sulagtikhabar.com

Latest News

सड्डू और डूंडा में लगभग 1000 सीटों के 5 हॉस्टल भवन बनकर तैयार

रायपुर,. प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने किया निरीक्षण राजधानी के सड्डू में बन रहे ‘‘ज्ञानोदय हब’’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय करेंगे। आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग विकास विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे इस हब का उ्ददेश्य शिक्षा के जरिए राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मजबूत करना है। ज्ञानोदय हब के शुभारंभ से राजधानी रायपुर में अनुसूचित जाति, जनजातीय, ओबीसी और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलेगा।  प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज ज्ञानोदय हब सहित विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हॉस्टलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को कालीबाड़ी और पेंशनबाड़ा स्थित पुराने छात्रावासों के स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से लैस नया चार-चार मंजिला हॉस्टल भवन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड्डू और डूंडा में तैयार पांच हॉस्टल भवन का भी निरीक्षण किया। यहां लगभग एक हजार बच्चों को हॉस्टल में रहने के लिए सुविधाएं विकसित की गई है।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बताया कि राजधानी रायपुर में बनाए जा रहे इन हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेस, एनडीए, क्लेट, नेट, स्लेट, पीटी, पीएमटी, आईआईटी, मेडिकल सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। सढ्ढू का पूरा परिसर लगभग 18 एकड़ तथा डूंडा का हॉस्टल परिसर 10 एकड़ से अधिक भूमि में विकसित किया गया है।  गौरतलब है कि नवनिर्मित हॉस्टलों में एकलव्य ड्रापर छात्रों के लिए कोचिंग हेतु 500 सीटर, ओबीसी बालक-बालिकाओं हेतु सौ-सौ सीटर, अनुसूचित जनजाति के बालिकाओं के व्यवसायिक शिक्षा, शोध एवं अन्य उच्च शिक्षा हेतु 250 सीट शामिल है। इसकी लागत 35 करोड़ 30 लाख 64 हजार रूपए है। इस मौके पर संयुक्त सचिव  बी.एस. राजपुत, अपर संचालक  आरएस भोई, ईई  त्रिदीप चक्रवर्ती, सहायक आयुक्त  शरदचन्द्र शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ज्योतिष में बड़ा संयोग! शुक्र–गुरु नवपंचम राजयोग से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल का सीधा असर व्यक्ति के जीवन, करियर, धन और भाग्य पर पड़ता है. 6 फरवरी 2026 को आकाश में एक बेहद शुभ और शक्तिशाली योग बनने जा रहा है. इस दिन धन और वैभव के कारक ग्रह शुक्र और देवगुरु बृहस्पति के बीच नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा. ज्योतिष में इस योग को बेहद फलदायी और शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है. इस योग के प्रभाव से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. यह राजयोग इतना शक्तिशाली माना जाता है कि इसे कई राशियों के लिए बंद किस्मत के ताले खोलने वाला और गोल्डन टाइम की शुरुआत माना जा रहा है. क्या होता है नवपंचम राजयोग? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब दो शुभ ग्रह एक-दूसरे से पंचम (5वें) और नवम (9वें) भाव में स्थित होते हैं, तब नवपंचम राजयोग बनता है. पंचम भाव बुद्धि, संतान और शिक्षा का प्रतीक माना जाता है, जबकि नवम भाव भाग्य, धर्म और सौभाग्य का प्रतिनिधित्व करता है. ऐसे में यह योग व्यक्ति के जीवन में उन्नति, धन लाभ और भाग्य वृद्धि के संकेत देता है. कैसे बनेगा यह राजयोग? ज्योतिष गणना के मुताबिक 6 फरवरी 2026 को शुक्र ग्रह मकर राशि से निकलकर शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे. वहीं देवगुरु बृहस्पति पहले से ही मिथुन राशि में स्थित हैं. कुंभ राशि में स्थित शुक्र और मिथुन राशि में स्थित गुरु के बीच त्रिकोण संबंध (120 डिग्री) बनेगा, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा. यह योग कई लोगों के लिए सफलता और तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है. इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी!     मेष: अचानक धन लाभ हो सकता है. कोई बड़ी बिजनेस डील फाइनल होने और निवेश से मोटा मुनाफा मिलने के योग हैं.     मिथुन: बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होगी. खासकर छात्रों के लिए यह समय वरदान जैसा है, परीक्षा में अच्छे परिणाम मिलेंगे.     सिंह: : समाज में आपका दबदबा बढ़ेगा. नौकरी में पद-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी. अटके हुए काम गति पकड़ेंगे.     तुला: पुराने दोस्तों या संपर्कों से लाभ मिलेगा. बैंक बैलेंस बढ़ेगा और आर्थिक परेशानियां दूर होंगी.     कुंभ: चूंकि शुक्र आपकी ही राशि में आ रहे हैं, इसलिए करियर में नई और बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. आय के नए स्रोत बनेंगे. शुभ फल पाने के लिए क्या करें? ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं का दान करें और गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें. यह समय नई शुरुआत और बड़े निवेश के लिए सबसे शुभ माना जाता है.

