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MP बोर्ड अपडेट: 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं 20 फरवरी से होंगी शुरू

 भोपाल मध्यप्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है. राज्य शिक्षा केंद्र ने साफ किया है कि इस साल की वार्षिक परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर ही होंगी. परीक्षा का आगाज 20 फरवरी से होगा, जो 28 फरवरी तक जारी रहेगा. राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार जरूरी  सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इन परीक्षाओं में शासकीय विद्यालयों के साथ-साथ निजी स्कूलों और मदरसों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे. इस साल 1 लाख 10 हजार 615 सरकारी, प्राइवेट स्कूलों और मदरसों के करीब 24 लाख 90 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इ‍समें से 522 प्राइवेट स्कूलों के 20 हजार 736 विद्यार्थियों के लिए NCERT सिलेबस के अनुसार भाषा विषय के अलग प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं. अन्य विषयों के प्रश्न पत्र पाठ्यपुस्तकों के आधार पर बनाए गए हैं.  परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए विशेष आईटी पोर्टल विकसित किया गया है. इस पोर्टल से विद्यार्थियों का सत्यापन, परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, केंद्राध्यक्षों की मैपिंग, सामग्री वितरण, रोल नंबर और प्रवेश पत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इसके साथ ही उपस्थिति दर्ज करने, मूल्यांकन कार्य और अंकसूची जारी करने की व्यवस्था भी इसी पोर्टल से की जाएगी. हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया जाएगा. कोई विद्यार्थी यदि किसी कारणवश परीक्षा तिथि तक रजिस्टर्ड नहीं हो पाया है, तो उसे भी परीक्षा में शामिल करने के निर्देश केंद्राध्यक्षों को दिए गए हैं. ऐसे विद्यार्थियों की तकनीकी जानकारी परीक्षा के बाद दर्ज की जाएगी. परीक्षा में 86 हजार 109 सरकारी स्कूलों, 23 हजार 980 अशासकीय स्कूलों और 525 मदरसों के विद्यार्थी भाग लेंगे.

NIFT 2026 Exam: एडमिट कार्ड हुआ जारी, 8 फरवरी को एंट्रेंस टेस्ट

नई दिल्ली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) में एडमिशन की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NIFTEE 2026 (स्टेज-1) प्रवेश परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं। फैशन डिजाइनिंग और मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे छात्र अब अपना हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/niftee से डाउनलोड कर सकते हैं। यह प्रवेश परीक्षा 8 फरवरी 2026 (रविवार) को देश भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। कैसे डाउनलोड करें अपना एडमिट कार्ड?     सबसे पहले NTA NIFT की आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.nic.in/niftee पर जाएं। 2. होमपेज पर "NIFT 2026 Admit Card" वाले लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड (या जन्मतिथि) दर्ज करें। 4. कैप्चा कोड भरकर 'सबमिट' बटन पर क्लिक करें। 5. आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा, इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक साफ प्रिंटआउट ले लें। परीक्षा का समय और पैटर्न NIFT 2026 की स्टेज-1 परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट (सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक): इसमें GAT होगा, जो कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। दूसरी शिफ्ट (दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00/6:30 बजे तक): इसमें CAT होगा, जो पेन-एंड-पेपर मोड (PBT) में आयोजित किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर ले जाने वाले जरूरी डॉक्यूमेंट अभ्यर्थियों को ध्यान देना चाहिए कि बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उम्मीदवारों को अपने साथ ये चीजें ले जानी अनिवार्य हैं: एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट: एडमिट कार्ड पर लगा फोटो और सिग्नेचर स्पष्ट होना चाहिए। वैलिड फोटो आईडी कार्ड: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट (ओरिजिनल कॉपी)। फोटो: दो पासपोर्ट साइज फोटो (वही जो फॉर्म भरते समय अपलोड किए गए थे)। लेखन सामग्री: CAT परीक्षा के लिए नीले/काले बॉलपॉइंट पेन, पेंसिल, इरेजर और ड्राई कलर्स। महत्वपूर्ण निर्देश रिपोर्टिंग समय और परीक्षा केंद्र का पता आपके एडमिट कार्ड पर अंकित होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम 45-60 मिनट पहले पहुंचें। गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिए जाएंगे। केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कैलकुलेटर या स्मार्टवॉच ले जाना प्रतिबंधित है।  

यूजीसी नेट रिजल्ट जारी, 1 लाख से अधिक पास उम्मीदवारों को मिलेगा पीएचडी का अवसर

नई दिल्ली  यूजीसी नेट दिसंबर सेशन 2025-26 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने UGC NET Result 2026 जारी कर दिया है. लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे कैंडिडेट्स अब अपना परिणाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. इस परीक्षा में कुल 1,17,058 उम्मीदवार केवल PhD के लिए क्वालिफाई हुए हैं. रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाना होगा. UGC NET Result 2026 ऐसे करें चेक     सबसे पहले वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं.     होमपेज पर UGC NET Result 2026 लिंक पर क्लिक करें.     अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें.     Submit पर क्लिक करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा.     रिजल्ट डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें. कैसा रहा रिजल्ट? UGC NET दिसंबर 2025 का रिजल्ट 4 फरवरी 2026 को जारी किया गया है. इस परीक्षा में कुल 7,35,614 उम्मीदवार शामिल हुए थे. इनमें से 5,108 उम्मीदवार JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्य पाए गए. 54,713 उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए. वहीं 1,17,058 उम्मीदवार केवल PhD के लिए योग्य घोषित किए गए. UGC NET दिसंबर 2025 की परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA द्वारा आयोजित की गई थी. यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में कराई गई थी. यह परीक्षा देशभर में कुल 85 विषयों के लिए आयोजित हुई थी. परीक्षा 6 दिनों तक चली और इसे 11 शिफ्ट में आयोजित किया गया. पूरे भारत में 663 परीक्षा केंद्रों और 283 शहरों में यह परीक्षा कराई गई थी. इस परीक्षा में कुल 9,93,702 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. अगर रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की बात करें तो इसमें सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार थीं. कुल 5,85,400 महिलाएं परीक्षा में शामिल हुईं, जो लगभग 58.91 प्रतिशत हैं. वहीं 4,08,245 पुरुष उम्मीदवार थे, जो करीब 41.08 प्रतिशत हैं. इसके अलावा 57 उम्मीदवार थर्ड जेंडर से थे.

