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31 साल की मीराबाई चानू ने तोड़ा तीन नेशनल रिकॉर्ड, ओलंपिक मेडलिस्ट ने मचाई धूम

नई दिल्ली  नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में मीराबाई चानू का दमदार प्रदर्शन देखने को मिला है। यूपी के मोदीनगर में इस इवेंट का आयोजन किया जा रहा है। चानू ओलिंपिक में सिल्वर मेडल भी जीत चुके हैं। 48 किग्रा कैटेगरी में उन्होंने तीन नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिए। 31 साल के इस खिलाड़ी ने स्नैच में 89 किग्रा वजन उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में वह 116 किग्रा भार उठाने में सफल रहीं। इस तरह उन्होंने कुल 205 किलो वजन उठाया। अखिल भारतीय पुलिस की राधा सोनी ने 183 किलो के साथ सिल्वर जबकि कोमल कोहर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 48 किग्रा कैटेगरी में स्नैच, क्लीन एंड जर्क के साथ ही यह ओवरऑल वजन का नेशनल रिकॉर्ड है। उन्होंने आसानी से 89 किग्रा का वजन उठाया। इसके बाद मीराबाई चानू की कोशिश 91 किग्रा उठाने की थी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका कुल 205 किलोग्राम का स्कोर 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतते समय उठाए गए वजन से 6 किलो ज्यादा है। तब उन्होंने 199 किलो वजन उठाया था। यह परफॉर्मेंस उनके पर्सनल बेस्ट जो उन्होंने 2021 एशियन चैंपियनशिप में 49 किग्रा कैटेगरी में हासिल किया था। 90 किलो पार करने का लक्ष्य है चानू ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद पीटीआई से कहा, ‘बहुत खुश हूं। इस प्रदर्शन से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले मैं 49 किग्रा हिस्सा ले रही थी, 48 किग्रा में ऐसा रिजल्ट हासिल करना बहुत बड़ी बात है। मुझे उम्मीद है कि अगली प्रतियोगिता में मैं 90 किग्रा का आंकड़ा पार कर लूंगी। आज भी मैंने कोशिश की थी, लेकिन मेरी ठीक से ट्रेनिंग नहीं हुई थी तो मैं ऐसा नहीं कर पाई। लेकिन एक बार जब ट्रेनिंग पूरी रफ्तार से शुरू हो जाएगी तो मुझे यकीन है कि मैं 90 किग्रा वजन उठा लूंगी।’ टोक्यो ओलिंपिक में मीराबाई चानू ने 49 किग्रा कैटेगरी में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था। 2024 में वह चौथे स्थान पर रहकर मेडल से चूक गई थीं। हालांकि बाद में इस कैटेगरी को हटा दिया गया। इसकी वजह से चानू को 48 किग्रा में शिफ्ट होना पड़ा। 

RBI MPC Update: रेपो रेट में बदलाव नहीं, GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, महत्वपूर्ण निर्णय

 नई दिल्‍ली  भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. 5.25 फीसदी पर रेपो रेट को अनचेंज रखा है, जिसका मतलब है कि आपके लोन की ईएमआई पर कोई असर नहीं होगा. रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक में रेपो रेट को नहीं बदलने का फैसला किया है.  एमपीसी बैठक के फैसले पर अपडेट देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि जहां ग्‍लोबल लेवल पर अनिश्चितता फैली हुई है, वहीं भारत में महंगाई पूरी तरह से कंट्रोल है. महंगाई दर आरबीआई के सीमा से नीचे बना हुआ है.  महंगाई दर 4 फीसदी के आसपास बना हुआ है, जिसका मतलब है कि हमारी इंडस्‍ट्री और देश पर महंगाई का ज्‍यादा भार नहीं है.  जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि अगले दो दिनों में भारत को जीडीपी और महंगाई दोनों के लिए एक नया बेस ईयर मिलने वाला है. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है और घरेलू महंगाई और विकास के महंगाई सकारात्मक हैं. केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को 7.3 प्रतिशत से संशोधित करके 7.4 प्रतिशत कर दिया है. उन्होंने कहा कि बजट 2026 में घोषित कई उपाय विकास के लिए अनुकूल होंगे, साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहेगी.  भारत-अमेरिका डील से निर्यात को मजबूती उन्होंने कहा कि बजट 2026 में घोषित कई उपाय विकास के लिए अनुकूल होंगे और सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहेगी. इसके अलावा, उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता  का भी जिक्र किया और कहा कि इन डील्‍स से भारत के निर्यात को मजबूती मिलेगी.  रेपो रेट में बदलाव नहीं होने के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. सेंसेक्‍स 340 अंक टूटकर 83000 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 150 अंक गिरकर 25500 के नीचे कारोबार कर रही थी. बैंक निफ्टी में भी करीब 300 अंकों की गिरावट देखने को मिली. आज ऑटो, बैंकिंग और रियल एस्टेट शेयरों में गिरावट देखी गई. बीएसई ऑटो इंडेक्स 542 अंक गिरकर 60,803 पर आ गया, जबकि बीएसई बैंकएक्स 158 अंक गिरकर 67,378 पर पहुंच गया. इसी दिन बीएसई रियल्टी इंडेक्स भी 49 अंक गिरकर 6,343 पर आ गया. 