कृषि रथ से किसानों को उर्वरक संतुलन और नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई

“कृषक कल्याण वर्ष-2026” कृषि रथ से किसानों को फसलों में संतुलित उर्वरक एवं नवीन तकनीकों की दी गई जानकारी ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण की नवीन प्रणाली से कराया अवगत भोपाल  कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत झाबुआ जिले के 6 विकासखण्ड में निरंतर कृषि रथ के माध्यम से कृषि विशेषज्ञों के साथ कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रति दिन 3 ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा अभी तक 296 ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर लगभग 20250 किसानों से सम्पर्क स्थापित किया गया है। किसानों को उनकी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का निराकरण करने के साथ ही कृषि एवं संबंद्ध विषयों पर नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी दी गई। जिन किसान भाइयों के पास सिंचाई के पर्याप्त साधन हैं उन्हें जायद के मौसम में तिलहनी फसलों की बुवाई करने की जानकारी से अवगत कराया जा रहा है, साथ ही किसानों को कृषि रथ के माध्यम से किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जा रहा है। उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित अनुशंसा अनुसार संतुलित उर्वरक का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। किसानों को प्राकृतिक खेती, नरवाई प्रबंधन, फसल बीमा तथा शासन द्वारा उर्वरक वितरण की नवीन वितरण प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन के माध्यम से पारदर्शी तरीके से उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। अब उनके रकबे के आधार पर उर्वरक उपलब्धता की जाएगी, किसानों को उर्वरक लेने के लिए अब लम्बी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा साथ ही उनके पंजीकृत मोबाईल फोन पर खाद के उपलब्धता की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों जायद मौसम की फसलों की जानकारी के साथ ही सूक्ष्म सिंचाई यंत्रो जैसे ड्रीप, स्प्रिंकलर आदि के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। कृषि रथ के माध्यम से किसानों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ ही उद्यामनिकी फसलों तथा पशु पालन विभाग अंतर्गत दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की जानकारी भी दी जा रही है ताकि किसानों की आय में वृद्धि की जा सके। कृषि रथ द्वारा ग्राम मानिकपुरा में कृषकों को प्राकृतिक और जैविक खेती का समझाया महत्व  टीकमगढ़ ज़िले के सभी विकासखंडों में कृषि रथ एक माह के लिए चलाये जा रहे हैं। कलेक्टर  विवेक श्रोत्रिय के द्वारा कृषि से सम्बद्ध अन्य विभागों को भी निर्देशित किया गया है कि कृषि रथ के माध्यम से विभागों में संचालित योजनाओं का कृषकों के मध्य प्रचार-प्रसार प्रसार करें। इसी तारतम्य में कृषि रथ के माध्यम से ग्राम पंचायत गणेशगंज के ग्राम मानिकपुरा में भ्रमण कर कृषकों को प्राकृतिक खेती/जैविक खेती करने के लिये प्रोत्साहित, नरवाई नहीं जलाने और मृदा परीक्षण कराने का महत्व समझाया गया। कृषि रथ द्वारा किसानों को खाद वितरण के लिए तैयार की गई ई-टोकन व्यवस्था और ई-विकास पोर्टल की जानकारी दी गई। साथ ही कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य और पशुपालन विभाग में संचालित कृषक हितेषी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। कृषि रथ के साथ नोडल अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, संबंधित विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, आत्मा योजना  एवं संबंधित विभागों का मैदानी अमला उपस्थित रहा।  

रूस ने तेल के मुद्दे पर कहा, \’भारतीय दोस्त नहीं बदलेंगे\’