आज की जरूरत: सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग और बेहतर भविष्य की राह

लोगों में प्रतिभा तो होती है परंतु उसे समझने और निखारने की आवश्यकता होती है। उन्हें प्रशिक्षण मुहैया कराने के लिए कई संस्थानों में संबंधित कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। इस फील्ड में पहले पाठ्यक्रम नहीं थे लेकिन अब सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षकों के लिए शिक्षण कार्य भी बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। सॉफ्ट स्किल की क्षमता आपके करियर को नई दिशा देती है। अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग तकनीकी रूप से बड़े प्रतिभावान होते हैं। साथ ही, वे अपने क्षेत्र में निपुण भी होते हैं किंतु एक निश्चित बिंदु पर उनके करियर में ठहराव-सा आ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनमें नेतृत्व क्षमता, समूह में काम करना, सामाजिक सम्प्रेषण और संबंध निर्माण आदि कौशल का अभाव होता है। सॉफ्ट स्किल व्यापक क्षेत्र है, जिसमें सम्प्रेषण कौशल, श्रवण कौशल, टीम कौशल, नेतृत्व के गुण, सृजनात्मकता और तर्कसंगत, समस्या निवारण, कौशल और परिवर्तनशीलता आदि सम्मिलित हैं। सॉफ्ट स्किल के गुण किताबों से नहीं सीखे जाते, बल्कि इसके लिए प्रशिक्षण कारगर होते हैं। यदि आप सही अर्थों में अपने व्यक्तित्व में सॉफ्ट स्किल्स जोड़ना चाहते हैं तो आपको एक अच्छा, मेहनती और सीखने वाला बनकर उन सब बातों को, जो कुछ भी आपने व्यावहारिक रूप से ग्रहण किया है, व्यवहार में लाना होगा। कुछ ऐसे सॉफ्ट स्किल्स भी हैं जो आपकी रोजगार की संभावनाओं और व्यक्तित्व में सुधार कर स्थायी और अच्छी सैलरी पर नौकरी प्राप्त करने में सहयोग करता है।   प्रभावी सम्प्रेषण:- कौशल प्रभावी सम्प्रेषण कौशल में सार्वजनिक भाषणों, प्रस्तुतीकरण, बातचीत, संघर्ष समाधान ज्ञानिवतरण आदि के लिए मौखिक कौशल, अनुदेश मैनुअल तैयार करना, ज्ञापन, सूचनाएं लिखना, कार्यालयीन पत्र व्यवहार आदि के लिए लेखन कौशल शामिल हैं। इनमें मौखिक और गैर-मौखिक, दोनों ही शामिल है। चूंकि हमारा सम्प्रेषण का आधिकारिक माध्यम अंग्रेजी है, इसलिए इसमें कुछ हद तक अंग्रेजी में दक्षता होनी जरूरी है। सामूहिक कार्य:- कौशल अंतर्वैयक्तिक और सामूहिक कार्य कौशल उच्चतर उत्पादकता तथा बेहतर वातावरण के लिए योगदान करते हैं क्योंकि इनसे व्यक्ति संयुक्त लक्ष्य हासिल करने हेतु मिलकर कार्य करते हैं। यह सम्प्रेषण टीम सदस्यों के बीच एक गतिशील पारस्परिक क्रिया की स्थापना, फीडबैक का आमंत्रण, उसे प्रदान करना तथा संघर्ष की स्थिति को हल करना अपेक्षित होता है। ज्ञानात्मक कौशल:- अपने रोजमर्रा के जीवन में अक्सर आपको ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है जब आप सही फैसले करने में असमर्थ होते हैं। आपके सामने ऐसी स्थितियां उत्पन्न होने की ज्यादा संभावनाएं उस वक्त होती हैं जब आप किसी संगठन में कार्य करते हैं। ऐसी दबावपूर्ण स्थितियों का मुकाबला करने के लिए आपको कुछेक ऐसे कौशल विकसित करने की आवश्यकता है जो आपको निर्णय लेने, सृजनात्मक एवं अन्वेषणात्मक समाधान विकसित करने, व्यावहारिक हल ढूंढने, समस्याओं का स्वतंत्र रूप से पता लगाने, उनको हल करने और विभिन्न क्षेत्रों में समस्याओं के निदान में कार्य नीतियां लागू करने में मददगार हो सकते हैं। नौकरियां:- आजकल ज्यादातर संगठन अपने कर्मचारियों में उनके सकारात्मक, सम्प्रेषण, अंतर्वैयक्तिक और टीम कौशल, समस्या निदान, अनुकूलनशीलता और कार्य पद्धति में सुधार हेतु प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। इससे एक तरफ जहां उनके व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, वहीं दूसरी तरफ सं गठन की उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। अतः सॉफ्ट स्किल में पाठय़क्रम पूरा करने के उपरांत कोई व्यक्ति किसी निजी या सार्वजनिक संगठन में सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षक के रूप में रोजगार प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा, आप अपना स्वयं का ट्रेनिंग सेंटर भी खोल सकते हैं। व्यक्तित्व संबंधी गुण:- समय के साथ-साथ अब फोकस एक सामान्य व्यक्ति से सुशिक्षित और परिष्कृत व्यक्तित्व की ओर हो गया है। विभिन्न संगठनों, खासकर कंपनियों को ऐसे व्यक्तियों की तलाश रहती है जो कुशाग्र और सुशिक्षित होते हैं। उनमें ऐसे सम्प्रेषण कौशल होने चाहिए कि वे सबसे आगे रहें। इसके लिए वे अपने कर्मचारियों को भर्ती के उपरांत प्रशिक्षण प्रदान करते हैं लेकिन वे उन व्यक्तियों को वरीयता देते हैं जो पहले से अपने क्षेत्र में बेहतर होते हैं। चूंकि ज्यादातर लोग प्रतिभाओं के साथ जन्म लेते हैं, परंतु उन्हें परिष्कृत और शिक्षित करने की आवश्यकता होती है। उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए बाजार में बहुत से संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। ये संस्थान काफी धन अर्जन कर रहे हैं और इस तरह सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षकों को आकर्षक रोजगार का विकल्प प्रदान कर रहे हैं। वेतन:- इस सेक्टर में काफी अच्छा वेतन है। चूंकि यह कल्चर प्राइवेट कंपनियों और वैश्वीकरण के कारण तेजी फला-फूला है, इसलिए इसकी ग्रोथ भी ज्यादा है। योग्यताएं:- पहले इस फील्ड में पाठ्यक्रम नहीं चलाए जाते थे लेकिन अब सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षकों के लिए शिक्षण कार्य भी एक अच्छे विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है क्योंकि सभी इंजीनियरिंग और प्रबंध संस्थानों में तकनीकी कौशल एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल होता है। वहां पर छात्रों को साक्षात्कार और समूह र्चचा में बेहतर प्रदर्शन के लिए अपेक्षित अन्य वैयक्तिक कौशलों के साथ-साथ प्लेसमेंट और सम्प्रेषण कौशलों के लिए प्रशिक्षित और तैयार किया जाता है।  

