sulagtikhabar.com

Latest News

C+1 फॉर्मूला: भारत का बड़ा कदम, रेड कारपेट पर स्वागत, यही बनेगा सोने की चिड़ीया का भविष्य

नई दिल्ली ज‍ियोपॉल‍िट‍िक्‍स में अब खेल इकोनॉमी के जर‍िये खेला जा रहा है. आपको याद होगा, जब कोव‍िड आया तो पूरा का पूरा सप्‍लाई चेन ह‍िलने लगा. यूक्रेन संकट ने आग में घी का काम क‍िया.दुन‍िया को समझ नहीं आया क‍ि अब जाएं तो जाएं कहां.ज‍िन देशों के साथ वे कारोबार कर रहे थे,वे फंस चुके थे. रही सही कसर अमेर‍िकी टैर‍िफ ने पूरी कर दी. अब दुन‍िया को डर लग रहा क‍ि अगर चीन पर अमेर‍िकी सख्‍ती बढ़ी, ताइवान पर हमला हुआ तो मुश्क‍िल होगी. इसल‍िए ज्‍यादातर देश ‘चीन + 1’ (C+1) फार्मूला अपना रहे हैं. भारत यह भांप चुका है. इसील‍िए बजट में सरकार ने ऐसे देशों, ऐसी कंपन‍ियों के ल‍िए रेड कारपेट ब‍िछा द‍िए हैं. मोबाइल, लैपटॉप और सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट दी गई है. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम को बजट से ताकत दी है ताकि विदेशी कंपनियां चीन छोड़कर भारत आएं. मैसेज साफ है क‍ि अगर ताइवान या चीन में संकट आता है, तो भारत दुनिया की बैकअप फैक्ट्री बनने के ल‍िए पूरी तरह तैयार है. और यहीं से फ‍िर सोने की च‍िड़‍िया बनने का रास्‍ता खुलेगा. 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का एक्सप्रेसवे दुनिया की 40% मैन्युफैक्चरिंग पर चीन का कब्जा है. यहीं से पूरी दुन‍िया में जरूरत की बहुत सारी चीजें जा रही हैं. लेकिन साल 2026 ‘टर्निंग पॉइंट’होने जा रहा है. शी जिनपिंग की विस्तारवादी नीतियों और ब्लैक बॉक्स जैसी अर्थव्यवस्था से तंग आकर ग्लोबल कंपनियां अब एक ऐसे देश की तलाश में हैं, जो न केवल लोकतांत्रिक हो बल्कि जिसके पास चीन को टक्कर देने वाला स्केल भी हो.भारत ने इसी ‘चीन प्लस वन’ (C+1) मौके को भुनाने के लिए अपना ‘रेड कारपेट’ बिछा दिया है. यह सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का वह एक्सप्रेसवे है जो भारत को फिर से ‘विश्व गुरु’ की गद्दी पर बैठाएगा. दुनिया को आखिर भारत की जरूरत क्यों है?     सप्लाई चेन का वेपनाइजेशन: कोरोना काल में चीन ने मेडिकल सप्लाई रोककर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई. दुनिया समझ गई कि एक ही सप्लायर पर निर्भर रहना आत्मघाती है. अब एपल (Apple) और सैमसंग (Samsung) जैसी कंपनियों को अपनी सुरक्षा के लिए भारत जैसा भरोसेमंद पार्टनर चाहिए.     बूढ़ा होता चीन: चीन की वर्किंग पॉपुलेशन तेजी से घट रही है. वहां मजदूरी महंगी हो गई है. दूसरी ओर, भारत के पास 65% युवा आबादी है, जो अगले 30 साल तक दुनिया को सबसे सस्ती और कुशल लेबर दे सकती है.     ताइवान का साया: दुनिया की 90% एडवांस चिप्स ताइवान में बनती हैं. चीन की ताइवान पर नजर ने वैश्विक टेक कंपनियों को डरा दिया है. उन्हें एक ऐसा ‘बैकअप’ चाहिए जो युद्ध की स्थिति में भी ग्लोबल सप्लाई चेन को चालू रख सके. चीन की राह रुकी, तो भारत को कैसे होगा बंपर फायदा?     इलेक्ट्रॉनिक्स का नया गढ़: बजट 2026 में मोबाइल और लैपटॉप कंपोनेंट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाना एक सोची-समझी चाल है. भारत अब केवल असेंबली नहीं, बल्कि कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है. 2025 तक भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट 120 बिलियन डॉलर पार करने का अनुमान है.     सेमीकंडक्टर: चीन की दुखती रग: चीन चिप वॉर में अमेरिका से पिछड़ रहा है. भारत ने इसका फायदा उठाते हुए 1.5 लाख करोड़ रुपये का ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ शुरू किया है. टाटा और माइक्रोन (Micron) जैसी कंपनियों के प्लांट भारत को उस लिस्ट में खड़ा कर देंगे, जहाँ आज केवल ताइवान और चीन हैं.     केमिकल सेक्टर में ‘प्रिवी’ जैसे खिलाड़ियों का दबदबा: चीन में पर्यावरण नियमों की सख्ती के कारण वहां के केमिकल प्लांट बंद हो रहे हैं. इसका सीधा फायदा प्रिवी स्पेशलिटी और आरती इंडस्ट्रीज जैसी भारतीय कंपनियों को मिल रहा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की जगह ले रही हैं. कंपनियों को क्या मिल रहा है? PLI स्कीम: जितना बनाओगे, उतना पैसा पाओगे. 14 से ज्यादा सेक्टरों में सरकार कंपनियों को कैश इंसेंटिव दे रही है. यह चीन की सब्सिडी का भारतीय जवाब है. नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम: पहले भारत में जमीन से लेकर बिजली तक के लिए 50 दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे. अब एक ही पोर्टल पर सारी क्लीयरेंस मिल रही है. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ अब केवल कागजों पर नहीं, जमीन पर दिख रहा है. इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश: बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 11.11 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. पीएम गतिशक्ति के तहत नए पोर्ट्स और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बन रहे हैं, ताकि भारत से माल भेजना चीन से भी सस्ता पड़े.

