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परीक्षा सीजन में साइबर ठगी का खतरा, पुलिस ने छात्रों-पालकों को किया आगाह

 भोपाल.  10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों के सामने एक नए तरह का इम्तिहान खड़ा हो गया है। यह परीक्षा क्लासरूम में नहीं, बल्कि इंटरनेट और इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर होगी, जहां पेपरलीक, परीक्षा में नंबर बढ़ाने अथवा प्रवेश पत्र में सुधार कराने के नाम पर साइबर ठगों का जाल सक्रिय हो रहा है। इस खतरे को देखते हुए भोपाल पुलिस ने न केवल कार्रवाई तेज की है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के लिए साइबर एडवाइजरी भी जारी की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हर साल बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले इस तरह की ठगी के मामले सामने आते हैं। ठग फर्जी टेलीग्राम चैनल बनाकर दावा करते हैं कि उनके पास 10वीं-12वीं के प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध हैं। चैनलों के नाम और प्रोफाइल इस तरह तैयार की जाती हैं, जिससे वे वास्तविक प्रतीत हों। छात्रों को यह भरोसा दिलाया जाता है कि यह बोर्ड परीक्षा का पेपर है और उन्हें यह व्यक्तिगत रूप से मिल रहा है। इसके बदले उनसे 500 से 2000 रुपये तक ऑनलाइन माध्यम से वसूले जाते हैं। भोपाल पुलिस का कहना है कि यह पूरी तरह फर्जी दावा होता है। न तो कोई पेपर लीक होता है और न ही ठगों के पास प्रश्नपत्र होते हैं। भुगतान के बाद या तो छात्रों को ब्लॉक कर दिया जाता है या फिर उन्हें पुराने वर्षों के पेपर भेज देते हैं। पुलिस ने साफ कहा है कि यदि कोई व्यक्ति या चैनल प्रश्नपत्र बेचने का दावा करता है, तो उसकी तुरंत शिकायत की जाए। साइबर सेल के एसआई अंकित नायक ने बताया कि बीते दो वर्षों में भोपाल क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ऐसे दो बड़े मामलों का खुलासा कर चुकी है। ऐसे नेटवर्क से ठगी का जाल केस-1 छिंदवाड़ा जिले के दमुआ से गिरफ्तार किया गया दीपांशू कोरी नीट की तैयारी कर रहा था और उसने कॉलेज से ड्रॉप लिया हुआ था। उसने टेलीग्राम पर फर्जी पेपरलीक चैनल बनाया, जिसमें एक लाख से अधिक लोग जुड़े थे। जांच में सामने आया कि उसने सैकड़ों छात्रों से ठगी की और 500 से 2000 रुपये तक लेकर पेपर उपलब्ध कराने का दावा करता था। केस-2 भिंड जिले से पुलिस ने 19 वर्षीय आरोपित शिवम यादव को गिरफ्तार किया था। उसके टेलीग्राम चैनल से 20 हजार से अधिक लोग जुड़े थे। वह बोर्ड परीक्षाओं के पेपर एक हजार रुपये में बेचने का दावा करता था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बचने के लिए पुलिस की यह सलाह बचने के लिए पुलिस की यह सलाह किसी भी अनजान लिंक, ग्रुप या व्यक्ति से प्राप्त प्रश्नपत्र को असली न मानें। इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने वाले प्रश्नपत्र या उनके उत्तर फर्जी हो सकते हैं। रुपये लेकर प्रश्नपत्र बेचने वाले लोग ठग हैं, उनके झांसे में न आएं। ऐसे प्रकरणों में शामिल होना भी कानून अपराध है। केवल संबंधित बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें। पेपरलीक के नाम पर कोई भी दावा पूरी तरह फर्जी है। छात्र और अभिभावक ऐसे चैनलों से दूर रहें, पैसे न भेजें और तुरंत साइबर पुलिस को सूचना दें। शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच।

कप्तान सूर्या ने कहा- \’हमारी फ्लाइट बुक है, हम कोलंबो जाएंगे\’, पाकिस्तान के खिलाफ मैच पर दी प्रतिक्रिया

