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उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश: मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दें

चिकित्सकीय अधोसंरचनात्मक विकास में स्टेट ऑफ़ द आर्ट सुविधाओं को करें शामिल: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्यों की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रस्तावित निर्माण कार्यों, उपलब्ध अधोसंरचना और भविष्य की आवश्यकताओं पर गहन चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि अस्पतालों के विस्तार एवं उन्नयन कार्यों में चिकित्सकीय सुविधाओं का गुणवत्तापूर्ण, सुगम एवं समयबद्ध प्रदाय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधा, सुरक्षा और सहज आवागमन का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, जिससे अस्पतालों में बेहतर उपचार के साdथ मानवीय संवेदनशीलता भी परिलक्षित हो। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अधोसंरचना विकास के दौरान स्टेट ऑफ़ द आर्ट सुविधाओं को शामिल करने पर बल देते हुए कहा कि भवन निर्माण, वार्ड व्यवस्था, ओपीडी, डायग्नोस्टिक सुविधाओं और अन्य सहायक सेवाओं में आधुनिक मानकों का पालन किया जाए। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए आवश्यक प्रावधानों को योजना में सम्मिलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि रीवा संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत एवं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजु एस, विभागीय अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

आयुष्मान भारत योजना पर बड़ा बयान, इन्सेंटिव वितरण को पारदर्शी बनाने के निर्देश

आयुष्मान भारत योजना की इन्सेंटिव वितरण प्रणाली को बनायें पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों एवं सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ को आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली इन्सेंटिव व्यवस्था की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि इंसेंटिव वितरण प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध बनाया जाए, ताकि पात्र चिकित्सकों एवं स्टॉफ को समय पर प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो सके। उन्होंने डेटा एंट्री प्रक्रिया को सरलीकृत एवं सुगम बनाने तथा समयबद्ध डेटा एंट्री सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मैन पॉवर की व्यवस्था किए जाने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध कुशल एवं दक्ष मैनपावर को प्रोत्साहन देना अत्यंत आवश्यक है, जिससे उनका मनोबल बना रहे और वे पूर्ण ऊर्जा, प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय कर सकें। इससे आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सकेगा। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजु एस एवं आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. योगेश भरसट उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान: पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत

प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुआ भारत : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका का व्यापार समझौता भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर आत्मविश्वासी और प्रभावशाली शक्ति बना है। आर्थिक सुधारों, वैश्विक सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संपन्न हुआ व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच गहरे, भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब है। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को नई गति प्रदान करेगा तथा निवेश, नवाचार और औद्योगिक सहयोग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहभागिता को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। यह व्यापार समझौता भारत की विकास यात्रा को और तेज करेगा, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करेगा तथा दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि में सार्थक योगदान देगा। यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और भारत के समग्र विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।