WPL: RCB ने दिल्ली को हराया, इतिहास रचते हुए दूसरी बार बनी चैंपियन

 वडोदरा  महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के फाइनल में गुरुवार (5 फरवरी) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से हुआ. वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में आरसीबी ने छह विकेट से जीत हासिल की. दिल्ली ने आरसीबी को जीत के लिए 204 रनों का टारगेट दिया था, जिसे उसने आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर हासिल कर लिया. डब्यूपीएल में ये अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा. आरसीबी ने दूसरी बार डब्ल्यूपीएल खिताब जीता है. इससे पहले 2024 में भी ये खिताब जीतने में सफल रही है. उधर दिल्ली कैपिटल्स एक बार फिर खिताब नहीं जीत सकी. दिल्ली कैपिटल्स चारों सीजन फाइनल में पहुंची, लेकिन निराश हाथ लगी. बता दें कि 2023 और 2025 का डब्ल्यूपीएल सीजन मुंबई इंडियंस (MI) ने अपने नाम किया था. स्मृति ने खेली कप्तानी पारी, वॉल भी चमकीं चेज में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने ग्रेस हैरिस (9 रन) का विकेट सस्ते में गंवा दिया. हैरिस को चिनेले हेनरी ने बोल्ड किया. यहां से स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल ने जबरदस्त बैटिंग की. वॉल और स्मृति के बीच दूसरे विकेट के लिए 92 गेंदों पर 165 रनों की साझेदारी हुई. यह महिला प्रीमियर लीग में किसी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी रही. वॉल ने 54 गेंदों पर 79 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल रहे. वॉल के आउट होने के बाद ऋचा घोष क्रीज पर उतरीं, लेकिन वो सिर्फ 6 रन बनाकर चलती बनीं. अब स्मृति मंधाना पर जिम्मेदारी थी कि वो टीम को जीत की मंजिल तक ले जाएं, लेकिन उनकी शानदार इनिंग्स का अंत चिनेले हेनरी ने किया. स्मृति ने 41 गेंदों का सामना करते हुए 87 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. आखिरी ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 10 रन चाहिए थेे. उस ओवर में राधा यादव ने पहली गेंद पर एक रन लिया. फिर नादिन डिक्लर्क ने भी एक रन पूरा किया. इसके बाद राधा यादव ने दो चौके लगाकर मैच आरसीबी की झोली में ला दिया. WPL फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 87 (41)- स्मृति मंधाना बनाम दिल्ली कैपिटल्स, वडोदरा, 2026 79 (54)- जॉर्जिया वॉल बनाम दिल्ली कैपिटल्स, वडोदरा, 2026 66 (44)- हरमनप्रीत कौर बनाम दिल्ली कैपिटल्स, ब्रेबोर्न, 2025 60* (55)- नेट साइवर-ब्रंट बनाम दिल्ली कैपिटल्स, ब्रेबोर्न, 2023 57 (37)- जेमिमा रोड्रिग्स बनाम आरसीबी, वडोदरा, 2026 WPL में सबसे बड़ी साझेदारियां (किसी भी विकेट के लिए) 165- स्मृति मंधाना & जॉर्जा वॉल (आरसीबी) vs दिल्ली कैपटिल्स, वडोदरा, 2026 162- मेग लैनिंग & शेफाली वर्मा (दिल्ली कैपटिल्स) vs आरसीबी, ब्रेबोर्न, 2023 146- जेस जोनासेन & शेफाली वर्मा (दिल्ली कैपटिल्स) vs आरसीबी, बेंगलुरु, 2025 142- स्मृति मंधाना & जॉर्जिया वॉल (आरसीबी) vs दिल्ली कैपटिल्स, नवी मुंबई, 2026 140- बेथ मूनी & लॉरा वोल्वार्ट (गुजरात जायंट्स) vs आरसीबी, दिल्ली, 2024 दिल्ली की कप्तान जेमिमा ने जड़ी फिफ्टी दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए चार विकेट पर 203 रन बनाए. दिल्ली कैपिटल्स के लिए कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने सबसे ज्यादा 37 बॉल पर 57 रन बनाए, जिसमें 8 चौके शामिल रहे. वहीं लॉरा वोल्वार्ट ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 25 गेंदों पर 44 रनों का योगदान दिया. विकेटकीपर बल्लेबाज लिजेल ली ने भी आतिशी बल्लेबाजी की. ली ने 3 चौके और तीन छक्के की मदद से 30 गेंदों पर 37 रनों की इनिंग्स खेली. चिनेले हेनरी ने तो 4 चौके और दो छक्के की मदद से सिर्फ 15 गेंदों पर नाबाद 35 रन कूटे. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से नादिन डिक्लर्क, सयाली सतघरे और अरुंधति रेड्डी ने एक-एक सफलता हासिल की. फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की प्लेइंग इलेवन: ग्रेस हैरिस, स्मृति मंधाना (कप्तान), जॉर्जिया वॉल, ऋचा घोष (विकेटकीपर), राधा यादव, नादिन डिक्लर्क, पूजा वस्त्राकर, अरुंधति रेड्डी, सयाली सतघरे, श्रेयांका पाटिल, लॉरेन बेल. फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग इलेवन: लिजेल ली (विकेटकीपर), शेफाली वर्मा, लॉरा वोल्वार्ट, जेमिमा रोड्रिग्स (कप्तान), मारिजाने कैप, चिनेले हेनरी, निकी प्रसाद, स्नेह राणा, मिन्नू मणि, श्री चरणी और नंदनी शर्मा.

