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प्रदेश के सभी विद्यालयों में होगा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण

प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों से कल करेंगे परीक्षा पे चर्चा 6 फरवरी को होगा परीक्षा पे चर्चा का राष्ट्रीय आयोजन प्रदेश के सभी विद्यालयों में होगा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृाष्ट विद्यालय में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा की कन्या स्कूल में होंगे शामिल भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी 6 फरवरी को देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के मन में उठने वाली शंकाओं का समाधान कर सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करेंगे। परीक्षा पे चर्चा का राष्‍ट्रीय आयोजन 6 फरवरी को होगा। शुक्रवार 6 फरवरी को प्रदेश के सभी विद्यालयों में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखण्ड के ग्राम तेंदूखेड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रहकर कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी वर्ष 2018 से इस कार्यक्रम में परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष कार्यक्रम का यह 9वां संस्करण है। कार्यक्रम 6 फरवरी को प्रात: 10 बजे से नई दिल्‍ली में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई के साथ ही विभिन्‍न रेडियों चैनल्‍स, नेटफ्लिक्‍स, जीओ हॉट स्‍टार एवं अमेजन प्राइम वीडियो आदि से भी सीधा प्रसारण होगा। अन्य निजी चैनल भी कार्यकम का सीधा प्रसारण करेगें। परीक्षा पे चर्चा का राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। इसमें विशिष्‍ट जन, वरिष्‍ठ अधिकारी एवं अभिभावकगण विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रदेश में "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम में सहभागिता के लिए विगत 1 दिसम्‍बर से 11 जनवरी तक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई थी। इसमें मध्‍यप्रदेश से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थियों, 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षकों और 17 हजार से अधिक अभिभावकों सहित 24 लाख 41 हजार 390 व्‍यक्तियों ने सहभागिता की। स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार मध्‍यप्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में तथा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम को समारोहपर्वूक आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की जा रही है। आयोजन की सुचारू व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में समस्‍त कलेक्‍टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को संचालक लोक शिक्षण द्वारा निर्देश भी जारी किये गये है।  

राष्‍ट्रपति के भाषण पर PM ने नहीं दिया रिप्‍लाई, लोकसभा से पारित हुआ भाषण, 2004 के बाद पहली बार

 नई दिल्ली  लोकसभा के लिए गुरुवार 5 फरवरी 2026 का दिन अप्रत्‍याशित रहा. प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया. साल 2004 के बाद यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया है. इससे पहले जून 2004 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हंगामे की वजह से राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर जारी बहस में हिस्‍सा नहीं ले सके थे. उनको अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला था. उनकी स्‍पीच के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया था. बजट सत्र के दौरान संसद में जारी गतिरोध के बीच गुरुवार 5 फरवरी 2026 को लोकसभा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पारित कर दिया. यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है, जब सदन ने परंपरा से हटकर बिना प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार 4 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही. हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. इसके बाद गुरुवार को स्‍पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, हालांकि इस दौरान भी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी. लोकसभा में भारी हंगामे के चलते आज भी कार्यवाही स्थगित हुई है। इसके साथ ही अब तय हो गया है कि लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण नहीं होगा। वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने वाले थे, लेकिन हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। उनके भाषण के लिए बुधवार शाम 5 बजे का समय तय था, लेकिन कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। अब उनके भाषण के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। 2004 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। 2004 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह भी अपना भाषण नहीं दे सके थे। इस बार कुल तीन सांसद ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में अपनी स्पीच पूरी कर सके। राष्ट्रपति की ओर से संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया जाता है और फिर उस पर परिचर्चा होती है। इस चर्चा के अंत में पीएम के जवाब देने की परंपरा रही है, लेकिन 2004 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब प्रधानमंत्री के बिना ही राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के सुझावों को सदन में रखा, जिन्हें खारिज कर दिया गया। इसके बाद स्पीकर ने धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा और उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हालांकि इस बीच लोकसभा सांसदों की ओर से नारेबाजी जारी रही। हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव मंजूर, कार्य़वाही करनी पड़ी स्थगित हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी का आज शाम को राज्यसभा में भाषण होने वाला है। जानकारी मिल रही है कि इस दौरान भी विपक्ष की ओर से हंगामा हो सकता है। दरअसल वह लोकसभा में बुधवार को ही बोलने वाले थे, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। विपक्षी नेताओं का कहना था कि यदि नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया है तो फिर पीएम को भी अवसर नहीं देंगे। राहुल गांधी को लोकसभा में भाषण से क्यों रोका गया था? गौरतलब है कि राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ एम.एम नरवणे की एक पुस्तक का हवाला देते हुए लोकसभा में बोलना चाह रहे थे। यह पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके चलते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह ने इस पर आपत्ति जताई थी। अंत में उन्हें इस पर भाषण देने से रोक दिया गया था। इसी को लेकर कांग्रेस हमलावर है और उसका कहना है कि यह विपक्ष के नेता के अधिकार का हनन है। तब से ही विपक्ष का कहना था कि हम पीएम मोदी को भी भाषण नहीं देने देंगे और अंत में प्रधानमंत्री की स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। लोकसभा में नहीं थमा हंगामा गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में INDIA गठबंधन के सांसदों ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जिसके चलते सदन को फिर स्थगित करना पड़ा. विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि वह 2020 के चीन गतिरोध पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमए नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देना चाहते थे. सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मंगलवार को उस समय और तेज हो गया, जब कांग्रेस के आठ सांसदों को अनुशासनहीन व्यवहार के चलते बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. इसके बाद से विपक्षी दल लगातार सदन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे विधायी कामकाज प्रभावित हुआ है. 21 साल पुरानी याद ताजा संसदीय परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का जवाब एक अहम प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं और विपक्ष के सवालों का समग्र उत्तर देती है. ऐसे में प्रधानमंत्री के बिना जवाब दिए प्रस्ताव का पारित होना असाधारण माना जा रहा है. इस घटनाक्रम के बीच 2004 की यादें भी ताजा हो गई हैं, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोका गया था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 10 मार्च 2005 का एक वीडियो साझा किया, जिसमें डॉ. सिंह जून 10, 2004 की उस घटना का जिक्र करते हैं, जब उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया था.