UPSC के नए दिशा-निर्देश: IAS-IFS के लिए सिविल एग्जाम की पुनः अनुमति नहीं, IPS को मिलेगा नया विकल्प

 नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के साल 2026 के एग्जाम के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके तहत उम्मीदवार 4 फरवरी से लेकर 24 फरवरी 2026 के बीच एप्लीकेशन फॉर्म फिल कर सकते हैं. ऐसे में जो भी उम्मीदवार UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, जल्द से जल्द आवेदन कर लें.  नोटिफिकेशन के साथ ही आयोग ने कई नए बदलाव भी किए हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में.  इतने पदों पर निकली भर्ती  इस साल कुल 933 पदों पर भर्ती निकली है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी है. नए नियमों के तहत IAS, IFS और विशेष रूप से IPS में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को लेकर भी कई सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं.  फेस ऑथेंटिकेशन पर होगा जोर  इस साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में नए तरह से ऑथेंटिकेशन किया जाएगा. बता दें कि इस बार से परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों का फेस ऑथेंटिकेशन होगा. सुरक्षित और सही तरह से परीक्षा प्रक्रिया को करवाने के लिए सभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से फेस ऑथेंटिकेशन करवाना होगा. योग्यता  जो भी उम्मीदवार इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) के लिए अप्लाई कर रहे हैं उनके पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है. वहीं, इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) उम्मीदवारों को एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री जरूरी है.  बदलावों पर दें ध्यान  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके साथ ही उन उम्मीदवारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो पहले से इस सेवा में हैं. बता दें कि आयोग ने कहा है कि जो पहले से ही किसी सेवा में चयनित हो चुके हैं. वे CSE के जारी पदों पर आवेदन नहीं कर सकते हैं. इतना ही नहीं अगर किसी उम्मीदवार का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेंस एग्जाम के पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उसे मेंस देने की अनुमति नहीं मिलेगी. वहीं, IPS के लिए भी एक नया नियम है. अगर कोई भी उम्मीदवार पिछली परीक्षाओं के आधार पर IPS के लिए चुना जा चुका है, तो वह 2026 के रिजल्ट के आधार पर दोबारा IPS कैडर का विकल्प नहीं चुन पाएगा.  उम्मीदवारों को देना होगा ध्यान   UPSC ने उन उम्मीदवारों के लिए भी नियमों में बदलाव किए हैं, जो 2026 में ग्रुप A सेवा में चयन होने के बाद फिर से एग्जाम देना चाहते हैं. ऐसे उम्मीदवारों को तभी एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा जब, वे संबंधित विभाग से 'ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट मिल जाए. लेकिन अगर वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं होते हैं और छूट भी नहीं लेते, तो उनका 2026 वाला आवेदन रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही अगर वे साल 2027 में फिर से सफल होते हैं, तो उन्हें दोनों में से एक सेवा चुननी होगी और दूसरी रद्द मानी जाएगी.  वन-टाइम अपॉर्चुनिटी गौर करने वाली बात यह भी है कि जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं, उन्हें अपने बचे हुए अटेम्पट्स को यूज करने के लिए 2026 या 2027 में एक लास्ट मौका दिया गया है (बिना इस्तीफा दिए). लेकिन अगर कोई उम्मीदवार 2028 या उसके बाद की सिविल सेवा परीक्षा में बैठना चाहता है, तो उसे अपनी वर्तमान पोस्ट से इस्तीफा देना होगा.  डिजिटल सुरक्षा और आवेदन प्रक्रिया  AI और आधार लिंक: परीक्षा केंद्रों पर पहचान की चोरी (Impersonation) रोकने के लिए AI-बेस्ड फेशियल रिकॉग्निशन और आधार-लिंक्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है. अब पुराने OTR के बजाय चार-चरणों वाला एक नया डिजिटल पोर्टल है जहां आधार वेरिफिकेशन के जरिए ही फॉर्म भरा जाएगा. 

छोटे राज्य से बड़ी उड़ान: छत्तीसगढ़ का उभरता टेक्निकल इंस्टीट्यूट, Google में प्लेसमेंट

