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इजरायल का कड़ा जवाब: हमास और इस्लामिक जिहाद के टॉप कमांडर्स ढेर, गाजा में स्थिति गंभीर

गाजा   अक्टूबर 2025 में हुए सीजफायर (युद्धविराम) के बाद इजरायल ने अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है. इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने बुधवार को एक बड़े ऑपरेशन में ‘फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद’ (PIJ) के टॉप कमांडर अली राजियाना को मार गिराया है. इजरायल के मुताबिक, यह सीजफायर के बाद की सबसे बड़ी कामयाबी है. कौन था अली राजियाना?   द यरूशलेम पोस्ट के अनुसार, इजरायली सेना और उनकी खुफिया एजेंसी ‘शिन बेट’ के मुताबिक, अली राजियाना ‘नार्दर्न गाजा ब्रिगेड’ का चीफ था. वह न सिर्फ इस्लामिक जिहाद की मिलिट्री काउंसिल का हिस्सा था, बल्कि हमास के साथ मिलकर इजरायली सैनिकों पर हमलों की प्लानिंग भी करता था. सेना ने बताया कि युद्ध के दौरान बंधकों को कैद में रखने में भी इसकी बड़ी भूमिका थी और सीजफायर के बाद यह अपनी ब्रिगेड को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था. नोआ मार्सियानो के हत्यारे का भी अंत बुधवार को ही इजरायल ने एक और बड़ी जानकारी दी. उन्होंने मुहम्मद इसाम हसन अल-हबील को भी मार गिराया है. इजरायल का कहना है कि इसी शख्स ने इजरायली सैनिक नोआ मार्सियानो की हत्या की थी, जिसे 7 अक्टूबर 2023 को बंधक बनाया गया था. सेना का कहना है कि इससे नोआ के परिवार को इंसाफ मिला है. हमलों में 23 लोगों की जान गई एक तरफ इजरायल इसे आतंकियों के खिलाफ एक्शन बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में 23 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है. इनमें 7 बच्चे भी शामिल हैं. दक्षिण गाजा के खान यूनिस में एक मेडिकल वर्कर भी मारा गया, जो घायलों की मदद करने पहुंचा था. वहीं उत्तरी गाजा में एक 5 महीने के बच्चे की मौत की खबर भी सामने आई है. क्या सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है? इजरायल का कहना है कि उन्होंने ये हमले इसलिए किए क्योंकि चरमपंथियों ने इजरायली सैनिकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था. इसे सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की. दूसरी ओर, हमास ने कहा कि इजरायल की ये हरकतें शांति की कोशिशों को खत्म कर रही हैं. हमास ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायल पर दबाव बनाने की मांग की है. राफा बॉर्डर को लेकर सस्पेंस सीजफायर समझौते के तहत गाजा और मिस्र के बीच ‘राफा बॉर्डर’ को खोला गया था ताकि बीमार मरीजों को इलाज के लिए बाहर भेजा जा सके. हालांकि, इजरायल ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मरीजों के जाने पर अस्थायी रोक लगा दी थी. मिस्र के सूत्रों का कहना है कि अब मामला सुलझ गया है और काम फिर से शुरू हो गया है. अब तक का नुकसान  सीजफायर के बाद: इजरायली हमलों में अब तक लगभग 560 लोगों की मौत हुई है (गाजा अधिकारियों के अनुसार), जबकि 4 इजरायली सैनिक मारे गए हैं. युद्ध की शुरुआत से: अक्टूबर 2023 से अब तक 71,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. इजरायल में नुकसान: 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में करीब 1,200 इजरायली मारे गए थे. जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर के दूसरे फेज का एलान किया था, जिसमें गाजा के पुनर्निर्माण पर बात होनी थी. लेकिन इजरायली सेना की वापसी और हमास के हथियारों को छोड़ने जैसे बड़े मुद्दों पर अब भी पेंच फंसा हुआ है.

