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Silver Price Crash: चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट, 40% की गिरावट, भारत में मचा तूफान

  नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतें जिस तेजी से बीते कुछ समय में भागी थीं, अब उससे तेज रफ्तार से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो रही हैं. खासतौर पर चांदी की कीमतों में तो ग्लोबल कोहराम मचा हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में Silver Price हाई से 40 फीसदी तक टूट चुका है, तो भारत में भी ये लगातार क्रैश होती जा रही है. सिर्फ गुरुवार को ही कॉमेक्स में सिल्वर प्राइस में 20% की बड़ी गिरावट आ गई और ये सस्ती होकर 64 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.  चांदी में निवेश करने वालों का बुरा हाल चांदी जिस तेज रफ्तार से भाग रही थी, उसे देखकर इसे खरीदने में पीछे रह गए लोग चिंता में थे, लेकिन अब इसमें निवेश करने वाले दाम और बढ़ने की आस में बेहाल है, क्योंकि ये हाई पर पहुंचने के बाद हर रोज क्रैश (Silver Price Crash) हो रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को स्पॉट सिल्वर एक झटके में करीब 20 फीसदी के आसपास डाउन हो गई और इस तरह से ये अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से करीब 40 फीसदी की गिरावट के साथ 64 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) पर आ गई. इसका भाव बीते महीने 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था.  भारत में चांदी का क्या होगा?  Silver Price  में मचे इस ग्लोबल कोहराम का असर भारत में इस कीमती धातु के दाम में और तेज गिरावट के रूप में दिखने की आशंका जताई जा रही है, जबकि पहले से ही ये दनादन क्रैश हो रही है. बता दें कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर बीते 29 जनवरी को 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव 4,30,048 रुपये प्रति किलोग्राम के हाई लेवल पर पहुंच गया था और अब तक इस स्तर से ये 1,76,233 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है.  कल इतना टूटी थी भारत में चांदी  एमसीएक्स पर सिल्वर प्राइस में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को आई गिरावट पर गौर करें, तो शुरुआती कारोबार में ही 1 Kg Silver Price गिरकर 2,30,499 रुपये पर आ गया था. हालांकि, कारोबार के अंत में इसकी कीमत में कुछ सुधार भी देखने को मिला, लेकिन फिर भी ये अपने हाई से काफी नीचे 2,43,815 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई.  इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो वायदा चांदी एक ही दिन में 25,035 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई.  इसके बीते 4 फरवरी का बंद भाव 2,68,850 रुपये था.  सोना भी संभल नहीं पा रहा चांदी के अलावा अगर Gold Rate Crash पर नजर डालें, तो बीते कुछ दिनों में ही ये भी अपने हाई लेवल से काफी सस्ता हो चुका है. बीते 29 जनवरी को चांदी की तरह ही तूफानी तेजी के साथ भागते हुए 10 Gram 24 Karat Gold का रेट भी 1,93,096 रुपये पर पहुंच गया था और इस हाई लेवल से एमसीएक्स पर सोना अब तक 41,025 रुपये सस्ता है, बीते कारोबारी दिन गुरुवार को ये 1,52,071 रुपये पर क्लोज हुआ था. 

भारत के चार सेमीकंडक्टर प्लांट्स पायलट प्रोडक्शन स्टेज पर, आईएसएम 2.0 से इकोसिस्टम में आएगी मजबूती

नई दिल्ली   केंद्र सरकार की ओर से देश में अब तक 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी दी गई है। इसमें से चार प्लांट्स में उत्पादन पायलट स्टेज में पहुंच गया है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की ओर से बुधवार को दी गई। लोकसभा में एक प्रश्न का लिखित में जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, "देश में अब तक केंद्र द्वारा 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी दी जा चुकी हैं, जिनमें अनुमानित निवेश 1.6 लाख करोड़ रुपए है और इसमें से चार में उत्पादन शुरू हो चुका है।" आधिकारिक बयान में आगे कहा गया कि मंजूर प्रोजेक्ट्स में दो फैब और आठ पैकेजिंग यूनिट्स जैसे सीएमओएस (सिलिकॉन) फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, उन्नत पैकेजिंग और मेमोरी पैकेजिंग यूनिट्स शामिल हैं। स्टार्टअप्स के माध्यम से 24 चिप-डिजाइन परियोजनाओं को समर्थन दिया गया है, जिनमें से 16 ने टेपआउट पूरा कर लिया है और 13 को वेंचर कैपिटल फंडिंग प्राप्त हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि 350 विश्वविद्यालयों को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल्स तक पहुंच प्रदान की गई है, जिनका उपयोग 65,000 इंजीनियर कर रहे हैं। सरकार ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित करने के उद्देश्य से 76,000 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें डिजाइन, निर्माण से लेकर असेंबली, परीक्षण, पैकेजिंग और मॉड्यूल निर्माण और फैब्रिकेशन तक सब कुछ शामिल है। सरकार ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि आईटी क्षेत्र का प्रदर्शन पिछले पांच वर्षों में सुधरा है, और 2020-21 से 2024-25 के बीच निर्यात 152 अरब डॉलर से बढ़कर 224.4 अरब डॉलर हो गया है। मंत्रालय ने बताया कि इसी अवधि में कुल आय 196 अरब डॉलर से बढ़कर 283 अरब डॉलर हो गई। विश्लेषकों का अनुमान है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षमताओं के एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा और देश का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम काफी मजबूत होगा, जिससे भारत अगली पीढ़ी के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी देश के रूप में स्थापित होगा। सरकार की 7,280 करोड़ रुपए की सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) योजना से रणनीतिक सामग्रियों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करके भारत की व्यापक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग महत्वाकांक्षाओं को बल मिलने की उम्मीद है।  