भिलाई  आज के समय में स्टूडेंट्स सिर्फ एक नामी कॉलेज नहीं, बल्कि ऐसा इंस्टीट्यूट चाहते हैं जहां पढ़ाई के साथ-साथ सोचने, प्रयोग करने और आगे बढ़ने का मौका मिले. IIT भिलाई ठीक इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है. यह इंस्टीट्यूट पूरे देश के स्टूडेंट्स के लिए एक नया अवसर बनकर उभरा है. यहां पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज, रिसर्च और रियल-लाइफ प्रॉब्लम्स से जोड़ा जाता है. मॉडर्न कैंपस, सपोर्टिव नेचर और फ्यूचर ग्रोथ पढ़ाई के कारण IIT भिलाई आज तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है. आइए जानते हैं कि आईआईटी भिलाई में एडमिशन कैसे लें, फीस क्या है और प्लेसमेंट के क्या-क्या अवसर है. IIT Bhilai Admission: एडमिशन प्रोसेस IIT भिलाई में BTech कोर्स में एडमिशन पूरी तरह नेशनल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर होता है. बीटेक कोर्स में एडमिशन लेने के लिए JEE Advanced एग्जाम पास करना पड़ता है. जेईई एडवांस्ड में मिले रैंक के बेसिस पर JoSAA काउंसलिंग के जरिए सीट अलॉट की जाती है. GATE स्कोर के आधार पर MTech कोर्स में एडमिशन दिया जाता है. IIT Bhilai Fees: फीस स्ट्रक्चर आईआईटी भिलाई में BTech कोर्स की फीस लगभग 170270 (प्रतिवर्ष) रुपये हैं, जिसमें ट्यूशन फीस और हॉस्टल और अन्य सभी फीस शामिल है. MTech कोर्स की फीस लगभग 86420 रुपये (प्रतिवर्ष) है. फीस रिलेटेड डिटेल्स जानने के लिए स्टूडेंट्स कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट iitbhilai.ac.in चेक कर सकते हैं. IIT Bhilai Placement Details: प्लेसमेंट डिटेल्स IIT भिलाई को एक उभरता हुआ IIT माना जाता है. यहां प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छा है. CSE और DSAI जैसे टेक्निकल ब्रांच में ज्यादा हाई-पैकेज देखे जाते हैं. यहां टॉप कंपनियां जैसे Google, TCS, Infosys और Accenture कॉलेज के स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट ऑफर देने के लिए आते हैं. 2024-25 में स्टूडेंट्स का हाईएस्ट पैकेज 13.28 लाख रुपये तक का देखा गया है.

अग्निवीर भर्ती अलर्ट: भारतीय सेना ने जारी किए अहम दिशा-निर्देश, यह नियम तोड़ा तो चयन रद्द तय

नई दिल्ली इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती 2026 के रजिस्ट्रेशन शुरू होने से पहले अग्निवीर ट्रेड्मैन केटगरी के पद से जुड़ा एक बेहद अहम नियम जारी किया गया है। इंडियन आर्मी भर्ती की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर नोटिस जारी कर कहा गया है कि जो अभ्यर्थी 8वीं व 10वीं ट्रेड्मैन अग्निवीर पदों के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें अपनी पसंद के ट्रेड खुद भरने होंगे। 10वीं पास अभ्यर्थी अधिकतम 9 ट्रेड चुन सकेंगे। वहीं 8वीं पास अभ्यर्थियों के लिए 2 ट्रेड का विकल्प दिया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी ट्रेड नहीं भरता है तो मेरिट में आने के बावजूद उसका चयन नहीं हो पाएगा। इंडियन आर्मी ने नोटिस में कहा, 'अभ्यर्थियों को अग्निवीर ट्रेड्समैन श्रेणी के अन्तर्गत उनके पसंद के ट्रेड्स का विकल्प दिया जाना आवश्यक है। अग्निवीर ट्रेड्समैन (10 वीं पास) श्रेणी के अंतर्गत कुल 09 ट्रेड तक के विकल्प तथा अग्निवीर ट्रेड्समैन (8वीं पास) श्रेणी में दो ट्रेड तक के विकल्प का चयन अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित कर सकता है। इसके अतिरिक्त, यदि अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकताओं के चयन में किसी विशिष्ट ट्रेड को शामिल नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में मेरिट में होने के बावजूद उसका चयन नहीं किया जाएगा तथा प्राथमिकता के आधार पर चुनी गई श्रेणी में रिक्तियों की अनुपलब्धता के कारण उसे चयन से वंचित कर दिया जाएगा।' आवेदन के लिए 3 फरवरी की डेट वेबसाइट से हटाई वर्ष 2026 की इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 3 फरवरी 2026 से शुरू होने थे लेकिन ऐन वक्त पर ये डेट हटा ली गई। अब लिखा गया है कि अग्निवीर भर्ती के आवेदन जल्द ही शुरू होंगे। नई अग्निवीर भर्ती आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की संभावना है। उम्मीदवार joinindianarmy.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। अग्निवीर जनरल ड्यूटी (जीडी), टेक्निकल, क्लर्क व स्टोर कीपर टेक्निकल, 8वीं व 10वीं पास ट्रेडसमैन, सैनिक फार्मा, सैनिक तकनीकी नर्सिंग सहायक, वोमेन पुलिस के पदों पर भर्ती होगी। एक फार्म में दो पदों के लिए आवेदन का मौका मिलेगा। यानी इस बार दो पदों के लिए अभ्यर्थी एक साथ एप्लाई कर सकेंगे। आयु 17.5 साल से लेकर 21 साल तक के युवा आवेदन कर सकते हैं। क्या है योग्यता – अग्निवीर जनरल ड्यूटी (जीडी) 45 फीसदी अंकों के साथ में 10वीं पास होना चाहिए। हर विषय में कम से कम 33 फीसदी अंक होना जरूरी। – जिन उम्मीदवारों के पास लाइट मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस होगा, उन्हें ड्राइवर भर्ती में प्रेफरेंस भी दिया जाएगा। अग्निवीर टेक्निकल – फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और अंग्रेजी विषयों में 50 फीसदी अंकों (एग्रीगेट) के साथ में 12वीं पास जरूरी है। हर विषय में कम से कम 40 फीसदी मार्क्स जरूर हों। अग्निवीर क्लर्क/ स्टोरकीपर टेक्निकल किसी भी स्ट्रीम में कम के कम 60% अंकों के साथ 12वीं पास हो। हर विषय में 50 फीसदी मार्क्स होना जरूरी। अंग्रेजी और गणित/अकाउंट्स/ बुक कीपिंग में कम से कम 50 फीसदी अंक जरूरी। – अग्निवीर क्लर्क और स्टोरकीपर कैटेगरी के पदों के लिए टाइपिंग टेस्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है। अग्निवीर ट्रेड्समैन – 10वीं पास – कम से कम 10वीं पास। आवेदक के सभी विषयों में 33 फीसदी अंक होने चाहिए। अग्निवीर ट्रेड्समैन 8वीं पास – कम से कम 8वीं पास। आवेदक के सभी विषयों में 33 फीसदी अंक होने चाहिए। महिला मिलिट्री पुलिस योग्यता – 45 फीसदी मार्क्स के साथ 10वीं पास। हर विषय में 33 फीसदी मार्क्स होना जरूरी। कद-काठी संबंधी योग्यता अग्निवीर जीडी, अग्निवीर टेक्निकल, अग्निवीर ट्रेड्समैन 8वीं व 10वीं पास के लिए – लंबाई कम से कम 170 सेमी और छाती 77 सेमी हो। 5 सेमी फुलाव के साथ 82 सेमी हो। कुछ राज्यों में लंबाई 169 तो कुछ में 165 तो कुछ में 163 ही मांगी गई है। अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर टेक्निकल – 162 सेमी लंबाई हो । छाती 77 सेमी हो। 5 सेमी फुलाव के साथ 82 सेमी हो। फिजिकल टेस्ट ग्रुप 1 – अग्निवीरों की भर्ती के लिए होने वाले फिजिकल टेस्ट की बात करें कि ग्रुप-1 के तहत साढ़े 5 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके लिए 60 मार्क्स दिए जाएंगे। 10 पुल अप्स लगाने होंगे जो 40 मार्क्स के होंगे। ग्रुप 2 – ग्रुप-2 के तहत 5 मिनट 45 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 48 मार्क्स होंगे। 9 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 33 मार्क्स होंगे। ग्रुप 3 – ग्रुप-3 के तहत 6 मिनट में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 36 मार्क्स होंगे। 8 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 27 मार्क्स होंगे। ग्रुप 4 – ग्रुप-2 के तहत 6 मिनट 15 सेकेंड में 1.6 किमी की दौड़ लगानी होगी। इसके 24 मार्क्स होंगे। 7 बार पुल अप्स लगाने होंगे जिसके लिए 21 मार्क्स होंगे। 6 बार पुल अप्स लगाने वाले को 16 मार्क्स मिलेंगे। उपरोक्त सभी ग्रुप में दो चीजें महज क्ववालिफाइंग होंगी – 9 फीट लंबी कूद मारनी होगी। यह केवल क्वालिफाई करना होगा। – जिग जैग बैलेंस टेस्ट महज पास करना होगा।  

