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दुर्लभ संयोग में आएगी महाशिवरात्रि: 6 ग्रहों का योग, भक्तों के लिए शुभ; महाकाल मंदिर सजने लगा

उज्जैन  पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी के संधिकाल में महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस साल यह पर्व 15 फरवरी, रविवार को है। इस दिन सूर्य, बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में, केतु सिंह राशि में और चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेगा। इस बार त्रिकोण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिष पंडित अमर डिब्बावाला के अनुसार, ऐसा दुर्लभ योग करीब 19 साल बाद बन रहा है। इससे पहले यह 2007 में हुआ था। चार प्रहर की पूजा का महत्व शिव महापुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा प्रदोष काल से लेकर मध्य रात्रि और ब्रह्म मुहूर्त तक की जाती है। श्रद्धालु अपने संकल्प के अनुसार इसे अकेले या परिवार सहित कर सकते हैं। शिव पूजा कैसे करें महाशिवरात्रि के दिन स्नान के बाद भगवान शिव का पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन करना चाहिए। व्रती अन्न ग्रहण नहीं करें और क्रोध, लालच, नशा और बुराइयों से दूर रहें। पूरे दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप शुभ माना जाता है। पूजा उत्तर दिशा की ओर मुख करके करनी चाहिए। माथे पर चंदन या भस्म का त्रिपुंड लगाएं और शिवलिंग पर पहले से चढ़ी सामग्री हटाकर बिल्वपत्र धोकर पुनः प्रयोग करें। शिवरात्रि और विवाह नहीं महाशिवरात्रि केवल भगवान शिव की आराधना और भक्ति का पर्व है, यह शिव-पार्वती के विवाह के कारण नहीं मनाया जाता। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ विद्वत परिषद के रूपेश मेहता के अनुसार, शिव महापुराण में इसे भगवान शिव की उत्पत्ति और ब्रह्मा-विष्णु के अहंकार को समाप्त करने के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। धार्मिक ग्रंथों में स्पष्ट किया गया है कि शिव और पार्वती का विवाह महाशिवरात्रि पर नहीं हुआ था। ज्योतिषाचार्य  ने बताया महाशिवरात्रि पर सूर्य, बुध, शुक्र व राहु यह कुंभ राशि पर गोचरस्थ रहेंगे। वहीं केतु सिंह राशि में अवस्थित होंगे तथा चंद्रमा का संचार मकर राशि पर रहेगा। एक बात स्पष्ट है कि महाशिवरात्रि का पर्व काल मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में ही आता है। लेकिन शिव आराधना के इस विशिष्ट काल खंड में शेषग्रह अगर एक साथ रहते हैं, तो यह साधना, आराधना की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अलग-अलग प्रहर में इसकी पूजा का विशेष शुभफल प्राप्त होता है। महाकाल मंदिर में तैयारियां शुरू 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 6 फरवरी से शिवरात्रि पर्व के तहत मंदिर के मुख्य शिखर की धुलाई, मंदिर परिसर की रंग-रोगन, कोटितीर्थ कुंड की सफाई और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया है। मंदिर प्रांगण में स्थित 40 मंदिरों की पुताई का काम अंतिम चरण में है। इस संबंध में मंगलवार शाम कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और समिति सदस्यों के साथ बैठक कर दर्शन व्यवस्था को अंतिम रूप देंगे। चार प्रहर की पूजा से मिलती है सिद्धि और सफलता शिव महापुराण के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की कृपा पाने के लिए चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा प्रदोष काल से लेकर निशिथ काल (मध्य रात्रि) और ब्रह्म मुहूर्त तक की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु अपने संकल्प के अनुसार सपरिवार या साधक विशेष पूजा-अनुष्ठान कर सकते हैं। ऐसे करें शिव पूजा महाशिवरात्रि के दिन स्नान के बाद भगवान शिव का पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन करना चाहिए। जो लोग व्रत रखते हैं, उन्हें अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। इस दिन क्रोध, काम, नशा, लालच और चोरी जैसी बुराइयों से दूर रहना चाहिए। पूरे दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करते रहना शुभ माना जाता है। शिव पूजा उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना अधिक शुभ होता है। पूजा के समय माथे पर चंदन या भस्म का त्रिपुंड अवश्य लगाएं। पूजा से पहले शिवलिंग पर पहले से चढ़ी हुई सामग्री हटा देनी चाहिए। बिल्वपत्र को धोकर दोबारा पूजा में उपयोग किया जा सकता है। शिवरात्रि पर नहीं हुआ था शिव-पार्वती का विवाह शिवरात्रि सनातन धर्म में भगवान शिव की कृपा, भक्ति और आराधना का पर्व है। यह पर्व शिवतत्व को समझने और पूजा-अर्चना करने के लिए मनाया जाता है, न कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के कारण। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ विद्वत परिषद के रूपेश मेहता के अनुसार, शिव महापुराण में शिवरात्रि को भगवान शिव की उत्पत्ति का दिन बताया गया है। इसे ब्रह्मा और विष्णु के अहंकार को समाप्त करने और सृष्टि चक्र की शुरुआत के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। इसी कारण इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है। धार्मिक ग्रंथों में यह स्पष्ट किया गया है कि भगवान शिव का विवाह माता सती और माता पार्वती से अलग-अलग समय पर हुआ था। दोनों विवाह फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (महाशिवरात्रि) पर नहीं हुए थे।