Volkswagen Tayron R-Line की प्री-बुकिंग शुरू, लॉन्च की तारीख जानें

मुंबई  कार निर्माता कंपनी Volkswagen India ने अपनी आने वाली फ्लैगशिप SUV Volkswagen Tayron R-Line के लिए प्री-बुकिंग शुरू कर दी है. इस नई 3-पंक्ति वाली SUV को Tiguan Allspace के सक्सेसर के तौर पर लॉन्च किया जाएगा, जो Tiguan का 7-सीटर वर्जन है और पहले से ही भारत में R-Line वेरिएंट में बिक्री के लिए उपलब्ध है. Volkswagen Tiguan की तरह, आने वाली नई VW Tayron R-Line भी एक फुली लोडेड वेरिएंट में पेश की जाएगी. संभावित ग्राहक इस SUV को 51,000 रुपये की टोकन राशि के साथ प्री-बुक कर सकते हैं, हालांकि इसकी कीमत की घोषणा फरवरी 2026 में बाद में की जाएगी. इसके बारे में जानकारी देते हुए Volkswagen India के ब्रांड डायरेक्टर नितिन कोहली ने कहा कि, "हम, भारत के सबसे पसंदीदा, जर्मन कार ब्रांड के तौर पर, अपने कस्टमर्स के लिए सबसे वर्सेटाइल, एडवांस्ड और मज़ेदार लग्ज़री SUV पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, ताकि उनकी सभी लाइफस्टाइल ज़रूरतों को पूरा किया जा सके." उन्होंने आगे कहा कि, "प्रीमियम 7-सीटर SUV मार्केट में समझदार खरीदार होते हैं, इसलिए ऐसा प्रोडक्ट होना ज़रूरी है, जो स्टाइल और सब्सटेंस के साथ-साथ फंक्शनैलिटी भी दे." दिलचस्प बात यह है कि Volkswagen Tiguan R-Line के उलट, आने वाली VW Tayron R-Line को कंपनी के महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर प्लांट में ही असेंबल किया जाएगा. इसका मतलब है कि VW Tayron R-Line असल में Tiguan R-Line के काफी करीब हो सकती है, जिससे यह भारत में खरीदारों के लिए ज़्यादा आसानी से उपलब्ध होगी. Volkswagen Tayron R-Line का आर्किटेक्चर और इंजन जानकारी के अनुसार, नई Tayron R-Line, VW Tiguan के जैसे ही MQB Evo आर्किटेक्चर पर ही बनाई गई है, ऐसे में इसमें कुछ समानताएं देखने को मिलेंगी. खासकर, कंपनी की EA888 फैमिली का 2.0-लीटर TSI EVO पेट्रोल इंजन इसमें देखने को मिलेगा. दुनिया भर में, यह कई अलग-अलग ट्यूनिंग में मिलती है, लेकिन भारत में यह इंजन 200 bhp की पावर और 320 Nm का पीक टॉर्क देने के लिए ट्यून किया जाएगा. इंजन से पावर चारों व्हील्स तक 7-स्पीड DSG ऑटोमैटिक और Volkswagen के 4Motion AWD के ज़रिए पहुंचती है. Volkswagen Tayron R-Line का एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो यह एक ही फैमिली की गाड़ी लगेगी, जो प्रॉपर यूरोपियन SUV स्टाइलिंग को दिखाती है. इस कार में LED DRLs वाली LED हेडलाइट्स, कनेक्टेड LED टेललैंप्स, और स्पोर्टी डुअल-टोन अलॉय व्हील्स का इस्तेमाल किया जाएगा. इस SUV का प्रोफाइल सिल्हूट चेक रिपब्लिक की इसकी राइवल-सिबलिंग Skoda Kodiaq से मिलता-जुलता लगता है. आकार की बात करें तो इस कार की लंबाई 4,792 मिमी और चौड़ाई 1,866 मिमी है, जबकि इसका व्हीलबेस 2,789 मिमी रखा गया है. यह कार Skoda Kodiaq से थोड़ी बड़ी है. Volkswagen Tayron R-Line का इंटीरियर केबिन की बात करें तो इसका डैशबोर्ड VW Tiguan R-Line जैसा ही देखने को मिलता है, जिसमें वही 15-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 10.25-इंच का डिजिटल कॉकपिट और पैनोरमिक सनरूफ मिलता है. कंपनी इसमें ऑगमेंटेड रियलिटी हेड-अप डिस्प्ले (AR HUD), 30 तरह की एम्बिएंट लाइटिंग और 12-वे पावर-एडजस्टेबल फ्रंट सीट्स भी दे रही है. अच्छी बात यह है कि VW Tiguan R-Line के मुकाबले, इसमें आपको वेंटिलेशन फंक्शन भी मिलता है. Volkswagen Tayron R-Line के सेफ्टी फीचर्स अन्य फीचर्स पर नजर डालें तो इसमें 3-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल, जेस्चर कंट्रोल पावर्ड टेलगेट और हरमन कार्डन सराउंड साउंड सिस्टम शामिल हैं. सेफ्टी फीचर्स के तौर पर इस कार में नौ एयरबैग, EBD के साथ ABS, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और चढ़ाई और ढलान के लिए हिल असिस्ट कंट्रोल मिलता है.

