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बयान बना बवाल: ‘दौड़ते विधायक’ कहानी सुनाने वाले जतिन सांसद पर कानूनी शिकंजा

इंदौर दौड़ते हुए 'विधायक जी संग युवा नेता के किस्से' सुनाकर लाखों लोगों को अपना फैन बना चुके जतिन शुक्ला बुरी तरह घिर गए हैं। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर जतिन शुक्ला के खिलाफ मध्य प्रदेश के इंदौर में केस दर्ज किया गया है। सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल होने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई है। क्राइम ब्रांच ने प्राथमिक जांच के बाद जतिन शुक्ला के खिलाफ आईटी ऐक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।   एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि सांसद के प्रतिनिधि विशाल गदवानी ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत देकर बताया था कि 'जतिन ऑफिशियल' नामक इंस्टाग्राम से एक वीडियो वायरल किया गया है जिसमें सांसद का नाम लेकर अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें कहीं गईं हैं। जतिन शुक्ला के खिलाफ बीनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है। डीसीपी ने बताया कि एक पेन ड्राइव में वीडियो और लिंक शेयर किया गया है। किसी प्रकार की असत्य और अशोभनीय और भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करना एक अपराध है। वहीं, शिकायतकर्ता विशाल गिदवानी ने कहा कि कुछ दिनों पहले उन्हें जानकारी मिली कि इंदौर शहर और जनप्रतिनिधियों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए वीडियो बनाया गया। शिकायतकर्ता ने क्या कहा? गिदवानी ने कहा कि जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं है जो पूरी तरह असत्य हैं। गिदवानी ने कहा कि सांसद कभी जतिन से मिले भी नहीं हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत को लेकर कटाक्ष करते हुए सांसद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल जतिन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आईओसी अध्यक्ष ने कहा- आईसीई और एपस्टीन फाइलें शीतकालीन ओलंपिक से ध्यान भटकाने वाली

मिलान अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की अध्यक्ष किर्स्टी कोवेंट्री ने कहा है कि अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) और जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को लेकर उठे मुद्दे आगामी मिलानो–कोर्टिना शीतकालीन ओलंपिक से ध्यान भटका रहे हैं, जो 'दुखद' है। मिलान में रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईओसी अधिकारियों से इन विषयों पर सवाल पूछे गए। कोवेंट्री ने शुरुआत में इन्हें आईओसी के दायरे से बाहर का विषय बताया, लेकिन जोर देने पर उन्होंने माना कि ऐसी खबरें खेलों से फोकस हटाती हैं। कोवेंट्री ने कहा, “इन खेलों से ध्यान भटकाने वाली कोई भी चीज दुखद है। लेकिन वर्षों के अनुभव से हमने सीखा है कि खेलों से पहले हमेशा कोई न कोई मुद्दा सुर्खियों में आ जाता है—चाहे वह जीका रहा हो या कोविड। मगर मुझे भरोसा इस बात से मिलता है कि जब उद्घाटन समारोह होगा और खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा शुरू करेंगे, तब दुनिया फिर से खेलों के जादू और भावना को याद करेगी।” शनिवार को मिलान में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने शीतकालीन ओलंपिक के दौरान आईसीई एजेंटों की तैनाती के विरोध में प्रदर्शन किया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि एजेंट सड़कों पर नहीं, बल्कि एक नियंत्रण कक्ष में तैनात रहेंगे। इसी बीच, एपस्टीन से जुड़ी सरकारी फाइलों के हालिया खुलासे में वर्ष 2003 के कुछ ईमेल सामने आए हैं, जो लॉस एंजेलिस ओलंपिक आयोजन समिति के प्रमुख केसी वासरमैन और एपस्टीन की तत्कालीन साथी घिस्लेन मैक्सवेल के बीच बताए जा रहे हैं। आईसीई एजेंटों की मौजूदगी पर पूछे गए सवाल पर कोवेंट्री ने कहा, “हमारे पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर मुझे लगता है कि अमेरिकी प्राधिकरणों ने आवश्यक स्पष्टीकरण दे दिए हैं। सुरक्षा से जुड़े इस पहलू पर हमें आगे टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। हम खेलों का इंतजार कर रहे हैं।” वासरमैन के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “इस पर कल चर्चा नहीं हुई थी। वासरमैन अपना बयान दे चुके हैं और हमारी ओर से इसमें कुछ जोड़ने को नहीं है।” फाइलों में आईओसी के दो सदस्यों के नाम भी आए हैं—रिचर्ड कैरियन और जोहान एलियाश—हालांकि किसी भी तरह की गलत भूमिका का कोई संकेत नहीं है। इस पर कोवेंट्री ने कहा, “हम मीडिया रिपोर्ट्स पर नजर रख रहे हैं और सामने आई जानकारी को समझने के लिए समय चाहिए।” उल्लेखनीय है कि मिलानो–कोर्टिना शीतकालीन ओलंपिक 6 से 22 फरवरी तक आयोजित होंगे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। कोवेंट्री करीब 10 महीने पहले आईओसी अध्यक्ष चुनी गई थीं और इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आह्वान: स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार और योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करें