मुंबई  सात फरवरी से शुरू होने जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप से दो दिन पहले यानी पांच तारीख को आईसीसी ने सभी 20 कप्तानों का मीट अप रखा था. जहां भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच पर अपनी राय रखी है. कोलंबो में भारत-पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को हाई-वोल्टेज मुकाबला होना था, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इसे खेलने से इनकार कर दिया है. सूर्या ने कहा, ‘हमारी मानसिकता बिल्कुल स्पष्ट है. हमने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार नहीं किया है, बल्कि उन्होंने ही इनकार किया है. हमारी फ्लाइट बुक हो चुकी हैं और हम कोलंबो जा रहे हैं. हमारे मैच पहले अमेरिका के खिलाफ तय हैं.’     पाकिस्तान का फैसला मेरे हाथ में नहीं है, काश होता. हमें खेलने के लिए कहा गया है, मैच तय है. हमने एशिया कप में उनके खिलाफ तीन बार खेला है और वहां हमने शानदार क्रिकेट खेला था. अगर हमें दोबारा खेलने का मौका मिलता है तो हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे. अगर मैच तय है, तो हम निश्चित रूप से जाएंगे. पाकिस्तान सरकार ने अपनी क्रिकेट टीम को कोलंबो में होने वाले इस महत्वपूर्ण मैच में खेलने की अनुमति नहीं दी है हालांकि इसका कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इसे बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में अपने मैच खेलने से इनकार करने के बाद बांग्लादेश विश्व कप से बाहर हो गया था. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप A में भारत, पाकिस्तान, नीदरलैंड, नामीबिया और अमेरिका की टीमें शामिल हैं. ग्रुप A काफी रोमांचक होने वाला है क्योंकि इसमें दो बड़े नाम-  भारत और पाकिस्तान  एक ही ग्रुप में हैं, जबकि नीदरलैंड, नामीबिया और अमेरिका ग्रुप को संतुलित बनाने वाली टीमें हैं. कुल मिलाकर, यह ग्रुप शुरुआती चरण से ही दर्शकों के लिए हाई वोल्टेज मुकाबलों का अंदाज़ देगा. हालांकि, पाकिस्तान ने भारत संग अपना लीग मैच खेलने से इनकार किया है.  IPL खेलने से सभी टीमों को हुआ फायदा: राश‍िद खान  अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने कहा कि भारत में आईपीएल खेलने की वजह से सिर्फ अफगान खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि सभी टीमों को फायदा मिला है. उन्होंने कहा- सभी टीमों के खिलाड़ी आईपीएल खेल रहे हैं, इसलिए यह फायदा सिर्फ अफगानिस्तान तक सीमित नहीं है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में राश‍िद ने यह भी कहा कि अब अफगानिस्तान से उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी हैं और हर टीम के पास 4–5 मैच विनर खिलाड़ी हैं.   ये वर्ल्ड कप हमारे ल‍िए ऐतहास‍िक: रोहित पौडेल  नेपाल के कप्तान रोहित पौडेल  ने इस वर्ल्ड कप को अपनी टीम के लिए ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा-हम 20 साल से ज्यादा समय बाद वर्ल्ड कप खेल रहे हैं. यह हमारे लिए बहुत बड़ा मौका है. अगली पीढ़ी इससे प्रेरित होगी और उम्मीद है कि हम उन्हें कुछ खास दे पाएंगे. रोहित ने यह भी कहा कि हाल के समय में नेपाल बड़े टीमों को कड़ी टक्कर दे रहा है और वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है. ओस वर्ल्ड कप में एक्स फैक्टर: हैरी ब्रूक  इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने अनिश्चित हालात पर ज्यादा प्रतिक्रिया देने से बचते हुए कहा कि टीम प्रक्रिया पर फोकस कर रही है. उन्होंने कहा-हमें मौजूदा पल में रहना है और देखना है कि अगले कुछ हफ्तों में हम कहां पहुंचते हैं. हमारी कोशिश सिर्फ प्रक्रिया पर टिके रहने की है. अंग्रेज कप्तान ने यह भी माना कि भारत की पिचों पर बड़े स्कोर बन सकते हैं. उन्होंने कहा- भारत में कई ऐसे मैदान हैं जहां 300 रन बन सकते हैं. कप्तान के तौर पर जरूरी है कि आप खेल को थोड़ा स्लो करें और शांत रहें. ओस भी एक फैक्टर हो सकती है.   इस फॉर्मेट में हर टीम खतरनाक: रिची बेरिंगटन  स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंगटन ने कहा कि मौजूदा क्रिकेट में हर टीम खतरनाक है और किसी को हल्के में नहीं लिया जा सकता.उन्होंने कहा- हर टीम के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले मैच जिता सकते हैं. किसी एक टीम को चुनना मुश्किल है. बीसीसीआई और आईसीसी के साथ हुए करार के तहत पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने हैं. आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को पहले ही चेतावनी दे दी है कि अगर पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया तो उस पर मोटा फाइन ठोका जाएगा. भारत-पाकिस्तान का मुकाबला आईसीसी के किसी भी टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित और ब्लॉकबस्टर मुकाबला होता है, जिसे दुनिया भर में सबसे ज्यादा दर्शक, स्पॉन्सर और ब्रॉडकास्टर्स रेवेन्यू मिलता है.