Anthropic AI का खौफ, US में दूसरे दिन भी हंगामा, बड़ी कंपनियों के बीच हलचल

नई दिल्ली Anthropic के नए AI टूल्स ने दुनिया को हिला दिया है. खासकर, अमेरिका पर सबसे तगड़ी आर्थिक चोट पहुंचाई है. क्योंकि मौजूदा समय अमेरिका टेक्नोलॉजी में सबसे आगे है, इसके साथ ही Anthropic AI टूल ने ये संकेत भी दे दिया है, कि जो अभी बाहशाह है, आगे भी वही रहेगा इसकी कोई गारंटी है. क्योंकि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और हर नई खोज के साथ कॉम्पिटिशन भी बढ़ता जा रहा है. दरअसल, अमेरिकी शेयर बाजार (Share Market) में टेक्नोलॉजी शेयरों का दबदबा रखने वाला Nasdaq लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. बुधवार को नैस्डैक 350 अंक गिरकर 22904 पर अंक पर बंद हुआ, यानी डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इससे पहले मंगलवार को भी करीब 1.50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. नैस्डैक में दूसरे दिन भी दबाव  भारतीय बाजार पर भी इसका असर देखने को मिला था, भारतीय बाजार कारोबार के अंत में हरे निशान के साथ बंद हुए थे. लेकिन आईटी शेयरों में भारी बिकवाली का माहौल था, हालांकि गुरुवार को आईटी स्टॉक्स रिकवरी के मोड में हैं. मंगलवार को आईटी शेयरों में गिरावट की बजट आईटी इंडेक्स के मार्केट कैप में करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी.  इन सबके बीच Anthropic AI की चोट से अमेरिकी शेयर बाजार उबर नहीं पा रहा है. बुधवार को भी NVIDIA, Alphabet, Amazon और Meta के शेयरों में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली. इस गिरावट की बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं. खासतौर पर Anthropic के नए AI टूल को लेकर. निवेशकों को डर है कि तेजी से बदलती AI तकनीक से मौजूदा बड़ी टेक कंपनियों का बिजनेस मॉडल प्रभावित हो सकता है.  बता दें, Anthropic एक AI स्टार्टअप है, जिसे OpenAI का बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है. कंपनी ने हाल ही में अपने नए और ज्यादा ताकतवर AI टूल्स पेश किए हैं. इन टूल्स के बाद बाजार में यह चर्चा तेज हो गई कि आने वाले समय में AI सेक्टर में कॉम्पिटिशन और ज्यादा बढ़ेगा. इसका असर उन बड़ी टेक कंपनियों पर पड़ सकता है, जो अभी AI से मोटा मुनाफा कमा रही हैं. बड़ी कंपनियों की बढ़ी टेशन इसी चिंता के चलते निवेशकों ने टेक शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी. Nvidia, Microsoft, Alphabet, Meta और Amazon जैसे दिग्गज शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है. Nvidia जैसे शेयर, जो हाल के महीनों में AI बूम की वजह से तेजी से चढ़े थे, उनमें सबसे ज्यादा दबाव है.  एक्सपर्ट्स की मानें तो निवेशक यह सोचने लगे हैं कि क्या AI को लेकर उम्मीदें जरूरत से ज्यादा तो नहीं बढ़ा दी गई हैं. Anthropic जैसे नए खिलाड़ियों की एंट्री से AI सेक्टर में मुकाबला बढ़ेगा, जिससे कंपनियों के मुनाफे और वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है.   हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स ये भी कह रहे हैं कि ये गिरावट किसी बड़े क्रैश की शुरुआत नहीं है, बल्कि एक हेल्दी करेक्शन हो सकता है. AI सेक्टर में लंबे समय में ग्रोथ की संभावनाएं अब भी मजबूत हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.  Anthropic AI टूल क्या है? Anthropic AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ऐसे टूल और मॉडल बनाता है, जो इंसानों की तरह सोच-समझकर जवाब दे सकें. इसका प्रमुख AI मॉडल Claude है, जो कंटेंट लिखने, डेटा एनालिसिस, कोडिंग, रिसर्च और बिजनेस फैसलों में मदद करता है. यह टूल कई कामों में इंसानी दखल को कम कर सकता है. हालांकि इस बीच Anthropic बड़े कॉपीराइट और डेटा-उपयोग विवादों का सामना भी कर रहा है.