JEE Main Answer Key 2026 जारी, jeemain.nta.nic.in पर करें चेक; 13 लाख अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा खत्म

नई दिल्ली JEE Main Answer Key 2026 OUT, jeemain.nta.nic.in : एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन सेशन 1 की आंसर-की जारी कर दी। परीक्षार्थी जेईई मेन आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आंसर-की चेक व डाउनलोड कर सकते हैं। जेईई मेन की प्रोविजनल आंसर-की पर 6 फरवरी, 2026 तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। आंसर-की के साथ रिस्पॉन्स शीट भी आई है जिसे देखकर अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं। किसी प्रश्न के उत्तर पर आपत्ति होने पर उम्मीदवार प्रति सवाल 200 रुपये के हिसाब से ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकेंगे। सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स सभी चैलेंज की जांच करेंगे और उसके आधार पर फाइनल आंसर की जारी होगी। फाइनल आंसर की के आधार पर परिणाम जारी होगा। आपको बता दें कि इस बार जेईई मेन 2026 सेशन 1 के लिए कुल 1350969 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से 1300368 यानी 96.26 फीसदी ने एग्जाम दिया था। जेईई मेन सेशन 1 की परीक्षा 21, 22, 23, 24, 28 और 29 जनवरी, 2026 को हुई थी। पहले चार दिनों में पेपर 1 की परीक्षा दो शिफ्ट में हुई थी – पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक। पेपर 2 की परीक्षा आखिरी तारीख को एक ही शिफ्ट में हुई थी – सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक। JEE Mains 2026 Session 1 Answer Key Direct Link जेईई मेन में दो पेपर होते हैं। पेपर 1 एनआईटी, आईआईआईटी, अन्य केंद्र सरकार से फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस (CFTIs) और हिस्सा लेने वाली राज्य सरकारों द्वारा फंडेड/मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशंस/यूनिवर्सिटीज में अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम में एडमिशन के लिए होता है। जेईई मेन जेईई एडवांस्ड के लिए एलिजिबिलिटी टेस्ट भी है, जो आईआईटी में एडमिशन के लिए होता है। जेईई मेन पेपर 2 बीआर्क व बी प्लानिंग कोर्स में एडमिशन के लिए होता है। जेईई मेन 2026 सेशन 2 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 25 फरवरी तक करें आवेदन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE Main 2026 सेशन 2 (अप्रैल सत्र) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 फरवरी 2026 से शुरू कर दी है। जो छात्र इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर या प्लानिंग कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। महत्वपूर्ण तारीखें और समय अपरैल सत्र की परीक्षा उन छात्रों के लिए एक और सुनहरा मौका है जो जनवरी सत्र में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए या जो पहली बार परीक्षा में बैठ रहे हैं। रजिस्ट्रेशन शुरू: 1 फरवरी 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 (रात 9:00 बजे तक) शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 (रात 11:50 बजे तक) परीक्षा की तारीखें: 1 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 (संभावित: 2 से 9 अप्रैल) एडमिट कार्ड: परीक्षा से 3 दिन पहले जारी होंगे। सीटों का गणित इस वर्ष देशभर की आईआईटी, एनआईटी व आईआईआईटी की साढ़े 62 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग सीटों के लिए लगभग 13 लाख विद्यार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। आईआईटी में 18160, एनआईटी में 24525, ट्रिपल आईटी में 9940 और जीएफटीआई में 10228 सीटें उपलब्ध हैं। जेईई मेन से IIT तक का रास्ता जेईई मेन परीक्षाएं खत्म होने के बाद दोनों सत्रों के बेस्ट एनटीए स्कोर के आधार पर स्टूडेंट्स की रैंक जारी की जाएगी। जेईई मेन परिणाम में पहले 2,50,000 रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार जेईई एडवांस टेस्ट के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। जेईई एडवांस के जरिए आईआईटी में दाखिला मिलता है। आईआईटी एंट्रेंस जेईई एडवांस्ड भी वही दे सकेगा जिसके 12वीं में कम से कम 75 फीसदी मार्क्स होंगे। या फिर संबंधित बोर्ड एग्जाम में टॉप 20 परसेंटाइल उम्मीदवारों में से एक होंगे।

बड़ा फैसला आने वाला है! अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों में शामिल करने पर विचार