बीजापुर से बड़ी खबर: 54 लाख के इनामी 12 माओवादियों ने हथियार डालकर किया सरेंडर

बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्लानार” और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक डीवीसीएम सहित कुल 12 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 08 महिला माओवादी और 04 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इन सभी माओवादियों पर कुल 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने अपने साथ एक AK-47 और दो SLR राइफल भी पुलिस को सौंपे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी 12 माओवादी फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी सहित कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। यह आत्मसमर्पण बस्तर आईजी पी. सुंदरराज, सीआरपीएफ डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत अधिकारियों ने प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की नगद सहायता राशि प्रदान की। इस साल अब तक 888 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 888 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, वहीं 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 231 माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं। पी. सुंदरराज, आईजी, बस्तर ने कहा, सरकार की योजनाएं और पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रही है। लगातार माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0’ 6 से 13 फरवरी तक

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार एक और ठोस पहल करने जा रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में 06 से 13 फरवरी 2026 तक “दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0” संचालित किया जाएगा। इस विशेष अभियान का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सेवायोजन के साथ-साथ स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना है। योगी सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका, आत्मनिर्भरता और सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक और मजबूत कदम है। तीन वर्षों में प्रशिक्षित दिव्यांगजनों को मिलेगा लाभ प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि अभियान के तहत विगत तीन वर्षों में कौशल विकास मिशन एवं आईटीआई के माध्यम से प्रशिक्षित ऐसे पात्र एवं इच्छुक दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ा जाएगा, जो वर्तमान में जनपदों में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही जनपद स्तर पर उपलब्ध अन्य इच्छुक दिव्यांगजन भी इस अभियान का लाभ ले सकेंगे। औद्योगिक इकाइयों में सेवायोजन पर जोर दिव्यांगजन रोजगार अभियान के दौरान जनपदों में संचालित औद्योगिक इकाइयों एवं अन्य अधिष्ठानों में उपलब्ध रिक्तियों के सापेक्ष दिव्यांगजनों का सेवायोजन कराया जाएगा। इसके अलावा एमएसएमई, जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र तथा अन्य विभागों की स्व-रोजगार योजनाओं से भी दिव्यांगजनों को जोड़ा जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में संचालन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि हर जनपद में यह अभियान मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसमें जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला रोजगार सहायता अधिकारी और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक शामिल होंगे। निर्धारित अवधि में राजकीय आईटीआई को केंद्र बनाकर सेवायोजन एवं स्व-रोजगार संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। रोजगार संगम पोर्टल से भी मिलेगा अवसर रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत इच्छुक दिव्यांगजनों को भी इस अभियान में सम्मिलित किया जाएगा। जिला रोजगार सहायता अधिकारी के माध्यम से उन्हें उपलब्ध रिक्तियों पर नियोजित कराया जाएगा। निर्देश दिए गए हैं कि अभियान का जनपद स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इस अवसर का लाभ उठा सकें और रोजगार की मुख्यधारा से जुड़ सकें। टॉप-5 जनपदों को मिलेगा सम्मान अभियान के सफल क्रियान्वयन पर सर्वाधिक सेवायोजन एवं स्व-रोजगार उपलब्ध कराने वाले प्रदेश के शीर्ष 05 जनपदों के जिलाधिकारियों एवं उनकी टीम को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा। 13 फरवरी 2026 को सायं 5 बजे तक सभी जनपदों से सेवायोजित दिव्यांगजनों की संख्या, नियुक्ति पत्र एवं स्व-रोजगार से जुड़े साक्ष्य मांगे जाएंगे।

