं. साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों के मजबूत कोर और टीम के आपसी तालमेल ने दिल्ली को दबाव में भी टिके रहने की ताकत दी है. अब देखना होगा कि मंधाना की संतुलित RCB इतिहास रचेगी या जेमिमा की दिल्ली आखिरकार फाइनल की दीवार तोड़ पाएगी.  दिल्ली कैपिटल्स: जेमिमा रोड्रिग्स (कप्तान), तानिया भाटिया (विकेट कीपर), लूसी हैमिल्टन, चिनेले हेनरी, मारिजाने कैप, अलाना किंग, लिजेल ली, मिन्नू मणि, निकी प्रसाद, स्नेह राणा, शेफाली वर्मा, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, प्रगति सिंह, एडला सृजना, लॉरा वोल्वार्ट. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), लॉरेन बेल, नादिन डिक्लर्क, ऋचा घोष (विकेटकीपर), ग्रेस हैरिस, दयालन हेमलता, गौतमी नाइक, श्रेयांका पाटिल, कुमार प्रत्युषा, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, सयाली सतघरे, लिन्सी स्मिथ, पूजा वस्त्राकर, जॉर्जिया वॉल, राधा यादव.  

वॉशिंगटन पोस्ट में कर्मचारियों की छंटनी, शशि थरूर के बेटे ईशान की नौकरी भी गई

नई दिल्ली दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अखबारों में से एक 'वॉशिंगटन पोस्ट' ने अपने कर्मचारियों को एक बड़ा झटका दिया है. अखबार ने अपने कुल स्टाफ के लगभग एक-तिहाई (300 से अधिक कर्मचारियों) की छंटनी कर दी है.इस बड़ी छंटनी की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और अखबार के वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय स्तंभकार ईशान थरूर भी आए हैं. उन्होंने अखबार में बिताए अपने वर्षों की सेवा और अचानक समाप्त हुए अपने कार्यकाल पर भावुक प्रतिक्रिया दी और इसे यह न्यूज़रूम और वैश्विक पत्रकारिता के लिए 'बेहद दुखद दिन' बताया. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,“आज अंतरराष्ट्रीय स्टाफ के अधिकांश साथियों और कई अन्य शानदार सहकर्मियों के साथ मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से ले-ऑफ कर दिया गया है. हमारा न्यूज़रूम और खासकर वे बेहतरीन पत्रकार, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोस्ट की सेवा की उनके लिए दिल से बहुत दुखी हूं.” एक अलग पोस्ट में उन्होंने खाली न्यूज़रूम की तस्वीर साझा करते हुए इसे बस “एक बुरा दिन” बताया. ईशान ने अख़बार में अपने काम को याद करते हुए कहा कि 2017 में ‘वर्ल्डव्यू’ कॉलम की शुरुआत करना उनके लिए सम्मान की बात थी जिसका मकसद पाठकों को वैश्विक मामलों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना था. उन्होंने उन लगभग पांच लाख सब्सक्राइबर्स का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने वर्षों तक उनकी रिपोर्टिंग को पढ़ा और सराहा. वॉशिंगटन पोस्ट ने बड़ी संख्या में छंटनियों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है. अखबार ने अपने स्पोर्ट्स सेक्शन को पूरी तरह बंद कर दिया है. इसके साथ ही कई विदेशी ब्यूरो और बुक कवरेज सेक्शन पर भी ताला लग गया है. सबसे चौंकाने वाला फैसला मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) की पूरी रिपोर्टिंग टीम और संपादकों को हटाना रहा. पूर्व संपादकों ने की आलोचना अखबार के पूर्व कार्यकारी संपादक मार्टिन बैरन ने इस कदम को "खुद ब्रांड का खात्मा करना" करार दिया है. वहीं वर्तमान प्रबंधन का कहना है कि बदलती तकनीक और दर्शकों की आदतों के अनुसार खुद को ढालने के लिए यह "दर्दनाक लेकिन जरूरी" फैसला था. काहिरा ब्यूरो चीफ क्लेयर पार्कर और युद्ध क्षेत्र से रिपोर्टिंग करने वाली लिजी जॉनसन जैसी दिग्गज पत्रकारों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. वहीं पत्रकारिता के शिक्षाविदों और पूर्व कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि ये कटौतियां दुनिया के सबसे प्रभावशाली न्यूजरूम्स में से एक को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती हैं. काहिरा ब्यूरो प्रमुख क्लेयर पार्कर ने एक्स पर बताया कि उन्हें अख़बार की पूरी मिडिल ईस्ट रिपोर्टिंग टीम के साथ नौकरी से निकाल दिया गया है. उन्होंने इस फैसले को “समझ से परे” बताया. वहीं लिजी जॉनसन जिन्होंने हाल ही में युद्ध क्षेत्र जैसी परिस्थितियों में यूक्रेन से रिपोर्टिंग की थी ने भी पुष्टि की कि उन्हें भी नौकरी से हटा दिया गया है. पूरे पत्रकारिता जगत में इस फैसले को लेकर गुस्सा और हैरानी देखने को मिली. द अटलांटिक में लिखे एक लेख में वॉशिंगटन पोस्ट की पूर्व पत्रकार ऐश्ले पार्कर ने चेतावनी दी कि लगभग 150 वर्षों से अमेरिकी लोकतंत्र का स्तंभ रहे इस अखबार की मौजूदा दिशा उसकी विरासत को गंभीर खतरे में डाल रही है. एग्ज़ीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने इस फैसले को “दर्दनाक लेकिन ज़रूरी” बताया. उन्होंने स्टाफ से कहा कि बदलती तकनीक और दर्शकों की आदतों के अनुसार ढलने के लिए संगठन हर किसी के लिए सब कुछ नहीं बन सकता. कंपनी की बैठक के बाद कर्मचारियों को ईमेल के जरिए उनके भविष्य के बारे में बताया गया.   