प्राइवेट पार्ट की सफाई से जुड़ी जानकारी से 85% पुरुष अनजान, डॉक्टर से जानें हाइजीन के जरूरी टिप्स

महिलाओं की हाइजीन, वजाइना क्लीनिंग टिप्स पर अक्सर हम बात करते रहते हैं लेकिन पुरुषों के हाइजीन की बात काफी कम होती है। शरीर की सफाई हर किसी को करनी चाहिए फिर चाहे वो पुरुष हो या महिला। अगर प्राइवेट पार्ट की सही से सफाई न की जाए, तो इंफेक्शन फैल जाता है और फिर ये गंभीर समस्या बन जाती है। ज्यादातर पुरुष जल्दबाजी में प्राइवेट पार्ट की सफाई सही से नहीं करते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो संभल जाइये। स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर विहान सिंह का कहना है कि महिलाओं की तरह ही पुरुषों को भी प्राइवेट पार्ट की सफाई सही से करना काफी जरूरी है। चलिए कुछ हाइजीन टिप्स बताते हैं। प्राइवेट पार्ट साफ करने का सही तरीका डॉक्टर के मुताबिक, यूरिन पास करने के बाद ज्यादातर पुरुष ऐसे ही अंडरवियर पहन लेते हैं लेकिन ज्यादातर केसेस में इंफेक्शन इसी वजह से होता है। यूरिन स्टेन रहने और नमी बनी रहने के कारण फंगल इंफेक्शन फैलता है। कुछ और भी बातें हैं, जो पुरुषों को मालूम होनी चाहिए, चलिए जानते हैं- 1- प्राइवेट पार्ट की सफाई कभी भी साबुन से न करें। हमेशा किसी क्लीनिंग जेल या प्राइवेट पार्ट फ्रेंडली सोप से करें। केमिकल वाले साबुन के पार्टिकल्स स्किन पर जम जाते हैं। 2– सेक्स के बाद पेनिस को पानी से धोते हुए अच्छे से साफ करें। कई पुरुष ऐसा नहीं करते और इंफेक्शन फैलता है। 3– प्राइवेट पार्ट में अगर गीलापन है, तो अंडरवियर न पहनें। गीलेपन से खुजली, रैशेस की समस्या हो सकती है। 4- प्राइवेट पार्ट के प्यूबिक को भी समय-समय पर ट्रिम करें। प्यूबिक बाल बैक्टीरिया और पसीने को फंसा सकते हैं। 5– कभी भी गीले अंडरवियर न पहनें। टाइट और गीले अंडरवियर पहनने से भी प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन फैल सकता है। कैसे करें साफ प्राइवेट पार्ट को साफ करने के लिए गुनगुना पानी इस्तेमाल करें और केमिकल फ्री साबुन का इस्तेमाल करें। नहाते समय पेनिस एरिया के आस-पास की स्किन को अच्छे से क्लीन करें।