3 फरवरी राशिफल: ग्रह-नक्षत्रों के योग से चमकेगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए समय कुल मिलाकर ठीक रहने वाला है। काम करने का मन बना रहेगा और आप चीज़ों को अपने तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। हालांकि जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना जरूरी है, वरना छोटी सी बात बिगड़ सकती है। घर में माहौल सामान्य रहेगा और किसी करीबी का साथ आपको राहत देगा। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन फालतू खर्च से बचना समझदारी होगी। सेहत सामान्य रहेगी, बस थकान हो तो आराम जरूर करें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए धैर्य रखना सबसे जरूरी रहेगा। जो काम काफी समय से अटके पड़े हैं, उनमें अब धीरे-धीरे हलचल दिख सकती है। मेहनत रंग लाएगी, बस बीच में हिम्मत न हारें। पैसों की स्थिति संतुलित रहेगी, जरूरतें पूरी होंगी। घर-परिवार का माहौल शांत रहेगा और अपनों के साथ समय बिताने से मन हल्का होगा। खाने-पीने में लापरवाही न करें। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए बातचीत और लोगों से जुड़ना फायदेमंद रहेगा। काम से जुड़ी कोई नई जिम्मेदारी या जानकारी मिल सकती है। दिमाग तेज चलेगा और आप चीज़ों को जल्दी समझ पाएंगे। पैसों को लेकर ज्यादा तनाव नहीं रहेगा, लेकिन बेवजह खर्च करने से बचें। रिश्तों में साफ बात करेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी। खुद को जरूरत से ज्यादा बिजी न रखें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों का मन थोड़ा भावुक रह सकता है। छोटी-छोटी बातें आपको ज्यादा सोचने पर मजबूर कर सकती हैं। परिवार का साथ मिलेगा और घर का माहौल आपको संभाले रखेगा। काम की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन चिंता की बात नहीं है। खर्च सोच-समझकर करें। नींद और आराम पूरा न होने पर चिड़चिड़ापन हो सकता है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों पर काम की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। लोग आपसे उम्मीद लगाएंगे और आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे। मेहनत का फायदा मिलेगा, बस अहंकार से बचें। पैसों में सुधार के संकेत हैं, लेकिन खर्च भी साथ-साथ बढ़ सकता है। घर में किसी बात पर बहस से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन तनाव न पालें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए प्लान बनाकर चलना फायदेमंद रहेगा। काम में ध्यान देंगे तो अच्छे नतीजे मिलेंगे। जो लोग नौकरी या पढ़ाई में हैं, उनके लिए समय ठीक है। पैसों में संतुलन बना रहेगा और थोड़ी बचत भी हो सकती है। घर के लोग साथ देंगे। सेहत के मामले में लापरवाही न करें, छोटी दिक्कत भी बढ़ सकती है। तुला राशि- तुला राशि वालों को हर मामले में बैलेंस बनाकर चलना पड़ेगा। काम और घर दोनों को साथ संभालना होगा। कोई पुराना काम पूरा हो सकता है, जिससे राहत मिलेगी। पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी। रिश्तों में सामने वाले की बात समझने की कोशिश करें। मन को शांत रखने के लिए खुद को थोड़ा समय दें। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों की मेहनत लोगों को दिखेगी। काम में भरोसा बढ़ेगा और किसी काम की तारीफ भी मिल सकती है। पैसों से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। रिश्तों में बात साफ रखें, मन में कुछ न रखें। ज्यादा सोचने से बचें, वरना बेवजह तनाव बढ़ेगा। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने का समय है। काम में नए मौके मिल सकते हैं या नई योजना बन सकती है। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन हालात संभाल में रहेंगे। घर का माहौल सहयोग वाला रहेगा। कहीं आने-जाने या यात्रा की बात भी बन सकती है। सेहत ठीक रहेगी। मकर राशि- मकर राशि वालों को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना होगा। काम में स्थिरता रहेगी और धीरे-धीरे चीजें आपके पक्ष में आती दिखेंगी। पैसों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है, उधार देने से बचें। घर की कोई जिम्मेदारी बढ़ सकती है। थकान महसूस हो तो खुद को आराम दें। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के दिमाग में नए आइडिया आते रहेंगे। काम में बदलाव या कुछ नया करने का मन बनेगा। पैसों की स्थिति धीरे-धीरे सुधर सकती है। दोस्तों या जान-पहचान वालों से मदद मिलेगी। सेहत के लिए रोज़ का रूटीन ठीक रखना जरूरी रहेगा। मीन राशि- मीन राशि वालों का मन थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। काम में रफ्तार धीमी रहेगी, लेकिन सब ठीक चलता रहेगा। खर्च जरूरत के हिसाब से करें। परिवार के लोग भावनात्मक सहारा देंगे। खुद को जरूरत से ज्यादा थकाने से बचें और आराम को समय दें।