टी20 वर्ल्ड कप वार्म-अप: भारत ने साउथ अफ्रीका को धो डाला, ईशान किशन की तूफानी पारी ने दिलाई जीत

नवी मुंबई आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम 4 फरवरी (बुधवार) को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मुकाबला खेलने उतरी. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 30 रनों से जबरदस्त जीत हासिल की. मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 241 रनों का टारगेट दिया था. टारगेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीकी टीम सात विकेट पर 210 रन ही बना सकी. भारतीय टीम की जीत में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा की अहम भूमिका रही. ईशान ने तूफानी अर्धशतक लगाया. वहीं अभिषेक ने गेंद और बल्ले से शानदार खेल दिखाया. भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप में उतरेगी, जहां उसका पहला मुकाबला 7 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) से होना है. रनचेज में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 45* रन ट्रिस्टन स्टब्स ने बनाए. स्टब्स ने 21 गेंदों का सामना किया और चार चौके के अलावा एक सिक्स लगाया. विकेटकीपर बल्लेबाज रयान रिकेल्टन ने 4 चौके और तीन छक्के की मदद से 21 बॉल पर 44 रन बनाए. वहीं कप्तान एडेन मार्करम ने रिटायर्ड आउट होने से पहले 19 गेंदों पर 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 2 चौके और चार छक्के शामिल रहे. जेसन स्मिथ ने 4 चौके और एक छक्के की सहायता से 23 गेंदों का सामना करते हुए 35 रन बनाए. जबकि मार्को जानसेन ने 31 रनों का योगदान दिया. भारत के लिए अभिषेक शर्मा ने सबसे ज्यादा दो विकेट झटके. अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, शिवम दुबे और अर्शदीप सिंह को एक-एक विकेट मिला. भारतीय बल्लेबाजों का धांसू प्रदर्शन टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 240 रन बनाए. ओपनिंग करने उतरे ईशान किशन ने 7 छक्के और दो चौके की मदद से सिर्फ 20 गेंदों पर 53 रनों का योददान दिया. वहीं चोट से उबरकर टीम में वापसी करने वाले तिलक वर्मा ने 19 गेंदों पर 41 रनों की इनिंग्स खेली. तिलक ने अपनी इनिंग्स में तीन चौके और तीन छक्के लगाए. वहीं अक्षर पटेल 23 बॉल पर 35 रन बनाकर नॉटआउट रहे, जिसमें 2 छक्के और दो चौके शामिल थे. कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या ने भी तूफानी बैटिंग करते हुए 30-30 रनों का योगदान दिया. साउथ अफ्रीका की ओर से एनिरक नॉर्किया, कॉर्बिन बॉश, मार्को जानसेन और क्वेना मफाका ने एक-एक सफलता हासिल की. टी20 विश्व कप के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा और कुलदीप यादव. टी20 विश्व कप के लिए साउथ अफ्रीका का फुल स्क्वॉड: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, जेसन स्मिथ, डेविड मिलर, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, क्वेना मफाका, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्किया और कगिसो रबाडा.  