जनवरी 2026 में टीवीएस की शानदार बिक्री, EV की मांग में 50% से अधिक बढ़ोतरी, ग्राहक अब बिना हिचकिचाए चुन रहे इलेक्ट्रिक विकल्प

मुंबई  टीवीएस मोटर कंपनी का दमदार आगाज़ जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। कंपनी ने इस महीने कुल 5.12 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 29 प्रतिशत ज्यादा है। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय ऑटो बाजार में टीवीएस की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और ग्राहक इसके उत्पादों पर भरोसा जता रहे हैं। घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात कारोबार ने भी इस ग्रोथ को मजबूती दी है। घरेलू दोपहिया बाजार में मजबूत पकड़ जनवरी 2026 में टीवीएस की कुल दोपहिया बिक्री लगभग 4.94 लाख यूनिट्स रही। सालाना आधार पर इसमें करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में टीवीएस ब्रांड की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। मोटरसाइकिल और स्कूटर सेगमेंट का अहम योगदान टीवीएस की इस मजबूत ग्रोथ में मोटरसाइकिल और स्कूटर दोनों सेगमेंट की बड़ी भूमिका रही। जनवरी 2026 में मोटरसाइकिल बिक्री में सालाना आधार पर उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं स्कूटर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कम्यूटर से लेकर फैमिली और युवा ग्राहकों तक, टीवीएस के मॉडल्स की डिमांड बनी रही, जिससे कुल बिक्री को मजबूती मिली। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में 50% से ज्यादा उछाल जनवरी 2026 टीवीएस के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिहाज से भी बेहद खास रहा। कंपनी की EV बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह साफ दर्शाता है कि भारतीय ग्राहक अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को लेकर ज्यादा गंभीर और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। टीवीएस का EV पोर्टफोलियो इस बदलाव का सीधा फायदा उठाता नजर आ रहा है। निर्यात बाजार में भी स्थिर ग्रोथ घरेलू बिक्री के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टीवीएस ने संतुलित प्रदर्शन किया। जनवरी 2026 में कंपनी के कुल निर्यात में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। दोपहिया वाहनों की विदेशी मांग बनी रही, जिससे ग्लोबल मार्केट में टीवीएस की मौजूदगी और मजबूत हुई। तीन-पहिया सेगमेंट ने चौंकाया जनवरी 2026 में टीवीएस के तीन-पहिया सेगमेंट ने भी सभी का ध्यान खींचा। इस कैटेगरी में कंपनी की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। खासतौर पर कमर्शियल उपयोग और ई-रिक्शा सेगमेंट में बढ़ती मांग ने इस ग्रोथ को गति दी है, जो आने वाले समय में और विस्तार के संकेत देती है। भविष्य के लिए मजबूत संकेत कुल मिलाकर जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए एक बेहद सफल महीना रहा। मजबूत घरेलू मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और निर्यात में स्थिर प्रदर्शन ने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मौजूदा रुझान यह संकेत देते हैं कि आने वाले महीनों में भी टीवीएस की ग्रोथ की रफ्तार बनी रह सकती है।

Gold-Silver Price Crash: चांदी ₹24000 सस्ती, सोने की कीमत ₹4500 गिरी, नए रेट जानें

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में बीते दो दिन के उछाल के बाद अचानक फिर से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) देखने को मिला है. गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दोनों कीमती धातुओं की कीमत ओपनिंग के साथ ही धड़ाम नजर आई. MCX पर चांदी का वायदा भाव एक झटके में 24,000 रुपये प्रति किलो तक कम (Silver Price Crash) हो गया, तो वहीं सोने की कीमत ने भी अचानक ही 4500 रुपये से ज्यादा का गोता लगा दिया और ये सस्ता (Gold Cheaper) हो गया.  चांदी की कीमत में फिर बड़ी गिरावट सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में गुरुवार को आई बड़ी गिरावट के बारे में, तो एमसीएक्स पर बीते कारोबारी दिन 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 Kg Silver Price 2,68,850 रुपये पर क्लोज हुआ था और जब वायदा कारोबार की शुरुआत हुई, तो ये एक झटके में गिरकर 2,44,654 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो चांदी सीधे 24,196 रुपये तक सस्ती हो गई.  हाई से अभी कितनी सस्ती है Silver बीते महीने के आखिर में 29 जनवरी को चांदी की कीमत ने तूफानी रफ्तार से भागते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये का नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था. लेकिन इसके बाद से ही सिल्वर प्राइस क्रैश (Silver Crash) होने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो बजट के बाद रुका नजर आया. लेकिन महज दो दिन के ब्रेक के बाद ये फिर तेजी से फिसली है. हाई से तुलना करें, तो फिलहाल वायदा चांदी 1,75,394 रुपये सस्ती मिल रही है.  Gold का भी चांदी जैसा हाल  अब बात करें, सोने की कीमत में आई गिरावट के बारे में, तो चांदी की तरह ये भी गुरुवार को खुलने के साथ ही क्रैश (Gold Rate Crash) हुआ है. बीते कारोबार दिन 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले 10 Gram 24 Karat Gold का रेट 1,53,046 रुपये पर क्लोज हुआ था और गुरुवार को खुलने के साथ ही ये गिरकर 1,48,455 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इस हिसाब से ये 4,591 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया.  सोना अपने हाई से इतना सस्ता  चांदी की तरह गोल्ड रेट भी 29 जनवरी को अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था और तेज रफ्तार के साथ 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया था और यहां से इसमें भी लगातार तेज गिरावट आई थी, जो बजट के एक दिन बाद तक जारी रही थी. बीते दो दिन में आया उछाल भी गुरुवार को साफ हो गया और अगर इस हाई लेवल से गोल्ड प्राइस क्रैश (Gold Price Crash) देखें, तो फिलहाल सोना 44,641 रुपये सस्ता मिल रहा है.

