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सागौन तस्करों पर शिकंजा, वन विभाग ने दो ठिकानों से 5 लाख से अधिक की लकड़ी की जब्ती

 कांकेर  उत्तर बस्तर कांकेर जिले के कापसी वनपरिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई की है. विभाग की टीम ने ग्राम पिपली में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध सागौन की लकड़ी बरामद की है. इस कार्रवाई से इलाके के लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मच गया है. वन विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम पिपली में सागौन की लकड़ी का अवैध भंडारण किया गया है. सूचना के आधार पर कापसी वनपरिक्षेत्र की टीम ने दो संदिग्ध आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी. तलाशी के दौरान भारी मात्रा में सागौन चिरान और सागौन लट्ठा बरामद किया गया. वन विभाग ने कुल 254 नग सागौन जब्त किया है, जिसका कुल आयतन 7.549 घन मीटर आंका गया है. बाजार में 5 लाख से ज्यादा है कीमत अधिकारियों के मुताबिक, जब्त की गई इस सागौन लकड़ी का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 5 लाख 13 हजार रुपये है. मौके पर लकड़ी परिवहन में उपयोग किए जाने वाले साधनों की भी बारीकी से जांच की गई. इस मामले में वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है. कड़ी कानूनी कार्रवाई और चेतावनी वन विभाग ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध वन अधिनियम 1927 और छत्तीसगढ़ वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है. विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जंगलों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. प्रशासन ने आगे भी इसी तरह की छापेमारी और निगरानी जारी रखने की बात कही है.

रण उत्सव की तर्ज पर सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में विकसित होगी टेंट सिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में कच्छ का रण उत्सव बना भारत की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता का वैश्विक प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रण उत्सव में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ गुजरात में रण ऑफ कच्छ का 'रण उत्सव' आज भारत की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भव्य 'रण उत्सव' में सहभागिता कर विश्व स्तरीय टेंट सिटी की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद कहा कि जहां कभी बंजर भूमि थी, वहां आज किसानों की सहभागिता से पर्यटन, आजीविका और विकास का मॉडल खड़ा हुआ है, जिसे दुनिया देख रही है। लोक कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियां और गुजरात की समृद्ध संस्कृति, इस उत्सव को विशिष्ट पहचान देती हैं। यह प्रेरक उदाहरण है। उज्जैन में वर्ष-2028 में आयोजित होने वाले 'सिंहस्थ' में 'रण उत्सव' की तर्ज पर टेंट सिटी विकसित की जाएगी। साथ ही, मध्यप्रदेश में जहां पर्यटकों की संख्या अधिक है, वहां भी टेंट सिटी की योजना पर कार्य किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा और किसान भी लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भुज में स्थित 'स्मृति वन', जो भूकंप पीड़ितों की स्मृतियों को सहेजता है, वह संवेदना और संकल्प का प्रतीक है। इसी भावना के साथ भोपाल में भी यूनियन कार्बाइड त्रासदी के पीड़ितों की स्मृति में एक समर्पित संग्रहालय विकसित करने की भी योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का विजन ही नए भारत की सशक्त पहचान है।  

चांदी का कड़ा: किन राशियों को पहनना चाहिए और किन्हें बचना चाहिए? पूरी जानकारी यहाँ