मोहन सरकार की नई गाइडलाइन: अफसर छुट्टी पर नहीं जा सकेंगे, मुख्यालय से दूरी पर लगेगा पाबंद

भोपाल  मध्यप्रदेश में विधानसभा के बजट सत्र को लेकर सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त शिकंजा कस दिया है। सरकार ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय (Headquarters) नहीं छोड़ेगा। आदेशों का उल्लंघन करने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा, जिसमें राज्य का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने और विधानसभा प्रश्नों के समय पर जवाब सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ा तो एक्शन तय विधानसभा सत्र को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के जिला कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।  आदेश के मुताबिक— अधिकारी किसी भी हाल में बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे.. अपरिहार्य स्थिति में अपर कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य,अवकाश के लिए भी पूर्व स्वीकृति जरूरी,नियम तोड़ने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। विधानसभा प्रश्नों पर खास फोकस सरकार ने विधानसभा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए — नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश, विधानसभा प्रश्नों के तत्काल और सही उत्तर भेजने की जिम्मेदारी ,जिला कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं। स्पष्ट किया गया है कि प्रश्नों के जवाब में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का साफ संदेश सरकार का स्पष्ट संदेश है — बजट सत्र के दौरान प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा। मुख्यालय से गैरहाजिरी अब नहीं चलेगी। लापरवाही पर सीधा एक्शन होगा।

यशोदा जयंती की सही तिथि क्या है? शुभ मुहूर्त, पूजा नियम और आध्यात्मिक महत्व जानें