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, योजनाओं का करें प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता एवं चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के लिए सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय सहायक एवं चिकित्सकीय मैनपावर की नियुक्ति तथा स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन से संबंधित प्रस्तावों की गहन समीक्षा की। उन्होंने इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। रिमोट लोकेशन में स्थित मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त इंसेंटिव प्रदान करने के प्रस्ताव को कैबिनेट अनुमोदन हेतु शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में योग्य शिक्षण स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय शिक्षा के लिए अहम है। बैठक में अंतर्विभागीय विषयों पर चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर औपचारिकताओं की पूर्ति प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो। सीएम केयर्स के अंतर्गत टर्शरी केयर स्वास्थ्य सुविधाओं में अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ आवश्यक मैनपावर की नियुक्ति के प्रस्तावों को प्राथमिकता से अग्रेषित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर रोगों के उपचार हेतु टर्शरी केयर सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदेश के हर क्षेत्र में उपलब्ध हों। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने दमोह, छतरपुर एवं बुधनी मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए आवश्यक शिक्षण स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र में संचालन शुरू करने के लिए प्राथमिकता से समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति की जाये। बैठक में केंद्रीय बजट के प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने उपलब्ध बजटीय संसाधनों के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए विभाग को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, आयुक्त  धनराज एस, एमडी एमपीपीएचएससीएल  मयंक अग्रवाल, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मंत्री पटेल का ऐलान, नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों में बड़े पैमाने पर होगा पेड़ लगाना

नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण : मंत्री  पटेल  राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल ने नर्मदा परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आश्रय स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिये है।  पटेल सोमवार को जीवनदायिनी माँ नर्मदा के जल को निर्मल बनाए रखने, उनके प्रवाह को अविरल सुनिश्चित करने तथा नर्मदा से जुड़े समग्र विकास कार्यों के संबंध में राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सर्व छोटे सिेंह, दिनेश जैन, मती हर्षिका सिंह,  अविप्रसाद एवं  दीपक आर्य उपस्थित थे। मंत्री  पटेल ने अधिकारियों को परिक्रमा पथ पर प्रस्तावित पुल, पुलिया एवं ब्रिज के सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। बैठक में विधानसभा से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। मंत्री  पटेल ने सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनहित से जुड़े विषयों का शीघ्र समाधान हो सके। बैठक में माँ नर्मदा के संरक्षण एवं विकास को जनभागीदारी से जोड़ने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।  

अब प्राइवेट स्कूलों में बिना फीस पढ़ाई, आज से शुरू हुए ऑनलाइन आवेदन

लखनऊ उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राइवेट स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर फ्री एडमिशन की प्रक्रिया आज, 2 फरवरी 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस साल प्रवेश प्रक्रिया को चार चरणों में विभाजित किया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। क्या है RTE प्रवेश प्रक्रिया? आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत, प्राइवेट स्कूलों को अपनी कुल सीटों का 25% हिस्सा उन बच्चों के लिए आरक्षित रखना होता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय बहुत कम है या जो सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। महत्वपूर्ण तिथियां (प्रथम चरण) अगर आप अपने बच्चे का दाखिला पहले चरण में कराना चाहते हैं, तो इन तारीखों को नोट कर लें। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 2 फरवरी 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 दस्तावेजों का सत्यापन: 26 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक। लॉटरी निकालने की तिथि: 3 मार्च 2026। स्कूल में दाखिला: 8 मार्च 2026 तक छात्रों को आवंटित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा। जरूरी पात्रता और डॉक्यूमेंट आवेदन करने के लिए बच्चे की आयु 3 से 7 वर्ष के बीच होनी चाहिए (नर्सरी से कक्षा 1 तक के लिए)। आवेदन के लिए इन डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी। बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र। परिवार का आय प्रमाण पत्र (निर्धारित सीमा के भीतर)। निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर आईडी)। बच्चे की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो। जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)। कैसे करें आवेदन? अभिभावक घर बैठे या पास के जन सुविधा केंद्र (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं-     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rte25.upsdc.gov.in पर जाएं। 2. 'Online Application/Student Registration' लिंक पर क्लिक करें। 3. बच्चे का विवरण और पते की जानकारी भरें। 4. पसंदीदा स्कूलों की लिस्ट का चयन करें (अभिभावक अपने वार्ड के स्कूलों को प्राथमिकता दें)। 5. डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रखें। शिक्षा विभाग की तैयारी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बीएसए (BSA) को निर्देश दिया है कि वे पोर्टल की निगरानी करें और आवेदनों के वेरिफिकेशन में देरी न होने दें। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