ममता सरकार को SC से तगड़ा झटका, कर्मचारियों को 31 मार्च तक DA देने का आदेश

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक राहत लेकर आया है। सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने ममता बनर्जी सरकार को कड़ा निर्देश देते हुए 31 मार्च 2026 तक महंगाई भत्ते (DA) के कुल बकाया का 25 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दिया है। यह आदेश उस दिन आया है जब बंगाल विधानसभा में लेखानुदान पेश किया जाना है। इससे राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित DA बकाया का एक-चौथाई हिस्सा 31 मार्च तक चुकाया जाए। शेष 75 प्रतिशत बकाया राशि के भुगतान का तरीका और समय सीमा तय करने के लिए अदालत ने एक उच्च स्तरीय चार सदस्यीय समिति बनाने का आदेश दिया है। आपको बता दें कि पिछले साल 16 मई को कोर्ट ने तीन महीने के भीतर यह भुगतान करने को कहा था, लेकिन राज्य सरकार ने फंड की कमी का हवाला देकर 6 महीने की मोहलत मांगी थी। कोर्ट ने बार-बार मिल रही तारीखों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अब अंतिम समय सीमा तय कर दी है। DA खैरात नहीं, अधिकार है: शुभेंदु अधिकारी विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों की जीत बताया। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी आज गलत साबित हुई हैं। सालों तक उन्होंने दावा किया कि DA कोई अधिकार नहीं है, बल्कि एक दान है। आज शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि यह कर्मचारियों का हक है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को उनके हक से वंचित करने के लिए नामी वकीलों पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन अंततः न्याय की जीत हुई।" केंद्र और राज्य के बीच बढ़ता अंतर पश्चिम बंगाल में DA को लेकर विवाद काफी गहरा है। वर्तमान स्थिति यह है कि 1 अप्रैल 2025 से बंगाल के कर्मचारियों का DA मूल वेतन का 18 प्रतिशत तय किया गया था। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले DA और राज्य सरकार के कर्मचारियों के बीच अब भी करीब 37 से 40 प्रतिशत का बड़ा अंतर बना हुआ है। आपको बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिलता है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए राज्य सरकार ने वर्तमान में केवल लेखानुदान पेश करने का निर्णय लिया है। पूर्ण बजट नई सरकार के गठन के बाद आएगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश ने ममता सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि 25% बकाया चुकाने के लिए राज्य को हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा।

MP बोर्ड अपडेट: 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं 20 फरवरी से होंगी शुरू

