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कबीर संत समागम समारोह को सीएम साय का समर्थन, सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस दौरान सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है। उन्होंने संत समागम समारोह दामाखेड़ा की राशि 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपए करने की घोषणा की। इस अवसर पर सीएम साय ने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब, पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है, जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है। वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब ​मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है। नक्सलवाद का प्रदेश से 31 मार्च 2026 तक समूल नष्ट हो जाएगा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ श्री ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पंथ श्री का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हैं। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया। समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही विदेशों से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक भावना बोहरा, ईश्वर साहू, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

बैन के बाद भी पाकिस्तान में ‘धुरंधर’ की धूम, Netflix ट्रेंड ने दी बड़ी गवाही

मुंबई      आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्म साबित हो रही है. क्योंकि इस फिल्म का क्रेज थमने का नाम नहीं ले रहा है. थिएटर में सक्सेसफुली चलने के बाद, अब फिल्म ओटीटी पर भी धमाल मचा रही है. इंडिया में तो इसे पसंद किया ही जा रहा है. लेकिन साथ ही में जहां ये फिल्म बैन थी, वहां भी लोग इसे खूब देख रहे हैं.  पाकिस्तान में भी 'धुरंधर' ने उड़ाया गर्दा 'धुरंधर' जब रिलीज हुई थी, तब इसे पाकिस्तान समेत सभी गल्फ देशों में बैन किया गया था. ऐसे में फिल्म के मेकर्स को काफी भारी नुकसान चुकाना पड़ा था. हालांकि वहां के लोग इस फिल्म के गानों को बेहद पसंद कर रहे थे. पाकिस्तान से कई सारे वीडियोज सामने आए थे, जहां शादियों में 'धुरंधर' के ही गाने बज रहे थे.  अब चूंकि 'धुरंधर' नेटफ्लिक्स पर ग्लोबली रिलीज हो गई है, ऐसे में पाकिस्तानी लोग भी इसे देख रहे हैं. इंडिया समेत वहां के नेटफ्लिक्स पर भी फिल्म नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है. इसका एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें 'टॉप 10 मूवीज ट्रेडिंग इन नेटफ्लिक्स पाकिस्तान' की लिस्ट में नंबर 1 पर 'धुरंधर' दिखी है. इस न्यूज को कई लोगों ने भी कंफर्म किया है.  पाकिस्तान की आवाम हुई 'धुरंधर' की कायल 'धुरंधर' की कहानी पाकिस्तान के शहर ल्यारी और वहां की गैंग वॉर को दर्शाती है. जहां इंडिया की तरफ से एक एजेंट हमजा अली मजारी बनकर पहुंचता है. वो वहां मौजूद सभी गैंग और आतंकवादी अड्डों में घुसकर उसे अंदर ही अंदर खत्म करने के मिशन पर होता है. ये कहानी वहां के लोगों के लिए काफी कॉन्ट्रोवर्शियल थी, इसलिए इसे पाकिस्तान के थिएटर्स में बैन किया गया था.  लेकिन जब ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई, तो किसी से रहा नहीं गया. पाकिस्तान के लोगों ने ये फिल्म देखी भी और अब सोशल मीडिया पर इसकी जमकर तारीफ भी कर रहे हैं. रेडिट, X जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पाकिस्तान की आवाम सिर्फ 'धुरंधर' की सराहना कर रही है. वो हैरान हैं कि आदित्य धर, जो इंडियन फिल्ममेकर हैं, उन्होंने ल्यारी जैसे शहर को हूबहू कैसे बड़े पर्दे पर दिखा दिया. अब वो यही सोच रहे हैं कि जब पार्ट 1 ने इस तरह का धमाका किया है, तो पार्ट 2 में और क्या-क्या होने वाला है.   फिल्म 'धुरंधर' पाकिस्तान के साथ-साथ और भी कई देशों में ट्रेंड कर रही है. अब इसका पार्ट 2 19 मार्च, 2026 को ईद के मौके पर रिलीज होगा, जिसके लिए सभी बेहद एक्साइटेड हैं. उनके मन में फिल्म को लेकर कई सवाल हैं, जिसके जवाब उन्हें अभी से लगभग 50 दिनों के बाद मिलेंगे. 