नई दिल्ली रूस ने कहा है कि इस बात पर भरोसे की कोई वजह नहीं है कि 'दोस्त' भारत अपना रुख बदल सकता है। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर देगा। इससे पहले रूस ने कहा था कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है। ट्रंप ने कहा है कि भारत अब अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया झाकारोवा ने कहा कि इस बात पर भरोसा करने का कोई कारण नहीं है कि भारत ऐसा कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, 'अमेरिका के राष्ट्रपति का किसी स्वतंत्र देश को यह बताना कि वह किसके साथ व्यापार कर सकता है, कोई नई बात नहीं है। रूस के पास इस बात को मानने का कोई कारण नहीं है कि हमारे भारतीय मित्रों ने अपना रुख बदल लिया है।' उन्होंने कहा, 'हम इस बात से सहमत है कि भारत का रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदना दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है। हम भारत में हमारे साझेदारों के साथ इस क्षेत्र में करीबी सहयोग को जारी रखने के लिए तैयार हैं।' रूस बोला- भारत स्वतंत्र है क्रेमलिन ने  कहा कि भारत किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है और विविधता लाने के उसके फैसले में कुछ भी नया नहीं है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'हम और अन्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञ इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि रूस, भारत को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाला एकमात्र देश नहीं है। भारत हमेशा से अन्य देशों से भी ये उत्पाद खरीदता रहा है, इसलिए हमें इसमें कुछ भी नया नजर नहीं आता।' इससे एक दिन पहले पेसकोव ने स्पष्ट किया था कि रूस को भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद बंद करने के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान या सूचना प्राप्त नहीं हुई है। रूस के नेशनल एनर्जी सिक्योरिटी फंड के प्रमुख विशेषज्ञ इगोर युशकोव ने कहा कि भारतीय तेल शोधन संयंत्र रूसी कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद नहीं कर सकते। उन्होंने तकनीकी कारण बताते हुए कहा, 'अमेरिका जिस 'शेल ऑयल' का निर्यात करता है, वह हल्के श्रेणी का होता है। इसके विपरीत, रूस भारी और सल्फर युक्त 'यूराल्स' तेल की आपूर्ति करता है। भारतीय तेल शोधन संयंत्रों के ढांचे के अनुसार, उन्हें अमेरिकी तेल को अन्य श्रेणी के साथ मिलाना होगा, जिससे अतिरिक्त लागत आएगी। ऐसे में रूस के तेल को पूरी तरह अमेरिका से बदलना संभव नहीं होगा।'

रूस ने तेल के मुद्दे पर कहा, \’भारतीय दोस्त नहीं बदलेंगे\’

नई दिल्ली रूस ने कहा है कि इस बात पर भरोसे की कोई वजह नहीं है कि 'दोस्त' भारत अपना रुख बदल सकता है। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर देगा। इससे पहले रूस ने कहा था कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है। ट्रंप ने कहा है कि भारत अब अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया झाकारोवा ने कहा कि इस बात पर भरोसा करने का कोई कारण नहीं है कि भारत ऐसा कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, 'अमेरिका के राष्ट्रपति का किसी स्वतंत्र देश को यह बताना कि वह किसके साथ व्यापार कर सकता है, कोई नई बात नहीं है। रूस के पास इस बात को मानने का कोई कारण नहीं है कि हमारे भारतीय मित्रों ने अपना रुख बदल लिया है।' उन्होंने कहा, 'हम इस बात से सहमत है कि भारत का रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदना दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है। हम भारत में हमारे साझेदारों के साथ इस क्षेत्र में करीबी सहयोग को जारी रखने के लिए तैयार हैं।' रूस बोला- भारत स्वतंत्र है क्रेमलिन ने  कहा कि भारत किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है और विविधता लाने के उसके फैसले में कुछ भी नया नहीं है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'हम और अन्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञ इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि रूस, भारत को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाला एकमात्र देश नहीं है। भारत हमेशा से अन्य देशों से भी ये उत्पाद खरीदता रहा है, इसलिए हमें इसमें कुछ भी नया नजर नहीं आता।' इससे एक दिन पहले पेसकोव ने स्पष्ट किया था कि रूस को भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद बंद करने के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान या सूचना प्राप्त नहीं हुई है। रूस के नेशनल एनर्जी सिक्योरिटी फंड के प्रमुख विशेषज्ञ इगोर युशकोव ने कहा कि भारतीय तेल शोधन संयंत्र रूसी कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद नहीं कर सकते। उन्होंने तकनीकी कारण बताते हुए कहा, 'अमेरिका जिस 'शेल ऑयल' का निर्यात करता है, वह हल्के श्रेणी का होता है। इसके विपरीत, रूस भारी और सल्फर युक्त 'यूराल्स' तेल की आपूर्ति करता है। भारतीय तेल शोधन संयंत्रों के ढांचे के अनुसार, उन्हें अमेरिकी तेल को अन्य श्रेणी के साथ मिलाना होगा, जिससे अतिरिक्त लागत आएगी। ऐसे में रूस के तेल को पूरी तरह अमेरिका से बदलना संभव नहीं होगा।'