सोना-चांदी की कीमतों में भूचाल, चार दिन बाद पलटी बाज़ार की चाल—तेज हुई महंगाई

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों लगातार चार दिन क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने के बाद आखिरकार मंगलवार को तेज उछाल आया था और ये सिलसिला तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भी जारी रहा. एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही Gold-Silver रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए नजर आए. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं महंगी हो गई. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price अपने पिछले बंद के मुकाबले 15,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं 10 Gram 24 Karat Gold भी अचानक 5000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया. दो दिन में इतनी महंगी हुई चांदी सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत के बारे में, तो बीते 2 फरवरी तक महज चार दिन में ही करीब 2 लाख रुपये तक सस्ती हो गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें जोरदार रिकवरी देखने को मिली है. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव तेज उछाल के बाद 2,68,801 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और बुधवार को ये खुलते ही 2,84,094 रुपये पर पहुंच गई. यानी एक झटके में ये 15,293 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई.  बीते सोमवार तक 1 Kg Silver Price गिरते हुए 2.25 लाख रुपये के आसपास आ गया था, लेकिन इस लो-लेवल से इसके भाव में जो रैली शुरू हुई, उसने महज दो कारोबारी दिनों में ही चांदी का भाव करीब 60,000 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिया है. Gold भी चांदी से कुछ कम नहीं  बात करें, सोने की कीमत के बारे में, तो ये कीमती धातु भी चांदी की तरह ही बीते कुछ दिनों में लगातार क्रैश के बाद अब तूफानी तेजी से भाग रही है. बीते कारोबारी दिन MCX Gold Rate 1,53,809 रुपये पर क्लोज हुआ था और बुधवार वायदा कमोडिटी मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट उछलकर 1,60,755 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. यहां ये 6,946 रुपये तक महंगा हो गया. हाई से सोना-चांदी अब इतना सस्ता Gold-Silver Rate के हाई लेवल से अगर तुलना करें, तो ये हालिया तेजी के बाद भी अभी काफी सस्ते मिल रहे हैं. बता दें कि बीते 29 जनवरी को चांदी की कीमत ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये पर पहुंच गई थी, लेकिन इस स्तर को छूने के बाद ये बिखरती चली गई थी. हालांकि इस हाई लेवल से कैलकुलेशन करें, तो वायदा चांदी 1,35,954 रुपये प्रति किलो तक सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.   चांदी की तरह ही सोने की कीमत ने भी 29 जनवरी को ही अपना नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई थी. इस स्तर से सोना भी अब तक गिरते हुए 32,341 रुपये तक सस्ता हो चुका है. 