भोरमदेव अभ्यारण्य में बाघों की धमाकेदार एंट्री, तस्वीरों ने दी जंगल सफारी की उम्मीद

कवर्धा वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है. कबीरधाम जिले के भोरमदेव की सुरम्य पहाड़ियों और सघन जंगलों में एक बार फिर बाघों की दहाड़ गूंजने लगी है. वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघ-बाघिन और उनके शावकों की बेखौफ विचरण करती तस्वीरें कैद हुई हैं. यह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि भोरमदेव अभ्यारण्य अब बाघों के लिए एक सुरक्षित और पसंदीदा ठिकाना बन चुका है. कान्हा नेशनल पार्क में बढ़ती संख्या का असर वन मंडल अधिकारी (DFO) निखिल अग्रवाल के मुताबिक, वर्तमान में जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में चार से अधिक बाघ और बाघिन सक्रिय हैं. इनकी हलचल प्रभूझोल, चिल्फी, बेंदा, झलमला और भोरमदेव अभ्यारण्य के आंतरिक हिस्सों में दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण, बाघ अब शांत आवास की तलाश में भोरमदेव का रुख कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस बार बाघिनें शावकों के साथ यहाँ लंबे समय से डेरा डाले हुए हैं, जो यहाँ के बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाता है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम बाघों की मौजूदगी ने वन विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है. प्रभूझोल से लेकर जामुनपानी मार्ग तक बाघों के पगमार्क (पैरों के निशान) मिले हैं. सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विभाग ने उनकी सटीक लोकेशन को गोपनीय रखा है, हालांकि निगरानी के लिए गश्त बढ़ा दी गई है. जंगल में बाघों का शावकों के साथ शिकार करना यह संकेत देता है कि यहां वन्यजीवों के लिए भोजन और प्राकृतिक चक्र पूरी तरह संतुलित है. पर्यटकों के लिए खुशखबरी: अप्रैल-मई से शुरू होगी सफारी बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन विभाग अब भोरमदेव में जंगल सफारी शुरू करने की तैयारी में है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, अप्रैल या मई के महीने से इसे आम पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है. सफारी के संचालन का जिम्मा गुजरात की एक अनुभवी कंपनी को सौंपा गया है. पर्यटकों के लिए टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन उपलब्ध होगी. इस पहल से न केवल इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. भोरमदेव में बाघों की स्थायी वापसी छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है. यह साबित करता है कि यदि संरक्षण के प्रयास ईमानदारी से किए जाएं, तो प्रकृति अपनी खोई हुई रौनक दोबारा हासिल कर लेती है.

शूटिंग बॉल वर्ल्ड कप में विदिशा की इशिका मीणा, भारतीय टीम में चयन से जिले में खुशी की लहर

विदिशा  विदिशा जिले की होनहार खिलाड़ी इशिका मीणा ने खेल जगत में एक नई पहचान बनाते हुए जिले के साथ-साथ पूरे मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है। इशिका का चयन भारतीय शूटिंग बॉल टीम में हुआ है और वे दूसरे शूटिंग बॉल वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए मध्य प्रदेश से चुनी गई वे एकमात्र खिलाड़ी हैं। शूटिंग बॉल वर्ल्ड कप का आयोजन 1 से 3 फरवरी 2026 तक राजधानी नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में किया जाएगा। शूटिंग बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में 18 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। भारतीय टीम में इशिका मीणा को मुख्य अटैकर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इशिका मीणा की शैक्षणिक और खेल यात्रा भी प्रेरणादायक रही है। वे विदिशा स्थित महारानी लक्ष्मी बाई गर्ल्स स्कूल की पूर्व छात्रा रही हैं। उन्होंने बीपीईएस में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से बीपीएड की पढ़ाई कर रही हैं। खेल के क्षेत्र में इशिका लगातार सक्रिय रही हैं और अब तक सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर वर्ग की छह राष्ट्रीय शूटिंग बॉल प्रतियोगिताओं में सहभागिता कर चुकी हैं। उनकी इस सफलता के पीछे शूटिंग बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष एवं अनुभवी कोच जितेंद्र सिंह बघेल का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है, जिन्होंने इशिका की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई। इशिका के चयन की खबर मिलते ही उनके स्कूल, खेल जगत और पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। वी टीच स्कूल प्रबंधन, खेल प्रेमी पंकज भार्गव, रविकांत नामदेव सहित अनेक गणमान्य नागरिकों और खेल प्रेमियों ने इशिका को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और देश के लिए पदक जीतने की शुभकामनाएं दी हैं। विदिशा की यह बेटी आज युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। 