फरवरी से UPI ट्रांजेक्शन के नए नियम लागू, जानें क्या होगा असर

नई दिल्ली भारत में डिजिटल पेमेंट अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग, बिजली का बिल भरने और दोस्तों को पैसे भेजने तक, हर जगह यूपीआई (UPI) का यूज हो रहा है. ऐसे में अगर यूपीआई के नियमों में कोई बदलाव होता है, तो उसका असर करोड़ों लोगों पर पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI ने फरवरी 2026 से यूपीआई के नए नियम लागू करने का फैसला किया है. इन नए नियमों का मकसद लेनदेन को और तेज बनाना, धोखाधड़ी से सुरक्षा बढ़ाना, यूजर्स को अपने पैसों और भुगतान पर ज्यादा नियंत्रण देना है. अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी UPI ऐप का यूज करते हैं, तो आइए आज हम आपको UPI के कौन से नए नियम फरवरी से लागू हो रहे हैं.  अब UPI पेमेंट होगा और भी तेज नए नियमों के तहत UPI लेनदेन और API रिस्पॉन्स को 10 सेकंड के भीतर पूरा करना जरूर होगा. पहले यह समय सीमा 30 सेकंड थी, जिसकी वजह से कई बार पेमेंट अटक जाता था या देर से पूरा होता था. अब फायदा यह होगा कि पेमेंट जल्दी पूरा होगा, Pending या Processing में फंसे ट्रांजैक्शन कम होंगे, भीड़-भाड़ वाले समय (जैसे सेल या महीने के आखिर में) भी सिस्टम बेहतर काम करेगा. इससे ग्राहकों के साथ-साथ दुकानदारों को भी राहत मिलेगी.  API क्या होता है API यानी एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस, इसे आप दो एप्स या सिस्टम के बीच बात करने का जरिया समझ सकते हैं. जब आप UPI से भुगतान करते हैं तो आपका UPI ऐप आपके बैंक से पूछता है क्या खाते में पैसे हैं फिर वह सामने वाले के बैंक से कहता है पैसे स्वीकार करो. यह पूरी बातचीत API के जरिए होती है. अब API तेज होगी, तो पूरा भुगतान भी जल्दी और स्मूथ होगा.  सुरक्षा पर खास जोर और यूजर्स को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल 2026 के नए UPI नियमों में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी, खासकर बड़े अमाउंट वाले लेनदेन के लिए. इसमें मुख्य बदलाव भुगतान से पहले स्पष्ट कन्फर्मेशन मैसेज, ऑटो पेमेंट और सब्सक्रिप्शन के लिए बेहतर सुरक्षा, यूजर्स आसानी से अपनी सब्सक्रिप्शन को देख, मैनेज और कैंसल कर पाएंगे. इससे गलत कटौती और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी.  लंबे समय से यूज न हुई UPI ID पर रोक लग सकती है अगर आपकी कोई UPI ID लंबे समय से यूज नहीं हुई है, तो उसे अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है. इसे डॉरमेंट UPI ID कहा जाएगा. इसे दोबारा चालू करने के लिए यूजर को री-वेरिफिकेशन करना होगा. इस नियम का उद्देश्य है पुराने और भूले हुए अकाउंट्स का गलत यूज रोकना है. अब अगर कोई UPI पेमेंट फेल हो जाता है या अटक जाता है, तो बैंक और ऐप्स को कुछ घंटों के भीतर समस्या सुलझानी होगी, यूजर को साफ-साफ बताया जाएगा कि पैसा कटा या नहीं, कहां अटका, कब वापस मिलेगा, इससे यूजर्स की परेशानी और भ्रम दोनों कम होंगे.  UPI का रिकॉर्ड प्रदर्शन सरकार ने संसद में बताया कि चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक UPI के जरिए 230 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. यह आंकड़ा 2022-23 के 139 लाख करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा है. इससे साफ है कि UPI पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. वर्तमान में यह 8 देशों में यूज हो रहा है. जिसमें भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात शामिल है. सरकार और NPCI मिलकर विदेशों में व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति से व्यापारी (P2M) भुगतान को आसान बना रहे हैं. IMF की रिपोर्ट (जून 2025) के अनुसार, UPI दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम रिटेल पेमेंट सिस्टम है. ACI Worldwide रिपोर्ट 2024 के मुताबिक, दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में करीब 49 प्रतिशत  हिस्सा UPI का है. 

मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की सैलरी में होगी वृद्धि, शिक्षकों के पदों को भरने के लिए नया फॉर्मूला तैयार

भोपाल मध्य प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन इसमें डॉक्टर्स की नियुक्ति सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. इसके लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं. राज्य सरकार अब दूर-दराज के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर्स की कमी को पूरा करने के लिए उन्हें स्पेशल अलाउंस देने की भी तेयारी कर रही है. इन डॉक्टर्स को बड़े शहरों के आसपास स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में 20 फीसदी अधिक प्रोत्साहन राशि दिए जाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग मापदंड तैयार कर रही है. मेडिकल कॉलेज खुले, पद खाली प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनमें फैकल्टी की कमी पूरी करने में सरकारी को पसीना आ रहा है. सिंगरौली मेडिकल कॉलेज में तकरीबन 90 फीसदी फैकल्टी के पद खाली पड़े हैं. यहां स्वीकृत पदों की संख्या 116 है, लेकिन भर्ती मुश्किल से डेढ़ दर्जन पदों पर ही हो सकी है. कमोवेश यही स्थिति प्रदेश के श्योपुर जिले में बनाए गए सरकारी मेडिकल कॉलेज की है. इसमें फैकल्टी के 116 पद हैं, लेकिन यहां भी मुश्किल से 15 पदों को ही भरा जा सका है. इन कॉलेजों में पढ़ने के लिए स्टूडेंट्स तो पहुंच गए, लेकिन पढ़ाने वाले शिक्षक मौजूद नहीं हैं. इसकी वजह से ऑनलाइन क्लास के जरिए इन्हें पढ़ाया जा रहा है. फैकल्टी के मामले में सबसे ज्यादा समस्या नए मेडिकल कॉलेजों में हैं. श्योपुर, सिंगरौली, नीचम, मंदसौर और सिवनी में 50 से लेकर 90 फीसदी तक फैकल्टी के पद खाली हैं. कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव इससे निपटने के लिए राज्य सरकार अब इन दूर-दराज के मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ होने वाली फैकल्टी को स्पेशल अलाउंस देने की तैयारी कर रही है. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इसका प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के पास भेजने के लिए कहा है. इन डॉक्टर्स को अलाउंस देने के लिए मापदंड तैयार किए जा रहे हैं. उपमुख्यमंत्री के मुताबिक मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों को भरने के लिए प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही सभी पदों को भरने की कार्रवाई की जाएगी. तीन नए मेडिकल कॉलेज और होने जा रहे शुरू मध्य प्रदेश में इस सत्र से तीन और नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहे हैं. ये मेडिकल कॉलेज सीहोर जिले के बुधनी, छतरपुर और दमोह में खोले जा रहे हैं. इन मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी के लिए व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई हैं. तीन नए मेडिकल कॉलेज के बाद प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 17 हो जाएगी. इसके अलावा मंडल और राजगढ़ में भी मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारियां चल रही हैं. प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या है 17 मध्य प्रदेश में अभी 17 मेडिकल कॉलेज हैं. इनमें गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल, गजराराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर, महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज इंदौर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर, शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया, अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज विदिशा, शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम, नंद कुमार सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज खंडवा शामिल हैं. इनके अलावा शासकीय मेडिकल कॉलेज शहडोल, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज, श्रीमंत रानी लक्ष्मीबाई सिंधिया मेडिकल कॉलेज शिवपुरी, शासकीय मेडिकल कॉलेज सतना, सुंदरलाल पटवा शासकीय मेडिकल कॉलेज मंदसौर, शासकीय मेडिकल कॉलेज सिवनी, वीरेंद्र कुमार सखलेचा शासकीय मेडिकल कॉलेज नीमच शामिल हैं. 