AI का असर दिखा! बड़ी IT कंपनियों में चिंता, स्टॉक्स लुढ़के 25% तक

 नई दिल्ली बीते सोमवार को रिकॉर्ड हाई पर बंद होने के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों ने मंगलवार को अपनी सारी बढ़त गंवा दी और इंडेक्स भारी गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुए. खासतौर पर टेक शेयरों में हाहाकार मचा हुआ नजर आया और कई IT Stocks तो 10 से 25 फीसदी तक क्रैश हो गए. US Stock Market में इस गिरावट के पीछे का बड़ा कारण आईटी सेक्टर में Antropic AI Tool की एंट्री को माना जा रहा है. एंथ्रोपिक ने कॉर्पोरेट और लीगल कार्यों को ऑटोमेटिक करने के लिए एक नया एआई टूल लॉन्च किया है. उम्मीद है कि यह नया टूल सॉफ्टवेयर कंपनियों द्वारा किए जाने वाले पारंपरिक वर्कफ़्लो ऑटोमेशन में बड़ा बदलाव लाएगा. IT Stock क्रैश, NASDAQ धड़ाम अमेरिकी बाजार में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा नैस्डैक फिसला, जो कि आईटी और टेक शेयरों से भरा हुआ इंडेक्स है. इसमें मंगलवार को 1.4 फीसदी की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इसके पीछे रिपोर्ट्स में एंथ्रोपिक एआई टूल को जिम्मेदार बताया जा रहा है, क्योंकि निवेशकों ने एनवीडिया (NVIDIA), माइक्रोन (Micron) और एएमडी (AMD) जैसी हाई वैल्यू वाली चिप कंपनियों के शेयरों से हटकर इसकी ओर रुख किया है. NASDAQ के अलावा डॉउ जोन्स (Dow Jones) और एसएंडपी 500 (S&P Index) भी मंगलवार को क्रमशः 0.3% और 0.8% गिरकर बंद हुआ. एंथ्रोपिक के आते ही बिखरे ये बड़े शेयर  US Stock Market में Anthropic AI Tools की एंट्री से मचे कोहराम की बात करें, तो इसके चलते मंगलवार को कॉग्निजेंट, गार्टनर, एक्सेंचर और ईपीएएम जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में 10% से 25% तक की गिरावट देखने को मिली. यही नहीं भारत के लिए भी ये चिंता का विषय नजर आ रहा है, क्योंकि इस सेक्टर की दिग्गज भारतीय कंपनियों इंफोसिस और विप्रो के एडीआर (Infosys-Wipro ADR) में भी मंगलवार को 6% तक की गिरावट दर्ज की गई. Anthropic AI टूल ने विश्लेषकों के बीच सासपोकैलिप्स की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे ग्लोबल आईटी मार्केट हिल गए हैं. बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार ओपन होने पर इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसे दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर है.  यहां दिखा सबसे बुरा असर Anthropic AI Tools की एंट्री का सबसे ज्यादा बुरा असर लीगल और डेटा सर्विस प्रोवाइडर्स पर देखने को मिला है. लीगलजूम के शेयर 20% तक फिसल गए, तो वहीं थॉमसन रॉयटर्स के स्टॉक में भी 15% तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इसके अलावा लेक्सिसनेक्सिस की पैरेंट कंपनी RELX का शेयर 14% गिर गया था. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसके आने से लोगों की सोच में बदलाव आया है. पहले जो कहते थे कि AI इन कंपनियों की मदद करता है, वही अब कहते नजर आ रहे हैं कि AI इन कंपनियों की जगह लेता जा रहा है. 