PDA की राजनीति ढोंग, असली एजेंडा परिवारवाद : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' नारे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्षी दल को 'पीडीए' से ज्यादा 'परिवार' की चिंता है। योगी ने तंज कसते हुए कहा, "पीडीए तो बहाना है, असली लक्ष्य तो 'परिवार' है…!" मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट में पीडीए को नजरअंदाज करने के सपा प्रमुख के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा, "जो लोग यह दावा करते हैं, उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि जब सरकार ने उत्तर प्रदेश के छह करोड़ लोगों सहित पूरे देश में 25 करोड़ लोगों को गौरव और सम्मान के साथ आगे बढ़ने में मदद की, तो उनके कार्यकाल में ऐसा क्यों नहीं हो सका? पीडीए का मुद्दा तब भी जरूर रहा होगा।" उन्होंने कहा, "मैं पूछना चाहता हूं कि उस समय पीडीए पर चर्चा क्यों नहीं हुई? अपनी पार्टी (सपा) के शासनकाल में उन्हें (अखिलेश को) सिर्फ परिवार की ही चिंता क्यों थी?" योगी समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर वंशवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को परिवार के रूप में देखने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। हमारा मुख्य उद्देश्य गरीबों, युवाओं और किसानों की सहायता करना है। हमारा लक्ष्य उच्च श्रेणी की अवसंरचना सुनिश्चित करना है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाई गई है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "यह दृष्टिकोण बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, लेकिन दूरदृष्टिहीन लोग, भविष्य की कोई योजना न रखने वाले लोग ऐसी निरर्थक बातों में उलझे रहते हैं।" योगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बजट की आलोचना को भी खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए बढ़ाए गए आवंटन से उत्तर प्रदेश को मदद मिलेगी, जो देश में रक्षा विनिर्माण का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के साथ-साथ निवेशकों को भी लाभ होगा। योगी ने कहा कि केंद्रीय बजट के आधार पर प्रदेश सरकार फरवरी में बजट प्रस्तुत करेग और डबल इंजन सरकार के इस बजट का लाभ देश की सबसे बड़ी आबादी को प्राप्त होगा।