नईदिल्ली  देश की सुरक्षा में चार साल तक पसीना बहाने वाले हजारों अग्निवीरों के भविष्य को लेकर अब बड़ी उम्मीद जगी है. अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के अंत में अपनी सेवा पूरी करने जा रहा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि चार साल की सैन्य सेवा के बाद इन युवाओं का आगे क्या होगा. सरकार ने पहले ही साफ किया था कि चार साल बाद सिर्फ 25 फीसदी अग्निवीरों को ही सेना में स्थायी नियुक्ति मिलेगी, जबकि बाकी 75 फीसदी युवाओं को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा. अब जब रिटायरमेंट का समय नजदीक आ रहा है तो इन युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसी बीच केंद्र सरकार, खासकर गृह मंत्रालय एक ठोस और व्यापक एडजस्टमेंट नीति पर काम कर रहा है. माना जा रहा है कि इस नीति के तहत रिटायर होने वाले अग्निवीरों को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में बड़ी संख्या में मौका दिया जाएगा. अगर यह योजना लागू होती है तो यह हजारों युवाओं के लिए एक बड़ा राहत पैकेज साबित हो सकती है.  पहले बैच के करीब 46 हजार अग्निवीर होंगे रिटायर अग्निपथ योजना की शुरुआत जून 2022 में की गई थी. इसके तहत इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में चार साल के लिए युवाओं की भर्ती हुई. पहली भर्ती प्रक्रिया सितंबर 2022 में पूरी हुई थी, जिसमें 60 हजार से ज्यादा युवा अग्निवीर बने. नियमों के अनुसार, इनमें से लगभग 75 फीसदी यानी करीब 46 हजार अग्निवीर इस साल के अंत तक अपनी चार साल की सेवा पूरी कर लेंगे. इन्हें ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, हालांकि सेवा निधि (Seva Nidhi) दी जाएगी. इसी वजह से इनके आगे के करियर को लेकर चिंता लंबे समय से बनी हुई थी.  गृह मंत्रालय ने शुरू की तैयारी, बनी आंतरिक समिति मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,रिटायर होने वाले अग्निवीरों को दोबारा रोजगार देने के लिए गृह मंत्रालय ने कमर कस ली है. मंत्रालय ने CAPF के वरिष्ठ अधिकारियों की एक आंतरिक समिति बनाने का निर्देश दिया है. यह समिति इस बात पर काम कर रही है कि अग्निवीरों को किस तरह से बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे अर्धसैनिक बलों में समायोजित किया जा सकता है. समिति अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि अग्निवीरों के सैन्य अनुभव का सही यूज हो सके.  CAPF में 50 प्रतिशत कोटा, उम्र और फिजिकल में मिल सकती है राहत सूत्रों के अनुसार, सरकार जिस एडजस्टमेंट नीति पर काम कर रही है, उसके तहत CAPF में सीधी भर्ती की 50 प्रतिशत सीटें अग्निवीरों के लिए आरक्षित की जा सकती हैं. भर्ती में ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जा सकती है. फिजिकल टेस्ट में कुछ रियायत मिल सकती है. पहले से सैन्य प्रशिक्षण होने के कारण ट्रेनिंग अवधि कम की जा सकती है. इससे अग्निवीरों को दोबारा नई शुरुआत करने में काफी आसानी होगी. केंद्र सरकार के साथ-साथ कई राज्य सरकारों ने भी पूर्व अग्निवीरों को नौकरी में प्राथमिकता देने का ऐलान किया है. कुछ राज्यों ने पुलिस, होमगार्ड और अन्य विभागों में सीटें आरक्षित करने की घोषणा की है. इससे साफ है कि अग्निवीरों को सिस्टम में बनाए रखने की कोशिशें हर स्तर पर चल रही हैं. इससे पहले भी इस तरह के संकेत सामने आ चुके हैं. जनवरी में CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा था कि नेवी से रिटायर होने वाले अग्निवीरों को बंदरगाहों और तटीय सुरक्षा से जुड़े कामों में तैनात किया जा सकता है. यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि सरकार पहले से ही इस दिशा में सोच रही है.  मार्च-अप्रैल 2026 तक हो सकता है बड़ा ऐलान माना जा रहा है कि आंतरिक समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप देगी. इसके बाद केंद्र सरकार इस पर अंतिम फैसला ले सकती है. उम्मीद है कि अग्निवीरों के पहले बैच के रिटायर होने से पहले, यानी मार्च-अप्रैल 2026 तक, इस नीति की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी. 

महिला भर्ती रैली का ऐलान: बेटियों के लिए सुनहरा मौका, तारीख और प्रक्रिया पूरी तरह से जानें

रायपुर छत्तीसगढ़ की युवतियों के लिए देश सेवा में कदम रखने का बड़ा अवसर सामने आया है। भारतीय सेना भर्ती कार्यालय, जबलपुर (मध्य प्रदेश) द्वारा महिला सेना पुलिस पद के लिए 23 फरवरी 2026 को पुलिस ग्राउंड, झिंझरी, कटनी में भव्य भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों की चयनित महिला अभ्यर्थी भाग लेंगी। कॉमन एंट्रेंस एग्जाम में सफल अभ्यर्थियों को मिलेगा मौका महिला सेना पुलिस भर्ती के लिए 30 जून 2025 से 10 जुलाई 2025 के बीच आयोजित ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) में सफल महिला उम्मीदवार ही रैली में शारीरिक दक्षता परीक्षण, दस्तावेज़ सत्यापन और अन्य चयन प्रक्रियाओं में भाग लेंगी। 24 फरवरी को होगी चिकित्सकीय जांच शारीरिक दक्षता और दस्तावेज़ सत्यापन में सफल उम्मीदवारों की चिकित्सकीय जांच 24 फरवरी 2026 को सेना अस्पताल, जबलपुर में कराई जाएगी। स्वस्थ पाए जाने पर ही अंतिम चयन सुनिश्चित होगा। साथ लाने होंगे ये दस्तावेज अभ्यर्थियों को रैली में एडमिट कार्ड, सभी मूल शैक्षणिक और पहचान दस्तावेज, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य है। प्रवेश पत्र उम्मीदवारों के पंजीकृत ई-मेल आईडी पर भेजे जा चुके हैं और यह भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in  पर भी उपलब्ध हैं।  देश सेवा, अनुशासन और सम्मान के क्षेत्र में करियर का मौका महिला सेना पुलिस भर्ती रैली छत्तीसगढ़ की युवतियों के लिए देश सेवा और सम्मान का सुनहरा अवसर है। बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों की भागीदारी से यह आयोजन राज्य स्तर पर विशेष महत्व रखता है।