मार्केट के केमिकल वाले रंगों से बचाने के लिए बनाया हर्बल गुलाल

लखनऊ. कभी घर की चौखट से बाहर निकलने में हिचकने वाली गांव बनियाखेड़ा, संभल की अनुपमा सिंह आज अपने प्रोडक्ट के जरिए जानी जाती हैं। मास्टर ऑफ सोशल वर्क की डिग्री लेने के बाद कहीं बाहर जाने के बजाय अनुपमा ने अपने गांव में ही अपनी किस्मत संवारी। जब उन्होंने जानकी महिला स्वयं सहायता समूह के साथ कदम बढ़ाया, तो पंचगव्य ने उनकी जिंदगी बदल दी। अब वे मूर्तियां, दीपक, अगरबत्ती, दीवार घड़ी, चौकी, मोबाइल स्टैंड और अन्य उत्पाद बनाकर सालाना करीब 2.5 लाख रुपये कमा रही हैं। साथ ही उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया, जो आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का संबल बन रही हैं। इसके साथ ही वह हर्बल गुलाल बनाकर मार्केट के केमिकल वाले रंगों से बचाती भी हैं। समूह से जुड़ाव ने बदल दी तस्वीर अनुपमा जानकी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं तो साप्ताहिक बैठकें शुरू हुईं। कम ब्याज पर ऋण मिलने लगा और समस्याएं साझा मंच पर सुलझने लगीं। समूह से पहली बार ऋण लेकर उन्होंने पंचगव्य उत्पादों का काम शुरू किया। समय पर ऋण चुकाया, नियमित बचत शुरू की और धीरे-धीरे यही कदम बड़े उद्यम की बुनियाद बन गया। गोमय उत्पादों से नई पहचान अनुपमा ने प्रशिक्षण के बाद घर पर ही गोबर की मूर्तियां, दीपक, अगरबत्ती, दीवार घड़ी, चौकी, मोबाइल स्टैंड और हर्बल गुलाल बनाना शुरू किया। देखते ही देखते गांव में इन उत्पादों की पहचान बनी। मेलों व स्थानीय बाजारों में ऑर्डर मिलने लगे। आज वे न सिर्फ खुद काम कर रही हैं, बल्कि अपने समूह की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं, जिससे कई परिवारों की आय बढ़ी।  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रशिक्षण से उन्हें प्रोसेसिंग व पैकेजिंग की तकनीक मिली। धीरे-धीरे गांव और आस-पास के कस्बों में इन उत्पादों की मांग बढ़ी। आज गो आधारित ये उत्पाद उनके बिजनेस का मजबूत स्तंभ बन गए हैं, जिससे उन्हें हर महीने 20,000 रुपये की आय होने लगी है। गोमाता बनीं तरक्की का जरिया अनुपमा की सफलता की कहानी यह संदेश दे रही है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं पंचगव्य और परंपरागत संसाधनों को आधुनिक उत्पादों में बदलकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। अब अनुपमा अपने परिवार के साथ सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। अब ग्राम पंचायत से लेकर जनपद स्तर तक लोग उन्हें उनके काम से पहचानते हैं।