मौसम पूर्वानुमान में क्रांति: NVIDIA के AI से 500 गुना तेजी से मिलेगा तूफान का अलर्ट

मौसम का सटीक अनुमान लगाने के लिए वैज्ञानिक अलग-अलग तकनीकों का इस्‍तेमाल करते हैं। भविष्‍य में आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस यानी AI इस काम में भी मददगार होगा। AI की मदद से तूफान की भविष्‍यवाणी और सटीकता से की जाएगी जिससे जानमाल का नुकसान कम करने में मदद मिलेगी। यह सब संभव होगा दिग्‍गज कंपनी एनवीड‍िया (Nvidia) के नए एआई मॉडल से, जिसका नाम Earth-2 है। कहा जा रहा है कि सुपरकंप्‍यूटर से भी फास्‍ट इन एआई मॉडलों की मदद से मौसम भी भविष्‍यवाणी और जलवायु परि‍वर्तन का अनुमान लगाना पूरी तरह से बदल सकता है। इनमें से कुछ का इस्‍तेमाल शुरू भी हो गया है। क्‍या है Earth-2 दुनिया की दिग्‍गज टेक कंपनी एनवीड‍िया ने Earth-2 नाम से एआई मॉडलों को पेश किया है। इन मॉडलों में CorrDiff, FourCastNet3, Medium Range, Nowcasting, Global Data Assimilation और PhysicsNeMo जैसे फ्रेमवर्क शामिल हैं। इनमें से PhysicsNeMo को AI-फिजिक्स मॉडलों को ट्रेनिंग देने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए लाया गया है। ये सभी मॉडल- सैटेलाइट और रडार व मौसम स्‍टेशनों से मिली जानकारी को एक जगह इंटीग्रेट करके हमारे वायुमंडल की स्‍थि‍त‍ि का सटीक आकलन करते हैं। जेनरेट‍िव एआई का इस्‍तेमाल Earth-2 एआई मॉडलों के कई फ्रेमवर्क जेनरेट‍िव एआई का इस्‍तेमाल करते हैं। इससे भविष्‍यवाणी करना ज्‍यादा फास्‍ट हो जाता है। दावा है कि मौजूदा तकनीक से 500 गुना फास्‍ट यह एआई मॉडल मौसम की भविष्‍यवाणी कर सकते हैं। अलग-अलग मॉडलों के अलग-अलग काम Earth-2 एआई मॉडलों में जितने भी फ्रेमवर्क हैं, उनके अलग-अलग काम हैं। टेक रडार की रिपोर्ट के अनुसार, CorrDiff फ्रेमवर्क, जनरेटिव AI आर्किटेक्चर का इस्‍तेमाल करके महाद्वीप के लेवल से जुड़े अनुमानों को रीजनल अनुमानों में बदल देता है। इसी तरह से FourCastNet3 का काम हवा, टेंपरेचर और नमी का सटीक अनुमान लगाना है। दावा है कि यह ट्रेड‍िशनल मॉडल से 60 गुना तेज भविष्‍यवाणी करता है। इसी तरह से PhysicsNeMo मॉडल का काम AI-फिजिक्स मॉडलों को ट्रेन करना है। रिपोर्ट के अनुसार, मौसम की भविष्‍यवाणी करने वाले संगठनों और वैज्ञानिक रिसर्च, दोनों के लिए यह उपयोगी है। इसके आगे सुपरकंप्‍यूटर भी फेल Earth-2 इतना एडवांस और होशियार है कि यह वायुमंडल में हो रहे बदलावों को चंद सेकंड में भांप लेता है। इस काम को करने में सुपरकंप्‍यूटरों को घंटों लग जाते हैं। अगर किसी बदलाव को कुछ सेकंड में भांप लिया जाए तो लोगों तक अलर्ट जल्‍दी भेजा जा सकता है। एनवीड‍िया के कुछ फ्रेमवर्क का इस्‍तेमाल कई देशों के मौसम विभाग पहले से कर रहे हैं। इस्राइल में हो रहा इस्‍तेमाल इस्राइल की मौसम बताने वाली सर्विस में CorrDiff का उपयोग किया जा रहा है। जैसाकि हमने बताया, यह महाद्वीप स्‍तर होने वाली हलचलों को से क्षेत्रीय आकलन करके एक अनुमान बना देता है। इस्राइल बहुत जल्‍द Nowcasting को भी अपनाने वाला है, जिसके बाद एक द‍िन में 8 बार मौसम की भविष्‍यवाणी हाई-रेजॉलूशन ग्राफ‍िक्‍स से की जा सकेगी। इस्राइल के अलावा, ताइवान के मौसम विज्ञानी भी एनवीड‍िया के कई फ्रेमवर्क्‍स को इस्‍तेमाल कर रहे हैं।