बंगाल SIR: 7 फरवरी तक 15 लाख वोटर्स की सुनवाई पूरी करने की डेडलाइन, क्या होगा अगला कदम?

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई पूरी करने की डेडलाइन खत्म होने में सिर्फ तीन दिन बाकी हैं। शेड्यूल के अनुसार इन तीन दिनों में लगभग 15 लाख वोटरों की सुनवाई पूरी करनी होगी। सुनवाई की डेडलाइन 7 फरवरी है और फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को प्रकाशित होने वाली है। रोजाना की सुनवाई के ट्रेंड को देखते हुए भारतीय चुनाव आयोग को भरोसा है कि डेडलाइन पूरी की जा सकेगी। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के ऑफिस के एक सूत्र ने कहा, "अभी 6,500 सुनवाई केंद्र चल रहे हैं, जहां यह प्रक्रिया चल रही है। इसका मतलब है कि अगले तीन दिनों में हर केंद्र को रोजाना सुनवाई पूरी करनी होगी। यह बिल्कुल भी मुश्किल काम नहीं है।" इसका मतलब यह भी है कि 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच में एसआईआर पर अगली सुनवाई से पहले यह काम पूरा हो जाएगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी उम्मीद है कि वह तीन जजों की बेंच के सामने इस मामले पर अपना पक्ष रखेंगी, जैसा उन्होंने बुधवार को किया था। पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया की सुनवाई पिछले साल 27 दिसंबर को शुरू हुई थी। शुरुआती दौर में यह प्रक्रिया धीमी थी। लेकिन, बाद में हर सुनवाई केंद्र पर अधिकारियों की संख्या बढ़ने और नए सुनवाई केंद्रों की स्थापना के कारण यह तेज हो गई। 14 फरवरी को अंतिम वोटर लिस्ट जारी होने के बाद ईसीआई की पूरी बेंच स्थिति का जायजा लेने के लिए पश्चिम बंगाल आएगी। इसके तुरंत बाद आयोग महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय ने पहले ही ईसीआई को सुझाव दिया था कि राज्य में पिछले चुनावों की तरह सात-आठ चरणों की बजाय चुनाव प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाए। उम्मीद है कि चुनाव अप्रैल के अंत तक संपन्न हो जाएंगे और मई के पहले सप्ताह तक नई राज्य कैबिनेट का गठन हो जाएगा।

विश्व बैंक रिपोर्ट: महायुद्ध के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था बनी \’ग्लोबल स्टार\’, पाकिस्तान संकट में