 भोपाल मध्यप्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है. राज्य शिक्षा केंद्र ने साफ किया है कि इस साल की वार्षिक परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर ही होंगी. परीक्षा का आगाज 20 फरवरी से होगा, जो 28 फरवरी तक जारी रहेगा. राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार जरूरी  सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इन परीक्षाओं में शासकीय विद्यालयों के साथ-साथ निजी स्कूलों और मदरसों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे. इस साल 1 लाख 10 हजार 615 सरकारी, प्राइवेट स्कूलों और मदरसों के करीब 24 लाख 90 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इ‍समें से 522 प्राइवेट स्कूलों के 20 हजार 736 विद्यार्थियों के लिए NCERT सिलेबस के अनुसार भाषा विषय के अलग प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं. अन्य विषयों के प्रश्न पत्र पाठ्यपुस्तकों के आधार पर बनाए गए हैं.  परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए विशेष आईटी पोर्टल विकसित किया गया है. इस पोर्टल से विद्यार्थियों का सत्यापन, परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, केंद्राध्यक्षों की मैपिंग, सामग्री वितरण, रोल नंबर और प्रवेश पत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इसके साथ ही उपस्थिति दर्ज करने, मूल्यांकन कार्य और अंकसूची जारी करने की व्यवस्था भी इसी पोर्टल से की जाएगी. हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया जाएगा. कोई विद्यार्थी यदि किसी कारणवश परीक्षा तिथि तक रजिस्टर्ड नहीं हो पाया है, तो उसे भी परीक्षा में शामिल करने के निर्देश केंद्राध्यक्षों को दिए गए हैं. ऐसे विद्यार्थियों की तकनीकी जानकारी परीक्षा के बाद दर्ज की जाएगी. परीक्षा में 86 हजार 109 सरकारी स्कूलों, 23 हजार 980 अशासकीय स्कूलों और 525 मदरसों के विद्यार्थी भाग लेंगे.

आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान युवाओं को योगी सरकार दे रही प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे 77 अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (यूपीपीसीएस) 2024 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि योगी सरकार की युवा कल्याण से जुड़ी नीति को दर्शाती है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान युवाओं को निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर दिया जा रहा है। सफल अभ्यर्थियों को बधाई समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के विजन को धरातल पर उतार रही है। यह योजना सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा की सफलता आर्थिक सीमाओं के कारण बाधित न हो। विभिन्न केंद्रों से अभ्यर्थियों की सफलता समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन, लखनऊ स्थित कोचिंग केंद्र से 40, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र से 20 तथा हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र से 17 अभ्यर्थी यूपीपीसीएस-2024 की मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण तैयारी की सुविधा योगी सरकार की यह पहल प्रदेश के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच दिलाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन व ऑफलाइन कक्षाएं, विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन, मुख्य परीक्षा केंद्रित उत्तर लेखन अभ्यास, मॉडल टेस्ट और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।

इंदौर में दरिंदगी: नकली नाम से दुष्कर्म, धर्म बदलने से मना किया तो दीवार में पटका सिर

इंदौर. हीरानगर में दुष्कर्म, लव जिहाद और मारपीट का मामला सामने आया है। हिंदू संगठन की मदद से एक मुस्लिम युवक की गिरफ्तारी हुई है। सिटी वैन चलाने वाले मुस्लिम युवक ने हिंदू बनकर दोस्ती की और फिर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बना लिए। आरोपित द्वारा मुसलमान बनाने का दबाव बनाया गया। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। टीआई सुशील पटेल के अनुसार 31 वर्षीय पीड़िता द्वारा आरोपित यासिन उर्फ यश के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। यश चौहान बताकर की दोस्ती और बनाया शारीरिक संबंध पीड़िता ने कथनों में बताया वह साल 2020 में पाटनीपुरा स्थित कॉस्मेटिक की दुकान पर नौकरी करती थी। दुकान और घर आने के लिए सिटी वैन का उपयोग करती थी। इसी दौरान आरोपित यासिन से परिचय हुआ था। उसने यश चौहान नाम बताया था। दोनों ने मोबाइल नंबर साझा कर लिए और उनकी दोस्ती हो गई। आरोप है कि एक दिन यासिन मूसाखेड़ी स्थित विराट नगर में एक रूम पर ले गया और शारीरिक संबंध बनाए। शादी का झांसा और धर्म की सच्चाई का खुलासा गर्भवती होने पर पीड़िता ने यासिन को बताया तो उसने कहा कि मैं शादी करूंगा। वह कन्नौद (देवास) ले गया और शादी की तैयारी कर ली। इस दौरान मुसलमान होने की जानकारी लगी और पीड़िता ने शादी से इनकार कर दिया। उसने बच्चे को मारने की धमकी दी और पीड़िता को विराट नगर में ही रखा। 3 अप्रैल 2021 को पीड़िता ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद भी यासिन मुस्लिम धर्म स्वीकारने का दबाव बनाता रहता था। मार्केट और सिर दीवार पर मारकर घायल करने का आरोप परेशान होकर पीड़िता पिछले साल अक्टूबर में रघुनंदन कॉलोनी में रहने लगी। वैन चालक ने हिंदू बनकर दोस्ती की, दुष्कर्म किया और मुसलमान बनने का दबाव बनाया। 19 जनवरी को यासिन घर आया और पीड़िता से जबरदस्ती की और मारपीट करने लगा। इस्लाम धर्म न स्वीकारने पर उसने दीवार से सिर मारा और पीड़िता को जख्मी कर दिया। बुधवार को पीड़िता की बहनों ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं से मदद मांगी और आरोपित के खिलाफ केस दर्ज करवाया।  