सनातन धर्म में जब भी मां और बेटे के निस्वार्थ प्रेम की बात की जाती है, तो मां यशोदा और श्रीकृष्ण का नाम सबसे पहले याद किया जाता है. बिना माता यशोदा के भगवान श्रीकृष्ण की कथा कभी पूरी नहीं होती है. पौराणिक परंपरा के अनुसार, हर साल फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की षष्टि तिथि के दिन यशोदा जयंती मनाई जाती है. ये पावन पर्व मां की ममता को समर्पित किया गया है, जोकि माता यशोदा के जन्मदिवस पर मनाया जाता है. भले ही श्रीकृष्ण का जन्म मां देवकी के गर्भ से हुआ, लेकिन संसार उनको यशोदा के लाल के रूप में ही जानता है. माता यशोदा ने ही नन्हे से श्रीकृष्ण का स्नेह, ममता और प्रेम से पालन-पोषण किया था. यशोदा जयंती के दिन विधि-विधान से माता यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से विवाहित स्त्रियों की सूनी गोद भर जाती है. इस दिन व्रत भी रखा जाता है. यशोदा जयंती का व्रत रखने से संतान सुख की प्राप्ति होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल यशोदा जयंती कब मनाई जाएगी? साथ ही जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व. यशोदा जयंती 2026 डेट और शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन कृष्ण षष्ठी तिथि की शुरुआत 7 फरवरी को रात 01 बजकर 18 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन 8 फरवरी को रात 02 बजकर 54 मिनट पर होगा. सनतान धर्म में उदयातिथि मानी जाती है. ऐसे में उदयातिथि के नियम के अनुसार, साल 2026 में यशोदा जयंती 7 फरवरी को मनाई जाएगी. यशोदा जयंती पूजा विधि यशोदा जयंती पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. इसके बाद माता यशोदा के व्रत का संकल्प लें. फिर घर के मंदिर या पवित्र स्थान पर चौकी लगाकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. उस पर माता यशोदा के साथ बाल श्रीकृष्ण की मूर्ति या चित्र रखें. पूजा के दौरान दीपक, अगरबत्ती जलाएं. पुष्प, तुलसी दल, चंदन, हल्दी, कुमकुम और नारियल चढाएं. माता यशोदा को लाल चुनरी चढ़ाएं. भगवान श्रीकृष्ण और माता यशोदा को माखन-मिश्री का भोग लगाएं. साथ ही फल, दही, खीर और मिठाइयां चढाएं. ॐ कृष्णाय नमः मंत्र का जाप करें. माता यशोदा-कृष्ण की वात्सल्य कथा का पाठ करें. पूजा का समापन आरती के साथ करें. दिनभर व्रत रखें. सायंकाल पूजा के बाद फलाहार करें. जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र का दान दें. यशोदा जयंती का महत्व यशोदा जयंती का व्रत रखने महिलाओं को श्रीकृष्ण जैसी गुणी संतान मिलती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यशोदा जयंती के दिन विधि-विधान से पूजन और व्रत करने से संतान प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं. इतना ही नहीं संतान के जीवन में सुख-सौभाग्य भी बढ़ता है.

शुभ-अशुभ का इशारा? जानिए आंखों के फड़कने का मतलब

सामुद्रिक शास्त्र प्राचीन भारतीय विद्याओं में शामिल है. ये व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि शरीर की बनावट और अंगों की गतिविधियों के आधार पर भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत मिलता है. अक्सर व्यक्ति का कोई न कोई अंग फड़कता है. शरीर के अंगों की फड़कन एक शारीरिक क्रिया मान ली जाती है. वहीं सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, शरीर के अंगों में होने वाली फड़कन आने समय की चेतावनी या शुभ संकेत देती है. सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि शरीर के कुछ अंगों का फड़कना बहुत शुभ और लाभकारी माना जाता है. जबकि कुछ अंगों का फड़कना बहुत अशुभ और नुकसान होने का संकेत देता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आंखों का फड़कना शुभ संकेत देता है या अशुभ. पुरुषों की दाईं आंख फड़कना होता है शुभ आंखों का फड़कना सबसे ज्यादा महसूस होता है. इसके मायने भी गहरे होते हैं. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, पुरुषों की दाईं आंख का फड़कना बहुत ही शुभ माना जाता है. अगर किसी पुरुष की दाईं आंख फड़कती है, तो इसका अर्थ है कि उसको जीवन में कोई खुशखबरी मिलने वाली है. लंबे समय से रुका हुआ कोई काम पूरा होने वाला है. दूसरी ओर महिलओं की दाईं आंख का फड़कना शुभ नहीं होता. महिलाओं की बाईं आंख फड़कना है शुभ महिलओं की दाईं आंख का फड़कना अशुभ होता है. ये किसी दुखद समाचार के मिलने का संकेत हो सकता है. महिलाओं की बायीं आंख फड़कना शुभ माना जाता है. अगर किसी महिला की बायीं आंख फड़क रही है, तो उसको जीवन में कोई अच्छी खबर मिल सकती है. धन लाभ हो सकता है. रुका हुआ पैसा मिल सकता है. नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है. ये घर में खुशखबरी या संतान सुख मिलने का संकेत भी होता है. पुरुषों व महिलाओं की ये आंख का फड़कना अशुभ सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, पुरुषों की बाईं और महिलाओं की दाईं आंख का फड़कना बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता है. ये जीवन में संघर्ष और परेशानियों की ओर इशारा करता है.