लोकसभा में कामकाज प्रभावित, पीएम मोदी का भाषण हुआ टला, कार्यवाही कल तक स्थगित

नईदिल्ली  आज लोकसभा में भारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम लोकसभा को संबोधित करने वाले थे। लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते यह संबोधन नहीं हो सका। संसद के चालू बजट सत्र के दौरान लोकसभा में गतिरोध जारी है. लोकसभा में लगातार तीसरे दिन भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज शाम पांच बजे से लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देना था, लेकिन सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई और पीएम का संबोधन टल गया. हंगामे के कारण पीठासीन संध्या राय ने शाम पांच बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, पीपी चौधरी से बोलने के लिए कहा. विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. हंगामे के शोर में पीठासीन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. वहीं, राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है. राज्यसभा में पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर स्टेटमेंट दिया. विपक्ष ने इस पर आपत्ति की और एक दिन पहले संसद के बाहर उनके बयान को लेकर सवाल उठाया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की निंदा वाली किताबें लहराए जाने का मुद्दा उठाया.  इससे पहले, पीयूष गोयल जब ट्रेड डील पर जवाब दे रहे थे, तब भी सदन में विपक्षी सांसदों द्वारा लगातार हंगामा किया जा रहा था। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें शांत कराने की पूरी कोशिश भी की, लेकिन वे शांत होने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। सरकार का दोहरा मापदंड, लोकतंत्र की हत्या: वेणुगोपाल कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "पिछले दो दिनों से लोकसभा में किस बात की लड़ाई चल रही थी? यही कि आप अनुच्छेद 349 के तहत किताब नहीं पढ़ सकते… यह नियमों के खिलाफ है और राहुल गांधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। खुद स्पीकर ने इस पर व्यवस्था दी थी।" उन्होंने आगे कहा, "आज राहुल गांधी ने कहा, 'मैं किसी किताब या पत्रिका का हवाला नहीं दे रहा हूं; मैं बस बोलना चाहता हूं।' इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया गया; एक सेकंड के भीतर ही उनका माइक बंद कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर, आज निशिकांत दुबे ने 5 मिनट तक किताबों और पत्रिकाओं का हवाला दिया, जो कि नियमों के खिलाफ है। यह सरकार का दोहरा मापदंड है। यह स्पष्ट रूप से लोकतंत्र की हत्या है।" सपा सांसद राजीव राय ने सरकार के कदम की आलोचना की, जानें क्या कहा सपा सांसद राजीव राय ने कहा, "सदन में नहरू जी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी को भ्रष्टाचार, गद्दार कहा गया लेकिन माइक एक बार भी बंद नहीं हुआ अगर राहुल गांधी , अखिलेश यादव या विपक्ष का कोई भी नेता कुछ बोलता है तो एक सेकंड में माइक बंद किया जाता है। बिना उनकी मर्जी के माइक नहीं चलता है और लगातार निशिकांत दुबे को बोलने दिया गया। अगर यही लोकतंत्र है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं।" सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रही-प्रियंका गांधी कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "जब सरकार चाहती है कि कुछ व्यवधान करना है तो सरकार उन्हें(निशिकांत दुबे) को उठाती है। सरकार नेता प्रतिपक्ष को किताब कोट नहीं करने दे रहे हैं जो कि एक प्रकाशित किताब है। ये लोग कह रहे हैं कि यह नियम का उल्लंघन है। यह सरकार स्पष्ट दिखाना चाहती है कि इस संसद में केवल उन्हीं की चलती है। यह लोकतंत्र का अनादर है। यह संसद लोकतंत्र का मंदिर है और इसमें सभी की आस्था है।" लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस सूत्रों ने बताया कि आज लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में सत्ताधारी दल और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी बहस हुई है। देश की जनता सब देखती है- केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा ने कहा, "सदन का हर सत्र महत्वपूर्ण होता है विशेष रूप से बजट सत्र और इसमें जिस तरह से विपक्ष हंगामा करके सदन में व्यवधान पैदा करना चाहता है, यह देश की जनता सब देखती है…यहां अपने विचारों को रखना चाहिए लेकिन उनके पास शोर मचाने के अलावा कुछ नहीं है…"