बड़वानी नगर पालिका बनी मूकदर्शक, सिवरेज लाइन ने शहर को बनाया छलनी

बड़वानी नगर पालिका बनी मूकदर्शक, सिवरेज लाइन ने शहर को बनाया छलनी  गड्ढों में तब्दील सड़कें, उड़ती धूल–कीचड़ से जनता त्रस्त, हादसों का डर बड़वानी शहर में चल रहा सिवरेज लाइन का काम अब विकास कम और परेशानी ज़्यादा बन चुका है। नगर के प्रमुख मार्गों से लेकर वार्डों की गलियों तक सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन बहाली के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। हालात यह हैं कि नगर पालिका सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनी बैठी है। कई इलाकों में महीनों पहले खुदाई हो चुकी है, पर सड़कें आज तक ठीक नहीं की गईं। गड्ढों में भरा पानी, बिखरी मिट्टी और उड़ती धूल से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक रोज़ फिसल रहे हैं, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिवरेज लाइन डालने के बाद गुणवत्ता के अनुसार सड़क बहाली नहीं हो रही। कहीं आधा-अधूरा डामर, तो कहीं केवल मिट्टी डालकर काम चला दिया गया। कुछ ही दिनों में सड़क फिर उखड़ जाती है। इससे साफ जाहिर है कि ठेकेदारों की मनमानी पर कोई अंकुश नहीं है। नागरिकों का कहना है कि कई बार नगर पालिका में शिकायतें की गईं, मगर न निरीक्षण हुआ और न कार्रवाई। बारिश में गड्ढे तालाब बन जाते हैं और आसपास बदबू फैलने लगती है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर पालिका और संबंधित अधिकारी नींद से जागेंगे या जनता यूं ही बदहाल सड़कों पर हादसों का इंतजार करती रहेगी। जरूरत है कि जिम्मेदार अफसर मौके पर उतरें, ठेकेदारों पर सख्ती करें और सिवरेज कार्य के बाद तुरंत स्थायी और गुणवत्तापूर्ण सड़क बहाली कराई जाए।

शेयर बाजार की जोरदार वापसी, सेंसेक्स में 940 अंकों की छलांग, 5 लाख करोड़ की कमाई

मुंबई  सोमवार को दिनभर शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हावी रहा, लेकिन मार्केट बंद होने के आखिरी घंटे में शेयर बाजार में शानदार तेजी आई. बीएसई सेंसेक्‍स 944 अंक या 1 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर 81,666.46 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 263 या 1 फीसदी चढ़कर 25,088.40 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक में भी 200 अंकों की तेजी रही. शेयर बाजार में अचानक आई तेजी की बड़ी वजह लास्‍ट टाइम में निवेशकों की खरीदारी रही. खासकर लार्जकैप कंपनियों के शेयरों में अच्‍छी खरीदारी हुई, क्‍योंकि रिलायंस इंडस्‍ट्रीज जैसे शेयर 3 फीसदी तेजी आई है. इस तेजी के कारण बीएसई मार्केट कैप‍िटलाइजेशन 5 लाख करोड़ रुपये चढ़ गया. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 5 शेयर ही 2 फीसदी की गिरावट पर बंद हुए. बाकी 25 शेयरों में अचछी तेजी रही. पावरग्रिड जैसे शेयरों में 7 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई. Adani Port का शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ा और मुकेश अंबानी का शेयर 3 फीसदी चढ़ा.     अचानक क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी? जब निवेशकों को लगता है कि शेयर बाजार में हैवी बिकवाली आ चुकी है और अब खरीदने का मौका है तो वह अपने पसंदीदा शेयरों में खरीदारी करते हैं. सोमवार को वही दिन नजर आया है. हैवीवेट शेयरों जैसे RIL, पावरग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एल एंड टी, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा में 7 फीसदी तक की तेजी रही, जो अच्‍छी खरीदारी का संकेत है. 

राजिम झड़प मामले में सीएम साय का कड़ा रुख, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत, महादेव सट्टा एप पर भी बोले

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कोरबा और अंबिकापुर दौरे के लिए रवाना हुए। दौरे को लेकर सीएम साय ने बताया कि कोरबा और अंबिकापुर में भारतीय जनता पार्टी के नए कार्यालयों का आज भूमिपूजन किया जाएगा। राजिम में दो संप्रदायों के बीच हुए विवाद को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है। घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महादेव सट्टा एप मामले पर मुख्यमंत्री साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि इस मामले में कोई शासकीय कर्मचारी भी संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी। भाजपा अन्य दलों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करती : किरण देव वहीं कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के बाद अब ट्रेनिंग को लेकर चल रही चर्चाओं पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के संगठन का विषय है और इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष की है। भाजपा अन्य दलों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करती। एक सप्ताह के भीतर पूरा होगा संगठन का काम भाजपा संगठन को लेकर जानकारी देते हुए किरण देव सिंह ने कहा कि पार्टी की संरचना पूरी तरह सुव्यवस्थित है। प्रदेश स्तर की टीम बन चुकी है और जिला स्तर पर भी गठन पूरा हो चुका है। सभी संगठनात्मक कार्य भाजपा की रीति-नीति के अनुसार तेजी से प्रारंभ हुए हैं और एक सप्ताह के भीतर संगठन का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा 60% DA बढ़ोतरी, 8वें वेतन आयोग पर नई अपडेट