राजस्थान निकाय चुनाव अपडेट: MP से EVM किराए पर, करार पर हुई मुहर

 ग्वालियर राजस्थान राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए मध्य प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें किराए पर लेगा. प्रदेश के चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि EVM की उपलब्धता के संबंध में राजस्थान और मध्य प्रदेश के राज्य चुनाव आयोगों के बीच एक अतिरिक्त MoU साइन किया गया है. उन्होंने कहा कि MoU के तहत, मध्य प्रदेश राज्य चुनाव आयोग शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में इस्तेमाल के लिए राजस्थान को किराए पर 30 हजार कंट्रोल यूनिट और 60 हजार बैलेट यूनिट देगा. उन्होंने कहा कि EVM की सप्लाई, इस्तेमाल, रखरखाव, सुरक्षा और वापसी से संबंधित सभी शर्तों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा. राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया- MOU के तहत मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग को चुनावों के लिए कुल 30 हजार कंट्रोल यूनिट और 60 हजार बैलेट यूनिट किराए पर उपलब्ध कराई जाएंगी। स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिए मध्यप्रदेश से मंगाई जाएंगी ईवीएम मशीन। (फाइल फोटो) इन्होंने कहा कि इन ईवीएम का उपयोग प्रदेश में नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में किया जाएगा। ईवीएम की आपूर्ति, उपयोग, रख-रखाव, सुरक्षा और वापसी से संबंधित सभी शर्तें भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सुनिश्चित की जाएंगी। ईवीएम के तकनीकी परीक्षण (एफ.एल.सी.), मरम्मत और आवश्यक तकनीकी सहयोग का काम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (ईसीआईएल), हैदराबाद के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा किया जाएगा। राजेश्वर सिंह ने यह भी कहा कि यह समझौता दोनों आयोगों के बीच EVM की उपलब्धता और इस्तेमाल पर पहले हुई सहमति का ही विस्तार है. चुनाव अधिकारी ने कहा कि EVM की सुरक्षा, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और संचालन की व्यवस्था निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी और मशीनों के लिए टेक्निकल टेस्टिंग (फर्स्ट-लेवल चेकिंग), मरम्मत और जरूरी टेक्निकल सपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) हैदराबाद के इंजीनियर करेंगे.

पोस्टपार्टम पीरियड में सिरदर्द क्यों होता है? डॉक्टर से समझें माइग्रेन और उससे निपटने के उपाय