मुफ्त शिक्षा का सुनहरा अवसर! UP RTE 2026 के लिए प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन आवेदन आज से शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राइवेट स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर फ्री एडमिशन की प्रक्रिया आज, 2 फरवरी 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस साल प्रवेश प्रक्रिया को चार चरणों में विभाजित किया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। क्या है RTE प्रवेश प्रक्रिया? आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत, प्राइवेट स्कूलों को अपनी कुल सीटों का 25% हिस्सा उन बच्चों के लिए आरक्षित रखना होता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय बहुत कम है या जो सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। महत्वपूर्ण तिथियां (प्रथम चरण) अगर आप अपने बच्चे का दाखिला पहले चरण में कराना चाहते हैं, तो इन तारीखों को नोट कर लें। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 2 फरवरी 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 दस्तावेजों का सत्यापन: 26 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक। लॉटरी निकालने की तिथि: 3 मार्च 2026। स्कूल में दाखिला: 8 मार्च 2026 तक छात्रों को आवंटित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा। जरूरी पात्रता और डॉक्यूमेंट आवेदन करने के लिए बच्चे की आयु 3 से 7 वर्ष के बीच होनी चाहिए (नर्सरी से कक्षा 1 तक के लिए)। आवेदन के लिए इन डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी। बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र। परिवार का आय प्रमाण पत्र (निर्धारित सीमा के भीतर)। निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर आईडी)। बच्चे की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो। जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)। कैसे करें आवेदन? अभिभावक घर बैठे या पास के जन सुविधा केंद्र (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं-     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rte25.upsdc.gov.in पर जाएं। 2. 'Online Application/Student Registration' लिंक पर क्लिक करें। 3. बच्चे का विवरण और पते की जानकारी भरें। 4. पसंदीदा स्कूलों की लिस्ट का चयन करें (अभिभावक अपने वार्ड के स्कूलों को प्राथमिकता दें)। 5. डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रखें। शिक्षा विभाग की तैयारी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बीएसए (BSA) को निर्देश दिया है कि वे पोर्टल की निगरानी करें और आवेदनों के वेरिफिकेशन में देरी न होने दें। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।  

10वीं–12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर: CBSE बोर्ड परीक्षा एडमिट कार्ड और एग्जाम डेट घोषित

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड 2026 जल्द ही जारी किए जाने की उम्मीद है। सीबीएसई ने प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए हॉल टिकट पहले ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर अपलोड कर दिए हैं, जबकि रोगुलर छात्रों के लिए एडमिट कार्ड फरवरी के पहले सप्ताह में जारी किए जा सकते हैं। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली हैं। परीक्षा में बैठने वाले हर छात्र के लिए एडमिट कार्ड सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है, क्योंकि इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा का पूरा शेड्यूल बोर्ड द्वारा जारी रिवाइज्ड शेड्यूल के अनुसार: कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेगी। इस साल से कक्षा 10 के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं का विकल्प भी शुरू किया गया है, जिसका दूसरा चरण मई-जून में होगा। कक्षा 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्कूलों में 1 जनवरी 2026 से ही शुरू हो चुकी हैं। एडमिट कार्ड कैसे प्राप्त करें? नियमित छात्रों के लिए: रेगुलर छात्रों को अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। उनके संबंधित स्कूल बोर्ड के पोर्टल से एडमिट कार्ड डाउनलोड करेंगे और प्रधानाचार्य के सिग्नेचर व स्कूल की मुहर के बाद छात्रों को वितरित करेंगे। प्राइवेट छात्रों के लिए (डाउनलोड स्टेप्स):     आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं। 2. होमपेज पर "Admit Card for Candidates 2026" लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना एप्लीकेशन नंबर, पिछला रोल नंबर या नाम दर्ज करें। 4. विवरण सबमिट करें और अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करें। 5. इसका एक स्पष्ट रंगीन प्रिंटआउट लें। एडमिट कार्ड पर इन जानकारियों को जरूर जांचें छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड मिलते ही इन विवरणों का मिलान कर लें: छात्र का नाम और रोल नंबर। परीक्षा केंद्र का नाम, पता और केंद्र कोड। विषयों के नाम और उनके सही विषय कोड। फोटो और सिग्नेचर स्पष्ट हैं या नहीं। परीक्षा के दिनों के लिए रिपोर्टिंग समय और गेट बंद होने का समय। यदि किसी भी जानकारी में कोई गलती पाई जाती है, तो छात्र तुरंत अपने स्कूल या क्षेत्रीय सीबीएसई कार्यालय से संपर्क करें।  

अब प्राइवेट स्कूलों में बिना फीस पढ़ाई, आज से शुरू हुए ऑनलाइन आवेदन

लखनऊ उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राइवेट स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर फ्री एडमिशन की प्रक्रिया आज, 2 फरवरी 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस साल प्रवेश प्रक्रिया को चार चरणों में विभाजित किया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। क्या है RTE प्रवेश प्रक्रिया? आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत, प्राइवेट स्कूलों को अपनी कुल सीटों का 25% हिस्सा उन बच्चों के लिए आरक्षित रखना होता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय बहुत कम है या जो सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। महत्वपूर्ण तिथियां (प्रथम चरण) अगर आप अपने बच्चे का दाखिला पहले चरण में कराना चाहते हैं, तो इन तारीखों को नोट कर लें। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 2 फरवरी 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026 दस्तावेजों का सत्यापन: 26 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक। लॉटरी निकालने की तिथि: 3 मार्च 2026। स्कूल में दाखिला: 8 मार्च 2026 तक छात्रों को आवंटित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा। जरूरी पात्रता और डॉक्यूमेंट आवेदन करने के लिए बच्चे की आयु 3 से 7 वर्ष के बीच होनी चाहिए (नर्सरी से कक्षा 1 तक के लिए)। आवेदन के लिए इन डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी। बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र। परिवार का आय प्रमाण पत्र (निर्धारित सीमा के भीतर)। निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर आईडी)। बच्चे की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो। जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)। कैसे करें आवेदन? अभिभावक घर बैठे या पास के जन सुविधा केंद्र (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं-     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rte25.upsdc.gov.in पर जाएं। 2. 'Online Application/Student Registration' लिंक पर क्लिक करें। 3. बच्चे का विवरण और पते की जानकारी भरें। 4. पसंदीदा स्कूलों की लिस्ट का चयन करें (अभिभावक अपने वार्ड के स्कूलों को प्राथमिकता दें)। 5. डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रखें। शिक्षा विभाग की तैयारी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बीएसए (BSA) को निर्देश दिया है कि वे पोर्टल की निगरानी करें और आवेदनों के वेरिफिकेशन में देरी न होने दें। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