लेबनान में इजरायल ने हिज्बुल्लाह के \’मास्टरमाइंड इंजीनियर\’ अली दाऊद अमिच को किया ढेर

तेल अवीव इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने रविवार, 1 फरवरी को हिज्बुल्लाह के आतंकवादी अली दाऊद अमिच पर हमला कर उसे मार गिराया है। इजरायल के लिए अली दाऊद अमिच को रास्ते से हटाना एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। बताया गया है कि दाऊद हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में एक शाखा के प्रमुख के तौर पर काम कर रहा था। इजरायली सेना के मुताबिक, यह आतंकी दक्षिणी लेबनान के अल-द्विर क्षेत्र में हिज्बुल्लाह के लिए सैन्य बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा था और इजरायली बलों के खिलाफ आतंकी साजिशों को बढ़ावा दे रहा था। सोशल मीडिया पर IDF का बयान इजरायली सुरक्षा बलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “एलिमिनेट कर दिया गया: अली दाऊद अमिच, जो हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में ब्रांच हेड के रूप में काम करता था। अली दक्षिणी लेबनान के अल-द्विर इलाके में हिज्बुल्लाह के आतंकी बुनियादी ढांचे को फिर से स्थापित करने और IDF सैनिकों के खिलाफ आतंकी हमलों को आगे बढ़ाने के प्रयासों में शामिल था। यह इजरायल और लेबनान के बीच हुई अंडरस्टैंडिंग का उल्लंघन है।” सीजफायर समझौते का जिक्र गौरतलब है कि पिछले साल 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर समझौता हुआ था। इसके बाद से इजरायल को उम्मीद है कि लेबनानी सेना हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करेगी। दरअसल, दोनों देशों के बीच हुए सीजफायर समझौते में यह शर्त शामिल थी कि हिज्बुल्लाह को निरस्त्र किया जाएगा। लेबनानी सेना ने सभी नॉन-स्टेट समूहों को हथियारों से मुक्त करने के अपने कई चरणों वाले प्लान के पहले हिस्से को पूरा करने के लिए 2025 के अंत तक की डेडलाइन खुद तय की थी। संघर्ष विराम के बावजूद जारी हमले 27 नवंबर 2024 को संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद, इजरायली सेना हिज्बुल्लाह से खतरे का हवाला देते हुए लेबनान में हमले जारी रखे हुए है। इसके साथ ही इजरायल ने लेबनान सीमा पर पांच प्रमुख स्थानों पर अपनी स्थिति भी बनाए रखी है।

लेबनान में इजरायल ने हिज्बुल्लाह के \’मास्टरमाइंड इंजीनियर\’ अली दाऊद अमिच को किया ढेर

तेल अवीव इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने रविवार, 1 फरवरी को हिज्बुल्लाह के आतंकवादी अली दाऊद अमिच पर हमला कर उसे मार गिराया है। इजरायल के लिए अली दाऊद अमिच को रास्ते से हटाना एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। बताया गया है कि दाऊद हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में एक शाखा के प्रमुख के तौर पर काम कर रहा था। इजरायली सेना के मुताबिक, यह आतंकी दक्षिणी लेबनान के अल-द्विर क्षेत्र में हिज्बुल्लाह के लिए सैन्य बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा था और इजरायली बलों के खिलाफ आतंकी साजिशों को बढ़ावा दे रहा था। सोशल मीडिया पर IDF का बयान इजरायली सुरक्षा बलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “एलिमिनेट कर दिया गया: अली दाऊद अमिच, जो हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में ब्रांच हेड के रूप में काम करता था। अली दक्षिणी लेबनान के अल-द्विर इलाके में हिज्बुल्लाह के आतंकी बुनियादी ढांचे को फिर से स्थापित करने और IDF सैनिकों के खिलाफ आतंकी हमलों को आगे बढ़ाने के प्रयासों में शामिल था। यह इजरायल और लेबनान के बीच हुई अंडरस्टैंडिंग का उल्लंघन है।” सीजफायर समझौते का जिक्र गौरतलब है कि पिछले साल 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर समझौता हुआ था। इसके बाद से इजरायल को उम्मीद है कि लेबनानी सेना हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करेगी। दरअसल, दोनों देशों के बीच हुए सीजफायर समझौते में यह शर्त शामिल थी कि हिज्बुल्लाह को निरस्त्र किया जाएगा। लेबनानी सेना ने सभी नॉन-स्टेट समूहों को हथियारों से मुक्त करने के अपने कई चरणों वाले प्लान के पहले हिस्से को पूरा करने के लिए 2025 के अंत तक की डेडलाइन खुद तय की थी। संघर्ष विराम के बावजूद जारी हमले 27 नवंबर 2024 को संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद, इजरायली सेना हिज्बुल्लाह से खतरे का हवाला देते हुए लेबनान में हमले जारी रखे हुए है। इसके साथ ही इजरायल ने लेबनान सीमा पर पांच प्रमुख स्थानों पर अपनी स्थिति भी बनाए रखी है।