मां बनना बेहद खूबसूरत एहसास है, लेकिन इसके बाद कई फिजिकल और मेंटल बदलावों से गुजरना पड़ता है, जो आसान नहीं होते। डिलीवरी के बाद कई महिलाएं तेज सिरदर्द से भी परेशान रहती हैं, जिसे पोस्टपार्टम माइग्रेन कहा जाता है। कई महिलाएं इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। इस बारे में डॉ. मानसी कुमार (सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्स्ट्रेटिक्स एंड गायनेकोलॉजी, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से जानते हैं कि यह समस्या है क्या और इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है।   क्या है पोस्टपार्टम माइग्रेन और इसके लक्षण? प्रसव के बाद होने वाला माइग्रेन सामान्य सिरदर्द से कहीं ज्यादा गंभीर होता है। यह बार-बार होने वाला एक तेज दर्द है, जिसके साथ महिला को कुछ समस्याएं हो सकती हैं, जैसे-     जी मिचलाना     रोशनी या शोर के परेशानी होना     देखने में दिक्कत या धुंधलापन हैरानी की बात यह है कि यह माइग्रेन उन महिलाओं को भी हो सकता है जिन्हें प्रेग्नेंसी से पहले कभी माइग्रेन की शिकायत नहीं रही हो। आखिर क्यों होता है यह दर्द? इसका मुख्य कारण प्रसव के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में अचानक आने वाली गिरावट है। इसके अलावा कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं-     नींद की भारी कमी और शारीरिक थकान     तनाव और बच्चे की देखभाल का दबाव     शरीर में पानी की कमी और एनीमिया (खून की कमी)     ब्रेस्ट फीडिंग से जुड़े शारीरिक बदलाव इसे मैनेज करने के तरीके     आराम को प्राथमिकता- जब भी मौका मिले, भरपूर नींद लें और आराम करें।     खान-पान का ध्यान- शरीर में पानी की कमी न होने दें और आयरन व पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाएं।     ट्रिगर्स की पहचान- समय पर खाना न खाना या बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम माइग्रेन को बढ़ा सकता है, इनसे बचें।     स्ट्रेस मैनेजमेंट- हल्की वॉक और रिलैक्सेशन तकनीकें रिकवरी में मदद करती हैं। डॉक्टर से सलाह कब लें? डॉ. मानसी कुमार चेतावनी देती हैं कि अगर सिरदर्द लगातार बना रहता है या गंभीर है, तो इसकी जांच करवाना जरूरी है, खासकर ब्रेस्टफीड करवाने वाली महिलाओं के लिए। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें, क्योंकि कुछ पेनकिलर ब्रेस्टफीडिंग के दौरान असुरक्षित हो सकते हैं। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं अगर सिरदर्द अचानक और बहुत तेज हो, सिरदर्द के साथ धुंधला दिखे या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो, बुखार,कन्फ्यूजन या बहुत ज्यादा बेचैनी महसूस हो।

बच्चों के सामने झलक पड़ता है सीएम योगी का कोमल हृदय, समाज को जोड़ती है सीएम की बच्चों से यह दोस्ती

सीएम योगी का बाल प्रेम  जनसेवा, संवेदना और सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं मुख्यमंत्री सीएम योगी के पास पहुंच कर बालहठ के साथ निश्छल मन से अपनी बात रखते हैं प्रदेश भर के बच्चे  बच्चों के सामने झलक पड़ता है सीएम योगी का कोमल हृदय, समाज को जोड़ती है सीएम की बच्चों से यह दोस्ती बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा पर सीएम योगी का है विशेष फोकस एडमिशन, उपचार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराते हैं मुख्यमंत्री  लखनऊ  नर्सरी में एडमिशन कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची मासूम बच्ची की जिद हो या चॉकलेट की मांग करने वाले बच्चों की हठ। जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे उन्हीं से मिलकर सहजता से अपनी जिद मनवा लेते हैं। कहते हैं, ‘बच्चे मन के सच्चे’, वे अपने दिल की भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं, यही भाव उस समय सामने आया, जब सीएम योगी आदित्यनाथ को देखते ही एक छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया। सीएम ने भी मुस्कुराते हुए बच्ची को खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए कहा। उनका यह बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री के बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद के कई दृश्य समय-समय पर सामने आते रहते हैं। विगत सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद इन दिनों चर्चा में है। अपने एडमिशन के लिए जिद, फिर एबीसीडी व कविता सुनाकर अनाबी ने सीएम का दिल जीत लिया। वहीं मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब सुनकर खिलखिलाकर हंसना भी उनके बालप्रेम को प्रकट करता है। बच्चों से अत्यंत आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं। बीते दिनों ‘जनता दर्शन’ में दो साल की अनन्या से संवाद भी लोगों के मन को छू गया। इसी तरह 31 दिसंबर को मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों पर एफआईआर व तत्काल गिरफ्तारी भी कराई। यह मामला सीएम की जन समस्याओं के प्रति गंभीरता को प्रकट करते हुए स्पष्ट संदेश देता है कि वे कानून व्यवस्था, बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों का समाधान कराने में तनिक भी विलंब नहीं करते।  कानपुर की मूक-बधिर युवती खुशी गुप्ता की कहानी भी इन दिनों हर किसी की जुबां पर है। मुख्यमंत्री से मिलने की उसकी जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अपनत्व से भाव-विभोर खुशी की ‘अनकही भावनाओं’ ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के बीच मुख्यमंत्री की ‘प्रदेश ही परिवार’ धारणा की विश्वसनीय तस्वीर पेश की।  ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा, गोरखपुर की पंखुड़ी और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है। कानपुर की नन्ही मायरा ने कहा था कि मैं बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। इस पर सीएम ने तत्काल उसका प्रवेश कराने का निर्देश दिया। वाची ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं,  सीएम ने उसका भी प्रवेश कराया। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराया। गणतंत्र दिवस परेड में भी सीएम के पास पहुंच गए बच्चे 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए। सभी ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई, उनसे बातचीत की। सीएम ने उन्हें दुलारा और एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर अपना वात्सल्य भाव प्रकट किया।   वृद्ध मां के दर्द से द्रवित सीएम ने कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल बीते सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाल प्रेम, जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