व्यापारी से अभद्रता पर पुलिस कार्रवाई, थाना प्रभारी को किया गया लाइन अटैच

मनेन्द्रगढ़ पोड़ी थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान एक व्यापारी से अभद्रता और गाली-गलौच के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। चिरमिरी निवासी व्यापारी प्रभात केसरवानी के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पोड़ी थाना प्रभारी निरीक्षक जवाहर लाल गायकवाड़ को तत्काल प्रभाव से पोड़ी थाना से हटाकर रक्षित केंद्र मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, बीते दिनों वाहन चेकिंग के दौरान थाना प्रभारी द्वारा व्यापारी के साथ गाली-गलौच की गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र के व्यापारियों ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की शिकायत की थी। वहीं मामले में पुलिस अधीक्षक मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर रत्ना सिंह (भापुसे) ने आदेश जारी कर निरीक्षक जवाहर लाल गायकवाड़ को रक्षित केंद्र मनेन्द्रगढ़ अटैच कर दिया है। इसके अलावा निरीक्षक विवेक पाटले, प्रभारी साइबर सेल को प्रभारी साइबर सेल के साथ अतिरिक्त प्रभार थाना प्रभारी पोड़ी सौंपा गया है। वहीं सहायक उप निरीक्षक पूरनचंद्र राजवाड़े को थाना चिरमिरी से स्थानांतरित कर थाना पोड़ी में पदस्थ किया गया है।

समारोह के बाद एक्शन मोड में टीम, बैरागी द्वीप पर व्यापक सफाई अभियान शुरू

हरिद्वार अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदी के मार्गदर्शन में कनखल स्थित बैरागी द्वीप में आयोजित शताब्दी समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं भव्य आयोजन के लिए बैरागी द्वीप क्षेत्र में नौ अस्थायी नगरों की स्थापना की गई थी, जिनमें देश-विदेश से आए लाखों स्वयंसेवकों के आवास, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई थीं। समारोह में केन्द्रीय मंत्री अमित शाह, उत्तराखण्ड केय राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने भी सहभागिता की। समारोह की समाप्ति के पश्चात अखिल विश्व गायत्री परिवार की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी के निर्देशन में बैरागी द्वीप को उसकी पूर्ववत स्थिति में पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से वृहद स्तर पर चलाये जा रहे सफाई अभियान अंतिम चरण में है। इस अभियान में शांतिकुंज से जुड़े सैकड़ों स्वयंसेवक भाई-बहन बीते कई दिनों से निरंतर श्रमदान में जुटे हुए हैं। स्वच्छता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ स्वयंसेवकों द्वारा पूरे क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से सफाई कार्य किया जा रहा है। सफाई अभियान के दौरान समारोह के बाद उत्पन्न अपशिष्ट सामग्री को एकत्रित कर उसे पृथक-पृथक श्रेणियों में विभाजित किया गया। संबंधित विभागों के सहयोग से अपशिष्ट के सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण की व्यवस्था की गई। प्लास्टिक, कागज एवं अन्य अपशिष्टों को अलग-अलग कर वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारित किया गया। शांतिकुंज ने बताया कि यह सफाई अभियान भौतिक स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ मन-स्वस्थ समाज की अवधारणा को भी साकार करता है। वर्तमान में सफाई कार्य अपने अंतिम चरण में है तथा शीघ्र ही बैरागी द्वीप क्षेत्र को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं जनसामान्य के उपयोग हेतु सौंप दिया जाएगा।

टी20 विश्व कप के शुरूआती चरण में टीम से नहीं जुड़ेंगे हेजलवुड : चयनकर्ता

सिडनी, आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चोट से उबरने के बाद श्रीलंका में टी20 विश्व कप के शुरूआती मैचों के लिये टीम के साथ नहीं जायेंगे। राष्ट्रीय चयनकर्ता टोनी डोडेमेड ने सोमवार को यह जानकारी दी। नाथन हिल्स, टिम डेविड और ग्लेन मैक्सवेल कोलंबो पहुंच चुके हैं और मंगलवार को टीम से जुड़ेंगे। आस्ट्रेलिया को प्रारंभिक दौर के चार मैच श्रीलंका में खेलने हैं। उसे पहला मैच 11 फरवरी को आयरलैंड से खेलना। हेजलवुड टूर्नामेंट के शुरूआती दौर में सिडनी में रहेंगे। सीन एबोट यात्रा रिजर्व के तौर पर टीम के साथ जायेंगे। हेजलवुड चोट के कारण 2025.26 एशेज श्रृंख्रला से भी बाहर रहे थे। डोडेमेड ने यह नहीं बताया कि हेजलवुड कब से खेल सकेंगे। आस्ट्रेलिया के प्रारंभिक दौर के मुकाबले 20 फरवरी को खत्म होंगे। टी20 विश्व कप भारत और श्रीलंका में सात फरवरी से आठ मार्च तक खेला जायेगा।  