ज्योतिष शास्त्र में चांदी बहुत महत्वपूर्ण और विशेष मानी जाती है. चांदी का संबंध चंद्र और शुक्र ग्रह से माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की कुंडली में चंद्र मजबूत होता है, तो उसकी सेहत हमेशा अच्छी रहती है. साथ ही व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र ग्रह सुख, वैभव और संपन्नता प्रदान करता है. यही कारण है कि लोग चांदी की अंगूठी या कड़ा अपने हाथों में पहनते हैं, तो आइए आज हम आपको बातते हैं कि चांदी का कड़ा किन रशि के जातकों के लिए शुभ माना जाता है? साथ ही जानते हैं कि किन राशि के जातकों को चांदी का कड़ा बिल्कुल भी नहीं पहनना चाहिए? इन तीन राशि वालों के लिए चांदी का कड़ा है बहुत शुभ ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को चांदी का कड़ा जरूर पहनना चाहिए. माना जाता है कि इन तीन राशि के जातकों को चांदी का कड़ा विशेष लाभ प्रदान करता है. ये तीनों ही राशियां जल तत्व की मानी जाती हैं. चांदी का संबंध भी जल तत्व से ही है. इसी वजह से तीनों राशि के जातकों के लिए चांदी का कड़ा पहनना शुभ और फलदायी होता है. चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से बताया गया है. चंद्रमा मन, सोच और मानसिक शांति का कारक माना जाता है. वहीं शुक्र सुख, सुंदरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. कहते हैं कि व्यक्ति की कुंडली में अगर ये दो ग्रह मजबूत होते हैं, तो जीवन में शांति और संतुलन बना रहता है. किन राशि वालों को चांदी का कड़ा नहीं पहनना चाहिए? ज्योतिष के अनुसार, मेष, सिंह और धनु राशि वालों को चांदी या इसका कड़ा नहीं पहनना चाहिए. इन राशि वालों को चांदी पहनने से मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए इन तीन राशि के जातकों को चांदी का कड़ा या अन्य चांदी का आभूषण पहनने से परहेज करना चाहिए. किस दिन और किस हाथ में पहनें? चांदी का कड़ा पहनने के लिए सबसे शुभ दिन सोमवार और शुक्रवार माना गया है. पुरुषों को चांदी का कड़ा दाहिने हाथ में पहनना चाहिए. जबकि महिलाओं को बाएं हाथ में पहनना चाहिए.

सदन में सियासी संग्राम: देश की छवि पर बयान को लेकर राहुल गांधी घिरे, मंत्री ने लगाई फटकार

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में चीन पर दिए गए बयानों से लगातार हंगामा जारी है। लोकसभा स्पीकर द्वारा बार-बार रोके जाने के बाद भी नेता विपक्ष लगातार एक ही मुद्दे पर बोलते रहे, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद जब कार्यवाही शुरू हुई तो उन्होंने एक बार फिर से वही बात शुरू कर दी। इस पर नाराज होते हुए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता विपक्ष जो कुछ भी बोल रहे हैं, वह अपुष्ट जानकारी है। उनसे यही कहूंगा कि कोई ऐसी बात मत बोलिए, जिससे देश का और सेना का मनोबल टूटे। देश को नीचा दिखाकर क्या मिलेगा। हालांकि इसके बाद भी राहल गांधी नहीं रुके और फिर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।   यह पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात रखने के लिए उठे कांग्रेस नेता ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के लेखों का हवाला देकर चीन पर बात रखते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सैनिक मौजूद थे। राहुल के इतना कहते ही सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस पर हंगामा शुरू कर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आखिर राहुल गांधी किसी ऐसी किताब का जिक्र सदन के पटल पर कैसे कर सकते हैं, जो कि छपी ही नहीं है। राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी लोकसभा नेता विपक्ष के बयान की निंदा की। हालांकि, इसके बाद भी वह नहीं रुके और लगातार वही बात कहते रहे। राहुल की इस हठधर्मिता पर स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को नसीहत भी दी। इस पर नेता विपक्ष ने कहा कि फिर आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना चाहिए और क्या नहीं। इस पर नाराज होते हुए स्पीकर ने कहा कि मैं यहां आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बोलना चाहिए, जिस पर यहां चर्चा हो रही है और जिसके बारे में आपने सदन को जानकारी दी थी।

किसान मेले में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती बनी आकर्षण का केंद्र