गांवभर में कर रही थी बदनाम, सहेलियों ने पीट-पीटकर की महिला की हत्या

गरियाबंद. जिले में एक महिला से बर्बरता के बाद उसकी ही सहेलियों ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. आरोपियों ने पहले महिला के प्राइवेट पार्ट पर जबरदस्ती लाल मिर्च डाल दिया. आपा खो चुकी दोनों आरोपी महिला ने डंडे से जमकर पीट, साथ ही लात-घूंसों से हमलाकर हत्या कर दी. मृतिका की पहचान सुमित्रा नेताम (37) के रूप में हुई है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वारदात समाज में बदनाम करने और चरित्र पर आरोप लगाने की रंजिश के कारण अंजाम दिया गया है. मृतका की पहचान सुमित्रा नेताम (37) के रूप में हुई है. पूरा मामला मैनपुर ब्लाक के शोभा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गरीबा का है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी सुगतिन नेताम (36) और ईतवारिन बाई (46) के चरित्र को लेकर सुमित्रा गांव में लोगों के बीच आरोप लगाने लगी थी, जिससे उनकी सामाजिक छवि धूमिल हो रही थी. इसी बात को लेकर तीनों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था. घटना के दिन दोनों आरोपी महिलाएं सुमित्रा को सबक सिखाने के इरादे से उसके घर पहुंची थी. आरोप है कि आरोपियों ने सुमित्रा के साथ गंभीर शारीरिक हिंसा की. दोनों महिलाओं ने सुमित्रा के घर पहुंचकर पहले उसके गुप्तांग में लाल मिर्च और अन्य ज्वलनशील पदार्थ डालकर तड़पाया, फिर सीने पर चढ़कर डंडे और लात-घूंसों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. घटना के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की. शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है.

ईशान का धमाकेदार उछाल, ICC रैंकिंग में 32 स्थान की बढ़त; नंबर-1 ऑलराउंडर बना पाक खिलाड़ी