Royal Enfield का धमाका: 10 लाख बाइक्स बेचीं, इस मॉडल ने जीता 8 लाख दिल

नई दिल्ली रॉयल एनफील्ड ने 2025 में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की है, जिसमें रिकॉर्ड 10,71,809 बाइक बेची गईं। चेन्नई स्थित इस कंपनी ने पहली बार घरेलू बाजार में एक कैलेंडर वर्ष में दस लाख यूनिट का आंकड़ा पार किया है। यह 2024 में हासिल की गई 8,57,378 यूनिट की तुलना में 25 प्रतिशत की शानदार वार्षिक वृद्धि है। कंपनी ने पिछले वर्ष 1,32,132 मोटरसाइकिलों का निर्यात भी किया, जो 2024 की 97,371 यूनिट की तुलना में 36 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है। वर्तमान में, रॉयल एनफील्ड चार अलग-अलग इंजन प्लेटफॉर्म पर 14 मॉडल बेचती है। रॉयल एनफील्ड की 2025 में होने वाली बिक्री का विवरण तालिका प्रारूप में दिया गया है। पिछले 13 वर्षों के रॉयल एनफील्ड के थोक बिक्री आंकड़ों (ऊपर दी गई तालिका देखें) का गहन विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 2025 लगातार तीसरा वर्ष है जब बाइक निर्माता ने 8,00,000 का आंकड़ा पार किया है। वार्षिक बिक्री पहली बार 2018 में 8,00,000 (8,37,669 यूनिट) तक पहुंची थी, लेकिन अगले वर्ष इसमें 17 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 6,90,913 यूनिट रह गई, जबकि महामारी से प्रभावित 2020 में यह अपने सबसे निचले स्तर (5,38,889 यूनिट) पर पहुंच गई। तब से, कंपनी ने नए मॉडलों और प्रीमियम मोटरसाइकिलों के लिए बाजार में आए पुनरुत्थान के दम पर वापसी की है। 2022 में मांग में 28 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई और यह 7,03,156 यूनिट तक पहुंच गई, 2023 में 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,22,295 यूनिट और 2024 में 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पिछले वर्ष एक नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। 2025 में, अगस्त से अक्टूबर तक लगातार तीन महीनों तक मासिक बिक्री 1,00,000 यूनिट से अधिक रही, जिसमें रॉयल एनफील्ड ने अक्टूबर में 1,16,844 यूनिट की अपनी अब तक की सबसे अधिक मासिक थोक बिक्री दर्ज की। भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में जीएसटी 2.0 की दर में कमी का पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की घोषणा करने वाली पहली कंपनियों में से एक, इस कंपनी ने अपने सबसे अधिक बिकने वाले 350 सीसी मॉडल की कीमतों में 22,000 रुपये तक की कटौती की। रॉयल एनफील्ड की सबसे अधिक बिकने वाली बाइक क्लासिक 350 बनी हुई है और अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान इस श्रेणी में बेची गई मोटरसाइकिलों में इसकी हिस्सेदारी 37 प्रतिशत थी । 350-650cc श्रेणी में रॉयल एनफील्ड का दबदबा है। रॉयल एनफील्ड की मिडसाइज़ मोटरसाइकिल बाज़ार में मज़बूत पकड़ उसके 350cc मॉडलों से ही आती है, यह बात आंकड़ों से स्पष्ट है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों (अप्रैल-दिसंबर 2025) के लिए SIAM उद्योग थोक बिक्री आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 8,21,908 यूनिट तक पहुंच गई। रॉयल एनफील्ड की 250-350cc श्रेणी पर मज़बूत पकड़ है – चालू वित्त वर्ष में बेची गई 7,58,458 बाइक (पिछले वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत की वृद्धि) ने इस श्रेणी की कुल 8,01,250 मोटरसाइकिलों की घरेलू बाज़ार बिक्री में 95 प्रतिशत की अजेय हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसके पांच मॉडलों में से, क्लासिक 350 40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है, इसके बाद बुलेट 350 (25 प्रतिशत हिस्सेदारी) का स्थान आता है। हंटर 350 और मेटियोर 350 शेष 35 प्रतिशत का योगदान करते हैं। रॉयल एनफील्ड की इन 3 बाइक्स का युवाओं में क्रेज आम तौर पर टॉप सेलिंग बाइक्स की लिस्ट में रॉयल एनफील्ड की क्लासिक 350 टॉप 10 में रहती ही है, लेकिन साल 2025 के आखिरी महीने दिसंबर में तो इस देसी कंपनी की 3-3 बाइक्स ने सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकल की टॉप 10 लिस्ट में रही। इनमें जहां क्लासिक 350 छठे स्थान पर रही और इसकी 34,958 यूनिट बिकी, वहीं रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 आठवें स्थान पर रही और इसकी 24,849 यूनिट बिकी। टॉप 10 बेस्ट सेलिंग बाइक्स की लिस्ट में आखिरी पायदान पर रॉयल एनफील्ड हंटर रही और इसकी 20,654 यूनिट बिकी। रॉयल एनफील्ड की इन बाइक्स की बिक्री में बीते दिसंबर सालाना तौर पर अच्छी-खासी बढ़ोतरी दिखी। क्लासिक 350 की बिक्री में सालाना तौर पर करीब 18 फीसदी, बुलेट 350 में करीब 77 फीसदी और हंटर 350 की सेल में 50 फीसदी की एनुअल ग्रोथ दर्ज की गई। रॉयल एनफील्ड की क्लासिक, बुलेट और हंटर की कीमतें अब आपको रॉयल एनफील्ड की 3 सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकल्स की कीमतों के बारे में बताएं तो Hunter 350 की एक्स शोरूम प्राइस 1.38 लाख रुपये से शुरू होकर 1.67 लाख रुपये तक जाती है। इसके बाद रॉयल एनफील्ड की आइकॉनिक बाइक Bullet 350 की एक्स शोरूम प्राइस 1.62 लाख रुपये से शुरू होकर 2.04 लाख रुपये तक जाती है। कंपनी की टॉप सेलिंग बाइक Classic 350 की एक्स शोरूम प्राइस 1.83 लाख रुपये से शुरू होकर 2.18 लाख रुपये तक जाती है। क्लासिक का एक खास मॉडल Goan Classic 350 भी है, जिसकी एक्स शोरूम प्राइस 2.20 लाख रुपये से शुरू होकर 2.23 लाख रुपये तक जाती है।

ट्रेड डील की खुशखबरी! शेयर बाजार में ऐतिहासिक बूम, सेंसेक्स 2500 और निफ्टी 700 अंक चढ़ा