नई दिल्ली एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड महामारी के बाद भारत और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं ने बिल्कुल अलग दिशा पकड़ी है। जहां पाकिस्तान कई वर्षों से आर्थिक संकट में फंसा हुआ है, वहीं भारत तेजी से बढ़ते हुए विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार 2022 में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में 6% की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन यह वृद्धि लंबे समय तक टिक नहीं पाई। 2023 में पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगभग ठहर सी गई और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने केवल 0.5% विकास का अनुमान लगाया। इसके विपरीत भारत की अर्थव्यवस्था 2023 में 6% से अधिक बढ़ी और इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की “उजली किरण” माना गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान की समस्याओं को उसके ही देश के अंदरूनी स्तर पर भी स्वीकार किया जा रहा है। इस्लामाबाद में हुए एक बिजनेस कार्यक्रम में विशेष निवेश सुविधा परिषद (SIFC) के राष्ट्रीय समन्वयक लेफ्टिनेंट-जनरल सरफराज अहमद ने कहा था कि पाकिस्तान के पास “कोई विकास योजना नहीं है” और देश की वित्तीय स्थिति बुरी तरह बिगड़ी हुई है। पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या महंगाई रही है। 2022 से 2023 के बीच महंगाई दर 37.97% तक पहुंच गई, जो पिछले 30 वर्षों में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। इससे आम लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें बढ़ गईं। विश्व बैंक के अनुसार महंगाई के कारण लगभग 13 मिलियन पाकिस्तानियों को गरीबी में गिरना पड़ा।  2023-24 तक गरीबी दर बढ़कर 25.3% हो गई, यानी लगभग हर चार में से एक व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय गरीबी मानक (दैनिक 4 डॉलर से कम) लागू किया जाए तो पाकिस्तान की लगभग 45% आबादी गरीब मानी जा सकती है।भारत में भी इस अवधि में महंगाई रही, लेकिन यह पाकिस्तान की तुलना में काफी कम थी। भारत में 2023 में मुद्रास्फीति 5-6% के आसपास थी और 2024 में यह और कम हुई। 2023 के अंत में भारत में खुदरा महंगाई 5% से नीचे आ गई, खासकर खाद्य कीमतों के नियंत्रण के कारण। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक औसत पाकिस्तानी उपभोक्ता को भारत के मुकाबले लगभग पांच गुना अधिक महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। गरीबी के मामले में भी भारत ने बड़ी प्रगति की है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार भारत में दैनिक 4 डॉलर से कम पर जीने वाले लोगों की संख्या 2023 तक 16% से घटकर 2.3% रह गई है।

विश्व बैंक रिपोर्ट: महायुद्ध के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था बनी \’ग्लोबल स्टार\’, पाकिस्तान संकट में

नई दिल्ली एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड महामारी के बाद भारत और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं ने बिल्कुल अलग दिशा पकड़ी है। जहां पाकिस्तान कई वर्षों से आर्थिक संकट में फंसा हुआ है, वहीं भारत तेजी से बढ़ते हुए विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार 2022 में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में 6% की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन यह वृद्धि लंबे समय तक टिक नहीं पाई। 2023 में पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगभग ठहर सी गई और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने केवल 0.5% विकास का अनुमान लगाया। इसके विपरीत भारत की अर्थव्यवस्था 2023 में 6% से अधिक बढ़ी और इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की “उजली किरण” माना गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान की समस्याओं को उसके ही देश के अंदरूनी स्तर पर भी स्वीकार किया जा रहा है। इस्लामाबाद में हुए एक बिजनेस कार्यक्रम में विशेष निवेश सुविधा परिषद (SIFC) के राष्ट्रीय समन्वयक लेफ्टिनेंट-जनरल सरफराज अहमद ने कहा था कि पाकिस्तान के पास “कोई विकास योजना नहीं है” और देश की वित्तीय स्थिति बुरी तरह बिगड़ी हुई है। पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या महंगाई रही है। 2022 से 2023 के बीच महंगाई दर 37.97% तक पहुंच गई, जो पिछले 30 वर्षों में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। इससे आम लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें बढ़ गईं। विश्व बैंक के अनुसार महंगाई के कारण लगभग 13 मिलियन पाकिस्तानियों को गरीबी में गिरना पड़ा।  2023-24 तक गरीबी दर बढ़कर 25.3% हो गई, यानी लगभग हर चार में से एक व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय गरीबी मानक (दैनिक 4 डॉलर से कम) लागू किया जाए तो पाकिस्तान की लगभग 45% आबादी गरीब मानी जा सकती है।भारत में भी इस अवधि में महंगाई रही, लेकिन यह पाकिस्तान की तुलना में काफी कम थी। भारत में 2023 में मुद्रास्फीति 5-6% के आसपास थी और 2024 में यह और कम हुई। 2023 के अंत में भारत में खुदरा महंगाई 5% से नीचे आ गई, खासकर खाद्य कीमतों के नियंत्रण के कारण। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक औसत पाकिस्तानी उपभोक्ता को भारत के मुकाबले लगभग पांच गुना अधिक महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। गरीबी के मामले में भी भारत ने बड़ी प्रगति की है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार भारत में दैनिक 4 डॉलर से कम पर जीने वाले लोगों की संख्या 2023 तक 16% से घटकर 2.3% रह गई है।