 नई दिल्ली पाकिस्तान के ओपनर सैम अयूब ने शानदार हालिया प्रदर्शन का पूरा फायदा उठाते हुए ICC मेंस T20I ऑलराउंडर रैंकिंग में टॉप पोजीशन हास‍िल कर ली है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सरज़मीं पर खेली गई तीन मैचों की T20I सीरीज़ में 3-0 से मिली जीत के बाद सैम अयूब नंबर-1 बन गए हैं और उन्होंने ज‍िम्बाब्वे के अनुभवी खिलाड़ी सिकंदर रजा को पीछे छोड़ दिया है. 23 वर्षीय सैम अयूब ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में 119 रन बनाए और तीन विकेट भी हासिल किए थे . ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप के आगाज से ठीक पहले आई यह रैंकिंग पाकिस्तान के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि टीम 2009 के बाद अपने दूसरे T20 वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में उतरने जा रही है. पाकिस्तान के लिए खुशखबरी यहीं खत्म नहीं होती. स्पिनर अबरार अहमद ने T20I गेंदबाजों की रैंकिंग में दो स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में छह विकेट लेने वाले अबरार अब भारत के वरुण चक्रवर्ती से सिर्फ 28 रेटिंग अंक पीछे हैं. इसके अलावा मोहम्मद नवाज ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. आखिरी मुकाबले में पांच विकेट लेने के बाद नवाज गेंदबाज़ों की रैंकिंग में आठ स्थान ऊपर चढ़कर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं. ऑलराउंडर्स की सूची में भी नवाज एक पायदान ऊपर चढ़कर चौथे स्थान पर आ गए हैं. बल्लेबाजों की रैंकिंग में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने 12 स्थान की छलांग लगाकर 29वां स्थान हासिल किया, जबकि सैम अयूब आठ स्थान ऊपर चढ़कर 27वें नंबर पर पहुंचे. टॉप-10 बल्लेबाजों में अभिषेक शर्मा अपनी बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं जोस बटलर, पथुम निसंका, सूर्यकुमार यादव और टिम सिफर्ट को एक-एक स्थान का फायदा मिला है. ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन, साउथ अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक, भारत के ईशान किशन और रायन रिकेलटन ने भी बल्लेबाजों की रैंकिंग में बड़ा सुधार किया है. गेंदबाजरें में इंग्लैंड के आदिल राशिद और न्यूज़ीलैंड के मिचेल सैंटनर की रैंकिंग में भी बढ़त देखने को मिली है. ईशान किशन ने 32 पायदान की लगाई छलांग  बुधवार को आई टी20 रैंकिंग ईशान किशन ने 32 पायदान की छलांग लगाकर 32वें नंबर के टी20 बल्लेबाज बन गए हैं . अभ‍िषेक शर्मा 917 रेटिंग पॉइंट के साथ नंबर 1 बल्लेबाज बने हुए हैं. त‍िलक वर्मा 1 पायदान की ग‍िरावट के साथ नंबर 4 पर काब‍िज हैं. सूर्युकुमार यादव की 1 पायदान का फायदा हुआ है, और वो 728 रेट‍िंग पॉइंट के साथ छठे नंबर के टी20 बल्लेबाज हैं. 

ट्रेड डील की हलचल में भारत-चीन व्यापार का रिकॉर्ड उछाल, चीनी राजदूत की प्रतिक्रिया सामने

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने की खबरों के बीच चीनी राजदूत ने भी एक खुशखबरी दी है। चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने मंगलवार को बताया जी कि भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 155 अरब अमेरिकी डॉलर के 'रिकॉर्ड उच्च स्तर' पर पहुंच गया है। यह पिछले साल की तुलना में हुए व्यापार से करीब 12 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि चीन को भारत का निर्यात भी 9.7 फीसदी बढ़ गया है, जो आर्थिक सहयोग की कई संभावनाओं को रेखांकित करता है। राजदूत चीनी नव वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने इस दौरान कहा है कि चीन भारत के ब्रिक्स की अध्यक्षता करने का समर्थन करता है और भारत के साथ बहुपक्षीय समन्वय को मजबूत करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि चीन 'ग्लोबल साउथ' के विकास को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर बात करते हुए, जू ने कहा कि पिछले साल तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद चीन और भारत के संबंधों में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में एक सफल बैठक की, जिससे चीन-भारत संबंध 'रीसेट और नई शुरुआत' से सुधार के एक नए स्तर पर पहुंचे।”