मुंबई  भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील से मंगलवार को शेयर बाजार रॉकेट बन गया. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स और निफ्टी में जबरदस्‍त तेजी देखने को म‍िली. मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई बीएसई सेंसेक्स ने 2500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा दी. निफ्टी भी 700 अंक की तेजी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया. शेयर बाजार में आई तेजी से प‍िछले कुछ महीने से लगा ग्रहण छंटता नजर आया. शेयर बाजार में आई तेजी पिछले कुछ महीने की अन‍िश्‍च‍ितता को खत्म करने वाली है. प‍िछले कुछ महीने से बाजार ट्रंप के टैरिफ को लेकर दबाव में चल रहा था. सभी इंडेक्‍स में जबरदस्‍त तेजी ट्रंप के टैर‍िफ घटाने का असर न‍िफ्टी 50 के अलावा बैंक न‍िफ्टी, न‍िफ्टी फाइनेंस, न‍िफ्टी म‍िड कैप और न‍िफ्टी स्‍मॉलकैप समेत सभी इंडेक्‍स में देखने को म‍िला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद ट्रेड डील का ऐलान कर द‍िया. अमेरिका की तरफ से भारत से न‍िर्यात क‍िये जाने वाले प्रोडक्‍ट पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया. इसके अलावा रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ भी हटा द‍िया. GIFT निफ्टी ने सुबह ही द‍िया था संकेत डील की खबर आते ही GIFT निफ्टी (भारतीय बाजार का पूर्वानुमान देने वाला इंडेक्‍स) में 700-800 अंक की मजबूत छलांग देखी गई थी. सुबह 6-7 बजे ही यह 3 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर था. बाजार खुलते ही सेंसेक्स 83,000-84,000 के स्तर पर पहुंच गया और 2500 अंक से ज्‍यादा की तेजी देखी गई. निफ्टी भी चढ़कर 25,800 के पार चला गया. किन सेक्‍टर में होगी न‍िवेशकों की चांदी? ट्रेड डील से एक्‍सपोर्ट बेस्‍ड सेक्टर में भारी उछाल देखा गया. टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल, फार्मा, ऑटो पार्ट्स और मशीनरी कंपनियों के शेयरों में तगड़ी खरीदारी देखने को म‍िल रही है. इन सेक्टर से जुड़ा सामान अब अमेरिका में पहले से सस्ते दाम पर म‍िल सकेगा, जिससे कंपनियों के प्रॉफ‍िट में बढ़ोतरी का अनुमान है. जानकारों का कहना है कि यह डील इंड‍ियन इकोनॉमी और शेयर मार्केट के लिए बड़ा बूस्ट है. टैरिफ कम होने से निर्यात बढ़ेगा, विदेशी निवेश आएगा और रुपये पर भी दबाव कम होगा.   पीएम मोदी ने ट्रंप का धन्यवाद किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत किया और ट्रंप को धन्यवाद दिया. उन्होंने बताया कि “Made in India उत्पादों पर अब केवल 18% टैरिफ लगेगा” और यह निर्णय 1.4 अरब भारतीयों के लिए एक शानदार घोषणा है। ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील पर सहमत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे भारत के साथ डील पर सहमत हैं, जिसमें टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। भारत रूस से आयल खरीद बंद करेगा और वर से ज्यादा एनर्जी, टेक्नोलॉजी और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स खरीदेगा। एशियाई-अमेरिकी बाजार में तेजी जापान का निक्केई इंडेक्स 3.14 फीसदी चढ़कर 53,186 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.02 प्रतिशत ऊपर 5,198 कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.20 फीसदी चढ़कर 26,830 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.38 प्रतिशत ऊपर 4,031 पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका का डाउ जोंस 1.05 फीसदी चढ़कर 49,407 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.94 फीसदी और एसएंडपी 500 0.54 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। सोना-चांदी इतना हुआ महंगा शेयर बाजार में तूफानी के साथ ही मंगलवार को कमोडिटी मार्केट में जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। एमसीएक्स पर कारोबार की ओपनिंग होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी झटके में 21000 रुपए से ज्यादा महंगी हो गई। मंगलवार को खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना भी चांदी की तरह ही 5,494 रुपए महंगा होकर 1,49,485 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। भारतीय रुपया ने दिखाया दम भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनने और टैरिफ में कटौती किए जाने के ट्रंप के ऐलान का असर Indian Currency पर भी देखने को मिला है और मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.2% की तेजी लेकर 90.40 पर खुला. बता दें कि इसका पिछला बंद भाव 91.5125 था। शुरुआती कारोबार में ये Top गेनर शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत में टॉप-10 गेनर स्टॉक्स की बात करें, तो Adani Ports, Reliance के अलावा, बजाज फाइनेंस (6.50%), इटरनल शेयर (4.50%), बजाज फिनसर्व (4.31%), इंडिगो (3.99%), महिंद्रा एंड महिंद्रा शेयर (3.95%), सनफार्मा (3.63%), इंफोसिसि (3.50%), टाइटन (3%) और मारुति (2.94%) की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। रिलायंस-अडानी समेत ये शेयर बने रॉकेट India-US Trade Deal और टैरिफ 18% पर आने के असर से गदगद हुए शेयर बाजार में ओपनिंग के साथ ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली है। अडानी पोर्ट का शेयर 7 फीसदी से ज्यादा उछल गया, तो वहीं देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस का शेयर भी करीब 4 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आया। भारत के पड़ोसी देशों पर कितना टैरिफ?     बांग्लादेश: 20%     वियतनाम: 20%     मलयेशिया: 19%     कंबोडिया: 19%     थाईलैंड: 19%     पाकिस्तान: 19% ज्यादा टैरिफ वाले देश     चीन: 34%     ब्राजील: 50%     दक्षिण अफ्रीका: 30%     म्यांमार: 40%     लाओस: 40% भारत से कम टैरिफ वाले प्रमुख देश     यूरोपीय यूनियन: 15%     जापान: 15%     दक्षिण कोरिया: 15%     स्विट्जरलैंड: 15%     यूनाइटेड किंगडम: 10%