नई दिल्ली  केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक जनवरी 2026 से मिलने वाली महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी को लेकर काफी उत्साहित हैं। इस बीच, अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक–औद्योगिक श्रमिक (AICPI-IW) का दिसंबर माह का आंकड़े भी जारी हो गए हैं। श्रम ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 60% हो सकता है। यह DA बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों के मूल वेतन (बेसिक पे) के आधार पर तय की जाएगी। हालांकि, 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है और 8वें वेतन आयोग का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू हो चुका है, फिर भी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए DA और DR में बढ़ोतरी तब तक जारी रहेगी, जब तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं हो जातीं। क्या कहते हैं नवंबर के आंकड़े श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने नवंबर 2025 का ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) जारी कर दिया है, जो 148.2 पर पहुंच गया है। यही इंडेक्स हर छह महीने में DA और DR तय करने का आधार होता है। नवंबर के आंकड़ों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर 12 महीने का औसत इंडेक्स 59.93% के करीब पहुंच गया था, जो 60% की अगली सीमा से बस थोड़ा सा नीचे है। ऐसे में अब दिसंबर 2025 के इंडेक्स सामान्य स्तर पर होने के चलते माना जा रहा है कि DA 60% के पार चला जाएगा। चूंकि सरकार DA हमेशा पूरे अंकों में घोषित करती है, इसलिए कर्मचारियों को कम से कम 2% की बढ़ोतरी मिलने की पूरी संभावना है। यानी मौजूदा 58% DA बढ़कर जनवरी 2026 से 60% हो सकता है। क्या है डिटेल ध्यान देने वाली बात यह है कि 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है और 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना गया है। इसके बावजूद नई सिफारिशें लागू होने तक DA और DR में बढ़ोतरी पुरानी व्यवस्था के तहत ही जारी रहेगी। सरकार ने पिछली बार जुलाई 2025 में DA को 54% से बढ़ाकर 58% किया था। जनवरी 2026 से लागू होने वाली नई दर की आधिकारिक घोषणा मार्च या अप्रैल 2026 में होने की उम्मीद है और तब कर्मचारियों व पेंशनर्स को एरियर भी दिया जाएगा।

कर्नाटक की बड़ी जीत, 16वें वित्त आयोग में मध्य प्रदेश के लिए फंड जुटाना हुआ मुश्किल

नई दिल्ली/ भोपाल  केंद्र सरकार द्वारा करों के बंटवारे के लिए अपनाए गए नए फार्मूले (2026-31) ने राज्यों के बीच राजस्व वितरण के समीकरण को पूरी तरह बदल दिया है. इस नए बदलाव का सबसे बड़ा लाभ कर्नाटक को मिला है, जिसका कर बंटवारे में हिस्सा 3.65% से बढ़कर 4.13% हो गया है. इसके परिणामस्वरूप कर्नाटक को अतिरिक्त ₹7,387 करोड़ प्राप्त होंगे, जिससे उसका कुल आवंटन बढ़कर ₹63,050 करोड़ हो जाएगा. इस ऐतिहासिक लाभ के पीछे सबसे मुख्य कारण फार्मूले में "जीडीपी (GDP) में योगदान" को दिया गया 10% वजन है. विनिर्माण, सेवाओं और तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी होने के कारण कर्नाटक को उसके आर्थिक प्रदर्शन के लिए यह विशेष 'इनाम' मिला है. कर्नाटक के बाद केरल दूसरा सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है, जिसके आवंटन में ₹6,975 करोड़ की वृद्धि हुई है. अधिक प्रति व्यक्ति आय और मजबूत आर्थिक योगदान के चलते गुजरात (₹4,228 करोड़) और हरियाणा (₹4,090 करोड़) को भी महत्वपूर्ण बढ़त मिली है, जबकि महाराष्ट्र का हिस्सा बढ़कर 6.44% हो गया है. यह नया फार्मूला स्पष्ट रूप से उन राज्यों को पुरस्कृत कर रहा है जो राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. दूसरी ओर, नए दक्षता मानकों पर खरा न उतर पाने वाले राज्यों को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है. मध्य प्रदेश को सबसे बड़ा झटका लगा है, जिसका आवंटन ₹7,677 करोड़ घट गया है. जनसंख्या-प्रधान राज्यों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव दिखा है; उत्तर प्रदेश को ₹4,884 करोड़ और पश्चिम बंगाल को ₹4,701 करोड़ की कमी झेलनी पड़ी है. बिहार को भी ₹1,679 करोड़ का नुकसान हुआ है, हालांकि वह अभी भी कुल आवंटन प्राप्त करने के मामले में देश में दूसरे स्थान पर बना हुआ है. यह आवंटन नीति अब केवल जनसंख्या के बजाय 'आर्थिक प्रदर्शन और दक्षता' की ओर झुकती नजर आ रही है.