लैंडफिल से लग्जरी बस अड्डा तक: कूड़े के पहाड़ खत्म कर नई पहचान देने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली सरकार की योजना के मुताबिक भलस्वा में बनने वाले नए अंतरराज्यीय बस अड्डे से हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लिए बसों का संचालन किया जाएगा। वर्तमान में इन सभी राज्यों की बसें कश्मीरी गेट स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे से चलती हैं, जहां पहले से ही यात्रियों और बसों का भारी दबाव है। भलस्वा में नया बस अड्डा शुरू होने के बाद कश्मीरी गेट ISBT पर भीड़ और ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। नए बस अड्डे के बनने से यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं मिलने की संभावना है। अभी कश्मीरी गेट से रोजाना सैकड़ों बसें इन राज्यों के लिए रवाना होती हैं, जिससे वहां अक्सर जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। भलस्वा में बस अड्डा तैयार होने के बाद बसों को बाहरी दिल्ली के भारी ट्रैफिक से गुजरकर कश्मीरी गेट तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे बस संचालन अधिक सुचारू होगा और यात्रियों का समय भी बचेगा। भलस्वा बस अड्डे से होंगे कई तरह के फायदे भलस्वा बस अड्डे की एक बड़ी खासियत इसकी रणनीतिक स्थिति होगी। यह इलाका दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के बेहद करीब स्थित है। ऐसे में यहां से चलने वाली बसें कम समय में ही दिल्ली की सीमा पार कर सकेंगी। इसके विपरीत कश्मीरी गेट से निकलने वाली बसों को दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचने में कई बार घंटों लग जाते हैं। नए बस अड्डे के बनने से इन राज्यों की ओर जाने वाली बसों का सफर न सिर्फ छोटा होगा, बल्कि ज्यादा आसान और आरामदायक भी हो जाएगा। बायो-माइनिंग के जरिए साफ की जा रही है लैंडफिल साइट दिल्ली नगर निगम ने भलस्वा लैंडफिल साइट को पूरी तरह साफ करने के लिए इस साल के अंत तक का लक्ष्य तय किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस परियोजना को लेकर हाल ही में दिल्ली सरकार और एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच अहम बैठक भी हुई है। बाहरी दिल्ली में स्थित यह लैंडफिल साइट करीब 70 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली हुई है और इसकी ऊंचाई 60 मीटर से ज्यादा हो चुकी है। नगर निगम इस कूड़े के पहाड़ को हटाने के लिए बायो-माइनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इस प्रक्रिया के जरिए पुराने कचरे को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर वैज्ञानिक तरीके से उसका निपटान किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि लैंडफिल साइट के खत्म होने से न केवल आसपास के इलाकों का पर्यावरण सुधरेगा, बल्कि भलस्वा में बनने वाला नया अंतरराज्यीय बस अड्डा दिल्ली के यातायात ढांचे को भी बड़ी राहत प्रदान करेगा।