चाइनीज मांझे से मौत पर मर्डर केस चलेगा, योगी ने लखनऊ की घटना पर गुस्सा जताया, यूपी में रेड की गई शुरुआत

लखऊ उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से मौत को अब हत्या माना जाएगा। ऐसी मौत मामले में मर्डर का केस चलेगा। प्रदेश में लगातार हो रहे हादसों पर सीएम योगी ने सख्ती दिखाई है। इसके इस्तेमाल और बिक्री पर रोक को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज़ मांझा कैसे उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर ऐसे मांझे की बिक्री, भंडारण और सप्लाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सीएम योगी ने यह भी कहा कि चाइनीज़ मांझे से होने वाली मौतों को गंभीर अपराध माना जाएगा और जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों को हत्या की श्रेणी में दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोग इस खतरनाक मांझे के इस्तेमाल से बचें और सुरक्षित विकल्प अपनाएं। उन्होंने पुलिस प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध मांझे की सप्लाई चेन की पहचान कर बड़े स्तर पर छापेमारी की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आपको बता दें 4 फरवरी को लखनऊ में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने की वजह से एमआर की मौत हो गई थी। वह बाइक से जा रहे थे। तभी उनके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। खून से लथपथ होकर वह बाइक समेत गिर गए और करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे। राहगीरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। चाइनीज़ मांझा बेहद खतरनाक होता है और इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा रहता है। जिसे देखते हुए सरकार इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। लखनऊ में चाइनीज मांझा बना काल लखनऊ से हैरान करने वाली घटना सामने आई है. हैदरगंज पुल पर बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया. चाइनीज मांझे से एक युवक की गर्दन कट गई. लहूलुहान हालत में युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां युवक की मौत हो गई. मृतक युवक की पहचान शोएब के रूप में हुई. शोएब परिवार का एकलौता बेटा था. वहीं, शोएब की मौत पर परिवार वाले आक्रोश में हैं. चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध की मांग की है.  बाइक सवार आया चपेट में  लखनऊ पुलिस के मुताबिक, शोएब दुबग्गा का रहने वाला था. बुधवार दोपहर वह अपनी बाइक से हैदरगंज ओवरब्रिज से जा रहा था. तभी अचानक चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया. मांझे से युवक की गर्दन पर गहरा घाव हो गया. युवक लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा. राहगीर उसे अस्पताल ले गए. लेकिन चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा पाए. बताया गया कि अस्पताल ले आते तक ब्लड ज्यादा ​बह गया था. वहीं, शोएब की मौत की खबर मिलते ही दुबग्गा स्थित उनके घर में कोहराम मच गया.  घटना की सूचना मिलते ही बाजारखाला पुलिस मौके पर पहुंची. शोएब के घर वालों ने चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हंगामा किया. घर वालों का कहना है कि चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है. प्रशासन प्रतिबंध नहीं लगा पा रहा है. वहीं, इंस्पेक्टर ने बताया कि शोएब के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों की ओर से तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. चाइनीज मांझे के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा. 

