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ग्वालियर में स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के बाद हुआ भयंकर ब्लास्ट, 5 लोग गंभीर रूप से घायल

 ग्वालियर ग्वालियर में भारतीय रेलवे की स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण आग लग गई। इस हादसे में पांच कर्मचारी झुलस गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। बीती रात 10 बजे यह घटना मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुई। झांसी रोड थाना क्षेत्र की सिथौली रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान गैस लीक होने से अचानक आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद कौशल श्रीवास्तव, योगेश कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई, शब्बीर, बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस फैक्ट्री में ट्रेनों के लिए स्प्रिंग और अन्य पुर्जे बनाए जाते हैं। अस्पताल में घायलों का इलाज कर रहे डॉ. सोफी शकील ने बताया कि पांच लोग गंभीर जलन के साथ लाए गए थे। इनमें से तीन की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।झांसी रोड थाना के टीआई शक्ति यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है। विवेचक सभी सबूत जुटा रहे हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। घायलों का इलाज प्राथमिकता पर जारी है। आग से झुलसे योगेश जनगांम ने बताया कि मशीन के पास वायरिंग कर रहा था तभी अचानक आग की लपटे उठी और खुद को बचाने तक का समय नहीं मिला। वहीं 60 फीसदी झुलसे मोहम्मद साबिर की हालत गंभीर है। वही इस मामले को लेकर उत्तर मध्य रेलवे सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि बंद मशीन की मेंटेनेंस के दौरान एलपीजी के रिसाव से ये हादसा हुआ है। पास में चल रहे स्प्रिंग निर्माण की वजह से गैस में आग पकड़ ली। हादसे में एक रेलवे कर्मी और चार कांटेक्ट कर्मचारी झुलसे हैं। घटना की जांच के आदेश दिए हैं। ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मेघालय में कोयला खदान में बड़ा धमाका, 10 मजदूरों की मौत, हादसा हुआ दर्दनाक

 शिलॉन्ग मेघालय के ताशखाई इलाके में स्थित एक कोयला खदान में भीषण धमाका होने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में कम से कम 10 मजदूरों की मौत होने की जानकारी सामने आई है. हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. जानकारी के मुताबिक, ताशखाई की कोयला खदान में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके कारण खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए. धमाका इतना तेज था कि खदान के अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया. आशंका जताई जा रही है कि मृतकों में सभी मजदूर असम के रहने वाले थे, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है.   स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मृत मजदूरों में से एक असम के कटिगारा क्षेत्र के बिहारा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. हादसे की सूचना मिलते ही मेघालय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. खदान के अंदर फंसे अन्य मजदूरों की तलाश के लिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. प्रशासन ने आसपास के इलाके को घेरकर सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए. अधिकारियों का कहना है कि धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती तौर पर खदान में गैस रिसाव या तकनीकी खामी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. इस हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा और अवैध खनन गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने की बात भी कही गई है.