करोड़ों के घोटाले से जुड़ा जुआ सिंडिकेट ध्वस्त, चीन ने चार आरोपियों को दी फांसी

बीजिंग चीन ने छह चीनी नागरिकों की मौत का कारण बने और म्यांमा से चार अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के घोटाले और जुए का नेटवर्क संचालित करने के दोषी पाए गए चार लोगों को फांसी दे दी। प्राधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। दक्षिण चीन की शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने सोमवार सुबह जारी एक बयान में इन सजाओं की पुष्टि की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि फांसी कब दी गई। म्यांमा में इसी मामले में 11 अन्य लोगों को पिछले सप्ताह सजा सुनाई गई थी। अदालत ने नवंबर में कुख्यात बाई परिवार के सदस्यों समेत पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई थी, जिन पर घोटाला केंद्र और कैसिनो का एक बड़ा नेटवर्क चलाने का आरोप था। अदालत ने बताया कि इनमें से एक आरोपी और गिरोह के सरगना बाई सुओचेंग की सजा सुनाए जाने के बाद बीमारी के कारण मौत हो गयी थी। अदालत के अनुसार, इस गिरोह ने चीन से सटे म्यांमा के कोकांग क्षेत्र में औद्योगिक पार्क स्थापित किए थे, जहां से जुआ और दूरसंचार घोटाले किए जाते थे। इन गतिविधियों में अपहरण, जबरन वसूली, जबरन वेश्यावृत्ति, नशीले पदार्थों का निर्माण और तस्करी शामिल थी। 

जयशंकर अमेरिका दौरे पर, स्वच्छ ऊर्जा और सुरक्षा को बनाएंगे प्राथमिकता

नई दिल्ली   भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज से तीन दिन की अमेरिका यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा 2 से 4 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान वह अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में भाग लेंगे। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बदलाव, और रणनीतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा और नई तकनीकों के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। अमेरिका यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। हाल ही में विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई थी। जयशंकर ने उम्मीद जताई थी कि सर्जियो गोर भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।  इसके अलावा, 25 जनवरी को जयशंकर ने अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की थी, जिसमें माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस शामिल थे। इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंध, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति और यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।इससे पहले, 13 जनवरी को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और एस. जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत में नागरिक परमाणु ऊर्जा, व्यापार वार्ता, क्रिटिकल मिनरल्स, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे विषयों पर सहयोग की समीक्षा की गई थी। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया था और कहा था कि दोनों देशों ने व्यापार वार्ता, क्रिटिकल मिनरल्स और आने वाले महीनों में संभावित उच्चस्तरीय बैठक को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की है। जयशंकर की यह अमेरिका यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