देश का सबसे बड़ा मल्टी-फंक्शनल ट्रेनिंग सिम्युलेटर अब जबलपुर में होगा स्थापित

जबलपुर में स्थापित होगा देश का सबसे बड़ा मल्टी फंक्शनल ट्रेनिंग सिम्युलेटर मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी 14 करोड़ रूपए की लागत से करेगी स्थापित जबलपुर मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) जबलपुर के नयागांव स्थि‍त पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान में लगभग 14 करोड़ रूपए की लागत से देश का सबसे बड़ा मल्टी-फंक्शनल थर्मल एवं हाइड्रो ऑपरेटर ट्रेनिंग सिम्युलेटर स्थापित करने जा रही है। इस अत्याधुनिक सिम्युलेटर के माध्यम से विद्युत उत्पादन अभियंताओं को विद्युत संयंत्रों के संचालन, नियंत्रण एवं आपातकालीन परिस्थितियों के प्रबंधन का यथार्थपरक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे प्लांट ट्रिपिंग जैसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह सिम्युलेटर रिमोट ऑपरेशन की सुविधा से भी युक्त होगा। इससे पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान न केवल राज्य बल्कि अन्य राज्यों की विद्युत कंपनियों के अभियंताओं एवं तकनीकी विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रमुख प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी अपने कार्मिकों को उच्च स्तरीय तकनीकी , वित्तीय एवं प्रबंधकीय दक्षताओं से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यालय स्थि‍त नयागांव में प्रशिक्षण संस्थान को अत्याधुनिक नवाचारों के साथ विकसित कर रही है। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, डायरेक्टर टेक्न‍िकल सुबोध निगम और डायरेक्टर कॉमर्श‍ियल  मिलिन्द भान्दक्कर के प्रगतिशील मार्गदर्शन में यह संस्थान देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक विशिष्ट एवं अग्रणी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्य अभियंता मानव संसाधन व प्रशासन  दीपक कुमार कश्यप ने जानकारी कि प्रशिक्षण संस्थान में आधुनिक स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना की जा रही है, जहाँ कंपनी के सभी कॉडर के कार्मिकों को तकनीकी, वित्तीय व प्रबंधकीय विषयों पर समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह संस्थान नवनियुक्त कार्मिकों व अभियंताओं के लिए प्रेरण प्रशिक्षण (इंडक्शन ट्रेनिंग) का प्रमुख केंद्र होगा। कंपनी की मिड-कैरियर ट्रेनिंग पॉलिसी के अंतर्गत करंट चार्ज अथवा पदोन्नति प्राप्त करने वाले सहायक अभियंता से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर तक के कार्मिकों को विशेष रूप से संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभान्वित किया जाएगा। निर्माणाधीन ‘मंत्रा’ ऑडिटोरियम एवं आईटी प्रशिक्षण केंद्र-प्रशिक्षण संस्थान परिसर में 150 सीटों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ‘मंत्रा’ ऑडिटोरियम निर्माणाधीन है, जिसमें सम्मेलन, सेमिनार, कार्यशालाएँ एवं विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 21 कम्प्यूटर एवं समर्पित कार्यस्थलों से युक्त एक आधुनिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र भी विकसित किया जा रहा है, जहाँ ईआरपी, ऑटोकैड, प्राइमावेरा सहित विभिन्न तकनीकी एवं वित्तीय सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बहुआयामी प्रशिक्षण परिसर-प्रशिक्षण संस्थान में एक अत्याधुनिक मॉडल रूम एवं डिजिटल पुस्तकालय का विकास भी किया जा रहा है, जहाँ हाइड्रो एवं थर्मल पॉवर प्लांटों के कार्यशील मॉडल, कोल हैंडलिंग प्लांट, टरबाइन, जनरेटर, बॉयलर, ईएसपी, कंडेंसर एवं कूलिंग टावर जैसी प्रमुख मशीनों के मॉडल स्थापित किए जाएंगे। प्रशिक्षणार्थियों के आवास हेतु लगभग 3.8 करोड़ रुपये की लागत से 16 कमरों वाला छात्रावास निर्माणाधीन है, जिसमें डाइनिंग हॉल, किचन, रिक्रिएशन हॉल एवं मिनी जिम जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही, संस्थान में एक हाई-टेक स्टूडियो भी विकसित किया जाएगा, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण वीडियो की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग एवं एडिटिंग की जाएगी, जिनका प्रसारण विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जा सकेगा। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की यह पहल न केवल मानव संसाधन विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी, बल्कि आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं प्रशिक्षण उत्कृष्टता के माध्यम से राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

चंबल नदी जलीय जीव एवं पक्षियों की वार्षिक गणना के लिए सर्वेक्षण दल हुआ रवाना

भोपाल. चंबल नदी के घाट दांतरदा क्षेत्र में जलीय जीवों तथा प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की वार्षिक गणना के लिये गठित सर्वेक्षण दल को मुख्य वन संरक्षक, ग्वालियर वृत्त और वनमंडलाधिकारी, मुरैना ने गुरुवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सर्वेक्षण चंबल नदी क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण, प्रबंधन एवं वैज्ञानिक आंकड़ों के संकलन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सर्वेक्षण दल में वन विभाग के फील्ड स्टाफ के साथ राजस्थान वन विभाग के प्रतिनिधि श्री भानु प्रताप सिंह एवं फील्ड स्टाफ भी शामिल हैं। सर्वेक्षण दल निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल, मगरमच्छ सहित अन्य जलीय जीवों तथा स्थानीय, प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की गणना करेगा। इस अवसर पर अधीक्षक, राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, श्योपुर श्री संदीप वास्कले, गेम रेंज ऑफिसर, सबलगढ़ श्री दीपक शर्मा सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।  