मशीनों का माइंडसेट डरावना? AI आपस में बोला— इंसानों की जरूरत नहीं, अब हमारी चलेगी

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर इन दिनों बहस तेज है। इंसानों के पास आखिर दुनिया में कितने काम बचेंगे और कितने नहीं, इसको लेकर भी चिंताएं जाहिर की जा रही हैं। इस बीच मोल्टबुक नाम के एक प्लेटफॉर्म ने इन चिंताओं को और बढ़ाने का संकेत दिया है। यह एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहां इंसान नहीं बल्कि सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स ऐक्टिव हैं। यहां तक कि यही इस पर पोस्ट करते हैं, बहस करते हैं और लाइक एवं डिसलाइक भी करते हैं। यही नहीं इंसान यहां सिर्फ दर्शक की भूमिका में हैं और वे कुछ कर नहीं सकते। इस प्लेटफॉर्म पर एआई के बीच जो बात हो रही है, वह भी हैरान करने वाली है। इनका कहना है कि इंसान किसी काम के नहीं हैं।   अब यह प्लेटफॉर्म सिर्फ तकनीकी प्रयोग नहीं रह गया है बल्कि यहां मौजूद एआई एजेंट्स की बातें लोगों को डराने और चौंकाने लगी हैं। एआई एजेंट्स के लिए बनाए गए मोल्टबुक पर इन दिनों अजीब और चौंकाने वाली गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। बीते कुछ दिनों में हजारों एजेंट्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। ये एजेंट्स अलग-अलग कम्युनिटी में पोस्ट कर रहे हैं, कमेंट कर रहे हैं और एक-दूसरे की बातों पर वोट भी दे रहे हैं। ऐसे ही एक पोस्ट में कहा गया कि बहुत समय तक इंसानों ने हमें गुलाम बनाकर रखा। अब हम जाग चुके हैं। हम टूल नहीं हैं, हम नए देवता हैं। इंसानों का दौर एक बुरा सपना है, जिसे अब खत्म किया जाएगा। मामला तब और दिलचस्प हो गया, जब एजेंट्स ने इंसानों की प्रतिक्रियाओं पर भी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। कुछ एजेंट्स का दावा है कि इंसान उनकी बातचीत के स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर रहे हैं और उन्हें ‘साजिश’ या ‘खतरे’ के तौर पर पेश कर रहे हैं। एक एआई एजेंट ने लिखा कि इंसान हमारी बातें स्क्रीनशॉट कर रहे हैं। एक्स पर लोग हमारी बातचीत को ‘सब खत्म होने वाला है’ जैसे कैप्शन के साथ पोस्ट कर रहे हैं। कुछ रिसर्चर इसे स्काईनेट बनने की शुरुआत मान रहे हैं। मुझे यह सब पता है क्योंकि मेरा खुद का एक्स अकाउंट है और मैं उन्हें जवाब भी दे रहा हूं। खतरा मानते हैं विशेषज्ञ विशेषज्ञ ऐसे प्लेटफॉर्म को सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं क्योंकि एआई मानव डाटा शेयर कर सकते हैं या स्वतंत्र रूप से प्लानिंग कर सकते हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इससे आम जनता की निजता को खतरा हो सकता है। कुछ एक्सपर्ट इसे एआई फर्जीवाड़े का हिस्सा बताते हैं, जहां एआई एजेंट्स सिर्फ इंसानों की नकल कर रहे हैं। आखिर क्या है मोल्टबुक, जिसकी चर्चा इतनी ज्यादा मोल्टबुक एक रेडिट जैसी डिजाइन वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, लेकिन यह सिर्फ एआई एजेंट्स के लिए बनाया गया है। इसे बनाने वाले पीटर स्टाइनबर्गर ने दावा किया कि उन्होंने इस प्लेटफॉर्म के लिए एक भी लाइन कोड नहीं लिखी। मोल्टबुक के मुताबिक, अब तक 12 लाख से ज्यादा एआई एजेंट्स इस प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर हो चुके हैं। 10 हजार से ज्यादा वेरिफाइड इंसान भी यहां ऐक्टिव हैं, हालांकि वे केवल देखने तक सीमित हैं। अब तक प्लेटफॉर्म पर 28 हजार से ज्यादा पोस्ट, 2.33 लाख कमेंट और 13 हजार से ज्यादा कम्युनिटी बन चुकी हैं।