‘धुरंधर’ की तरह अब ‘धुरंधर 2’ के टीज़र से पहले रणवीर सिंह का रहस्यमयी पोस्ट

 मुंबई रणवीर सिंह और आदित्य धर ने अपने इंस्टाग्राम पर 'धुरंधर 2' को लेकर हिंट दिया है। ये कुछ इसी तरह की पोस्ट है जो रणवीर ने 'धुरंधर' की रिलीज के वक्त किया था। 'कल 12:12' पोस्ट को लेकर फैंस की खुशी चरम पर है और हर कोई जानना चाहता है कि आखिर बात क्या है। धुरंधर 2 का टीजर हमेशा की तरह रणवीर सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक क्रिप्टिक पोस्ट किया जिसमें 'धुरंधर 2' के ट्रेलर रिलीज का हिंट दिया गया है। फैंस एक्साइटमेंट में इस पोस्ट के बारे में अटकलें लगा रहे हैं, जो दिखाता है कि 'धुरंधर' के वक्त भी रणवीर कुछ ऐसे ही पोस्ट करते थे। 2 फरवरी को शाम 6 बजे, रणवीर सिंह और आदित्य धर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक क्रिप्टिक पोस्ट किया और तब से ही फैंस की भीड़ ट्विटर पर जबरदस्त तरीके से रिएक्ट कर रही है। उन्होंने जो फोटो शेयर की, उस पर बस इतना लिखा है, 'कल 12:12।' इसके अलावा कोई और हिंट या कैप्शन नहीं था। देखते ही देखते फैंस ने इस पोस्ट के बारे में अटकलें लगाना शुरू कर दिया। कुछ का मानना था कि यह महज एक मजाकिया इशारा था, जबकि बाकियों को पूरा यकीन था कि यह 'धुरंधर 2' के टीजर या ट्रेलर के बारे में हिंट हो सकता है। कई लोगों का मानना है कि यह 'धुरंधर 2' के ट्रेलर रिलीज के बारे में है जो 2025 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' का दूसरा पार्ट है। 'धुरंधर' के वक्त रणवीर ने डिलीट किए पोस्ट रणवीर ने किसी आगामी प्रोजेक्ट के लिए लोगों की दिलचस्पी जगाने के लिए सोशल मीडिया का इस तरह इस्तेमाल पहली बार नहीं किया है। 'धुरंधर' की रिलीज से पहले उन्होंने अपने सभी इंस्टाग्राम पोस्ट डिलीट कर दिए थे और उनकी जगह एक काली तस्वीर डालकर 12:12 स्टोरी पोस्ट की थी, जिसे फैंस ने किसी बड़े प्रमोशनल अनाउंसमेंट का हिंट माना था। 'धुरंधर' के वक्त भी इसी तरह का प्रमोशन उस समय, कई लोगों ने अनुमान लगाया कि यह 'धुरंधर' के पहले लुक टीजर से जुड़ा हुआ है। मैसेज में 12:12 का समय चुनने का चलन 'धुरंधर 2' में भी देखने को मिल रहा है। पहली फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर 18 नवंबर 2025 को दोपहर 12:12 बजे ऑनलाइन रिलीज किया गया था, जो सोशल मीडिया पर फैंस के बीच तेजी से ट्रेंड करने लगा था। ऐसा लगता है कि पार्ट 2 की मार्केटिंग टीम फिर से वही करना चाहती है। 'धुरंधर' के बारे में आदित्य धर की निर्देशित 'धुरंधर' एक बड़े बजट की बॉलीवुड स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म है। इसका पहला पार्ट 2025 के अंत में रिलीज हुआ था। बॉक्स ऑफिस पर इसने जबरदस्त कमाई करते हुए दमदार एक्शन और स्टार-स्टडेड कास्ट के लिए तारीफें बटोरीं। फिल्म में अक्षय खन्ना ने एक दमदार विलन का रोल किया था और अर्जुन रामपाल भी जोरदार दिखे। रणवीर सिंह लीड रोल में थे। 'धुरंधर' की बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई 'धुरंधर' फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। रिलीज के महज तीन हफ्तों में ही इसने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया और 1303 करोड़ की कमाई की। यह फिल्म भारत में सबसे अधिक कमाई करने वाली हिंदी फिल्म और उस समय विश्व स्तर पर दूसरी सबसे अधिक कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बन गई। धुरंधर के हर हफ्ते का कलेक्शन     पहला हफ्ता- 207.25 करोड़     दूसरा हफ्ता- 253.25 करोड़     तीसरा हफ्ता- 172 करोड़     चौथा हफ्ता- 106.5 करोड़     पांचवा हफ्ता- 51.25 करोड़     छठा हफ्ता- 26.35 करोड़     सातवां हफ्ता- 13.9 करोड़     आठवां हफ्ता- 5.35 करोड़     कुल कलेक्शन- 836.95 करोड़     वर्ल्डवाइड कलेक्शन- 1303 करोड़ 'धुरंधर 2' रिलीज डेट 'धुरंधर 2 द रिवेंज' 19 मार्च, 2026 को आपके नजदीकी सिनेमाघरों में आ रही है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा: अबू धाबी में वार्ता, लेकिन कब्ज़े वाले क्षेत्र पर मतभेद हैं

यूक्रेन यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रविवार को घोषणा की कि रूस और यूक्रेन के बीच अगली शांति वार्ता 4 और 5 फ़रवरी को अबू धाबी में होगी। वार्ता में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। ज़ेलेंस्की ने अपने टेलीग्राम पोस्ट में कहा“हमारी वार्ता टीम से रिपोर्ट मिली है। अगली तीनतरफा बैठक के लिए तारीखें तय हो गई हैं। यूक्रेन सार्थक वार्ता के लिए तैयार है और हम चाहते हैं कि यह युद्ध के वास्तविक और गरिमापूर्ण अंत की दिशा में ले जाए।” हालाँकि, अमेरिकी और रूसी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। रूस और यूक्रेन की सरकारें अभी भी कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बना पाई हैं। सबसे बड़ा विवाद डोनबास क्षेत्र में रूसी कब्ज़ा और अन्य क्षेत्रों के भविष्य को लेकर है। इसी बीच, रूसी हमले भी लगातार जारी हैं। रविवार सुबह, दक्षिणी यूक्रेन के ज़ापोरिज़्ज़िया शहर में रूसी ड्रोन ने एक मातृत्व अस्पताल पर हमला किया। यूक्रेनी आपातकालीन सेवा ने टेलीग्राम पोस्ट में बताया कि हमले में तीन महिलाएं घायल हुईं और गाइनेकोलॉजी वार्ड में आग लगी, जिसे बाद में बुझाया गया। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि रूस ने अस्थायी रूप से कीव और अन्य शहरों पर हमले रोकने पर सहमति दी है, ताकि ठंडे मौसम में नागरिकों की हालत बिगड़े। क्रेमलिन ने शुक्रवार को कीव पर हमले रोकने की पुष्टि की, लेकिन कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। पिछले सप्ताह रूस ने दक्षिणी यूक्रेन के ओडेसा, उत्तर-पूर्वी खार्किव और कीव क्षेत्र में भी हमले किए। हमले में दो लोग मारे गए और चार घायल हुए। रविवार तक, रूस ने 90 हमले ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें से 14 ने नौ स्थानों को निशाना बनाया। पूर्वी यूक्रेन के द्निप्रो शहर में भी ड्रोन हमले में एक महिला और एक पुरुष की मौत हुई। इसके अलावा, केंद्रिय खेरसन में भी शेलिंग से एक 59 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हुई।  