टैरिफ राहत के बाद PM मोदी का प्रेरक संदेश, श्लोक के जरिए दिया आत्मविश्वास का मंत्र

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील पर सहमति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभारत का एक श्लोक शेयर किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात में एक पोस्ट कर इसकी घोषणा की. पीएम मोदी ने भी एक पोस्ट में इस घोषणा पर खुशी जाहिर की है. अब भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया है. अमेरिका में भारत पर रूसी तेल खरीदने की वजह से लागू 25 फीसदी की पेनाल्टी को खत्म कर दिया है. पीएम मोदी ने जो श्लोक साझा किया है वह इस प्रकार है- श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥ यह श्लोक महाभारत के उद्योगपर्व (विदुर नीति) से लिया गया है, जिसमें विदुर ने धृतराष्ट्र को सफलता/समृद्धि (श्री/लक्ष्मी) के रहस्य बताए हैं. श्लोक का अर्थ इस श्लोक का सरल हिंदी में व्याख्या कुछ इस प्रकार है. श्री (समृद्धि, लक्ष्मी, सफलता, वैभव) शुभ/मंगल कार्यों से उत्पन्न होती है, प्रगल्भता (परिपक्व बुद्धि, आत्मविश्वास, वाक्पटुता) से बढ़ती है, दाक्ष्य (चतुराई, कुशलता, दक्षता) से मजबूत जड़ (मूल) बनाती है और संयम (अनुशासन, आत्मसंयम, संयम) से स्थिर/स्थायी होकर टिकी रहती है. श्लोक की व्याख्या श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति- लक्ष्मी/समृद्धि शुभ कर्मों, अच्छे कार्यों और मंगल (शुभ) से जन्म लेती है. प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते- प्रगल्भता (बुद्धि की परिपक्वता, आत्मविश्वास, बोलने की कला) से वह बहुत बढ़ती है. दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं- दक्षता/कुशलता/चतुराई से वह मजबूत आधार/जड़ पकड़ लेती है. संयमात् प्रतितिष्ठति- संयम/अनुशासन से वह स्थायी रूप से स्थापित/टिकी रहती है. सारांश कुल मिलाकर प्रधानमंत्री इस श्लोक के जरिए यह कहना चाहते हैं कि समृद्धि और सफलता पहले अच्छे कर्मों से शुरू होती है, फिर आत्मविश्वास और परिपक्वता से बढ़ती है, कुशलता से मजबूत होती है और अंत में संयम/अनुशासन से हमेशा के लिए बनी रहती है. यह श्लोक जीवन में सफलता के चार चरणों को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाता है. शुरूआत अच्छे कर्म से, विकास आत्मविश्वास से, मजबूती कुशलता से और स्थिरता संयम से. बहुत प्रेरणादायक श्लोक है!