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बलूचिस्तान में भीषण मुठभेड़: पाक सेना के ऑपरेशन में आतंकवादी, नागरिक और जवान हताहत

पेशावर  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हुए आतंकी हमलों के जवाब में कई दिनों तक चले अभियान में कम से कम 216 आतंकवादी, 36 नागरिक और 22 जवान मारे गए हैं। सेना ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा 'इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस' (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि उसने 26 जनवरी को शुरू किया गया अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि विश्वसनीय और खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद पंजगुर और हरनाई जिले के बाहरी इलाकों में अभियान शुरू किए गए। इसने बताया कि कई दिन चले अभियान में 216 आतंकवादियों को मार गिराया गया।  आईएसपीआर ने बताया कि अभियान के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित 36 आम नागरिक तथा सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 22 कर्मी मारे गए। भारत ने बलूचिस्तान में शांति भंग करने की कोशिशों में उसकी संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को लगातार सिरे से खारिज किया है और कहा है कि यह इस्लामाबाद की अपनी ''आंतरिक विफलताओं'' से ध्यान भटकाने की रणनीति का हिस्सा है।

बलूचिस्तान फिर सुलगा! BLA के ‘ऑपरेशन हेरोफ’ से पाक सेना पर भारी हमला, 200 जवानों के मारे जाने का दावा

इस्लामबाद  बलूच विद्रोही संगठन Balochistan Liberation Army (बीएलए) ने दावा किया है कि उसका ऑपरेशन हेरोफ फेज-2 बलूचिस्तान के कई जिलों में लगातार जारी है। संगठन के मुताबिक, इस अभियान को शुरू हुए 40 घंटे से अधिक हो चुके हैं और इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच की ओर से जारी बयानों में कहा गया है कि खारान, मस्तुंग, टुम्प और पसनी जैसे इलाकों में ऑपरेशन पूरे किए जा चुके हैं। संगठन ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाके क्वेटा और नोशकी के कुछ हिस्सों में मौजूद रहे और वहां से पाकिस्तानी सैन्य दबाव को पीछे हटाया गया। 200 से अधिक पाक जवानों को मारने का दावा बीएलए का कहना है कि पाकिस्तान सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के 200 से ज्यादा जवान मारे गए हैं और कम से कम 17 लोगों को पकड़ा गया है। संगठन ने इन आंकड़ों को शुरुआती आकलन बताया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के अनुसार, हिंसा में 17 कानून प्रवर्तन कर्मी और 31 नागरिकों की मौत हुई है। वहीं बीएलए ने चेतावनी दी है कि सेना का साथ देने वाले स्थानीय अधिकारी और पुलिसकर्मी उसके निशाने पर होंगे। दोनों पक्षों को नुकसान पाकिस्तान सेना के अनुसार, शनिवार को 92 और शुक्रवार को 41 अलगाववादी मारे गए। वहीं बीएलए ने भी स्वीकार किया है कि ऑपरेशन के दौरान उसके 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड और STOS यूनिट के सदस्य शामिल हैं। संगठन ने यह भी माना कि हमलों में एक महिला हमलावर की भूमिका रही।