मुख्य सुरक्षा अधिकारी शर्मा को मंत्रालय में अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से किया गया सम्मानित

मंत्रालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी  शर्मा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित भोपाल  मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में पदस्थ मुख्य सुरक्षा अधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त (सुरक्षा)  अविनाश शर्मा को वर्ष 2025 के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्‍मानित किया गया है।  शर्मा को उनकी दीर्घकालीन, निष्ठावान एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यह पदक दिया गया है। उल्‍लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी सराहनीय, अनुकरणीय एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।  अविनाश शर्मा ने मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, महत्वपूर्ण शासकीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनका यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस एवं मंत्रालय सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गौरव का विषय है।  

माओवादियों की साजिश पर करारा प्रहार, सुरक्षा बलों ने नक्सली डंप से 5 किलो IED और हथियारों का जखीरा पकड़ा

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘गढ़’ गोगुंडा में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन लगातार दूसरे दिन भी जारी है. आज गुरुवार को सीआरपीएफ 74वीं बटालियन और कोबरा 201 के जवानों ने एक संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों के हथियारों के डंप को बरामद कर उनकी बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. एरिया डोमिनेशन के दौरान मिला हथियारों का डंप जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबल इलाके में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन  पर निकले थे. इसी दौरान गोगुंडा पहाड़ के दूसरे छोर पर जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाया गया हथियारों का एक बड़ा डंप मिला. तलाशी के दौरान वहां से 5 किलो वजनी एक शक्तिशाली बम (IED) भी बरामद किया गया. नक्सलियों ने यह बम जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाया था, जिसे बम निरोधक दस्ते ने सूझबूझ दिखाते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. नक्सली कंमांडर रमन्ना के स्मारक को किया था जमींदोज बता दें, बीते दिन (बुधवार को) भी सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सली कमांडर रमन्ना का 20 फीट ऊंचा स्मारक ढहाया था. जिसके बाद आज भी इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन और डॉमिनेशन जारी है. इस कार्रवाई से नक्सलियों के बीच घबराहट साफ देखी जा रही है. वर्षों से माओवादियों के खौफ में जी रहे गोगुंडा के ग्रामीणों में अब सुरक्षाबलों की मौजूदगी से सुरक्षा का भाव लौट रहा है. इस सफलता पर सीआरपीएफ कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि “हमारा प्राथमिक लक्ष्य पूरे इलाके को नक्सल भय से मुक्त बनाना है. गोगुंडा की पहाड़ियों में शांति और विकास की दस्तक शुरू हो चुकी है और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक शांति पूरी तरह बहाल न हो जाए.” 40 साल बाद इस इलाके में सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित होने के बाद अब यहां विकास कार्यों की राह आसान हो गई है. लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सली बैकफुट पर हैं, जिससे क्षेत्र में सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के पहुंचने की उम्मीद जगी है.