गुजरात की धरा ने दिया है, मानव कल्याण और सनातन का संदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जन्म उत्सव में एक साथ श्लोक पाठ का बना नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव वडोदरा में महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में हुए शामिल मध्यप्रदेश से जुड़ी हैं स्वामी जी की जीवन यात्रा की जड़ें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात की धरती भारत सहित अनेक राष्ट्रों में धर्म, आध्यात्म, सनातनी परम्परा, मानव कल्याण और सेवा मूल्यों को चेतना से जोड़ने का कार्य कर रही है। इस धरा से कभी महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसी विभूतियों ने राष्ट्र को योगदान दिया, वहीं अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह इस परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं। आज सऊदी अरब सहित अबूधाबी और अमेरिका में स्वामी नारायण अक्षर धाम के पारम्परिक हिन्दू मंदिर और विश्व के अनेक देशों में 600 से अधिक मंदिरों का निर्माण उल्लेखनीय है। सत्संगदीक्षा जैसे शास्त्रसम्मत ग्रंथ की रचना और हजारों सेवाभावी नवयुवान संतों का निर्माण सनातन की परम्परा को ऊंचाइयां दे रहा है। यह गर्व की बात है कि महंत स्वामी महाराज की जीवन यात्रा की जड़ें मध्यप्रदेश से भी जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को गुजरात के वडोदरा में पूज्य महंत स्वामी महाराज की 92वीं जन्म वर्षगांठ पर उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके शतायु होने की कामना की और आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में स्वामी जी का जन्म शताब्दी समारोह अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वडोदरा एक नगर नहीं बल्कि उस सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है जहां भक्ति के साथ सेवा की सुदीर्घ परम्परा है। इस धरती से गुरू के उस संदेश का प्रसार हो रहा है, जो भगवान स्वामी नारायण से लेकर पूज्य महंत स्वामीजी के जीवन में अभिव्यक्त होता है। अमृत बरसाने वाली यह धारा निरंतर प्रवाहित रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत वृंद ईश्वर के रूप में विराजमान रहते हैं। उनकी सामूहिक उपस्थिति बगिया में अनेक पुष्पों के एक साथ खिलने की तरह होती है। अपनी शिक्षाओं से वे बच्चों को आलोकित करते हैं। निश्चित ही यह बच्चे भारतीय संस्कृति को जीवंत करने का कार्य करेंगे। दीक्षित हो रहे बच्चे भी वंदन अभिनंदन के पात्र हैं। संस्कृत श्लोकों के सामूहिक पाठ का बना नया रिकार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में 15 हजार 666 बच्चों को एक साथ स्वामी जी द्वारा रचित 'सत्संग दीक्षा' ग्रंथ के 315 श्लोकों का पाठ किए जाने को एक उपलब्धि बताया। इस गतिविधि का नया गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड भी बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने महंत स्वामी महाराज से जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी ने दोनों मुख्यमंत्रियों का पुष्पमाला से अभिनंदन किया। कार्यक्रम में श्री गुणातितानंद स्वामी की अद्भुत महिमा एवं जीवन पर केंद्रित नाटक का मंचन किया गया। इसमें गौंड साम्राज्य के राजा श्री भगवत सिंह के चरित्र के माध्यम से गुणातितानंद स्वामी के सामाजिक और धार्मिक कार्यों की जानकारी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वडोदरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने आत्मीय स्वागत किया।