रायपुर. किसान मेले में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के प्रति किसानों में बढ़ी रूझान औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती में किसानों की रुचि तेजी से बढ़ी है, जिसका मुख्य कारण पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक लाभ, कम लागत और बाजार में मांग है। अश्वगंधा, लेमनग्रास, तुलसी और खस जैसी फसलों से किसान प्रति एकड़ अच्छी कमाई कर रहे हैं, जिसमें सरकार की सब्सिडी और तकनीकी सहायता भी मदद कर रही है।   किसान मेले में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के प्रति किसानों में बढ़ी रूझान   औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ द्वारा आयोजित किसान मेले में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड ने सक्रिय सहभागिता की। कुम्हारी, दुर्ग में 30-31 जनवरी को आयोजित दो दिवसीय किसान मेले में बोर्ड द्वारा लगाए गए स्टॉल के माध्यम से औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने हेतु संचालित शासकीय योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी दी गई।  किसान मेले में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के प्रति किसानों में बढ़ी रूझान कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, वन मंत्री  केदार कश्यप, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, सांसद दुर्ग  विजय बघेल सहित कृषि विभाग एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। किसानों के विशेष आकर्षण का केंद्र लेमनग्रास की खेती स्टॉल पर विभिन्न आकर्षक मॉडलों के माध्यम से खेती के सफल उदाहरण प्रस्तुत किए गए। इनमें नदी किनारे की रेतीली एवं अनुपयोगी भूमि पर खस की खेती, महिला सशक्तिकरण के लिए घरों की बाड़ी में सिंदूरी, सतावर एवं ब्राह्मी का रोपण तथा धान की खेती के कन्वर्जेंस के रूप में लेमनग्रास की खेती के मिनिएचर मॉडल शामिल रहे। ये मॉडल किसानों एवं आमजनों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। औषधीय एवं सुगंधित पौधे मच्छर एवं कीट-पतंगों को दूर भगाने में सहायक उल्लेखनीय है कि इस किसान मेले में बोर्ड द्वारा औषधीय एवं सुगंधित पौधों से तैयार उत्पादों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। अनंतमूल की जड़ से तैयार नन्नारी शरबत किसानों एवं आमजनों परोसा गया, जो शरीर को आंतरिक रूप से ठंडक प्रदान करता है और ग्रीष्म ऋतु में लू से बचाव में सहायक है। इसके साथ ही लेमनग्रास तेल की 10 मि.ली. शीशियों का निःशुल्क वितरण किया गया। लेमनग्रास तेल का उपयोग मानसिक शांति, सुगंधित वातावरण बनाने, मच्छर एवं कीट-पतंगों को दूर भगाने तथा तेल में मिलाकर मालिश के लिए किया जाता है। किसान मेले में लगभग 1000 से 1500 किसानों एवं आमजनों ने बोर्ड के स्टॉल से जानकारी प्राप्त की तथा नन्नारी शरबत और लेमनग्रास तेल के फायदे के बारे में विस्तृत जानकारी।

7 साल में 6 नौकरियों में सफल, लेकिन शिक्षक बनना ही चुना

रतलाम मेहनत और लगन से नामुमकिन को मुमकिन बनाने वाली कहानी सैलाना के अनुराग जैन की है। मध्यप्रदेश में छोटे कस्बे के इस युवा ने 7 साल में राज्य और केन्द्र सरकार की 6 अलग-अलग परीक्षाओं में सफलता हासिल की। इस अनोखे रेकॉर्ड को इंडिया बुक ऑफ में स्थान मिला है। अनुराग भारतीय डाक विभाग में सॉर्टिंग असिस्टेंट (2018), मप्र जनजातीय विभाग में उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षक (2021), सीजीएसटी में कर सहायक (2022), एकलव्य मॉडल स्कूल में पीजीटी गणित (2025) और मप्र स्कूल शिक्षा विभाग में उच्च माध्यमिक शिक्षक गणित (2025) पदों पर चयनित हुए। लेकिन उन्होंने डाक और वित्त विभाग की नौकरियां छोड़कर शिक्षक बनना चुना। अनुराग ने कहा, 'मेरी सेवानिवृत शिक्षिका मां से मिले संस्कार और मार्गदर्शन ने मुझे शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया।' वे वर्तमान पीएमश्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रिंगनोद में उच्च माध्यमिक शिक्षक (गणित) के रूप में कार्यरत हैं।

वाहन रैली और कृषि रथ के माध्यम से किसानों को किया जा रहा है जागरूक

भोपाल राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके लिए किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन रैली के माध्यम से किसानों को खेती की नवीन तकनीकों को अपनाकर फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए जागरूक किया गया। इसके तहत विभिन्न जिलों में वाहन रैली आयोजित की गईं। धार जिला मुख्यालय पर विधायक श्रीमती नीना वर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रिंयक मिश्रा द्वारा हरी झण्डी दिखाकर किसान जागरूकता वाहन रैली को रवाना किया गया। जिले में किसानों के लिए कृषि एवं कृषि से संबंधित विभागों की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कृषि रथ के माध्यम से निंरतर प्रत्येक ग्राम पंचायत में किया जा रहा है। कृषक कल्याण वर्ष के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि रथ के मुख्य आधार स्तंभ:- जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का प्रचार-प्रसार, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, विभागीय कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था, पराली प्रबंधन आदि विभागीय योजनाओं से जागरूक किया जा रहा है। सिवनी जिला मुख्यालय पर किसानों को जागरूक करने के लिए मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य किसानों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें शासन की विभिन्न कृषक हितैषी योजनाओं से जोड़ना रहा। मोटरसाइकिल रैली में सिवनी विधायक श्री दिनेश राय ने स्वयं मोटरसाइकिल चलाकर सहभागिता की और किसानों का उत्साहवर्धन किया। बैतूल जिले में किसानों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय वाहन रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों ने किसानों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने का संदेश दिया। रैली में मोटरसाइकिल, चार पहिया वाहन एवं विभागीय वाहनों के माध्यम से आकर्षक बैनर-पोस्टर लगाकर किसान कल्याण से जुड़े संदेश प्रसारित किए गए। इसी तरह पांढुर्णा जिले में भी किसान मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया।  