प्रदेश सरकार का नया लक्ष्य, शराब से 21 हजार करोड़ कमाई, आबकारी नीति और 111 साल पुराने अंग्रेजी कानून में बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए आबकारी नीति 2026-27 में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है. इस नई नीति का ड्राफ्ट अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद नीति को कैबिनेट में लाया जाएगा. जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस नीति के जरिए सरकार ने शराब बिक्री से करीब 21 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही आबकारी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 111 साल पुराने आबकारी अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. नई नीति में राजस्व बढ़ाने पर होगा फोकस नई आबकारी नीति में शराब दुकानों की बिक्री से पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 3 हजार करोड़ रुपये अधिक राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. पिछली नीति में 18 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान था. इस बार दुकानों के चालू वित्तीय वर्ष के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि कर आवंटन किए जाने का प्रस्ताव है. सबसे पहले दुकानों का नवीनीकरण किया जाएगा. इसके बाद लाटरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और अंत में ई-टेंडर के माध्यम से ठेके दिए जाएंगे. शापिंग माल में महंगी शराब के काउंटर का प्रस्ताव नई नीति में शापिंग माल में प्रीमियम और महंगी शराब के काउंटर खोलने का प्रस्ताव भी शामिल है. इस पर भी अंतिम फैसला मुख्यमंत्री यादव लेंगे. सरकार का मानना है कि इससे उच्च वर्ग के उपभोक्ताओं को नियंत्रित और वैधानिक विकल्प मिलेगा, साथ ही राजस्व में भी इजाफा होगा. हालांकि नई आबकारी नीति में न तो कोई शराब दुकान बंद करने का प्रस्ताव है और न ही नई दुकान खोलने की योजना है. धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों से तय दूरी जरुरी पिछली आबकारी नीति 2025-26 में 17 धार्मिक नगरों में शराब दुकानों को बंद किया गया था, जिससे 47 दुकानें बंद हुई थीं. इस बार ऐसी कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है. यानि न तो नई शराब दुकानें खुलेंगी और प ही पुरानी दुकानों को बंद किया जाएगा. वर्तमान वित्तीय वर्ष में मध्य प्रदेश में कुल 3,558 शराब दुकानें हैं, जो सभी कंपोजिट दुकानें हैं. नर्मदा नदी के दोनों किनारों से 5 किलोमीटर के दायरे में शराब दुकानें नहीं खोलने और धार्मिक व शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर की दूरी का नियम पहले की तरह लागू रहेगा.     राज्य की आय में आबकारी का बड़ा योगदान प्रदेश के बजट में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और राज्य के स्वयं के कर अहम भूमिका निभाते हैं. जीएसटी के जरिए पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 26 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि इस वर्ष दिसंबर तक 25,250 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है. वैट, आबकारी, पंजीयन और मुद्रांक शुल्क से राज्य को 32,660 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से अधिक है. 111 साल पुराने आबकारी अधिनियम में संशोधन की तैयारी वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि, ''मध्य प्रदेश सरकार 1915 में लागू हुए आबकारी अधिनियम में संशोधन करने जा रही है. इसके लिए आबकारी विभाग ने अधिकारियों की विशेष टीम गठित की है, जो अधिनियम की अव्यावहारिक और अप्रासंगिक धाराओं की समीक्षा कर रही है. ऐसी धाराएं, जिनसे अब सरकार को कोई राजस्व नहीं मिलता, उन्हें हटाने का प्रस्ताव है.'' देवड़ा ने बताया कि, ''आबकारी अधिनियम से ऐसी कंडिकाएं हटाई जा रही हैं, जिनका अब औचित्य नहीं बचा है.