शिक्षा को बढ़ावा: बजट में छात्राओं को तोहफा, पूरे देश में बनेंगे गर्ल्स हॉस्टल

 नई दिल्ली   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में छात्राओं को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि देश के हर जिले में हायर एजुकेशन स्टेम (STEM) संस्थानों में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि स्टेम संस्थानों में पढ़ाई और लैब वर्क के लंबे घंटे लड़कियों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं। नए हॉस्टल इन दिक्कतों को दूर करने और एडवांस्ड स्टडीज में महिलाओं की लगातार भागीदारी को सपोर्ट करने के लिए हैं। साथ ही पूर्वोत्तर भारत में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान भी खोला जाएगा। हायर एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में केंद्र सरकार राज्यों को समर्थन देगी ताकि मुख्य औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जा सकें। इन अकादमिक जोन में कई विश्वविद्यालय, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, स्किल सेंटर और आवासीय सुविधाएं होंगी। शिक्षा व रोजगार क्षेत्र को लेकर वित्त मंत्री के अहम ऐलान इस साल शिक्षा क्षेत्र के लिए स्कूलों को कुल 83562.26 लाख करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग को 55727.22 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।     देश के हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा     भारत में 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (All India Institute of Ayurveda) बनेंगे। साथ ही आयुष फार्मेसी बेहतर होंगी। इनके अलावा उच्च गुणवत्ता टेस्टिंग लैब का निर्माण होगा।     क्रिएटिव और डिज़ाइन शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान बनेगा एबीजीसी (Animation, Broadcasting, Gaming, and Creative) सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने मुंबई के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी को समर्थन देने और 15,000 सेकेंडरी स्कूल और 500 कॉलेजों में ABGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की योजना बनाई है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी खुलेगा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी खुलेगा । National Council for Hotel Management और Catering Technology को अपग्रेड कर नए प्रशिक्षण और मानक तय किए जाएंगे। पशुपालन शिक्षा को बढ़ावा पशुपालन क्षेत्र में शिक्षा और सेवाओं को बढ़ाने के लिए 20,000 से अधिक पेशेवर जोड़े जाएंगे। इसके लिए लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम शुरू की जाएगी, जो प्राइवेट वेटरनरी और पैरावेटरनरी कॉलेज, अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब और ब्रीडिंग फैसिलिटी में काम आएगी। सरकार भारतीय और विदेशी संस्थानों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा देगी ताकि पशुपालन में बेहतर तकनीक और ज्ञान साझा किया जा सके। साथ ही, भारत की ऑरेंज इकोनॉमी को भी समर्थन मिलेगा, जिसमें एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स सेक्टर शामिल हैं। महिलाओं के लिए SHE की घोषणा वित्त मंत्री ने SHE मार्ट्स का ऐलान है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इनका काम कप्तान के तौर पर संभालेंगी। लखपति दीदी की तर्ज पर सरकार ने महिलाओं को क्रेडिट लिंक्ट मार्ट्स का जिम्मा सौंपने का प्रस्ताव दिया है। इसके जरिए ग्रामीण महिलाएं आजीविका कमा सेकेंगी। SHE का मतलब सेल्फ हेल्प ग्रुप है। अगले 5 सालों में 100,000 एएचपी वित्त मंत्री ने अगले 5 सालों में 1 लाख एलाइड और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जिसे मौजूदा प्राइवेट और सरकारी AHP ट्रेनिंग संस्थानों को अपग्रेड करके और नए संस्थान स्थापित करके हासिल किया जाएगा। FM has also proposed introducd 5 regional medical hubs. सरकार ने 5 रीजनल मेडिकल हब शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया है। एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं स्थापित या अपग्रेड की जाएंगी। कमिटी बनेगी विकसित भारत के मुख्य ड्राइवर के तौर पर सर्विस सेक्टर पर फोकस करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए शिक्षा से रोजगार और एंटरप्राइज स्टैंडिंग कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी ग्रोथ, रोजगार और एक्सपोर्ट के लिए पोटेंशियल को ऑप्टिमाइज करने वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी। यह एआई सहित उभरती टेक्नोलॉजी के नौकरियों और स्किल की जरूरतों पर पड़ने वाले असर का भी आकलन करेगी। एमएसएमई की मदद के लिए ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का दस्ता तैयार करेगी सरकार रकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की सहायता के लिए मझोले (श्रेणी-दो) और छोटे (श्रेणी-तीन) शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का एक दस्ता तैयार करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए यह घोषणा की। अपने भाषण में मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ स्थायी समिति का गठन करेगी। ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का यह दस्ता एमएसएमई को किफायती लागत पर अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। सीतारमण ने कहा कि सरकार इस दस्ते को तैयार करने के लिए आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई जैसे पेशेवर संस्थानों को अल्पकालिक मॉड्यूल पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल डिजाइन करने में सहयोग प्रदान करेगी। 10 हजार टूरिस्ट गाइड्स तैयार किए जाएंगे देश के विभिन्न IIMs में शॉर्ट टर्म कोर्सेस शुरू किए जाएंगे, जो हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) में संचालित होंगे। इन कोर्सेस के जरिए टूरिस्ट गाइड्स को मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स, डिजिटल टूल्स और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों से बेहतर संवाद की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि भारत का पर्यटन अनुभव वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सके।