प्रभात मिश्रा बने छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष, राज्य शासन ने जारी किया आदेश

रायपुर. प्रभात मिश्रा बने छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष, राज्य शासन ने जारी किया आदेश छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य की राजभाषा को और ज्यादा सशक्त और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शासन की ओर से प्रभात मिश्रा को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसे लेकर संस्कृति विभाग की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक राज्य शासन ने अपने निहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रभात मिश्रा को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है।  शासन के इस फैसले को राजभाषा के प्रचार-प्रसार और शासकीय कार्यों में हिंदी के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। नवनियुक्त अध्यक्ष प्रभात मिश्रा रायपुर जिले के टिकरापारा स्थित नंदी चौक क्षेत्र के रहने वाले हैं। प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए शासन ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

सिद्धारमैया और DK के बीच खींचतान के बीच कांग्रेस में तीसरा मोर्चा उभरने की संभावना, विधायक जुटे बैठकें करने

बेंगलुरु कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के खेमों के बीच रस्साकशी करीब एक साल से चल रही है। शिवकुमार गुट का कहना है कि सिद्धारमैया ने सीएम बनने से पहले आधे कार्यकाल को लेकर वादा किया था और बाद में वह कुर्सी छोड़ने वाले थे। लेकिन सिद्धारमैया गुट इससे इनकार करता रहा है। इसे लेकर मामला हाईकमान तक भी पहुंच चुका है और हालात संभालने के कई बार प्रयास हो चुके हैं। यही नहीं कई बार ऐसी चर्चाएं भी छिड़ी हैं कि सिद्धारमैया अपने किसी करीबी नेता को मुख्यमंत्री बनाकर हट सकते हैं। इस बीच कांग्रेस में सत्ता के लिए तीसरा मोर्चा खुलता दिख रहा है। बेंगलुरु में एससी, एसटी और लिंगायत समुदाय के विधायकों की बैठकें हुई हैं। इन लोगों की इच्छा है कि उनके समुदाय के किसी नेता को सीएम का पद मिले या फिर कैबिनेट में फेरबदल की स्थिति में ज्यादा से ज्यादा मंत्री पद मिल जाएं। लिंगायत विधायकों की बैठक सोमवार रात को उद्योग मंत्री एमबी पाटिल की लीडरशिप में हुई। इसके अलावा एससी-एसटी वर्ग के विधायकों की बैठक होम मिनिस्टर जी. परमेश्वर के घर पर मंगलवार की शाम को हुई। नवंबर और दिसंबर में सिद्धारमैया एवं शिवकुमार खेमे के बीच कई बैठकें हुई थीं। तब से फिलहाल स्थिति जस की तस थी, लेकिन विधायकों की फिर से शुरू हुई बैठकों ने हलचल मचा दी है। कुछ सूत्रों का कहना है कि ये मीटिंगें इसलिए हुई हैं ताकि अपने समुदाय की ताकत दिखाकर हाईकमान को दबाव में लाया जा सके। वहीं कांग्रेस के ही कुछ सूत्रों का कहना है कि एमबी पाटिल और जी. परमेश्वर दोनों ही सिद्धारमैया खेमे के ही हैं। ऐसी स्थिति में यह बैठकें शायद शिवकुमार खेमे को जवाब के तौर पर भी हो सकती हैं ताकि उनके दबाव को कम किया जा सके। दरअसल शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय के नेता हैं, जो राज्य की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। लेकिन सबसे बड़ी संख्या लिंगायतों की है और एक समूह के तौर पर देखा जाए तो एससी और एसटी समुदाय की भी अच्छी संख्या है। ऐसे में इन दोनों वर्गों के विधायकों की बैठकें करके शिवकुमार को बैकफुट पर लाने की कोशिश है। एमबी पाटिल ने कहा कि हमारी यह बैठक किसी मकसद से नहीं थी बल्कि रूटीन बैठक थी। उन्होंने कहा कि इस बैठक का मतलब सत्ता परिवर्तन या फिर पर्सनल एजेंडा नहीं था। उन्होंने कहा कि लिंगायत तो राज्य का सबसे बड़ा वर्ग हैं। उनके 34 विधायक हैं। विधायकों का कहना था कि सरकार में लिंगायत समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। चर्चाएं इस बात की भी तेज हैं कि सिद्धारमैया खुद हटने की स्थिति में अपने किसी करीबी को कमान देना चाहते हैं। ऐसे में ये बैठकें उसके लिए शक्ति प्रदर्शन या फिर सहमति बनाने की कोशिश है।