सिचुएशन कैसी भी हो, अगर खुद पर कंट्रोल है तो सफलता तय है

किसी भी परिस्थिति में कंट्रोल करना जरूरी है। पर ये कंट्रोल दूसरों पर ना होकर खुद पर होना जरूरी है। अपने आप को और दिमाग को इस तरह से ट्रेनिंग दे कि मुश्किल, विपरीत और बिल्कुल अलग तरह की सिचुएशन में कैसे खुद को शांत रखें। क्योंकि ज्यादातर गलतियां हम तभी करते हैं जब हमारी सोच, फिजिकल एक्टीविटी और हमारे शब्द जल्दी से रिएक्ट कर देते हैं। जब अपने दिमाग पर हमारा कंट्रोल होगा तो इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना आसान होगा। जानें कैसे विपरीत सिचुएशन में खुद को कूल रखें। खुद पर कंट्रोल खोने से बचाना जब भी सामने वाला आपको प्रोवोक करे, नीचा दिखाए तो खुद से यहीं कहना है कि मेरा रिएक्शन मेरी ताकत है और मैं इसे ऐसे ही नहीं दूंगा। क्योंकि गुस्से में खुद पर कंट्रोल खो देने से पावर भी चली जाती है। धीरे से रिएक्ट करें जब भी बहुत ही गंभीर, डिप्रेशन और स्ट्रेसफुल सिचुएशन आए तो तीन बार गहरी सांस लें और सोचें क्या मेरा इस जगह पर रिस्पांड करना जरूरी है। जो इंसान शांत रहते हैं वो अपनी प्रतिक्रिया देने के मामले में जल्दीबाजी नहीं दिखाते। और, जो लोग जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं अक्सर वो कमजोर ही होती है। सिचुएशन नहीं माइंड पर कंट्रोल करें अक्सर लोग सिचुएशन को कंट्रोल करने में लग जाते हैं लेकिन सिचुएशन नहीं खुद के माइंड पर कंट्रोल करने की जरूरत होती है। मेंटली स्ट्रांग लोगों से इन बातों को सीखें। जैसे ही कोई निगेटिव सिचुएशन आए तो सोचें कि हर समस्या का समाधान होता है। इससे पहले भी कई मुश्किल परिस्थितियां संभाली हैं। इसे भी संभाल लेंगे और ज्यादा सोचने से नहीं बल्कि अपने ऐक्शन में क्लियरिटी लाएं। जिससे प्रॉब्लम सॉल्व की जा सके। बॉडी लैंग्वेज पर कंट्रोल जब भी निगेटिव सिचुएशन आती है तो अपने बॉडी लैंग्वेज पर भी कंट्रोल करें। स्पाइन को सीधा करें, चेस्ट को ओपन करें और सांसों को धीरे से लें। ऐसा करने से बॉडी लैंग्वेज कंट्रोल में दिखेगी। निगेटिव विचारों को रोकें मन में जैसे ही निगेटिव विचार आएं तो खुद से बात करें कि क्या जो मैं सोच रहा हूं वो सही है या केवल मन का भ्रम। अपने विचारों को लिखें, ऐसा करने से ज्यादा क्लियर होगा माइंड।  

पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री पटेल ने माँ नर्मदा का किया पूजन

अनूपपुर  मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल ने पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित माँ नर्मदा मंदिर में माँ नर्मदा का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने माँ नर्मदा से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस दौरान उप संचालक पशु पालन डॉ बी बी चौधरी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, मां नर्मदा मंदिर के पुजारी तथा श्रद्धालु उपस्थित रहे।