UPSC के नए दिशा-निर्देश: IAS-IFS के लिए सिविल एग्जाम की पुनः अनुमति नहीं, IPS को मिलेगा नया विकल्प

 नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के साल 2026 के एग्जाम के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके तहत उम्मीदवार 4 फरवरी से लेकर 24 फरवरी 2026 के बीच एप्लीकेशन फॉर्म फिल कर सकते हैं. ऐसे में जो भी उम्मीदवार UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, जल्द से जल्द आवेदन कर लें.  नोटिफिकेशन के साथ ही आयोग ने कई नए बदलाव भी किए हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में.  इतने पदों पर निकली भर्ती  इस साल कुल 933 पदों पर भर्ती निकली है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी है. नए नियमों के तहत IAS, IFS और विशेष रूप से IPS में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को लेकर भी कई सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं.  फेस ऑथेंटिकेशन पर होगा जोर  इस साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में नए तरह से ऑथेंटिकेशन किया जाएगा. बता दें कि इस बार से परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों का फेस ऑथेंटिकेशन होगा. सुरक्षित और सही तरह से परीक्षा प्रक्रिया को करवाने के लिए सभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से फेस ऑथेंटिकेशन करवाना होगा. योग्यता  जो भी उम्मीदवार इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) के लिए अप्लाई कर रहे हैं उनके पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है. वहीं, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) उम्मीदवारों को एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री जरूरी है.  बदलावों पर दें ध्यान  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके साथ ही उन उम्मीदवारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो पहले से इस सेवा में हैं. बता दें कि आयोग ने कहा है कि जो पहले से ही किसी सेवा में चयनित हो चुके हैं. वे CSE के जारी पदों पर आवेदन नहीं कर सकते हैं. इतना ही नहीं अगर किसी उम्मीदवार का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेंस एग्जाम के पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उसे मेंस देने की अनुमति नहीं मिलेगी. वहीं, IPS के लिए भी एक नया नियम है. अगर कोई भी उम्मीदवार पिछली परीक्षाओं के आधार पर IPS के लिए चुना जा चुका है, तो वह 2026 के रिजल्ट के आधार पर दोबारा IPS कैडर का विकल्प नहीं चुन पाएगा.  उम्मीदवारों को देना होगा ध्यान   UPSC ने उन उम्मीदवारों के लिए भी नियमों में बदलाव किए हैं, जो 2026 में ग्रुप A सेवा में चयन होने के बाद फिर से एग्जाम देना चाहते हैं. ऐसे उम्मीदवारों को तभी एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा जब, वे संबंधित विभाग से 'ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट मिल जाए. लेकिन अगर वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं होते हैं और छूट भी नहीं लेते, तो उनका 2026 वाला आवेदन रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही अगर वे साल 2027 में फिर से सफल होते हैं, तो उन्हें दोनों में से एक सेवा चुननी होगी और दूसरी रद्द मानी जाएगी.  वन-टाइम अपॉर्चुनिटी गौर करने वाली बात यह भी है कि जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं, उन्हें अपने बचे हुए अटेम्पट्स को यूज करने के लिए 2026 या 2027 में एक लास्ट मौका दिया गया है (बिना इस्तीफा दिए). लेकिन अगर कोई उम्मीदवार 2028 या उसके बाद की सिविल सेवा परीक्षा में बैठना चाहता है, तो उसे अपनी वर्तमान पोस्ट से इस्तीफा देना होगा.  डिजिटल सुरक्षा और आवेदन प्रक्रिया  AI और आधार लिंक: परीक्षा केंद्रों पर पहचान की चोरी (Impersonation) रोकने के लिए AI-बेस्ड फेशियल रिकॉग्निशन और आधार-लिंक्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है. अब पुराने OTR के बजाय चार-चरणों वाला एक नया डिजिटल पोर्टल है जहां आधार वेरिफिकेशन के जरिए ही फॉर्म भरा जाएगा.