क्रिकेट युद्ध की झलक: भारत ने पाकिस्तान पर किया शानदार हावी, हेड-टू-हेड स्टैट्स देखें

नई दिल्ली रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच अंडर-19 वर्ल्ड कप का अहम मुकाबला खेला गया, जिसमें भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 58 रन से रौंदकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। रविवार के दिन ही पाकिस्तान सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के साथ मैच ना खेलने का ऐलान किया। ऐसे में कई लोगों ने सवाल उठाए कि हार के डर से पाकिस्तान ने यह फैसला लिया है, बांग्लादेश को हटाए जाने का विरोध तो एक बहाना है। तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि क्या सच में पाकिस्तान का भारत के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा नहीं है या दोनों टीमें बराबर के टक्कर की हैं। आइए देखते हैं आंकड़े क्या कहते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों फैंस के लिए भावनाओं का सैलाब होता है। जब भी ये दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमें मैदान पर आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। हालांकि, अगर हम आंकड़ों की बात करें, तो बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। वनडे और टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का एकछत्र राज आईसीसी (ICC) के सबसे बड़े टूर्नामेंट, यानी वनडे वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को अब तक एक बार भी सिर उठाने का मौका नहीं दिया है। वनडे वर्ल्ड कप में भारत पाकिस्तान की टीमें 8 बार आमने-सामने हुई हैं, लेकिन पाकिस्तान ने कभी भारत के खिलाफ जीत हासिल नहीं की है। इस तरह भारत 8-0 की शानदार बढ़त बनाए हुए है। टी-20 वर्ल्ड कप में भी भारत का दबदबा नजर आता है। इस मेगा इवेंट में दोनों टीमे 8 बार आमने-सामने हुई हैं, जिसमें भारत ने 7 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान केवल 1 मैच ही जीत सका है। एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी में भी इंडिया आगे एशिया कप में भी टीम इंडिया का जलवा बरकरार है। वनडे फॉर्मेट वाले एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की टीमें 12 बार आमने-सामने हुई हैं, जिसमें भारत ने 8 बार जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान 5 मैच जीत सका है। टी20 एशिया कप में भारत ने 5 बार जीत हासिल की है और पाकिस्तान को सिर्फ 1 बार जीत नसीब हुई है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी एकमात्र ऐसा बड़ा टूर्नामेंट है जहां दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही है और दोनों टीमें 3-3 की बराबरी पर खड़ी हैं। महिला क्रिकेट में भी भारत का एकछत्र राज भारतीय महिला टीम ने भी पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा है। वनडे वर्ल्ड कप और वनडे एशिया कप में पाकिस्तान की टीम भारत को एक बार भी नहीं हरा पाई है। जहां भारत क्रमशः 5-0 और 6-0 से आगे है। टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने 6 मुकाबले जीते हैं और पाकिस्तान को 2 मैचों में जीत मिली है। वहीं, महिला टी20 एशिया कप में भी भारत 6-1 से बड़ी बढ़त बनाए हुए है। हमारे युवा खिलाड़ियों ने भी बुरी तरह रौंदा युवा स्तर पर भी भारतीय टीम ने अपनी श्रेष्ठता साबित की है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। हालांकि, यहां भी भारत 6-5 की बढ़त के साथ पाकिस्तान से एक कदम आगे है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि बड़े टूर्नामेंट्स और दबाव वाले मैचों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन पाकिस्तान की तुलना में कहीं अधिक निखर कर सामने आता है। चाहे वह सीनियर टीम हो, महिला टीम हो या जूनियर स्तर के खिलाड़ी, भारतीय क्रिकेट का परचम हर जगह लहरा रहा है।